Category Archive : राष्ट्रीय खबर

नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह की तारीख में बदलाव? अब इस दिन मोदी तीसरी बार भारत के प्रधानमंत्री पद की लेंगे शपथ।

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राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी एनडीए को लोकसभा चुनाव में 293 सीटें मिली है। नरेंद्र मोदी को एनडीए का नेता चुना गया। सभी घटक दलों ने अपने समर्थन का पत्र सौंप दिया है। अब मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। हालांकि उनके शपथ ग्रहण समारोह की तारीख को लेकर अभी तक संशय बना हुआ है। बताया जा रहा है कि शपथ ग्रहण समारोह की तारीख में बदलाव कर दिया गया है। अब मोदी 9 जून को तीसरी बार भारत के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण समारोह को भव्य बनाने की तैयारियां तेजी से शुरू हो चुकी हैं।

राष्ट्रपति को सौंपा था त्यागपत्र-
मोदी ने शपथ ग्रहण समारोह से पहले बुधवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपना त्यागपत्र सौंप दिया था। राष्ट्रपति ने नरेंद्र मोदी और उनके मंत्रियों के त्यागपत्र को स्वीकार कर लिया और साथ ही नए सरकार के गठन तक कार्यवाहक प्रधानमंत्री बने रहने का आग्रह किया।

21 नेताओं ने हस्ताक्षर करके मोदी को गठबंधन का नेता स्वीकार किया-


एक दिन पहले ही एनडीए ने सर्वसम्मति से नरेंद्र मोदी को अपना नेता मान लिया है। नई दिल्ली में बुधवार को हुई बैठक में एनडीए के 21 नेताओं ने एक पत्र पर हस्ताक्षर करके मोदी को अपना नेता स्वीकार किया। जिससे नरेंद्र मोदी के एक बार फिर से प्रधानमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया है। बैठक में सभी नेताओं ने प्रधानमंत्री मोदी को पिछले 10 सालों में उनके कार्यकाल और देश में विकास कार्यों के लिए उन्हें बधाई भी दी है।

भारत निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को लोकसभा 2024 के चुनाव परिणाम का एलान किया  थे। इसमें भाजपा को सबसे ज्यादा 240 सीटें और इसके बाद दूसरे नंबर पर 99 सीटों के साथ कांग्रेस दूसरे नंबर पर रही। हालांकि पिछली बार की अपेक्षा इस बार के चुनाव में भाजपा को 32 सीटों का नुकसान हुआ है। 2014 के बाद ऐसा पहली बार हुआ जब भाजपा को पूर्ण बहुमत नहीं मिली।

BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष की दौड़ में शिवराज सिंह चौहान भी शामिल, कांग्रेस ने कहा शिवराज PM पद के दावेदार होने चाहिए।

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लोकसभा चुनावों के नतीजे आने के बाद भाजपा के नेतृत्व वाले NDA ने सरकार बनाने की कवायद तेज कर दी है। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान समेत सभी नवनिर्वाचित सांसदों को अब दिल्ली तलब किया गया है। इस बीच अटकलें लगाई जा रहे हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नई कैबिनेट में शिवराज चौहान को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिल सकती है। जेपी नड्डा का कार्यकाल भी 30 जून को खत्म होने वाला है। इस वजह से शिवराज को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने की अटकलें भी तेज हो गई हैं।

 

भले ही भाजपा को अपने दम पर बहुमत न मिला हो, भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को स्पष्ट बहुमत मिल चुका है। इस वजह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में तीसरी बार एनडीए सरकार बनने का रास्ता भी साफ हो गया है। सरकार बनाने की तैयारियों के बीच भाजपा ने अपने सभी नवनिर्वाचित सांसदों को दिल्ली तलब किया है।

पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी दिल्ली के लिए रवाना होने वाले हैं। खबरें यह भी आ रही हैं कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और खजुराहो से सांसद वीडी शर्मा भी दिल्ली पहुंच रहे हैं। दिल्ली में शुक्रवार को भाजपा संसदीय दल की बैठक होनी है। इससे पहले भाजपा की गुरुवार को बैठक प्रस्तावित है। इसमें मध्य प्रदेश से चौहान, डॉ. यादव समेत बड़े नेता शामिल होने वाले हैं। मध्य प्रदेश की सभी 29 सीटों पर भाजपा ने जीत हासिल की है। 1984 के बाद पहला मौका है जब मध्य प्रदेश में किसी एक पार्टी ने लोकसभा की सभी सीटों पर जीत हासिल की है।

कांग्रेसियों की मांगः शिवराज को बनाया जाए पीएम-

पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 8.21 लाख वोट से जीत दर्ज की है। वाराणसी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जीत 1.52 लाख मतों से हुई है। कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने सोशल मीडिया पर लिखा कि मीडिया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से ज्यादा शिवराज सिंह चौहान छाए हुए है। शिवराज ओबीसी हैं, मोदी से आठ साल युवा हैं। खाटी संघी हैं। मोदी सिर्फ 1.5 लाख से चुनाव जीते, जबकि शिवराज 8.21 लाख से जीते हैं। दिल्ली का मौसम बदल रहा है। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने भी लिखा कि शिवराज सिंह चौहान परिपक्व नेता हैं। विधानसभा चुनाव की जीत का भी कारण रहे थे। आरएसएस के प्रिय हैं। कांग्रेस को विधानसभा चुनाव में 66 और लोकसभा चुनाव में 0 करने के मुख्य किरदार हैं। पूर्व सांसद उदित राज ने लिखा कि देशहित में राहुल गांधी जी या मल्लिकार्जुन खरगे जी को पीएम बनना चाहिए। अगर ऐसा नहीं हो पाता तो अखिलेश यादव या चंद्रबाबू नायडू या नीतीश कुमार को पीएम बनना चाहिए। भाजपा का पीएम नहीं होना चाहिए। अगर होता है तो नितिन गडकरी या शिवराज सिंह चौहान बनें।

शिवराज की संगठन या सत्ता में बड़ी भूमिका तय –

पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान छठी बार विदिशा से लोकसभा का चुनाव जीते हैं। वह सात बार विधायक और प्रदेश के चार बार मुख्यमंत्री रहे हैं। मध्य प्रदेश में भाजपा को सभी 29 पर जीत मिली है। इसका एक कारण शिवराज सिंह चौहान के मुख्यमंत्री रहते शुरू हुई लाडली बहना को भी बताया जा रहा है।

नड्डा का कार्यकाल 30 जून तक –

जेपी नड्डा 2012 में राज्यसभा के सदस्य बने थे। 2014 में जब अमित शाह ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद संभाला तो नड्डा को संसदीय बोर्ड में शामिल किया गया था। 2019 में अमित शाह गृहमंत्री बने तो नड्डा को भाजपा का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया। 2020 में उन्हें फुलटाइम अध्यक्ष चुना गया। वैसे, भाजपा में राष्ट्रीय अध्यक्ष का कार्यकाल तीन साल का होता है और किसी भी अध्यक्ष को लगातार दो कार्यकाल ही मिल सकते हैं। नड्डा का कार्यकाल पहले ही खत्म हो चुका है। लोकसभा चुनावों को देखते हुए जून 2024 तक उनका कार्यकाल बढ़ाया गया था। इसका मतलब है कि जून के अंत से पहले ही भाजपा के नए अध्यक्ष का चुनाव हो जाएगा।

Uttarakahnd: सहस्त्रताल ट्रैक पर 22 सदस्यीय दल में से 9 ट्रैकर्स की मौत, 10 ट्रैकर्स सुरक्षित, द्रौपदी का डांडा हिमस्खलन के बाद दूसरा बड़ा हादसा।

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उत्तरकाशी-टिहरी जनपद की सीमा पर करीब 14500 फीट की ऊंचाई पर स्थित सहस्त्रताल ट्रैक पर गए 22 सदस्यीय दल में से नौ ट्रैकर्स की मौत हो गई। दस ट्रैकर्स को सुरक्षित वापस लाया जा चुका है। वर्ष 2022 में हुए निम के द्रौपदी का डांडा हिमस्खलन हादसे के बाद यह दूसरा बड़ा हादसा है।

चार अक्तूबर 2022 को निम के इतिहास में वह तारीख है जिसने निम प्रबंधन को कभी न भूलने वाला गम दिया। हादसे में निम के 34 प्रशिक्षुओं का दल द्रौपदी का डांडा-2 चोटी आरोहण के दौरान हिमस्खलन की चपेट में आ गया था जिसमें कुल 27 लोगों की मौत हो गई थी। वहीं दो लोग अब भी लापता चल रहे हैं।

इनमें उत्तराखंड से नौसेना में नाविक विनय पंवार व हिमाचल निवासी लेफ्टिनेंट कर्नल दीपक वशिष्ट शामिल थे। हालांकि उस दौरान निम के साथ एसडीआरएफ की टीम ने दोनों लापता लोगों की खोजबीन के लिए माइनस 25 डिग्री तापमान में भी विशेष अभियान चलाया।

अब एक और हादसे के खबर उत्तरकाशी-टिहरी जनपद की सीमा पर करीब 14500 फीट की ऊंचाई पर स्थित सहस्त्रताल ट्रैक से आई।
कल मंगलवार को चार ट्रैकर की ठंड लगने से मौत हो गई। वहीं आज पांच ट्रैकर्स की और मौत हो गई। दस ट्रैकर्स को सुरक्षित लाया जा चुका है। मौसम खराब होने के कारण ट्रैकर्स रास्ता भटक गए थे। जिले की ट्रैकिंग एजेंसियों के माध्यम से जिला आपदा प्रबंधन को इसकी सूचना मिली। जिससे विभाग ने रेस्क्यू के लिए कार्रवाई शुरू कर दी है।
 29 मई को एक 22 सदस्यीय दल मल्ला-सिल्ला से कुश कुल्याण बुग्याल होते हुए सहस्त्रताल की ट्रैकिंग के लिए निकला था। दो जून को यह दल सहस्त्रताल के कोखली टॉप बेस कैंप पहुंचा।
तीन जून को वह सहस्त्रताल के लिए रवाना हुए। वहां अचानक मौसम खराब होने, घने कोहरे और बर्फबारी के बीच ट्रैकर फंस गतए। पूरी रात उन्हें ठंड में बितानी पड़ी। ट्रैकर्स में से किसी ने इसकी सूचना दल को ले जाने वाली गढ़वाल माउंटनेरिंग एवं ट्रैकिंग एजेंसी के मालिक को दी। बताया कि ठंड लगने से चार ट्रैकर की मौत हो गई है जबकि सात की तबीयत खराब है और 11 वहां फंसे हुए हैं।

Chardham Yatra 2024: चारधाम यात्रा में लगातार बढ़ रही है श्रद्वालुओं की भीड़, अब तक 15.67 लाख श्रद्धालु कर चुके है दर्शन। 

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Chardham Yatra 2024: आज से शुरू हुए ऑफलाइन पंजीकरण, एक दिन में 3000 लोगों को अनुमति।

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चारधाम यात्रा ट्रांजिट कैंप में काउंटर पर ऑफलाइन पंजीकरण आज एक जून से शुरू हो गए हैं। हरिद्वार में चार धाम यात्रा के पंजीकरण केंद्र पर 12 बजे से पहले ही स्लॉट खत्म होते ही सुबह से खड़े यात्रियों ने जमकर हंगामा कर दिया। हंगामा इस कदर बढ़ गया कि यात्रियों को समझाने के लिए पुलिस को मौके पर आना पड़ा।

धामों में भीड़ बढ़ने से प्रशासन ने 13 मई को ट्रांजिट कैंप में ऑफलाइन पंजीकरण पर रोक लगा दी थी। इसके बाद 15-16 मई को पंजीकरण पर रोक जारी रही। बाद में यह तिथि 19 मई फिर 31 मई तक बढ़ा दी गई। इससे तीर्थयात्रियों को ऋषिकेश स्थित ट्रांजिट कैंप में पंजीकरण के लिए 12-12 दिन इंतजार करना पड़ा। कई तीर्थयात्री अपने घरों को लौट गए थे।

23 मई से प्रशासन ने अस्थायी पंजीकरण की व्यवस्था की है। अस्थायी पंजीकरण का कोटा 1,000 से कई बार में बढ़ाकर वर्तमान में 4,500 है। शुक्रवार को भी तीर्थयात्रियों से अस्थायी पंजीकरण के फॉर्म जमा करवाए गए। उधर, चार धाम यात्रा प्रशासन के ओएसडी नरेंद्र सिंह क्वीरियाल ने बताया, शनिवार से ट्रांजिट कैंप में चारधाम की यात्रा पर जाने वाले तीर्थयात्रियों का काउंटर पर ऑफलाइन पंजीकरण किया जाएगा।

प्रदेश सरकार ने चारधाम यात्रा के लिए ऋषिकेश और हरिद्वार में ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन खोल दिए हैं। शनिवार से एक दिन में 3000 श्रद्धालुओं के ऑफलाइन पंजीकरण होंगे। सरकार ने यह निर्णय गढ़वाल आयुक्त और आईजी गढ़वाल के स्थलीय निरीक्षण के बाद लिया है।
शुरुआत में ऋषिकेश में 1000 और हरिद्वार में 500 श्रद्धालुओं के ऑफलाइन पंजीकरण किए गए। लेकिन धामों पर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने से सरकार को ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन पर रोक लगानी पड़ी। रोक की अवधि को 31 मई तक बढ़ाया गया। साथ ही गढ़वाल आयुक्त और आईजी गढ़वाल को निर्देश दिए गए कि वे वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करने के बाद बताएं कि ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन खोले जाएं या नहीं।

Kedarnath: केदारनाथ धाम में अब VVIP और बुजुर्ग कर सकेंगे SUV की सवारी, चिनूक हेलीकॉप्टर से पहुंचा वाहन।

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Uttarakhand News: प्रदेश में जुलाई महीने में महंगा आएगा बिजली का बिल, मांग ने तोड़े सारे रिकॉर्ड।

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उत्तराखंड प्रदेश में जुलाई के माह में बिजली का बिल महंगा आएगा। फ्यूल और पावर परचेज कॉस्ट एडजस्टमेंट (एफपीपीसीए) के तहत उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने उपभोक्ताओं से 14 करोड़ 21 लाख रुपये वसूली की अनुमति दे दी है।

दरअसल, केंद्र के नियमों के तहत अब यूपीसीएल निर्धारित मूल्य के सापेक्ष जिस दर पर बिजली खरीदता है, उसकी वसूली उपभोक्ताओं से की जाती है। यूपीसीएल ने नियामक आयोग में एक याचिका दायर की थी, जिसमें बताया गया था कि दिसंबर, जनवरी और फरवरी की तिमाही में यूपीसीएल ने जो बिजली खरीदी है, उसका 14 करोड़ 21 लाख रुपये बकाया है।

यूपीसीएल ने आयोग से इस रकम की वसूली की मांग की थी। आयोग अध्यक्ष एमएल प्रसाद ने एफपीपीसीए नियमों के तहत इस रकम को जुलाई माह के बिल में वसूली करने की अनुमति दे दी है। साथ ही ये भी निर्देश दिए कि इसका रिकॉर्ड अलग से मेंटेन रखा जाए। इस रकम के हिसाब से प्रति उपभोक्ता जुलाई के बिल में चार पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी हो जाएगी।

बिजली की मांग ने तोड़े रिकॉर्ड, 6.2 करोड़ पहुंची-

प्रदेश में बिजली की मांग ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। बृहस्पतिवार को मांग 6.2 करोड़ यूनिट पर पहुंच गई। यूपीसीएल के निदेशक परिचालन एमआर आर्य ने बताया, इतनी मांग के सापेक्ष पूरी उपलब्धता है। कहीं भी बिजली की किल्लत की वजह से कटौती नहीं की जा रही है। बताया, चारधाम यात्रा के मद्देनजर सुचारू विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की कि प्रदेश हित में वे बिजली बचाएं।

 

June 2024: 1 जून से बदलने वाले हैं ये सभी नियम, जानिए किन-किन चीजों में होगा बदलाव।

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चारधाम हेली सेवा बुकिंग के लिए खुद को IRCTC का अधिकारी बता कर सोशल मीडिया पर जाल फैला रहे ठग, जानिए बचाव के लिए क्या करें।

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फर्जी वेबसाइट पर पुलिस ने नकेल कसना शुरू किया तो साइबर ठगों ने नया पैंतरा अपना लिया है। ठग अब खुद को आईआरसीटीसी का अधिकारी बताकर लोगों को फंसाने में लगे हैं। इसके लिए पहले सच्ची बात बताई जा रही है ताकि लोगों को यकीन हो सके।

बताया जा रहा है कि चारधाम के लिए टिकटों की बुकिंग फुल हो चुकी है। लेकिन, अब कंपनी अपने कोटे के टिकटों को बेचकर यात्रा करा सकती है। इसके लिए ठगों ने सोशल मीडिया पर हेली बुकिंग के नाम से इश्तिहार प्रसारित किए हैं। ठगों के इस जाल से लोगों को बचाया जा सके इसके लिए अमर उजाला ने इस इश्तिहार के नंबर पर कॉल कर सारी स्थिति जानी। जो बात निकलकर सामने आई उससे यही लगा कि जरा सी सावधानी हटी तो ठगी का शिकार आसानी से बना जा सकता है।

हेली टिकट के लिए फेसबुक पर एक पेज मिला था। यहां पर हेलीकॉप्टर की फोटो के साथ डिस्प्ले पिक्चर में श्रीकेदारनाथ धाम का फोटो भी लगा था। नीचे एक मोबाइल नंबर लिखा हुआ था। अमर उजाला की ओर से इस नंबर पर कॉल की गई तो दूसरी ओर से परिचय आईआरसीटीसी के अधिकारी के रूप में दिया गया। अमर उजाला के प्रतिनिधि को अब तक की सारी बातों का पता था। ऐसे में ठग को इन बातों की जानकारी दी गई। उसे यह समझते देर न लगी कि यह वह मछली नहीं है जो उनके जाल में फंस जाए। ऐसे में एकाएक उसने फोन काट दिया।

ज्यादातर प्रदेश के बाहर के लोग हो रहे शिकार

फर्जी रजिस्ट्रेशन हो या फिर हेली टिकट का फर्जीवाड़ा। सभी मामलों में ज्यादातर ठगी के शिकार प्रदेश के बाहर के ही लोग हो रहे हैं। इसका कारण है कि प्रचार-प्रसार में कमी। प्रदेश के बाहर के लोगों में अब भी केदारनाथ व अन्य धामों की व्यवस्था के बारे में कम ही जानकारी है। यही नहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं जो किसी तरह जुगाड़ करने के चक्कर में जाल में फंस रहे हैं।

बचाव के लिए क्या करें

-आईआरसीटीसी की अधिकारिक वेबसाइट पर सर्च करें।

-आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर कोई भी मोबाइल नंबर नहीं है।

-फर्जी वेबसाइट पर मोबाइल नंबर लिखे होते हैं जो कि ठगों के होते हैं।

-सोशल मीडिया फेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम आदि पर कोई टिकट बुकिंग की व्यवस्था नहीं है।

-किसी भी नंबर के संदिग्ध होने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें।

-साइबर वित्तीय हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें।

एसटीएफ और साइबर पुलिस लगातार फर्जी वेबसाइट की निगरानी कर रही है। अपने फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया हैंडल से भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है। जो शिकायतें आ रही हैं उनकी भी जांच की जा रही है। इस साल अब तक 20 फर्जी वेबसाइट ब्लॉक की जा चुकी हैं। यदि कोई ठगी का शिकार होता है या आशंका है तो साइबर वित्तीय हेल्पलाइन पर मदद मांग सकता है। एसटीएफ की ओर से मोबाइल नंबर भी जारी किए गए हैं। – आयुष अग्रवाल, एसएसपी, एसटीएफ

 

Weather Today: दक्षिण भारत में बारिश से हाल बेहाल, केरल में बारिश से अब तक 11 लोगों की मौत, उत्तर भारत में लू की चेतावनी।

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भारत इन दिनों मौसम की मार झेल रहा है। भारत के उत्तरी इलाकों में जहां धूप और लू की मार है तो वहीं दक्षिण भारत के इलाकों में बारिश ने तबाही मचा रखी है। उत्तर भारत में मानसून के आने में अभी देरी है। मौसम विभाग ने उत्तर-पश्चिम भारत के लिए रेड अलर्ट तो केरल के कुछ जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।

केरल में प्री-मानसून गतिविधियों ने तबाही मचा दी है। केरल के कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश हो रही है। केरल के सात जिलों के लिए मौसम विभाग ने यलो अलर्ट जारी किया है। अंडमान निकोबार में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

केरल के इन सभी जिलों में 6 से 11cm बारिश का अलर्ट-

  • तिरुवनंतपुरम
  • कोल्लम
  • अलपुझा
  • एर्नाकुलम
  • कोझिकोड
  • कन्नूर
  • कासरगोड

केरल में अब तक 11 की मौत
केरल के कैबिनेट मंत्री के राजन ने बताया कि 9 से 23 मई तक राज्य में बारिश संबंधित गतिविधियों में 11 लोगों की मौत हो चुकी है। इसमें 6 लोग डूबने से, एक घर गिरने से तो वहीं दो लोग बिजली गिरने से मरे हैं। शनिवार को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मछुआरों को समंदर में ना उतरने के लिए चेतावनी दी गई है। लोगों से कहा गया है कि छुट्टियों के दौरान वे अपने बच्चों को तालाब या नदियों के पास ना जाने दें। उन्होंने बताया कि स्थानीय प्रशासन, दमकल, पुलिस और राजस्व विभाग आपातकाल के लिए अलर्ट पर हैं। एनडीआरएफ की दो टीमों भी तैनात हैं। शुक्रवार शाम तक राज्य में आठ राहत शिविर लगाए गए हैं।

उत्तर भारत को कब मिलेगी राहत
उत्तर भारत इन दिनों लू और गरमी से तप रहा है। लोग बेहाल हैं। आईएमडी ने उत्तर-पश्चिम भारत में अगले चार दिनों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। राजस्थान में तापमान शुक्रवार को उच्च स्तर पर था। वहीं, दिल्ली में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है पर गर्मी अभी भी भीषण है।

मौसम विभाग का कहना है कि जम्मू-कश्मीर, पंजाब और हरियाणा में अभी लू की स्थिति रहेगी। चार दिनों तक यहां गर्म हवा चल सकती है। विभाग ने राजस्थान और गुजरात के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। पंजाब के लिए भी रेड अलर्ट जारी किया गया है।  हिमाचल और जम्मू-कश्मीर के लिए भी अगले चार दिनों तक हीट वेव की चेतावनी जारी की गई है।