पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड का मुख्य आरोपी गोल्डी बराड़ मारा गया है। सूत्रों के अनुसार, उसे अमेरिका में गोली मारी गई है। गोल्डी की हत्या की जिम्मेदारी डल्ला-लखबीर गैंग ने ली है।
इस साल बद्रीनाथ धाम की यात्रा 12 मई से शुरू हो रही है। ऐसे में बद्रीनाथ धाम में मास्टर प्लान के कार्य तेजी से चल रहे हैं। यहां आस्था पथ में भी बदलाव किया गया है। बदरीनाथ धाम तक पहुंचने वाला पुराना आस्था पथ ध्वस्त होने के कारण अब साकेत तिराहे से अलकनंदा किनारे से होते हुए करीब 100 मीटर का नया रास्ता बनाया जा रहा है।
इस मार्ग को नगर पंचायत बदरीनाथ की ओर से अंतिम रूप दिया जा रहा है। वहीं, बामणी गांव से बदरीनाथ मंदिर तक पहुंचने के लिए भी करीब 300 मीटर नए रास्ते का निर्माण किया जा रहा है। यहां रीवर फ्रंट के कार्यों से पुराना रास्ता क्षतिग्रस्त हो गया है।
उधर, बदरीनाथ धाम की यात्रा को लेकर इन दिनों तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। जहां प्रशासन की ओर से व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जा रहा है। वहीं बीकेटीसी की ओर से मंदिर की साज सज्जा, सफाई व अन्य कार्य शुरू कर दिए गए हैं।
इसी के तहत समिति की ओर से इन दिनों बदरीनाथ धाम में साफ सफाई के साथ नक्काशीदार लकड़ियों पर रंगरोगन कार्य कराया जा रहा है।
गर्मियां शुरू होने के साथ ही देश में जल संकट गहराना शुरू हो गया है। दक्षिण भारत में स्थिति ज्यादा खराब है। दक्षिण भारत के राज्य गंभीर जल संकट का सामना कर रहे हैं और स्थिति ये है कि जल भंडारण जलाशयों की क्षमता घटकर केवल 17 प्रतिशत रह गई है। केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) ने यह जानकारी मिली।
दक्षिण भारत के राज्यों में आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु आते हैं। सीडब्ल्यूसी द्वारा भारत के विभिन्न क्षेत्रों के जलाशयों के भंडारण स्तर के संबंध में बृहस्पतिवार को जारी बुलेटिन में बताया गया कि दक्षिणी क्षेत्र में आयोग की निगरानी के तहत 42 जलाशय हैं जिनकी कुल भंडारण क्षमता 53.334 बीसीएम (अरब घन मीटर) है। ताजा रिपोर्ट के अनुसार, इन जलाशयों में मौजूदा कुल भंडारण 8.865 बीसीएम है, जो उनकी कुल क्षमता का केवल 17 प्रतिशत ही है।
यह आंकड़ा पिछले वर्ष की समान अवधि के दौरान भंडारण स्तर (29 प्रतिशत) और इसी अवधि के दस साल के औसत (23 प्रतिशत) की तुलना में काफी कम है। दक्षिणी क्षेत्र के जलाशयों में भंडारण का कम स्तर इन राज्यों में पानी की बढ़ती कमी और सिंचाई, पेयजल और पनबिजली के लिए संभावित चुनौतियों का संकेत है।
पूर्वी क्षेत्र, जिसमें असम, ओडिशा और पश्चिम बंगाल जैसे राज्य आते हैं, में पिछले साल और दस साल के औसत की तुलना में जल भंडारण स्तर में सकारात्मक सुधार दर्ज किया गया है। आयोग ने कहा कि इस क्षेत्र में, 20.430 बीसीएम की कुल भंडारण क्षमता वाले 23 निगरानी जलाशयों में अभी 7.889 बीसीएम पानी है, जो उनकी कुल क्षमता का 39 प्रतिशत है। यह पिछले वर्ष की समान अवधि (34 प्रतिशत) और दस साल के औसत (34 प्रतिशत) की तुलना में सुधार का संकेत है।
उत्तराखंड के कुमाऊं और गढ़वाल में जंगल धधक रहे है। आग की घटनाएं लगातार बढ़ रही है। बीते 24 घंटे में एक-दो नहीं बल्कि कुमाऊं के जंगलों में 26 जगहों पर आग लगी है। प्रदेश के 31 जगहों पर आग लगने की घटना हुई है, इसमें सर्वाधिक आग लगने की घटना कुमाऊं में 26 स्थानों पर हुई। गढ़वाल मंडल के वन्यजीव क्षेत्र में पांच स्थानों पर आग लगने की घटनाएं हुईं। इन घटनाओं में करीब 34 हेक्टेयर क्षेत्रफल में वनसंपदा को नुकसान पहुंचा है। वहीं, प्रदेश में नवंबर-2023 से 575 वनाग्निन की घटनाएं हुआ हैं, इसमें करीब 690 हेक्टेयर क्षेत्रफल में वनसंपदा को नुकसान पहुंच चुका है।
हाईकोर्ट के आवास तक पहुंची आग
वहीं, नैनीताल के पास जंगलों में भीषण आग लगी है। आग की लपटें हाईकोर्ट के आवास तक जा पहुंची। नैनीताल भवाली रोड के पास के जंगलों में लगी आग की चपेट में जंगल का एक बड़ा हिस्सा और आईटीआई भवन आ चुका है। एफएसओ किशोर उपाध्याय ने बताया कि जंगल में आग लगाने की सूचना मिली थी, मौके पर टीम को भेजकर आग पर काबू पा लिया गया है। वन विभाग ने आग बुझाने के लिए सेना से मदद मांगी है।
उत्तराखंड में बिजली इस सप्ताह से महंगी हो सकती है। उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग नई विद्युत दरें जारी करने जा रहा, जो एक अप्रैल से लागू मानी जाएंगी। आचार संहिता के बीच चुनाव आयोग ने नियामक आयोग को इसकी अनुमति दे दी है।
27 लाख से अधिक उपभोक्ताओं के लिए ये दरें जारी होंगी। दरअसल, यूपीसीएल को राज्य की मांग पूरी करने के लिए बिजली खरीद पर 1281 करोड़ ज्यादा देने पड़ रहे हैं। इसकी भरपाई के लिए एक अप्रैल से शुरू हुए वित्तीय वर्ष में यूपीसीएल ने बिजली दरों में 23 से 27 प्रतिशत बढ़ोतरी की सिफारिश की थी।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा, कम मतदान और इसके बहिष्कार के मामलों का सरकार ने संज्ञान लिया है। उन्होंने यह बात भाजपा प्रदेश कार्यालय में मीडिया से वार्ता के दौरान कही। दावा किया कि कुल मतदान का 75 प्रतिशत मत भाजपा के पक्ष में हुआ। कम मतदान की एक वजह उन्होंने कांग्रेस की निराशा को बताया।
कहा, प्रतिस्पर्धा के अभाव में विपक्ष के समर्थक मतदान से दूर रहे। चुनाव के बाद पहली बार पार्टी मुख्यालय में मीडिया से मुखातिब भट्ट ने कहा, देवभूमि ने दिल खोलकर मोदी के लिए मतदान किया है। हमेशा सक्रिय रहने वाले भाजपा के बूथ अध्यक्ष, पन्ना प्रमुख एवं शक्ति केंद्रों ने बेहतर कार्य करते हुए मतदाताओं को बूथ तक पहुंचाने के लिए कार्य किया है। सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं ने दिए गए दायित्व को जिम्मेदारी के साथ निभाया।
भट्ट ने कहा, वोट न देना किसी समस्या का समाधान नहीं है, क्योंकि इनमें अधिकतर जगह पर्यावरण, कानूनी, जियोग्राफिक एवं तकनीकी कारणों से सड़क एवं विकास कार्यों में गतिरोध आया है। सीएम ने इसका संज्ञान लिया है, जल्द ही समस्याओं का समाधान किया जाएगा। कम मतदान को उन्होंने प्रतिस्पर्धा का अभाव बताया। कहा, विपक्ष विशेषकर कांग्रेस ने चुनाव से पहले ही हार मान ली। कहा, इससे राज्य में प्रतिस्पर्धा का अभाव दिखाई दिया। यही वजह है कि लोग मतदान के लिए थोड़ा कम निकले।
विपक्ष के बस्ते तक नहीं दिखे-
मतदान केंद्रों के पास बड़ी संख्या में विपक्ष के बस्ते तक नहीं दिखे। कम मतदान का सबसे बड़ा कारण कांग्रेस समर्थकों की उदासीनता रही है। इस मौके पर प्रदेश महामंत्री आदित्य कोठारी, विधायक विनोद चमोली, प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान, सह प्रभारी राजेंद्र नेगी, प्रदेश प्रवक्ता कमलेश रमन आदि मौजूद रहे।
‘हारी हुई 23 विस सीटों में मत प्रतिशत बढ़ा’-
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा, जहां-जहां प्रतिस्पर्धा नजर आई वहां वोट प्रतिशत बढ़ा। विधानसभा चुनाव में हारी हुई 23 सीटों पर प्रतिस्पर्धा नजर आई यही वजह रही यहां मत प्रतिशत अधिक रहा।
चुनाव आयोग को भी नए उपायों पर करना होगा विचार-
भट्ट ने कहा, भविष्य में मत प्रतिशत बढ़ाने के लिए चुनाव आयोग के साथ सभी पार्टियों को प्रयास करना चाहिए। हमें मतदाताओं को जागरूक करना चाहिए। चुनाव आयोग को भी अपनी पद्धति में बदलाव की जरूरत है। बताया, उनके गांव में 334 में से 134 मतदाता थे, लेकिन उन सबके वोट देहरादून के बने हैं। वहीं, मतदान वाले दिन दो सौ से अधिक विवाह थे, इसके अलावा लगातार तीन दिन छुट्टियां थी।
उत्तराखंड कांग्रेस के दिग्गज नेता हरक सिंह रावत की पुत्रवधु अनुकृति गुसाईं ने आज भाजपा का दामन थाम लिया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई। अनुकृति के साथ उनके कई समर्थकों ने भी भाजपा ज्वाइन की।
बता दें कि उन्होंने लोकसभा चुनाव से पहले ही कांग्रेस से इस्तीफा दिया था। चुनाव प्रचार के दाैरान अनुकृति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों का समर्थन किया था। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा था कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में ही देश विश्व की तीसरी महाशक्ति बन सकता है। मैंने हमेशा उत्तराखंड को विकसित राज्य बनने का सपना देखा। ये सपना मोदीजी के नेतृत्व में साकार हो सकता है। तब से कयास लगाए जा रहे थे कि वह जल्द ही भाजपा में शामि हो सकती हैं। वहीं, आज उन्होंने देहरादून में भाजपा प्रदेश कार्यालय में पार्टी की सदस्यता ली।
प्रदेश में मतदान के दिन दिव्यांग और वृद्ध मतदाताओं की पोलिंग बूथों पर 14,032 स्वयंसेवक सहायता करेंगे। राज्य नोडल अधिकारी दिव्यांगजन गीताराम नौटियाल के मुताबिक, दिव्यांग और वृद्ध मतदाताओं की सहायता के उद्देश्य से राज्य में पहली बार बड़े स्तर पर बूथ वार संसाधनों की मैपिंग की गई है।
बताया, 80,335 दिव्यांग और 85 से अधिक आयु के 65,150 वृद्ध मतदाताओं को चिह्नित किया गया है। राज्य नोडल अधिकारी ने बताया, मतदान के दिन मतदाताओं को अधिक से अधिक सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से 1,344 व्हील चेयर, 1,623 डोलियां, 95 ब्लाइंड स्टिक का बूथवार मैप किया गया है। आवागमन के लिए 208 वाहन राज्यभर में तैनात किए जाएंगे।
बताया, राज्य में 51,100 दिव्यांगजनों ने सक्षम एप को अपने मोबाइल पर डाउनलोड किया है। उन्होंने यह भी बताया, राज्य की हर विधानसभा में एक-एक दिव्यांग बूथ तैयार करने के साथ ही हर जिले में एक आदर्श दिव्यांग बूथ तैयार किया जा रहा है। जहां हेल्प डेस्क, रैंप, व्हील चेयर और सुविधा डेस्क बनाई जाएगी। इन बूथों को मतदाताओं के लिए आकर्षक बनाने का काम किया जा रहा है।
उत्तराखंड में जंगल इस साल पूरी गर्मी धधकते रहेंगे, लेकिन आग बुझाने के लिए हेलिकॉप्टर नहीं आएंगे। मुख्य वन संरक्षक वनाग्नि एवं आपदा प्रबंधन निशांत वर्मा बताते हैं कि जंगलों की आग पर काबू पाने के लिए हेलिकॉप्टरों से मदद लिए जाने का कोई प्रस्ताव नहीं है, विभाग को इसकी जरूरत नहीं है।
प्रदेश के जंगलों में आग के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। गर्मी तेज होते ही जगह-जगह से आग के प्रकरण सामने आ रहे हैं। बुधवार को गढ़वाल और कुमाऊं में 31 जगह जंगलों में आग लगी। हालांकि बृहस्पतिवार को वनाग्नि के प्रकरणों में राहत है। गढ़वाल, कुमाऊं और वन्यजीव क्षेत्र में पिछले 24 घंटे में वनाग्नि के 9 प्रकरण सामने आए हैं, जिससे 10 हेक्टेयर से अधिक वन क्षेत्र प्रभावित हुआ है।
मुख्य वन संरक्षक निशांत वर्मा बताते हैं कि जंगल में आग लगने की सूचना मिलते ही क्रू टीम मौके पर जाकर आग बुझा रही है। विभाग के पास फायर वाचर हैं, कुछ नए कर्मचारी भी मिले हैं। राज्य वनाग्नि एवं आपदा प्रबंधन कक्ष को जहां कहीं से भी जंगल में आग लगने की सूचना मिलती है, प्रयास किया जाता है कि जल्द से जल्द टीम मौके पर पहुंचे। कुछ जगह जंगलों के नजदीक खेतों में खरपतवार जलाने से जंगलों में आग फैलने की शिकायत मिली है, इसके लिए ग्रामीणों को भी जागरूक किया जा रहा है।
रक्षा मंत्री ने कहा कि एक बार बहुत ईमानदारी से राजीव गांधी ने इस बात को स्वीकार किया था। उन्होंने 100 पैसे भेजे, लेकिन लोगों तक केवल 14 पैसे ही पहुंच पाए। किसी ने भी उस चुनौती को स्वीकार नहीं किया, लेकिन पहली बैठक में पीएम मोदी ने कहा कि प्रत्येक भारतीय नागरिक के लिए एक जन धन खाता खोला जाना चाहिए यहां तक कि मैं भी यह नहीं समझ पा रहा था कि प्रधानमंत्री हर किसी के लिए खाता क्यों खोल रहे हैं।
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि उत्तराखंड अध्यात्मिक भूमि है। देश की सीमाओं को सुरक्षित करने का काम उत्तराखंड करता है। इस देवभूमि के लोग जान हथेली पर रख कर देश की रक्षा करते हैं।कहा कि उत्तराखंड के लोग भी सेवा के प्रति समर्पित होते हैं और पीएम मोदी भी देश और देशवासियों कि सेवा के लिए ही पीएम हैं। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी अनिल बलूनी के लिए जनसमर्थन मांगते हुए कहा कि उत्तराखंड के इगास पर्व को अनिल बलूनी ने पहचान दिलाई है। यहां जनसभा के बाद वह लोहाघाट और काशीपुर में रैली करेंगी।








