प्रदेश में मतदान के दिन दिव्यांग और वृद्ध मतदाताओं की पोलिंग बूथों पर 14,032 स्वयंसेवक सहायता करेंगे। राज्य नोडल अधिकारी दिव्यांगजन गीताराम नौटियाल के मुताबिक, दिव्यांग और वृद्ध मतदाताओं की सहायता के उद्देश्य से राज्य में पहली बार बड़े स्तर पर बूथ वार संसाधनों की मैपिंग की गई है।
बताया, 80,335 दिव्यांग और 85 से अधिक आयु के 65,150 वृद्ध मतदाताओं को चिह्नित किया गया है। राज्य नोडल अधिकारी ने बताया, मतदान के दिन मतदाताओं को अधिक से अधिक सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से 1,344 व्हील चेयर, 1,623 डोलियां, 95 ब्लाइंड स्टिक का बूथवार मैप किया गया है। आवागमन के लिए 208 वाहन राज्यभर में तैनात किए जाएंगे।
बताया, राज्य में 51,100 दिव्यांगजनों ने सक्षम एप को अपने मोबाइल पर डाउनलोड किया है। उन्होंने यह भी बताया, राज्य की हर विधानसभा में एक-एक दिव्यांग बूथ तैयार करने के साथ ही हर जिले में एक आदर्श दिव्यांग बूथ तैयार किया जा रहा है। जहां हेल्प डेस्क, रैंप, व्हील चेयर और सुविधा डेस्क बनाई जाएगी। इन बूथों को मतदाताओं के लिए आकर्षक बनाने का काम किया जा रहा है।
बताया, मतदान में अधिक भागीदारी के लिए जिलों में जिला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारी के मार्गदर्शन में काम कर रहे हैं। इसके अलावा बागेश्वर और चमोली जैसे दूरदराज के जिलों में दिव्यांग रथ के माध्यम से मतदान जागरूकता का काम किया जा रहा है।
उत्तराखंड में जंगल इस साल पूरी गर्मी धधकते रहेंगे, लेकिन आग बुझाने के लिए हेलिकॉप्टर नहीं आएंगे। मुख्य वन संरक्षक वनाग्नि एवं आपदा प्रबंधन निशांत वर्मा बताते हैं कि जंगलों की आग पर काबू पाने के लिए हेलिकॉप्टरों से मदद लिए जाने का कोई प्रस्ताव नहीं है, विभाग को इसकी जरूरत नहीं है।
प्रदेश के जंगलों में आग के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। गर्मी तेज होते ही जगह-जगह से आग के प्रकरण सामने आ रहे हैं। बुधवार को गढ़वाल और कुमाऊं में 31 जगह जंगलों में आग लगी। हालांकि बृहस्पतिवार को वनाग्नि के प्रकरणों में राहत है। गढ़वाल, कुमाऊं और वन्यजीव क्षेत्र में पिछले 24 घंटे में वनाग्नि के 9 प्रकरण सामने आए हैं, जिससे 10 हेक्टेयर से अधिक वन क्षेत्र प्रभावित हुआ है।
मुख्य वन संरक्षक निशांत वर्मा बताते हैं कि जंगल में आग लगने की सूचना मिलते ही क्रू टीम मौके पर जाकर आग बुझा रही है। विभाग के पास फायर वाचर हैं, कुछ नए कर्मचारी भी मिले हैं। राज्य वनाग्नि एवं आपदा प्रबंधन कक्ष को जहां कहीं से भी जंगल में आग लगने की सूचना मिलती है, प्रयास किया जाता है कि जल्द से जल्द टीम मौके पर पहुंचे। कुछ जगह जंगलों के नजदीक खेतों में खरपतवार जलाने से जंगलों में आग फैलने की शिकायत मिली है, इसके लिए ग्रामीणों को भी जागरूक किया जा रहा है।
2020-21 में वनाग्नि बुझाने के लिए लगाए थे हेलीकॉप्टर-
दुनियाभर में जंगलों में आग लगने पर हेलीकॉप्टरों की मदद ली जाती है। इसमें लचीली बाल्टी या बेली टैंक होता है। हर बार आग पर उड़ान भरने पर ये हेलीकॉप्टर चार हजार लीटर तक पानी गिराते हैं। देश में जंगलों की आग बुझाने में वायुसेना के एमआई 17-वी 5 हेलीकॉप्टर काफी उपयोगी रहे हैं। वन विभाग के अधिकारी बताते हैं कि उत्तराखंड में वर्ष 2020-21 में हेलीकॉप्टर से जंगलों की आग बुझाने के प्रयास किए गए थे, लेकिन पहाड़ में इस तरह के प्रयास सफल नहीं रहे।
उत्तराखंड में तीन दिन में जंगलों में 56 जगह लगी आग-
उत्तराखंड में पिछले तीन दिन में 56 स्थानों पर जंगल में आग लगने के मामले सामने आए हैं। जिससे 73 हेक्टेयर से अधिक वन क्षेत्र प्रभावित हुआ है। इसे मिलाकर अब तक वनाग्नि की 131 घटनाओं में 188 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र प्रभावित हो चुका है। बृहस्पतिवार को नैनीताल वन प्रभाग के आरक्षित क्षेत्र में दो, तराई पूर्वी वन प्रभाग में पांच, लैंसडाउन वन प्रभाग में एक और राजाजी टाइगर रिजर्व आरक्षित क्षेत्र में वनाग्नि का एक मामला सामने आया है।
चुनाव प्रचार अभियान को धार देने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह गौचर पहुंचे। यहां चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि “मैं आप सभी को बस एक बात याद दिलाना चाहता हूं, मैं कभी भी किसी भी पीएम की आलोचना नहीं करता, चाहे वह कांग्रेस का हो या किसी अन्य पार्टी का।
रक्षा मंत्री ने कहा कि एक बार बहुत ईमानदारी से राजीव गांधी ने इस बात को स्वीकार किया था। उन्होंने 100 पैसे भेजे, लेकिन लोगों तक केवल 14 पैसे ही पहुंच पाए। किसी ने भी उस चुनौती को स्वीकार नहीं किया, लेकिन पहली बैठक में पीएम मोदी ने कहा कि प्रत्येक भारतीय नागरिक के लिए एक जन धन खाता खोला जाना चाहिए यहां तक कि मैं भी यह नहीं समझ पा रहा था कि प्रधानमंत्री हर किसी के लिए खाता क्यों खोल रहे हैं।
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि उत्तराखंड अध्यात्मिक भूमि है। देश की सीमाओं को सुरक्षित करने का काम उत्तराखंड करता है। इस देवभूमि के लोग जान हथेली पर रख कर देश की रक्षा करते हैं।कहा कि उत्तराखंड के लोग भी सेवा के प्रति समर्पित होते हैं और पीएम मोदी भी देश और देशवासियों कि सेवा के लिए ही पीएम हैं। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी अनिल बलूनी के लिए जनसमर्थन मांगते हुए कहा कि उत्तराखंड के इगास पर्व को अनिल बलूनी ने पहचान दिलाई है। यहां जनसभा के बाद वह लोहाघाट और काशीपुर में रैली करेंगी।
14 अप्रैल को तीन जनसभाएं करेंगे सीएम योगी
उत्तराखंड में भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बाद अब यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रचार मैदान में नजर आएंगे। रविवार को यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ देहरादून में जनसभा करेंगे। इससे पहले शनिवार को उनकी हल्द्वानी में जनसभा होगी। योगी 14 अप्रैल को तीन जनसभाएं करेंगे। सबसे पहले वह श्रीनगर गढ़वाल में जनसभा करेंगे।इसके बाद उनकी रुड़की में जनसभा होगी और फिर शाम को वह देहरादून के बन्नू स्कूल में जनसभा को संबोधित करेंगे। 16 अप्रैल को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कोटद्वार में रोड शो करेंगे। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर 17 अप्रैल को चकराता में जनसभा करेंगे। उनका सहसपुर में भी रोड शो होगा।
पीएम नरेंद्र मोदी ने ऋषिकेश में आयोजित जनसभा में कहा कि जब-जब देश में कमजोर और अस्थिर सरकारें रहीं, तब-तब दुश्मनों ने फायदा उठाया। आतंकवाद ने पैर पसारे। आज भारत में मोदी की मजबूत सरकार है, इसलिए आतंकवादियों को घर में घुस कर मारा जाता है। उन्होंने ऐलान किया कि अगले पांच साल तक लोगों को इलाज और राशन मुफ्त मिलता रहेगा। चुनाव में भाजपा की मुख्य प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस पर उन्होंने जमकर निशाने साधे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकारों में सब कुछ लुट जाता था। लेकिन मोदी ने यह लूट बंद कर दी है। इसलिए उनका गुस्सा सातवें आसमान पर है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड ब्रह्म कमल की भूमि है।
ऋषिकेश में हुई पीएम की रैली में गढ़वाल की तीन सीटों हरिद्वार, टिहरी और गढ़वाल लोस सीट की 24 विधानसभा क्षेत्रों से पार्टी कार्यकर्ता पहुंचे थे। प्रधानमंत्री के मंच पर पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उन्हें पहाड़ी वाद्य यंत्र हुडका उपहार स्वरूप दिया। पीएम ने अपने भाषण की शुरुआत हुड़का से की। कहा, उत्तराखंड देवभूमि है और देवभूमि में देवताओं का आह्वान करने की परंपरा है। हुड़का की थाप से देवताओं का आह्वान किया जाता है। मुझे देवता रूपी जनता जनार्दन का आह्वान करने के लिए हुड़का बजाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
कांग्रेस सरकार होती तो वन रैंक वन पेंशन कभी भी लागू नहीं होता-
मोदी कांग्रेस पर जमकर बरसे। कहा, कांग्रेस की सरकार होती तो वन रैंक वन पेंशन कभी भी लागू नहीं होता। मोदी यह गांरटी दी थी, इसे पूरा किया। कांग्रेस कहती थी कि ओआरपी लागू करक पूर्व सैनिकों को 500 करोड़ रुपये देंगे। हमने पूर्व सैनिकों के बैंक खातों में एक लाख करोड़ रुपये ज्यादा पहुंचा दिए। उत्तराखंड में पूर्व सैनिक परिवारों को 3500 करोड़ रुपये से ज्यादा मिले। कांग्रेस के समय तो जवानों के पास बुलेट प्रूफ जैकेट तक की कमी थी। दुश्मन की गोली से बचाने का पुख्ता इंतजाम नहीं था।
कांग्रेस विकास और विरासत दोनों की है विरोधी-
उन्होंने कांग्रेस को विकास और विरासत विरोधी करार दिया। कहा, कांग्रेस ने राम के अस्तित्व पर सवाल उठाए। यह कांग्रेस ही है जिसने पहले राम मंदिर का विरोध किया। जितने अड़ंगे डाल सकते थे डाले। अदालतों में रुकावट डालने की कोशिश की। लेकिन राम मंदिर बनाने वालों ने कांग्रेस के सारे गुनाह माफ करके उनके घर जा कर निमंत्रण दिया। इनका दिमाग कैसा है, पता नहीं। राम के प्राण प्रतिष्ठा का अवसर था, उन्होंने उसका भी बहिष्कार किया।
कांग्रेस कहती है भ्रष्टाचारियों को बचाओ-
मोदी ने कहा कि कांग्रेसी कुछ भी बोलते जा रहे हैं। जब मैं कहता हूं कि भ्रष्टाचार हटाओ तो वह कह रहे हैं भ्रष्टाचारी बचाओ। उन्होंने भीड़ से प्रश्न किया कि भ्रष्टाचार हमारे देश के लिए विनाशक है कि नहीं है? भ्रष्टाचार खत्म होना चाहिए कि नहीं?
धामी सरकार अच्छा काम कर रही है-
पीएम ने कहा कि अब आपको राशन और दवा की चिंता करने की जरूरत नहीं रही। आने वाले पांच साल तक मुफ्त राशन और अस्पताल में मुफ्त इलाज मिलता रहेगा। धामी और उनकी सरकार इन सारी बातों के लिए बहुत मेहनत करके शानदार काम कर रही है।
पीएम मोदी का परिवारवाद पर निशाना-
पीएम ने कांग्रेस के परिवारवाद पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पहले दिल्ली का शाही परिवार फिर खुद का परिवार यही सब कुछ कांग्रेस की परंपरा में है। लेकिन मोदी के लिए तो मेरा भारत ही मेरा परिवार है।
उन्होंने कहा, विकसित भारत के संकल्प के लिए विकसित उत्तराखंड हमारी प्राथमिकता है। इस काम के लिए मेरा पल-पल आपके नाम है। मेरा पल-पल देश के नाम है। मेरी गारंटी है 24×7 और 2047 ये मोदी की आपको गारंटी है। उन्होंने लोगों का आह्वान किया कि पांचों सीटों पर पुराने सारे रिकॉर्ड तोड़ दें। उन्हें पोलिंग बूथ को जीतना है।
पर्यटन को दिया जा रहा बढ़ावा –
पर्यटन और चारधाम यात्रा का उत्तराखंड को विकसित करने में बड़ा योगदान है। इसलिए हम यहां रोडवेज, रेलवे, एयरवेज की लगातार सुविधा दे रहे हैं। यहां ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल लाइन पर तेजी से काम हो रहा है। दिल्ली से देहरादून की दूरी सिमट रही है। उत्तराखंड के सीमावर्ती गांव को कांग्रेस अंतिम गांव कहती थी, हमने उसे पहला गांव बनाकर विकास किया है। आदि कैलाश के लिए हेलीकॉप्टर सेवा शुरू हो गई है। चारधाम यात्रा को भी सुगम बनाने की ओर सरकार काम कर रही है। यह सब इसलिए हो रहा भाजपा की नियत सही है। जब नियत सही होती है तो नतीजे भी सही मिलते हैं। केदारनाथ में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है। बीते वर्ष 55 लाख तीर्थयात्री यहां पहुंचे। मानसखंड में आदि कैलाश और ओम पर्वत की यात्रा पर भी यात्रियों की संख्या बढ़ रही है। पर्यटन बढ़ने का मतलब है रोजगार का बढ़ना। उत्तराखंड में हो रहे विकास में अब पलायन की जड़ों को बीते दिनों बात बताया गया है। उत्तराखंड के नौजवानों ने स्टार्टअप शुरू किए। यहां बेटियां आगे बढ़ रही हैं।
लोकसभा चुनाव में भाजपा और कांग्रेस समेत सभी राजनीतिक पार्टियां महिलाओं के अधिक से अधिक वोट लेने को जितने बेताब दिख रहे हैं, उनकी वैसी इच्छा या बेताबी उन्हें टिकट देने में नहीं दिखाई देती है। उत्तराखंड राज्य में कुल मतदाताओं में 48 फीसदी महिला वोटर्स हैं, जो किसी को भी हराने या जिताने का पूरा दमखम रखती हैं, लेकिन राज्य की सभी पांच लोकसभा सीटों पर 55 प्रत्याशियों में से केवल चार ही महिलाएं हैं।
साफ है कि राज्य की महिलाओं को सही मायने में अभी तक अपना हक नहीं मिल पाया है। राज्य की 40 लाख से अधिक महिला मतदाताओं को शायद अभी और इंतजार करना होगा। जहां तक राज्य की महिलाओं की राजनीतिक जागरूकता का मसला है तो यह देखा गया है कि पुरुष मतदाताओं की तरह राज्य की महिलाएं भी मतदान करने के प्रति काफी सजग रही हैं।
सामाजिक और पर्यावरणीय सरोकारों से जुड़े आंदोलनों में उनकी सक्रिय भागीदारी रही। इस कारण वे राजनीतिक मुद्दों की भी समझ रखती हैं। राज्य की 50 फीसदी पंचायतों का प्रतिनिधित्व महिलाओं के हाथों में है और वे कुशलतापूर्वक अपने दायित्व का निर्वहन कर रहीं हैं। लेकिन विधायिका के मोर्चे पर अपनी क्षमताओं और योग्यता के मामले में अभी वे राजनीतिक दलों में भरोसा नहीं बना पाई हैं। यही कारण है कि महिलाओं को बराबरी का हक देने का नारा बुलंद करने वाले राजनीतिक दल भी उन्हें प्रत्याशी बनाने से हिचक रहे हैं। इसकी तस्दीक लोकसभा सीटों पर उतरे प्रत्याशियों से हो रही है।
अब तक तीन महिलाएं ही पहुंचीं लोकसभा-
आपको बता दें कि पहले लोकसभा चुनाव में टिहरी संसदीय सीट से कमलेन्दुमति शाह निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव जीतने में सफल रहीं। इसके बाद नैनीताल सीट से ईला पंत और फिर राज्य गठन के बाद महज एक महिला माला राज्यलक्ष्मी शाह संसद पहुंच पाईं। सालों बाद भी महिलाओं को लोकसभा या राज्य विधानसभा में उनकी आबादी के अनुसार प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाया।
राजनीतिक दलों ने किया परहेज-
उत्तराखंड में महिला उम्मीदवारों पर दांव लगाने में प्रमुख दलों ने परहेज किया है। हालांकि महिला अधिकार, सशक्तिकरण और महिलाओं से जुड़ी योजनाओं की बात जोरों से की जाती है लेकिन जब चुनाव मैदान में उतारने की बात आती है तो राजनीतिक दलों की प्राथमिकता बदल जाती है। केवल टिहरी लोकसभा सीट इसका अपवाद है, जहां से प्रमुख राजनीतिक दल भाजपा ने माला राज्यलक्ष्मी शाह पर दांव खेला है। गढ़वाल सीट से पीपुल्स पार्टी ऑफ इंडिया डेमोक्रेटिक ने सुरेशी देवी, सोशलिस्ट यूनिटी सेंटर ऑफ इंडिया ने रेशमा और अल्मोड़ा से उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी ने किरण आर्य को मैदान में उतारा है।
लोकसभा चुनाव आते ही सभी पार्टियों ने लोगों से वादों की झड़ी लगानी शुरू कर दी है। कांग्रेस ने भी चुनावी रैलियों में लोगों से कई तरह के वादे किए हैं। इस बीच कांग्रेस ने आज अपना घोषणापत्र भी जारी कर दिया है। कांग्रेस ने इस घोषणा पत्र को न्याय पत्र नाम दिया गया है।
10 न्याय और 25 गारंटियों का किया वादा-
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पार्टी नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने आज घोषणा पत्र जारी किया। घोषणापत्र में पार्टी ने 10 न्याय और 25 गारंटियों का वादा किया है।
गरीब लड़कियों को 1 लाख की मदद, आरक्षण पर भी गारंटी-
कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में गरीब लड़कियों को 1 लाख रुपये सालाना मदद देने की घोषणा की है।
इसके साथ ही देश में आरक्षण की सीमा 50 फीसद से बढ़ाने का वादा किया गया है।
घोषणा पत्र में कहा गया है कि केंद्र की सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए 50 फीसद तक आरक्षण की व्यवस्था की जाएगी।
युवाओं के लिए पहली नौकरी पक्की देने का वादा किया गया है।
10 न्याय का वादा-
कांग्रेस ने 10 न्याय का वादा किया है। इसमें हिस्सेदारी न्याय, युवा न्याय, नारी न्याय, किसान न्याय, श्रमिक न्याय, संवैधानिक न्याय, आर्थिक न्याय, राज्य न्याय, रक्षा न्याय, पर्यावरण न्याय शामिल है।
चिदंबरम बोले- हमारा नौकरियों पर ही ध्यान-
कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने घोषणा पत्र जारी किए जाने के बाद भाजपा पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश में महंगाई बढ़ रही है और नौकरियों में इजाफा नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि हम वादा करते हैं कि देश में रोजगार के अवसर बढ़ाने में कदम उठाएंगे।
लोकसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी हमेशा से ही पहाड़ में अपने प्रत्याशी खड़ी करती आई है, लेकिन आज तक हाथी पहाड़ नहीं चढ़ पाया। स्थिति ये रही कि बसपा के वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष भी 2014 के लोकसभा चुनावों में 25 हजारत मतों पर सिमटकर रह गए थे।
वहीं, इस बार चुनाव में पहली बार बसपा ने सीमांत जनपद के दूरस्थ क्षेत्र के प्रत्याशी पर अपना विश्वास जताया है। उत्तराखंड बनने के बाद बसपा लोकसभा हो या विधानसभा चुनाव, प्रदेश में अपनी पैठ बनाने की कोशिश करती रहती है। विधानसभा चुनाव में प्रदेश के मैदानी जिले हरिद्वार से एक बार बसपा को सफलता भी मिली, लेकिन लोकसभा चुनाव में पहाड़ में बसपा के वोट हर बार घटते रहे। बसपा ने वर्ष 2004 में टिहरी लोकसभा से प्रत्याशी मैदान में उतारा, लेकिन उन्होंने नाम वापस ले लिया था।
मुन्ना सिंह चौहान वर्ष 2009 में बसपा के चुनाव चिह्न पर मैदान में उतरे-
इसके बाद वर्ष 2009 में भाजपा से बगावत कर मुन्ना सिंह चौहान वर्ष 2009 में बसपा के चुनाव चिह्न पर मैदान में उतरे। जिन्हें जौनसार पृष्ठभूमि और देहरादून जिले के नाते करीब 90 हजार के आसपास मत मिले। उसके बाद वर्ष 2014 में टिहरी लोकसभा सीट पर बसपा से वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष शीशपाल चौधरी ने चुनाव लड़ा, लेकिन वह 25 हजार मतों पर अटक गए थे।
बसपा ने फिर वर्ष 2019 में तत्कालीन देहरादून के जिलाध्यक्ष सत्यपाल को मैदान में उतारा, जो 15 हजार मत पर अटक गए। अब वर्तमान में बसपा ने मैदानी इलाकों को छोड़ सीमांत जनपद उत्तरकाशी के पुरोला विधानसभा से प्रत्याशी मैदान में उतारा है। अब यह तो मतगणना के दिन ही पता लग पाएगा कि क्या बसपा पहाड़ के प्रत्याशी के नाम पर मतों की संख्या बढ़ा पाएगी या नहीं। संवाद
उत्तराखंड की जनता भाजपा और कांग्रेस के कार्यकाल से परेशान हो गई है, इसलिए बसपा लगातार जनता के बीच आकर इन दोनों की कमियों को उजागर कर रही है।-सतेंद्र खत्री, प्रदेश सचिव बसपा।
लोकसभा के चुनावी महाभारत के लिए भाजपा ने अपना चक्रव्यूह तैयार कर दिया है। कांग्रेस और विपक्षी दलों के प्रत्याशियों के कड़ी चुनौती पेश करने के लिए पार्टी ने रणनीति के तहत उन चेहरों पार्टी में शामिल कराया, जिन्होंने 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस व निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर ताल ठोकी थी और अच्छे-खासे वोट हासिल किए थे।
लोकसभा चुनाव से ठीक पूर्व विधानसभा चुनाव के दूसरे या तीसरे स्थान पर रहे इन चेहरों के दम पर पार्टी अपनी चुनावी राह को आसान बनाने की कोशिश कर रही है। पार्टी के ज्वाइनिंग अभियान की गति बेशक अभी कुछ धीमी दिखाई दे रही है, लेकिन इसे भी सुनियोजित रणनीति का हिस्सा बताया जा रहा है।
भाजपा ने करीब 12,500 नए लोगों को पार्टी की सदस्यता-
सियासी हलकों में ये चर्चाएं अब खासी गरमा रहीं कि कांग्रेस के कुछ और बड़े चेहरे जिनमें विधायक भी बताए जा रहे हैं, कभी भी भाजपा का दामन थाम सकते हैं। भाजपा का शीर्ष नेतृत्व इस संभावना से इन्कार भी नहीं कर रहा है। गढ़वाल मंडल की तीन लोकसभा सीटों में से दो में सबसे अधिक राजनीतिक चेहरे कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए। कुछ ने घर वापसी की है। लोस चुनाव से पूर्व भाजपा ने करीब 12,500 नए लोगों को पार्टी की सदस्यता दिलाई।
विरोधी पार्टी से तोड़ने और अपने संग जोड़ने की यह कवायद इसलिए भी अहम मानी जा रही कि बदरीनाथ सीट पर कांग्रेस के टिकट से चुनाव लड़े राजेंद्र भंडारी को पार्टी में शामिल करा दिया। भंडारी ने कांग्रेस से इस्तीफा देकर भाजपा की सदस्यता ले ली।
गढ़वाल लोस सीट से कुछ चेहरे भाजपा में आए-
बदरीनाथ ही नहीं गढ़वाल लोस क्षेत्र के अंतर्गत कुछ और विधानसभा क्षेत्रों से भी कुछ चेहरे भाजपा में शामिल हुए। इनमें केदारनाथ विस से 2022 का चुनाव लड़े कुलदीप रावत ने भाजपा की सदस्यता ली। वह चुनाव में दूसरे स्थान पर थे और उन्होंने 12,323 वोट हासिल किए थे। इसी तरह चौबट्टाखाल से कांग्रेस के प्रत्याशी रहे केसर सिंह नेगी भाजपा में चले गए। उन्हें 1,3497 वोट मिले थे। पौड़ी विस सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी रहे नवल किशोर ने भी भाजपा का दामन थाम लिया। उन्होंने 20,127 वोट हासिल किए थे। यमकेश्वर सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े शैलेंद्र सिंह रावत की भी भाजपा में वापसी हो गई। शैलेंद्र ने 17,980 वोट लिए थे। श्रीनगर गढ़वाल सीट से यूकेडी छोड़ कर आए मोहन काला भी भाजपा के हो गए। काला को विस चुनाव में 4271 वोट मिले थे
टिहरी लोकसभा सीट में भी लगी कांग्रेस में सेंध
कांग्रेस में सबसे बड़ी सेंध टिहरी लोकसभा क्षेत्र में लगी। यहां पुरोला सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी रहे मालचंद ने भाजपा में वापसी कर ली। मालचंद ने विस में 21,560 वोट लिए थे। गंगोत्री में खांटी कांग्रेसी रहे पूर्व विधायक विजय पाल सजवाण भी भाजपा में शामिल हो गए। गंगोत्री सीट पर दूसरे स्थान पर थे और उन्होंने 21,590 वोट हासिल किए थे। टिहरी लोस सीट पर दूसरे स्थान पर रहे दिनेश धनै भी भाजपा में शामिल हो गए। उन्हें 18,851 वोट मिले थे। इसके अलावा इसी सीट पर कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े धन सिंह नेगी ने भी भाजपा में वापसी कर ली। उन्होंने 6,385 वोट मिले थे। धनोल्टी सीट पर चुनाव लड़े जोत सिंह बिष्ट भी आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए। बिष्ट ने 2022 का चुनाव कांग्रेस के टिकट पर लड़ा था और 18,143 वोट लेकर वह दूसरे स्थान पर थे। इस सीट पर नंबर तीन रहे महावीर सिंह रांगड ने भी भाजपा में घर वापसी कर ली। रांगण ने भी 12,644 वोट हासिल किए थे।
हरिद्वार लोस में कुछ ही प्रत्याशी भाजपा में आए
हरिद्वार संसदीय क्षेत्र में बड़ी संख्या में पंचायत जनप्रतिनिधियों ने भाजपा का दामन थामा, लेकिन विस चुनाव के पूर्व प्रत्याशियों की संख्या गढ़वाल और टिहरी सीट से कम रही। टिहरी से पिता दिनेश धनै के भाजपा में शामिल होने के साथ ऋषिकेश से चुनाव लड़े कनक धनै भी भाजपा के हो गए। कनक ने 2022 के विस चुनाव में 13,080 वोट हासिल किए थे। भगवानपुर सीट पर अपनी भाभी कांग्रेस की ममता राकेश से हारे सुबोध राकेश ने बसपा छोड़कर भाजपा में वापसी कर ली। सुबोध राकेश को 39,997 वोट मिले थे। खानपुर सीट के पूर्व प्रत्याशी सुभाष चौधरी ने भाजपा में जा चुके हैं। उन्हें छह हजार से अधिक वोट मिले थे।
कुमाऊं में बेअसर रहा भाजपा के ज्वाइनिंग अभियान
गढ़वाल मंडल तुलना में भाजपा का ज्वाइनिंग अभियान कुमाऊं मंडल में प्रभावी नहीं रहा। नैनीताल लोस क्षेत्र में कालाढूंगी विस से महेश चंद्र शर्मा ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामा। महेश चंद्र को 2022 के चुनाव में 43 हजार से अधिक वोट मिले थे। भीमताल विस सीट पर कांग्रेस से चुनाव लड़े दान सिंह भंडारी ने भी भाजपा में वापसी कर ली। भंडारी को 15 हजार से अधिक वोट मिले थे। किच्छा से प्रत्याशी रहे अजय तिवारी ने भी भाजपा की सदस्यता ली। उन्हें 6,000 से अधिक वोट मिले थे। इनके अलावा कुमाऊं मंडल से कांग्रेस का कोई बड़ा चेहरा भाजपा में शामिल नहीं हुआ।
आम आदमी पार्टी (आप) के नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह को आखिरकार दिल्ली के कथित शराब घोटाले से जुड़े धन शोधन मामले में जमानत मिल गई। वह करीब पिछले छह महीनों से जेल में बंद थे। संजय सिंह को जमानत मिलने के बाद उनकी पत्नी अनीता सिंह का बयान चर्चा में है। उन्होंने कहा है कि हम सभी अभी खुशी नहीं मनाएंगे। आइए जानते हैं उन्होंने ऐसा क्यों कहा है।
अनीता सिंह से जब संजय सिंह के जेल से बाहर आने के बाद पूछा गया कि कितनी खुशी है तो उन्होंने कहा कि अभी खुशी हमारी अधूरी है। अभी हमारी लड़ाई बहुत लंबी है, क्योंकि हमारे तीन बड़े भाई, अरविंद केजरीवाल, सत्येंद्र जैन और मनीष सिसोदिया अभी जेल में हैं। जब तक हमारे तीनों भाई जेल से बाहर नहीं आएंगे तब तक हमारी खुशी अधूरी है। साथ ही तब तक कोई जश्न नहीं मनाएंगे। हमें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। देश की जनता सब कुछ देख रही है।
बता दें कि जस्टिस संजीव खन्ना, न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति पीबी वराले की पीठ ने मंगलवार को छह महीने से जेल में बंद संजय सिंह को जमानत देने का आदेश दिया। सुनवाई के दौरान प्रवर्तन निदेशालय ने कहा कि अगर आप नेता को मामले में जमानत दी जाती है तो उसे कोई आपत्ति नहीं है। इसके बाद जस्टिस संजीव खन्ना, जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस पीबी वराले की पीठ ने छह महीने से जेल में बंद संजय सिंह को रिहा करने का आदेश दिया।
उत्तराखंड के रुद्रपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनावी जनसभा की। पीएम मोदी ने देसी अंदाज में हाल चाल लिया। पीएम मोदी ने कहा कि भीड़ को देखकर यह तय नहीं हो पा रहा कि यह प्रचार सभा या विजय रैली।
मैदान में बैठे लोगों को धूप लगने पर पीएम मोदी ने कहा कि भीड़ के लिए पंडाल छोटा पड़ गया है। जितने लोग अंदर बैठे हैं उससे ज्यादा लोग बाहर धूप में तप रहे हैं। हमारी व्यवस्था में कुछ कमी रही इसके लिए मैं क्षमा मांगता हूं। आपको विश्वास दिलाता हूं कि धूप में तपने की आपकी तपस्या को बेकार नहीं जाने दूंगा। मैं इसे विकास कर करके लौटा दूंगा।
आपके प्यार के लिए मैं आपका बहुत आभारी हूं। कहा कि यह चुनावी सभा भी ऐसे क्षेत्र में हो रही है जिसे मिनी इंडिया कहा जाता है। कहा कि यह देवभूमि और मिनी इंडिया का ही आशीर्वाद है कि वह उत्तराखंड की पवित्र धरती पर आए हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के प्रति भाजपा का जो प्रेम जग जाहिर है।
हमें उत्तराखंड को विकसित राज्य बनाकर सबसे आगे लेकर जाना है। इसके लिए केंद्र की भाजपा सरकार कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही है। पिछले दस वर्षों में जितना विकास उत्तराखंड का हुआ है उतना आजादी के बाद के 60-65 साल में भी नहीं हुआ।
‘दस साल में जितना विकास हुआ आज तक नहीं-
पीएम मोदी ने कहा कि हमें उत्तराखंड को विकसित बनाना है, केंद्र सरकार कोई कसर नहीं छोड़ रही। दस साल में जितना विकास हुआ आज तक नहीं हुआ। 12 लाख घरों को पानी कनेक्शन दिया। तीन लाख को स्वामित्व योजना का लाभ मिला। 35 लाख लोगों को बैंक खाते खोले गए। छोटे किसानों के खाते में किसान निधि दी। नियत सही होती है तो काम ऐसे ही होते हैं। नियत सही तो नतीजे भी सही।
पीएम मोदी ने कहा कि आज उत्तराखंड हर प्रकार की आधुनिक कनेक्टिविटी से जुड़ रहा है। भाजपा ने प्रदेश के गरीबों को 85000 घर बनाकर दिए हैं। 12 लाख घरों तक पानी का कनेक्शन पहुंचाया है। इसके अलावा भाजपा सरकार ने साढे पांच लाख से ज्यादा शौचालयों का निर्माण कराया है। इसके अलावा यहां की पांच लाख से ज्यादा महिलाओं को उज्जवला गैस मुक्त कनेक्शन दिया गया है। करीब 3 लाख लोगों को स्वामित्व योजना के तहत उनकी प्रॉपर्टी के कार्ड दिए गए हैं। उत्तराखंड के 35 लाख लोगों के पास पहले बैंक में खाता तक नहीं थे। भाजपा सरकार ने 35 लाख लोगों के बैंक खाते खुलवाए और उन्हें बैंकों से जोड़ा। कहा कि इतने सारे काम तब होते हैं जब नीयत सही होती है। इसलिए मैं कहता हूं नियत सही तो नतीजे भी।
‘मोदी की गारंटी ने उत्तराखंड के घर-घर में सुविधा पहुंचाई‘–
पीएम ने कहा कि मोदी की गारंटी यानी पूरा होने की गारंटी है। मोदी की गारंटी ने उत्तराखंड के घर-घर में सुविधा पहुंचाई है, लोगों का स्वाभिमान बढ़ाया है। अब तीसरे टर्म में आपका ये बेटा एक और बड़ा काम करने जा रहा है। आपको 24 घंटे बिजली मिले, बिजली का बिल जीरो हो और बिजली से कमाई भी हो। इसके लिए मोदी ने ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ शुरू की है।
‘भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक ताकत बनाने की गारंटी दी‘–
पीएम ने कहा कि मोदी ने भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक ताकत बनाने की गारंटी दी है। तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक ताकत का मतलब है, लोगों की कमाई बढ़ेगी। नौकरी के अवसर बढ़ेंगे। गांव-शहर में सुविधा बढ़ेगी। इसका बड़ा फायदा उत्तराखंड को भी होगा। ‘उत्तराखंड की पवित्र धरती पर खुद को बहुत धन्य महसूस करता हूं‘–
पीएम मोदी ने कहा कि मैं जब भी उत्तराखंड की पवित्र धरती पर आता हूं, खुद को बहुत धन्य महसूस करता हूं। इसलिए मेरे दिल की गहराई से एक बात निकली थी- देवभूमि के ध्यान से ही मैं सदा धन्य हो जाता हूं, है भाग्य मेरा सौभाग्य मेरा, मैं तुमको शीश नवाता हूं।
पीएम मोदी ने कांग्रेस पर बोला हमला-
पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने मां भारती के टुकड़े किए। उत्तराखंड वीर संतान को जन्म देती है, कांग्रेस ने तमिलनाडु के पास समुंद्र में द्वीप भारत का हिस्सा श्रीलंका को दिया। कोई मछुआरे जाता है तो वो वाह जेल में है। लोगों से पूछा क्या कांग्रेस भारत की रक्षा कर सकती है, मोदी ने सैनिक परिवारों को वन रैंक वन पेंशन दी। नियत सही तो नतीजे सही।
तीसरे कार्यकाल में भ्रष्टाचार पर तेज प्रहार होगा- PM
पीएम मोदी ने कहा कि इस चुनाव में दो खेमे हैं। हम लोग ईमानदारी दूसरी तरफ भ्रष्टाचारी, धमकी और गाली दे रहे हैं। हम कह रहे भ्रष्टाचार हटाओ, वो कह रहे भष्टाचारी बचाओ। मोदी देश की आवाज सुनता है। मोदी को कितनी गलियां और धमकी दी जाए, मैं डरने वाला नहीं। पीएम मोदी ने कहा कि तीसरे कार्यकाल में भ्रष्टाचार पर तेज प्रहार होगा। आगे आना वाला पांच साल देश हित में बड़े फैसलों के होंगे।