लोकसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी हमेशा से ही पहाड़ में अपने प्रत्याशी खड़ी करती आई है, लेकिन आज तक हाथी पहाड़ नहीं चढ़ पाया। स्थिति ये रही कि बसपा के वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष भी 2014 के लोकसभा चुनावों में 25 हजारत मतों पर सिमटकर रह गए थे।
वहीं, इस बार चुनाव में पहली बार बसपा ने सीमांत जनपद के दूरस्थ क्षेत्र के प्रत्याशी पर अपना विश्वास जताया है। उत्तराखंड बनने के बाद बसपा लोकसभा हो या विधानसभा चुनाव, प्रदेश में अपनी पैठ बनाने की कोशिश करती रहती है। विधानसभा चुनाव में प्रदेश के मैदानी जिले हरिद्वार से एक बार बसपा को सफलता भी मिली, लेकिन लोकसभा चुनाव में पहाड़ में बसपा के वोट हर बार घटते रहे। बसपा ने वर्ष 2004 में टिहरी लोकसभा से प्रत्याशी मैदान में उतारा, लेकिन उन्होंने नाम वापस ले लिया था।
मुन्ना सिंह चौहान वर्ष 2009 में बसपा के चुनाव चिह्न पर मैदान में उतरे-
इसके बाद वर्ष 2009 में भाजपा से बगावत कर मुन्ना सिंह चौहान वर्ष 2009 में बसपा के चुनाव चिह्न पर मैदान में उतरे। जिन्हें जौनसार पृष्ठभूमि और देहरादून जिले के नाते करीब 90 हजार के आसपास मत मिले। उसके बाद वर्ष 2014 में टिहरी लोकसभा सीट पर बसपा से वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष शीशपाल चौधरी ने चुनाव लड़ा, लेकिन वह 25 हजार मतों पर अटक गए थे।
बसपा ने फिर वर्ष 2019 में तत्कालीन देहरादून के जिलाध्यक्ष सत्यपाल को मैदान में उतारा, जो 15 हजार मत पर अटक गए। अब वर्तमान में बसपा ने मैदानी इलाकों को छोड़ सीमांत जनपद उत्तरकाशी के पुरोला विधानसभा से प्रत्याशी मैदान में उतारा है। अब यह तो मतगणना के दिन ही पता लग पाएगा कि क्या बसपा पहाड़ के प्रत्याशी के नाम पर मतों की संख्या बढ़ा पाएगी या नहीं। संवाद
उत्तराखंड की जनता भाजपा और कांग्रेस के कार्यकाल से परेशान हो गई है, इसलिए बसपा लगातार जनता के बीच आकर इन दोनों की कमियों को उजागर कर रही है।-सतेंद्र खत्री, प्रदेश सचिव बसपा।
लोकसभा के चुनावी महाभारत के लिए भाजपा ने अपना चक्रव्यूह तैयार कर दिया है। कांग्रेस और विपक्षी दलों के प्रत्याशियों के कड़ी चुनौती पेश करने के लिए पार्टी ने रणनीति के तहत उन चेहरों पार्टी में शामिल कराया, जिन्होंने 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस व निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर ताल ठोकी थी और अच्छे-खासे वोट हासिल किए थे।
लोकसभा चुनाव से ठीक पूर्व विधानसभा चुनाव के दूसरे या तीसरे स्थान पर रहे इन चेहरों के दम पर पार्टी अपनी चुनावी राह को आसान बनाने की कोशिश कर रही है। पार्टी के ज्वाइनिंग अभियान की गति बेशक अभी कुछ धीमी दिखाई दे रही है, लेकिन इसे भी सुनियोजित रणनीति का हिस्सा बताया जा रहा है।
भाजपा ने करीब 12,500 नए लोगों को पार्टी की सदस्यता-
सियासी हलकों में ये चर्चाएं अब खासी गरमा रहीं कि कांग्रेस के कुछ और बड़े चेहरे जिनमें विधायक भी बताए जा रहे हैं, कभी भी भाजपा का दामन थाम सकते हैं। भाजपा का शीर्ष नेतृत्व इस संभावना से इन्कार भी नहीं कर रहा है। गढ़वाल मंडल की तीन लोकसभा सीटों में से दो में सबसे अधिक राजनीतिक चेहरे कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए। कुछ ने घर वापसी की है। लोस चुनाव से पूर्व भाजपा ने करीब 12,500 नए लोगों को पार्टी की सदस्यता दिलाई।
विरोधी पार्टी से तोड़ने और अपने संग जोड़ने की यह कवायद इसलिए भी अहम मानी जा रही कि बदरीनाथ सीट पर कांग्रेस के टिकट से चुनाव लड़े राजेंद्र भंडारी को पार्टी में शामिल करा दिया। भंडारी ने कांग्रेस से इस्तीफा देकर भाजपा की सदस्यता ले ली।
गढ़वाल लोस सीट से कुछ चेहरे भाजपा में आए-
बदरीनाथ ही नहीं गढ़वाल लोस क्षेत्र के अंतर्गत कुछ और विधानसभा क्षेत्रों से भी कुछ चेहरे भाजपा में शामिल हुए। इनमें केदारनाथ विस से 2022 का चुनाव लड़े कुलदीप रावत ने भाजपा की सदस्यता ली। वह चुनाव में दूसरे स्थान पर थे और उन्होंने 12,323 वोट हासिल किए थे। इसी तरह चौबट्टाखाल से कांग्रेस के प्रत्याशी रहे केसर सिंह नेगी भाजपा में चले गए। उन्हें 1,3497 वोट मिले थे। पौड़ी विस सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी रहे नवल किशोर ने भी भाजपा का दामन थाम लिया। उन्होंने 20,127 वोट हासिल किए थे। यमकेश्वर सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े शैलेंद्र सिंह रावत की भी भाजपा में वापसी हो गई। शैलेंद्र ने 17,980 वोट लिए थे। श्रीनगर गढ़वाल सीट से यूकेडी छोड़ कर आए मोहन काला भी भाजपा के हो गए। काला को विस चुनाव में 4271 वोट मिले थे
टिहरी लोकसभा सीट में भी लगी कांग्रेस में सेंध
कांग्रेस में सबसे बड़ी सेंध टिहरी लोकसभा क्षेत्र में लगी। यहां पुरोला सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी रहे मालचंद ने भाजपा में वापसी कर ली। मालचंद ने विस में 21,560 वोट लिए थे। गंगोत्री में खांटी कांग्रेसी रहे पूर्व विधायक विजय पाल सजवाण भी भाजपा में शामिल हो गए। गंगोत्री सीट पर दूसरे स्थान पर थे और उन्होंने 21,590 वोट हासिल किए थे। टिहरी लोस सीट पर दूसरे स्थान पर रहे दिनेश धनै भी भाजपा में शामिल हो गए। उन्हें 18,851 वोट मिले थे। इसके अलावा इसी सीट पर कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े धन सिंह नेगी ने भी भाजपा में वापसी कर ली। उन्होंने 6,385 वोट मिले थे। धनोल्टी सीट पर चुनाव लड़े जोत सिंह बिष्ट भी आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए। बिष्ट ने 2022 का चुनाव कांग्रेस के टिकट पर लड़ा था और 18,143 वोट लेकर वह दूसरे स्थान पर थे। इस सीट पर नंबर तीन रहे महावीर सिंह रांगड ने भी भाजपा में घर वापसी कर ली। रांगण ने भी 12,644 वोट हासिल किए थे।
हरिद्वार लोस में कुछ ही प्रत्याशी भाजपा में आए
हरिद्वार संसदीय क्षेत्र में बड़ी संख्या में पंचायत जनप्रतिनिधियों ने भाजपा का दामन थामा, लेकिन विस चुनाव के पूर्व प्रत्याशियों की संख्या गढ़वाल और टिहरी सीट से कम रही। टिहरी से पिता दिनेश धनै के भाजपा में शामिल होने के साथ ऋषिकेश से चुनाव लड़े कनक धनै भी भाजपा के हो गए। कनक ने 2022 के विस चुनाव में 13,080 वोट हासिल किए थे। भगवानपुर सीट पर अपनी भाभी कांग्रेस की ममता राकेश से हारे सुबोध राकेश ने बसपा छोड़कर भाजपा में वापसी कर ली। सुबोध राकेश को 39,997 वोट मिले थे। खानपुर सीट के पूर्व प्रत्याशी सुभाष चौधरी ने भाजपा में जा चुके हैं। उन्हें छह हजार से अधिक वोट मिले थे।
कुमाऊं में बेअसर रहा भाजपा के ज्वाइनिंग अभियान
गढ़वाल मंडल तुलना में भाजपा का ज्वाइनिंग अभियान कुमाऊं मंडल में प्रभावी नहीं रहा। नैनीताल लोस क्षेत्र में कालाढूंगी विस से महेश चंद्र शर्मा ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामा। महेश चंद्र को 2022 के चुनाव में 43 हजार से अधिक वोट मिले थे। भीमताल विस सीट पर कांग्रेस से चुनाव लड़े दान सिंह भंडारी ने भी भाजपा में वापसी कर ली। भंडारी को 15 हजार से अधिक वोट मिले थे। किच्छा से प्रत्याशी रहे अजय तिवारी ने भी भाजपा की सदस्यता ली। उन्हें 6,000 से अधिक वोट मिले थे। इनके अलावा कुमाऊं मंडल से कांग्रेस का कोई बड़ा चेहरा भाजपा में शामिल नहीं हुआ।
आम आदमी पार्टी (आप) के नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह को आखिरकार दिल्ली के कथित शराब घोटाले से जुड़े धन शोधन मामले में जमानत मिल गई। वह करीब पिछले छह महीनों से जेल में बंद थे। संजय सिंह को जमानत मिलने के बाद उनकी पत्नी अनीता सिंह का बयान चर्चा में है। उन्होंने कहा है कि हम सभी अभी खुशी नहीं मनाएंगे। आइए जानते हैं उन्होंने ऐसा क्यों कहा है।
अनीता सिंह से जब संजय सिंह के जेल से बाहर आने के बाद पूछा गया कि कितनी खुशी है तो उन्होंने कहा कि अभी खुशी हमारी अधूरी है। अभी हमारी लड़ाई बहुत लंबी है, क्योंकि हमारे तीन बड़े भाई, अरविंद केजरीवाल, सत्येंद्र जैन और मनीष सिसोदिया अभी जेल में हैं। जब तक हमारे तीनों भाई जेल से बाहर नहीं आएंगे तब तक हमारी खुशी अधूरी है। साथ ही तब तक कोई जश्न नहीं मनाएंगे। हमें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। देश की जनता सब कुछ देख रही है।
बता दें कि जस्टिस संजीव खन्ना, न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति पीबी वराले की पीठ ने मंगलवार को छह महीने से जेल में बंद संजय सिंह को जमानत देने का आदेश दिया। सुनवाई के दौरान प्रवर्तन निदेशालय ने कहा कि अगर आप नेता को मामले में जमानत दी जाती है तो उसे कोई आपत्ति नहीं है। इसके बाद जस्टिस संजीव खन्ना, जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस पीबी वराले की पीठ ने छह महीने से जेल में बंद संजय सिंह को रिहा करने का आदेश दिया।
उत्तराखंड के रुद्रपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनावी जनसभा की। पीएम मोदी ने देसी अंदाज में हाल चाल लिया। पीएम मोदी ने कहा कि भीड़ को देखकर यह तय नहीं हो पा रहा कि यह प्रचार सभा या विजय रैली।
मैदान में बैठे लोगों को धूप लगने पर पीएम मोदी ने कहा कि भीड़ के लिए पंडाल छोटा पड़ गया है। जितने लोग अंदर बैठे हैं उससे ज्यादा लोग बाहर धूप में तप रहे हैं। हमारी व्यवस्था में कुछ कमी रही इसके लिए मैं क्षमा मांगता हूं। आपको विश्वास दिलाता हूं कि धूप में तपने की आपकी तपस्या को बेकार नहीं जाने दूंगा। मैं इसे विकास कर करके लौटा दूंगा।
आपके प्यार के लिए मैं आपका बहुत आभारी हूं। कहा कि यह चुनावी सभा भी ऐसे क्षेत्र में हो रही है जिसे मिनी इंडिया कहा जाता है। कहा कि यह देवभूमि और मिनी इंडिया का ही आशीर्वाद है कि वह उत्तराखंड की पवित्र धरती पर आए हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के प्रति भाजपा का जो प्रेम जग जाहिर है।
हमें उत्तराखंड को विकसित राज्य बनाकर सबसे आगे लेकर जाना है। इसके लिए केंद्र की भाजपा सरकार कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही है। पिछले दस वर्षों में जितना विकास उत्तराखंड का हुआ है उतना आजादी के बाद के 60-65 साल में भी नहीं हुआ।
‘दस साल में जितना विकास हुआ आज तक नहीं-
पीएम मोदी ने कहा कि हमें उत्तराखंड को विकसित बनाना है, केंद्र सरकार कोई कसर नहीं छोड़ रही। दस साल में जितना विकास हुआ आज तक नहीं हुआ। 12 लाख घरों को पानी कनेक्शन दिया। तीन लाख को स्वामित्व योजना का लाभ मिला। 35 लाख लोगों को बैंक खाते खोले गए। छोटे किसानों के खाते में किसान निधि दी। नियत सही होती है तो काम ऐसे ही होते हैं। नियत सही तो नतीजे भी सही।
पीएम मोदी ने कहा कि आज उत्तराखंड हर प्रकार की आधुनिक कनेक्टिविटी से जुड़ रहा है। भाजपा ने प्रदेश के गरीबों को 85000 घर बनाकर दिए हैं। 12 लाख घरों तक पानी का कनेक्शन पहुंचाया है। इसके अलावा भाजपा सरकार ने साढे पांच लाख से ज्यादा शौचालयों का निर्माण कराया है। इसके अलावा यहां की पांच लाख से ज्यादा महिलाओं को उज्जवला गैस मुक्त कनेक्शन दिया गया है। करीब 3 लाख लोगों को स्वामित्व योजना के तहत उनकी प्रॉपर्टी के कार्ड दिए गए हैं। उत्तराखंड के 35 लाख लोगों के पास पहले बैंक में खाता तक नहीं थे। भाजपा सरकार ने 35 लाख लोगों के बैंक खाते खुलवाए और उन्हें बैंकों से जोड़ा। कहा कि इतने सारे काम तब होते हैं जब नीयत सही होती है। इसलिए मैं कहता हूं नियत सही तो नतीजे भी।
‘मोदी की गारंटी ने उत्तराखंड के घर-घर में सुविधा पहुंचाई‘–
पीएम ने कहा कि मोदी की गारंटी यानी पूरा होने की गारंटी है। मोदी की गारंटी ने उत्तराखंड के घर-घर में सुविधा पहुंचाई है, लोगों का स्वाभिमान बढ़ाया है। अब तीसरे टर्म में आपका ये बेटा एक और बड़ा काम करने जा रहा है। आपको 24 घंटे बिजली मिले, बिजली का बिल जीरो हो और बिजली से कमाई भी हो। इसके लिए मोदी ने ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ शुरू की है।
‘भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक ताकत बनाने की गारंटी दी‘–
पीएम ने कहा कि मोदी ने भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक ताकत बनाने की गारंटी दी है। तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक ताकत का मतलब है, लोगों की कमाई बढ़ेगी। नौकरी के अवसर बढ़ेंगे। गांव-शहर में सुविधा बढ़ेगी। इसका बड़ा फायदा उत्तराखंड को भी होगा। ‘उत्तराखंड की पवित्र धरती पर खुद को बहुत धन्य महसूस करता हूं‘–
पीएम मोदी ने कहा कि मैं जब भी उत्तराखंड की पवित्र धरती पर आता हूं, खुद को बहुत धन्य महसूस करता हूं। इसलिए मेरे दिल की गहराई से एक बात निकली थी- देवभूमि के ध्यान से ही मैं सदा धन्य हो जाता हूं, है भाग्य मेरा सौभाग्य मेरा, मैं तुमको शीश नवाता हूं।
पीएम मोदी ने कांग्रेस पर बोला हमला-
पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने मां भारती के टुकड़े किए। उत्तराखंड वीर संतान को जन्म देती है, कांग्रेस ने तमिलनाडु के पास समुंद्र में द्वीप भारत का हिस्सा श्रीलंका को दिया। कोई मछुआरे जाता है तो वो वाह जेल में है। लोगों से पूछा क्या कांग्रेस भारत की रक्षा कर सकती है, मोदी ने सैनिक परिवारों को वन रैंक वन पेंशन दी। नियत सही तो नतीजे सही।
तीसरे कार्यकाल में भ्रष्टाचार पर तेज प्रहार होगा- PM
पीएम मोदी ने कहा कि इस चुनाव में दो खेमे हैं। हम लोग ईमानदारी दूसरी तरफ भ्रष्टाचारी, धमकी और गाली दे रहे हैं। हम कह रहे भ्रष्टाचार हटाओ, वो कह रहे भष्टाचारी बचाओ। मोदी देश की आवाज सुनता है। मोदी को कितनी गलियां और धमकी दी जाए, मैं डरने वाला नहीं। पीएम मोदी ने कहा कि तीसरे कार्यकाल में भ्रष्टाचार पर तेज प्रहार होगा। आगे आना वाला पांच साल देश हित में बड़े फैसलों के होंगे।
इस बार लोकसभा चुनाव में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी मैदानी प्रभाव वाली हरिद्वार और नैनीताल-ऊधमसिंह नगर लोकसभा सीटों पर सबसे ज्यादा स्टार प्रचारक उतारेगी। 2017 के मुकाबले 2022 के विधानसभा चुनाव में प्रदर्शन गिरने के बाद पार्टी ने ये रणनीति बनाई है। दोनों सीटों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक को लाने की तैयारी है।
हरिद्वार लोकसभा सीट में कुल 14 विधानसभा सीटें हैं, जिनमें से 2017 के विस चुनाव में भाजपा के पास 11 व कांग्रेस के पास तीन थीं। 2022 के विस चुनाव में लोकसभा में छह सीटें भाजपा के पास रह गई थीं। पांच सीटों पर कांग्रेस ने कब्जा जमाया था। दो पर बसपा और एक निर्दलीय प्रत्याशी ने जीत दर्ज की थी। इसी प्रकार, नैनीताल-ऊधमसिंह नगर लोकसभा में कुल 14 विधानसभा सीटें हैं।
इनमें से 2017 के विस चुनाव में भाजपा के पास 11, कांग्रेस के पास दो और एक निर्दलीय विधायक था, लेकिन 2022 के विस चुनाव में इस लोकसभा के अंतर्गत आने वालीं 14 सीटों में से भाजपा के पास आठ रह गईं और कांग्रेस की दो से बढ़कर छह हो गई थीं। लिहाजा, लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने इन दोनों जिलों के लिए खास प्लान तैयार किया है।
पार्टी जल्द ही जारी करेगी शेड्यूल
हरिद्वार में कार्यकर्ताओं के बीच प्रचार करने के लिए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा अप्रैल के पहले सप्ताह में रोड शो करेंगे। इसके बाद यहां भगवानपुर में गृह मंत्री अमित शाह और रुड़की में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को बतौर स्टार प्रचारक लाने की तैयारी हो रही है। वहीं, ऊधमसिंह नगर जिले में पार्टी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रुद्रपुर, अमित शाह, राजनाथ सिंह को लाने की तैयारी में जुट गई है। पार्टी जल्द ही इसका शेड्यूल जारी करेगी।
2022 विस चुनाव में गढ़वाल-कुमाऊं में भाजपा-कांग्रेस
गढ़वाल मंडल
कुल सीटें- 41
भाजपा- 28
कांग्रेस-8 (एक विधायक के भाजपा में जाने से सीट खाली)
Arvind Kejriwal : दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को पद के हटाने की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. सुनवाई के बाद अरविंद केजरीवाल को बड़ी राहत मिली है. जी हां, सुनवाई के दौरान कोर्ट ने साफ तौर पर कहा है कि यह राजनीतिक मामला है, न्यायिक दखल की जरूरत नहीं है. ऐसे में हम आदेश नहीं दे सकते है. कोर्ट ने साथ ही कहा कि यह कार्यपालिका के अधिकार क्षेत्र में है इसलिए फैसला वहां से ही हो सकता है. कोर्ट ने यह कहते हुए याचिका खारिज कर दी है कि वर्तमान स्थिति का जायजा लेने के बाद एलजी इस पूरे मामले में दखल दे सकते है. आपको बता दें कि कथित शराब घोटाला मामले में कार्रवाई करते हुए प्रवर्तन निदेशालय ने दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार कर लिया था.
इसका अध्ययन सरकार की अन्य इकाइयों को कानून के अनुसार-
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनमोहन की अध्यक्षता वाली पीठ ने मुद्दे के गुण-दोषों पर टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि यह न्यायिक हस्तक्षेप के दायरे से बाहर है. पीठ में न्यायमूर्ति मनमीत पीएस अरोड़ा भी शामिल रहे. पीठ ने कहा, ‘‘इसका अध्ययन सरकार की अन्य इकाइयों को कानून के अनुसार करना है.’’ अदालत ने सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता सुरजीत सिंह यादव के वकील से कहा कि केजरीवाल के मुख्यमंत्री बने रहने पर कानूनी बाधा बताएं.
‘कठिनाइयां हो सकती हैं लेकिन कानूनी बाधा कहां है’-
अदालत ने पूछा, ‘‘व्यावहारिक कठिनाइयां हो सकती हैं लेकिन वो अलग बात है. कानूनी बाधा कहां है?’’ आप के राष्ट्रीय संयोजक केजरीवाल को आबकारी नीति बनाने से जुड़े धनशोधन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 21 मार्च को गिरफ्तार किया था. इसके बाद दिल्ली की एक अदालत ने उन्हें 28 मार्च तक ईडी की हिरासत में भेज दिया था.
पीलीभीत से मेनका गांधी और उनके बेटे वरुण गांधी का पिछले 35 साल से चला आ रहा सियासी रिश्ता बुधवार को खत्म हो गया। 1989 के बाद यह पहली बार हुआ कि जब दोनों में से किसी ने भी पीलीभीत सीट से पर्चा नहीं भरा। भाजपा ने वरुण गांधी का टिकट काटकर यूपी के कैबिनेट मंत्री जितिन प्रसाद को प्रत्याशी बनाया है। पीलीभीत से सियासी रिश्ता टूटने पर वरुण गांधी ने भावुक पत्र लिखा है। उन्होंने लिखा है कि मेरा और पीलीभीत का रिश्ता प्रेम और विश्वास का है, जो राजनीतिक गुणा-भाग से बहुत ऊपर है।
वरुण गांधी ने पीलीभीत के लोगों को प्रणाम करते हुए लिखा, ‘मैं खुद को सौभाग्यशाली मानता हूं कि मुझे वर्षों पीलीभीत की महान जनता की सेवा करने का मौका मिला। महज एक सांसद के तौर पर ही नहीं, बल्कि एक व्यक्ति के तौर भी मेरी परवरिश और मेरे विकास में पीलीभीत में मिले आदर्श, सरलता, और सहृदयता का बहुत बड़ा योगदान है। आपको प्रतिनिधि होना मेरे जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा है और मैंने हमेशा अपनी पूरी क्षमता से आपके हितों के लिए आवाज उठाई है।’
बचपन की याद को किया साझा
आज जब मैं यह पत्र लिख रहा हूं, तो अनगिनत यादों ने मुझे भावुक कर दिया है। उन्होंने अपने बचपन की यादों को साझा करते हुए लिखा, मुझे वो तीन साल का छोटा सा बच्चा याद आ रहा है, जो अपनी मां की अंगुली पकड़कर 1983 में पहली बार पीलीभीत आया था, उसे कहां पता था कि एक दिन यह धरती उसकी कर्मभूमि और यहां के लोग उसका परिवार बन जाएंगे।
भले ही उसकी कोई भी कीमत चुकानी पड़े’- वरुण गांधी
पत्र में आगे लिखा कि एक सांसद के तौर पर मेरा कार्यकाल भले समाप्त हो रहा हो, पर पीलीभीत से मेरा रिश्ता अंतिम सांस तक खत्म नहीं हो सकता। मैं राजनीति में आम आदमी की आवाज उठाने आया था और आज आपसे यही आशीर्वाद मांगता हूं कि सदैव यह कार्य करता रहूं, भले ही उसकी कोई भी कीमत चुकानी पड़े। उन्होंने पीलीभीत से अपने रिश्ते को सियासी गुणा-भाग से बहुत ऊपर बताया। अंत में लिखा- मैं आपका था, हूं और रहूंगा।
सवाल : संगठन में बड़ा पद या किसी दूसरी सीट से मिलेगा टिकट
वरुण गांधी की वजह से पीलीभीत प्रदेश में वीआईपी सीट बनी हुई है। 2009-2010 में वरुण भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव भी रह चुके हैं। चर्चा है कि पार्टी वरुण को संगठन में कोई बड़ा पद दे सकती है। चर्चा यह भी है कि वरुण को अवध क्षेत्र की किसी वीआईपी सीट से उतारा जा सकता है। यह सब कयास इसलिए लगाए जा रहे हैं कि वरुण ने टिकट कटने के बाद भी न तो भाजपा छोड़ी है और न ही ऐसा कोई संकेत दिया है।
कांग्रेस के गढ़वाल सीट से लोकसभा प्रत्याशी गणेश गोदियाल ने बुधवार को नामांकन किया। इसके बाद उन्होंने रामलीला मैदान में जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि हमें स्टार प्रचारकों की जरूरत नहीं है। उत्तराखंड की जनता व संगठन के लोग ही उनके स्टार प्रचारक है।
कहा कि बीजेपी की सरकार 10 साल से है लेकिन इस कार्यकाल में अच्छे दिन क्या हुआ। इसके साथ उन्होंने काला धन पर भी भाजपा को आड़े हाथों लिया। कहा कि पीएम मोदी ने विदेशों से काला धन लाने की बात कही थी, साथ ही लोगों के खाते में 15- 15 लाख रुपये आने का वादा किया था, लेकिन आज तक न तो काला धन वापस आया, ना ही लोगों के खाते में 15 लाख रुपये आए।
इसके अलावा उन्होंने भू कानून, मूल निवास समेत तमाम मुद्दों पर बात कही। साथ ही प्रथम सीडीएस बिपिन रावत की मौत की जांच पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि उनकी मौत कैसे हुई। इसका खुलासा नहीं हो पाया। इस दौरान पूर्व मंत्री शूरवीर सिंह सजवाण, सुरेंद्र सिंह नेगी, नरेंद्र नगर से पूर्व विधायक ओम गोपाल रावत ,रणजीत रावत, प्रो. जीतराम, मनोज रावत आदि ने जनता को संबोधित किया।
महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री और राकांपा प्रमुख अजित पवार ने बताया कि महायुक्ति सभी 48 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। उन्होंने आगे कहा कि लगभग सभी मुद्दों पर बातचीत हो चुकी है। महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम ने बताया कि राकांपा के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे को रायगढ़ लोकसभा सीट से उम्मीदवार बनाया गया है।
मीडिया से बात करते हुए अजित पवार ने कहा, “कौन किस सीट से चुनाव लड़ेंगे, इस पर फैसला हो चुका है। लगभग 90 फीसदी चीजें तय हो चुकी हैं। अब 28 मार्च को संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सभी घोषणाएं की जाएगी।”
महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम ने कहा, “महायुक्ति में कोई भ्रम नहीं है। हम एक साथ बैठे और सीट समझौते पर बातचीत की। सीट समझौते पर भाजपा और शिवसेना ने भी सहयोग दिया। सभी घोषणाएं अब भाजपा और शिवसेना के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में की जाएगी।”
बता दें कि महाराष्ट्र के 48 सीटों पर 19 अप्रैल से 20 मई तक पांच चरणों में लोकसभा चुनाव होने वाला है। नतीजे चार जून को आएंगे। पिछली लोकसभा चुनाव में महाराष्ट्र की 48 सीटों पर भाजपा-शिवसेना गठबंधन ने 41 सीटें जीती थी। वहीं राकांपा ने चार, कांग्रेस, एआईएमआईएम और निर्दलीय को महज एक सीट पर जीत मिली।
टिहरी लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी माला राज्य लक्ष्मी शाह लक्ष्मी नामांकन कराने पहुंचीं। इस दौरान उनके साथ नामांकन रैली में सीएम धामी, वरिष्ठ नेता सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। लोकसभा चुनाव में उतरे भाजपा व कांग्रेस के तीन प्रत्याशी आज 26 मार्च को नामांकन करेंगे।
टिहरी से माला राज्यलक्ष्मी शाह के अलावा गढ़वाल सीट से भाजपा प्रत्याशी अनिल बलूनी और कांग्रेस प्रत्याशी जोत सिंह गुनसोला पर्चा भरेंगे। दोनों दलों से पार्टी प्रत्याशियों के नामांकन की तैयारियां पूरी कर ली हैं। माला राज्यलक्ष्मी शाह के नामांकन में मुख्यमंत्री धामी, प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे जबकि कांग्रेस प्रत्याशी गुनसोला के नामांकन में प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा समेत कई नेता भी रहेंगे।
कांग्रेस के प्रत्याशियों को स्टार प्रचारकों का इंतजार-
लोकसभा चुनाव में उतरे कांग्रेस प्रत्याशियों को स्टार प्रचारकों का इंतजार है। प्रत्याशी अपने स्तर पर चुनाव मैदान में डटे हैं। पार्टी केंद्रीय नेतृत्व की ओर से अभी तक कोई बड़ा नेता उत्तराखंड दौरे पर नहीं आया। भाजपा ने पांचों सीटों पर चुनाव प्रचार के लिए स्टार प्रचारकों की लंबी फेहरिस्त बनाई है। वहीं, कांग्रेस ने अभी तक स्टार प्रचारकों की सूची तैयार नहीं की है।
प्रदेश उपाध्यक्ष संगठन मथुरा दत्त जोशी ने बताया, चुनाव प्रचार में स्टार प्रचारकों की सूची बनाई जा रही है। राहुल गांधी, सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी, राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, मुकुल वासनिक, सलमान खुर्शीद समेत कई बड़े नेताओं की पांचों सीटों पर रैली निकालने की रणनीति तैयार की जा रही है। होली पर्व के बाद स्टार प्रचारकों की सूची केंद्रीय नेतृत्व को भेजी जाएगी।