Category Archive : राष्ट्रीय खबर

Lok Sabha Election 2024: पंजाब में अकेले चुनाव लड़ेगी BJP, अकाली दल से नहीं बन पाई गठबंधन पर सहमति।

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भाजपा ने पंजाब में अकेले चुनाव लड़ने की घोषणा कर एक बार फिर साबित कर दिया है कि उनका मुद्दा राष्ट्रवाद है। शिरोमणि अकाली दल की कोर कमेटी में पारित प्रस्ताव के से अकाली दल व भाजपा गठबंधन के संकट के बादल छाए हुए थे। जिसके बाद ही भाजपा के तमाम नेता अपनी 13 सीटों को लेकर मंथन में जुट गए थे।

लोकसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने पंजाब में अकेले चुनाव लड़ने का फैसला लिया है। लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा और अकाली दल में सहमति नहीं बन पाई। शिरोमणि अकाली दल की कोर कमेटी में पारित प्रस्ताव से पंजाब में अकाली दल और भाजपा के गठबंधन पर प्रश्नचिह्न लग गया है। भाजपा को अकाली दल की कोर कमेटी के पारित प्रस्ताव में कई मुद्दों पर सख्त आपत्ति थी। कारण यह था कि कई मुद्दे राष्ट्रवाद से जुड़े हुए हैं। जिसमें एनएसए को खत्म करने, फिरोजपुर व अटारी बॉर्डर को खोलने जैसे मुद्दों पर भाजपा अकाली दल से सुर नहीं मिला रही था।

https://youtu.be/Sk6JN6a_db4 

भाजपा के पंजाब के सहप्रभारी डॉ. नरिंदर रैना भी पहले ही कह चुके थे कि भाजपा का मुद्दा राष्ट्रवाद है और इस पर पार्टी कभी समझौता नहीं कर सकती। एक देश एक राष्ट्र की बुलंद आवाज लेकर भाजपा पंजाब में 13 सीटों के लिए तैयार है, लेकिन अपने मुद्दे व नीतियों से समझौता नहीं करेगी।

Holi 2024: उत्तराखंड में यहां भक्तों ने खेली भस्म की होली, जयकारों से गूंजी भोलेनाथ की नगरी, देखें तस्वीरें

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Holi: आस्था और पर्यटन का संगम कही जाने वाली बाबा भोलेनाथ की नगरी उत्तरकाशी होली के रंग में रंग चुकी है। उत्तरकाशी में आज छोटी होली की सुबह बाबा काशी विश्वनाथ मंदिर में भस्म की होली के साथ होली के त्योहार का शुभारंभ हुआ।

उत्तरकाशी में बाबा काशी विश्वनाथ प्रांगण से भस्म की होली के साथ पूरे जनपद में होली शुरू होती है। रविवार सुबह भोलेनाथ के भक्त मंदिर में एकत्रित हुए। जहां मंदिर के महंत अजय पुरी ने पहले स्वयंभू शिवलिंग पर भस्म लगाकर उनका आशीर्वाद लिया। उसके बाद सभी भक्तों पर भस्म लगाकर होली शुरू हुई।

सभी भक्तों ने आपस में भस्म लगाकर एक दूसरे को होली की शुभकामनाएं दी। उसके बाद बाबा काशी विश्वनाथ मंडली की और से होली और बसंत के गीत गाए गए। वहीं, भस्म लगाकर शिव भक्त जमकर झूमे।
महंत अजय पुरी ने बताया कि जहां आज के समय में रसायनिक होली का प्रचलन बढ़ गया है। ऐसे समय में भोलेनाथ के दरबार से भस्म की होली खेलकर यह संदेश दिया जा रहा है कि हम रसायनिक रंग छोड़ प्राकृतिक रंगो का प्रयोग करें।
भस्म होली के बाद मंदिर में प्रसाद वितरण का कार्यक्रम का आयोजन किया गया। वहीं इस मौके पर देश के विभिन्न प्रदेशो से आए श्रद्धालु भी भस्म होली के गवाह बने। कहा कि उत्तरकाशी कलयुग की काशी कही जाती है।
कलयुग में बाबा काशी विश्वनाथ अस्सी वरुणा नदी के बीच वरुणावत पर्वत की तलहटी में निवास करेंगे। वहीं, भस्म होली के गवाह बने दिल्ली के पर्यटकों का कहना है कि उन्होंने भस्म की होली पहली बार देखी है। यह उनके जीवन का अनमोल अनुभव है। उन्होंने बाबा काशी विश्वनाथ से देश मे खुशहाली की कामना की।

Uttarakhand: उत्तराखंड के 1671 सरकारी विद्यालयों में लटका ताला, 3,573 बंद होने की कगार पर, कई स्कूलों में एक ही छात्र।

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उत्तराखंड में पटरी से उतर रही शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के भले हमेशा से दावे किए जाते रहे हो, लेकिन हालात सुधरने के बजाए बिगड़ते जा रहे हैं। विभाग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य के सरकारी स्कूल लगातार छात्रविहीन हो रहे हैं। हाल यह है कि 1,671 सरकारी विद्यालयों में ताला लटक गया है, जबकि अन्य 3573 बंद होने की कगार पर हैं।

हैरानी की बात यह है कि 102 स्कूल ऐसे हैं, जिनमें हर स्कूल में मात्र एक-एक छात्र अध्ययनरत हैं। प्रदेश में एक अप्रैल 2024 से नया शिक्षा सत्र शुरू हो रहा है, लेकिन इस सत्र के शुरू होने से पहले राज्य के कई विद्यालयों में ताला लटक गया है। शिक्षा महानिदेशालय ने हाल ही में राज्य के सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों से जिलों में बंद हो चुके विद्यालयों की रिपोर्ट मांगी थी।

जिलों से मिली रिपोर्ट के मुताबिक, सरकारी विद्यालय छात्र विहीन होने से लगातार बंद हो रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, 3,573 विद्यालयों में छात्र संख्या 10 या फिर इससे भी कम रह गई है। इसमें सबसे अधिक 785 स्कूल पौड़ी जिले के हैं, जबकि सबसे कम तीन स्कूल हरिद्वार जिले के हैं।

पौड़ी जिले में सबसे अधिक 315 स्कूल बंद-
राज्य में पौड़ी एकमात्र ऐसा जिला है, जिसमें सबसे अधिक 315 स्कूलों में ताला लटक चुका है, जबकि ऊधमसिंह नगर जिले में सबसे कम मात्र 21 स्कूल बंद हुए हैं। छात्र न होने की वजह से राज्यभर में 1,671 स्कूल बंद हो चुके हैं।

 

इतने सरकारी स्कूलों में लटका ताला
राज्य में अल्मोड़ा जिले में 197, बागेश्वर में 53, चमोली में 133, चंपावत में 55, देहरादून में 124, हरिद्वार में 24, नैनीताल में 82, पौड़ी में 315, पिथौरागढ़ में 224, रुद्रप्रयाग में 53, टिहरी गढ़वाल में 268, ऊधमसिंह नगर में 21 और उत्तरकाशी जिले में 122 स्कूलों में ताला लटक चुका है।

शिक्षा में फिनलैंड मॉडल अपनाने के दावे
प्रदेश की बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के लिए प्रयोगशाला बनी हैं। पूर्व में अटल उत्कृष्ट विद्यालय, मॉडल विद्यालय, क्लस्टर विद्यालय आदि के रूप में कई प्रयोग किए जा चुके हैं, जबकि अब शिक्षा में फिनलैंड मॉडल अपनाने का दावा किया जा रहा है। इसे लेकर मंत्री के साथ विभागीय अधिकारियों की एक टीम चार दिन फिनलैंड और स्विट्जरलैंड का दौरा कर चुकी है।

राज्य के सभी जिलों से बंद हो चुके सरकारी विद्यालयों की रिपोर्ट मांगी गई थी। बंद हो चुके विद्यालयों का इस्तेमाल आंगनबाड़ी केंद्र, होम स्टे, एएनएम सेंटर एवं पंचायतघर के रूप में किया जाएगा, जिससे उपलब्ध भवन का इस्तेमाल होने से जनता को फायदा हो।

Election 2024: तिरस्कार नहीं, सम्मान से जीने का अधिकार चाहिए, जानिए चुनाव में किन्नरों की भूमिका और क्या हैं उम्मीदें।

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उत्तराखंड में 19 अप्रैल को पहले चरण में पांचों लोस सीटों पर मतदान है। आम चुनाव में एक-एक वोट का महत्व है। चुनाव आयोग से लेकर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि हर वर्ग, धर्म, जाति और उम्र के वोटरों को मतदान के लिए प्रेरित कर रहे हैं। जागरूकता अभियान चला रहे हैं। लोकतंत्र के इस महापर्व में अगर कहीं किसी वोटर की चर्चा नहीं हो रही है, तो वह ट्रांसजेंडर (किन्नर) मतदाता हैं। किन्नर का वोट भी सामान्य वोटर की तरह सरकार बनाने में भूमिका निभाता है। उत्तराखंड में 297 किन्नर मतदाता हैं। किन्नर सरकार से क्या चाहते हैं? किन्नर अखाड़ा परिषद की आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी से अमर उजाला की खास बातचीत।

समाज में किन्नरों की क्या भूमिका है ?

किन्नर भी इंसान हैं। सामाजिक भेदभाव से किन्नर हाशिये पर हैं। उनको तिरस्कार झेलना पड़ता है। बदलते वक्त के साथ कुछ लोगों का नजरिया उनके प्रति बदला है। खासकर 2021 में हरिद्वार कुंभ मेले में किन्नर अखाड़ा के शाही स्नान और पेशवाई में लोगों ने किन्नरों को बहुत करीब से देखा और समझा है। इससे लोगों में किन्नरों के प्रति भ्रांतियां कम हुई हैं। अधिकतर लोगों की सोच अभी बदलनी बाकी है।

सरकार और राजनीतिक दलों का किन्नरों के प्रति क्या नजरिया है?

सुप्रीम कोर्ट ने किन्नरों को थर्ड जेंडर के रूप में मान्यता दी है। लोकतंत्र में एक आम वोटर की तरह मतदान का अधिकार मिला है। किन्नर सरकार चुनने में अपनी भूमिका निभाते हैं। कोई भी दल वोट मांगने उनके पास नहीं आता है। किन्नर सजग नागरिक की भूमिका निभाते खुद वोट डालने जाते हैं। सरकारों की नजर में किन्नर उपेक्षित हैं। हालांकि, सरकार ने किन्नरों को कुछ अधिकार जरूर दिए हैं, लेकिन धरातल में उनको लागू नहीं किया जाता है।

वोट के बदले नई सरकार से किन्नरों को क्या उम्मीदें हैं?

बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ की तरह सरकार को किन्नर बचाओ-किन्नर पढ़ाओ जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है। किन्नर बच्चे भी पढ़ना चाहते हैं, लेकिन उनके लिए माहौल नहीं होता। स्कूलों में शिक्षक से लेकर बाकी छात्रों के बीच भेदभाव झेलना पड़ता है। जिसके चलते किन्नर के बच्चे स्कूल छोड़ देते हैं। अशिक्षा से समाज की मुख्य धारा से कट जाते हैं। किन्नर बच्चों के लिए अलग से योजना बनाने की जरूरत है।क्या नाच-गाना ही किन्नरों का पेशा है या मजबूरी ?

कई किन्नर पढ़े-लिखे हैं। कॉरपोरेट जगत ने उनके लिए नौकरी के दरवाजे खोले हैं। कई शहरों में किन्नर नौकरी कर आम इंसान की तरह जीवन यापन कर रहे हैं। सरकार को भी चाहिए कि किन्नरों के लिए हर विभाग में नौकरी के दरवाजे खोले। उनके लिए अल्पसंख्यक कोटे का आरक्षण लागू किया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने अल्पसंख्यक का दर्जा देने के आदेश दिए भी हैं। कोई भी किन्नर अपनी मर्जी से नाच-गाना या ताली बजाकर मांगकर खाना नहीं चाहता है। वह भी सिर उठाकर समाज में जीना चाहता है।

 

किन्नरों की आबादी अधिक और वोटर संख्या कम क्यों है और क्या वजह है ?

किन्नरों की वास्तविक संख्या आयोग की मतदाता सूची की तुलना में काफी अधिक है। कुछ किन्नर जागरूकता के अभाव में अपना नाम वोटर लिस्ट में दर्ज नहीं करा पाते हैं। आयोग की ओर से किन्नरों को वोटर आईडी बनाने के लिए जागरूक भी नहीं किया जाता है, जबकि काफी संख्या में किन्नर महिला और पुरुष वोटर के रूप में दर्ज हैं।क्या किन्नर बीमार नहीं पड़ते, कहां इलाज करवाते हैं?

किन्नर भी हाड़-मांस के बने हैं और उनके शरीर में भी खून दौड़ता है। आम इंसान की तरह उनको भी बीपी, शुगर और अन्य बीमारियां होती हैं। अस्पताल में उनके साथ भेदभाव होता है। अपमानजनक शब्दों से पुकारते हैं। किन्नरों के इलाज के लिए अस्पताल में अलग व्यवस्था होनी चाहिए।

किन्नर मतदाताओं के लिए कोई पैगाम देना चाहें तो क्या कहेंगी?

मैं खुद हर चुनाव में मतदान करती हूं। अखाड़ों से जुड़े किन्नरों को इसके लिए प्रेरित करती हूं। लोस चुनाव से किन्नरों से निवेदन करूंगी कि वह मताधिकार जरूर करें। अपने अधिकार पाने के लिए वोट ही उनका सबसे बड़ा हथियार है। उम्मीद करूंगी कि आयोग भी किन्नरों की बस्ती में जाकर उनको मताधिकार का लिए जागरूक कराए।

भरतनाट्यम पोस्ट ग्रेजुएट हैं लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी-

लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ब्राह्मण परिवार से हैं। महाराष्ट्र के ठाणे में 13 दिसंबर 1978 को जन्मी लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी भरतनाट्यम में पोस्ट ग्रेजुएट हैं। पहली बार टीवी शो बिग बॉस के पांचवें सीजन में कंटेस्टेंट रहने के बाद चर्चाओं में आई। उनकी लिखी किताब ”मी हिजड़ा, मी लक्ष्मी” ने उनको देशभर में सुर्खियां दिलाई। 2021 में किन्नर अखाड़ा की आचार्य महामंडलेश्वर की पदवी पर बैठने से देश-दुनिया उनसे रूबरू हुई। लक्ष्मी नारायण 2008 में संयुक्त राष्ट्र के एशिया पैसिफिक सम्मेलन में प्रतिनिधित्व करने वाली पहली ट्रांसजेंडर हैं। वो कोरियोग्राफर और मॉडल के रूप में कार्य भी कर चुकी हैं। हिंदी, मराठी, गुजराती, बांग्ला, अंग्रेजी, जर्मन और फ्रेंच जैसी भाषा बोलती हैं।

 

Election 2024: भाजपा से अल्मोड़ा लोकसभा सीट के प्रत्याशी अजय टम्टा की 5 साल में चार गुना हो गई संपत्ति।जानिए कितनी है उनकी संपत्ति.

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भाजपा प्रत्याशी अजय टम्टा की पांच वर्ष में चल संपत्ति में चार गुना तो अचल संपत्ति दो गुना से ज्यादा बढ़ गई है। वर्ष 2019 में अजय टम्टा ने नामांकन के समय जो शपथ पत्र प्रस्तुत किए उसके अनुसार उनके पास 6,49,744 रुपये की चल संपत्ति थी जो सिर्फ पांच साल में चार गुना बढ़कर 26,58,611 पहुंच गई है। उनकी अचल संपत्ति में भी करीब 50 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।

राज्य गठन के बाद अल्मोड़ा संसदीय सीट वर्ष 2009 में पहली बार आरक्षित हुई। कांग्रेस ने प्रदीप टम्टा तो भाजपा ने अजय टम्टा को मैदान में उतारा। कड़े मुकाबले में प्रदीप टम्टा ने अजय टम्टा को हराकर संसद का सफर तय किया। इसके ठीक पांच वर्ष बाद 2014 हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा ने फिर से अजय टम्टा पर भरोसा जताते हुए उन्हें मैदान में उतारा, जिस पर वह खरे उतरे और अपने पुराने प्रतिद्वंद्वी को हरा दिया।  इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और लगातार दूसरी बार 2019 में भी जीत दर्ज की। इस चुनाव में नामांकन पत्र दाखिल करते समय उन्होंने संपत्ति का ब्योरा भी प्रस्तुत किया। इसके तहत तब उनके पास 6,49,744 और 37,31,375 रुपये कीमत की अचल संपत्ति थी। इस बार के लोकसभा चुनाव में उनकी चल संपत्ति 26,58,611 रुपये है जबकि अचल संपत्ति दो गुना से ज्यादा बढ़कर 75,40,000 रुपये हो गई है।

स्नातक भी बने अजय-


अल्मोड़ा संसदीय सीट से भाजपा प्रत्याशी अजय टम्टा ने पांच सालों में संपत्ति के साथ ही शैक्षिक योग्यता भी बढ़ाई है। उन्होंने पांच सालों के बीच स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय मेरठ से स्नातक की डिग्री भी हासिल की है। 2019 के लोकसभा चुनाव तक उनकी शैक्षिक योग्यता इंटरमीडिएट थी।  1993 में सक्रिय राजनीति में उतरने के चलते वह आगे की पढ़ाई नहीं कर सके। उन्होंने 2019 के लोकसभा चुनाव में भरे शपथ पत्र में अपनी शैक्षिक योग्यता इंटरमीडिएट दर्ज की थी। इस बार स्नातक की डिग्री के साथ वह मैदान में हैं।

संपत्ति का ब्योरा-


नकदी 10,50,000 रुपये
वाहन : मारुति स्विफ्ट डिजायर, टोयोटा फार्चूनर
जेवरात-
सोना : सात तोला
चांदी : 20 ग्राम
पत्नी की संपत्ति
सोना : 10 तोला
चांदी : 50 ग्राम
कुल चल संपत्ति की कीमत
26,58,611 रुपये,
पत्नी के नाम-10,51,877,
पुत्री के नाम-11,31,173 रुपये
अचल संपत्ति
75,40000 रुपये
बैंक ऋण-19,09,642 रुपये

अजय टम्टा ने किया नामांकन पत्र दाखिल-
अल्मोड़ा संसदीय सीट पर भाजपा प्रत्याशी अजय टम्टा ने नामांकन पत्र दाखिल किया। सादगी के साथ वह नामांकन पत्र दाखिल करने कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिला निर्वाचन अधिकारी विनीत तोमर को नामांकन पत्र सौंपा। इस दौरान उनकी पत्नी सोनम टम्टा भी मौजूद रहीं। अल्मोड़ा संसदीय सीट पर भाजपा नामांकन पत्र दाखिल करने में अव्वल रही।

पार्टी प्रत्याशी अजय टम्टा ने शुक्रवार को विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने के बाद कलेक्ट्रेट पहुंचकर नामांकन पत्र दाखिल किया। उनके साथ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या, डीडीहाट विधायक विशन सिंह चुफाल, कपकोट विधायक सुरेश गढ़िया, रानीखेत विधायक डॉ. प्रमोद नैनवाल, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष कैलाश शर्मा भी कलेक्ट्रेट पहुंचे। उनके नामांकन पत्र दाखिल करने पर सभी नेताओं के साथ ही पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं ने उन्हें बधाई दी।

Lok Sabha Election 2024: बीजेपी ने जारी की लोकसभा उम्मीदवारों की चौथी लिस्ट, जानिए किसे कहां से मिला है टिकट।

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BJP 4th Candidates Lists: लोकसभा चुनाव 2024 के लिए बीजेपी ने अपने उम्मीदवारों की एक और लिस्ट जारी कर दी है। इस लिस्ट में तमिलनाडु और पुडुचेरी के उम्मीदवारों की घोषणा की गई है। बीजेपी की इस लिस्ट में कुल 15 उम्मीदवारों के नाम हैं। इनमें से तमिलनाडु के लिए 14 नामों का एलान किया गया है।

तमिलनाडु की 39 लोकसभा सीटों पर 19 अप्रैल को मतदान होना है। साल 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को तमिलनाडु से एक भी सीट नहीं मिली थी।

बीजेपी ने कल यानी 21 मार्च को तीसरी लिस्ट में 9 उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की थी। इसमें बीजेपी तमिलनाडु के प्रदेश अध्यक्ष कप्पूसामी अन्नामलाई, केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन और तेलंगाना की पूर्व राज्यपाल तमिलसाई सौंदरराजन में शामिल हैं।

सात चरणों में होंगे लोकसभा चुनाव

बता दें कि चुनाव आयोग ने बीते शनिवार को चुनाव की तारीखों का एलान किया था। इस बार का लोकसभा चुनाव सात चरणों में होगा। पहले चरण का मतदान 19 अप्रैल को, दूसरे चरण का 26 अप्रैल, तीसरे चरण का सात मई, चौथे चरण का 13 मई, पांचवें चरण का 20 मई, छठे चरण का 25 मई और अंतिम चरण का मतदान एक जून को होगा। चार जून को नतीजे घोषित किए जाएंगे।

 

 

 

 

 

Arvind Kejriwal Arrest: आज कोर्ट में होगी अरविन्द केजरीवाल की पेशी।

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Arvind Kejriwal Arrested in Liquor Policy Case-  ईडी की टीम ने गुरुवार शाम को छापेमारी के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार कर लिया है। अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी पर रोक की मांग को लेकर लीगल टीम सुप्रीम कोर्ट भी पहुंची है। इस मामले में आज सुनवाई हो सकती है।

हाई कोर्ट से गिरफ्तारी पर रोक से इनकार के बाद गुरुवार देर शाम ईडी की टीम ने अरविंद केजरीवाल के घर पर पहुंची। करीब 2 घंटे की छापेमारी और पूछताछ के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री को जांच एजेंसी ने गिरफ्तार कर लिया। उधर शराब घोटाले के मामले में अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी पर रोक की मांग को लेकर लीगल टीम सुप्रीम कोर्ट भी पहुंची है। इस मामले में आज सुनवाई हो सकती है। वहीं, ईडी अरविंद केजरीवाल को शुक्रवार को कोर्ट में पेश करके पूछताछ के लिए हिरासत की मांग करेगी।

ED Arrest kejriwal: सुप्रीम कोर्ट में तीन जजों की बेंच करेगी सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस संजीव खन्ना, एमएम सुंदरेश और बेला त्रिवेदी की विशेष पीठ आज ईडी की गिरफ्तारी के खिलाफ अरविंद केजरीवाल की याचिका पर सुनवाई करेगी।

ED Arrest kejriwal: पुलिस ने आतिशी और अन्य प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया

आईटीओ पर प्रदर्शन कर रहे आप कार्यकर्ताओं और दिल्ली सरकार में मंत्री आतिशी व सौरभ भारद्वाज को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। इस दौरान आईटीओ पर यातायात खुलवाया जा रहा है।

ED Arrest kejriwal: हिरासत में लिए जा रहे AAP कार्यकर्ता-

दिल्ली पुलिस ने अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेना शुरू कर दिया है। मालूम हो कि आप कार्यकर्ता पार्टी कार्यालय से आइटीओ के लिए मार्च कर रहे हैं। आप कार्यकर्ताओं ने सड़क पर बैठकर आइटीओ चौक जाम कर दिया है।

Arvind Kejriwal Arrest: आईटीओ पर दिल्ली पुलिस की चेतावनी- सभी लोग यहां से चले जाएं-

आईटीओ पर दिल्ली पुलिस ने चेतावनी दी है कि आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं और अन्य लोगों को यहां से चले जाने की अपील की है। पुलिस ने कहा कि नहीं तो हमें बल प्रयोग करना पड़ेगा। दिल्ली पुलिस के अधिकारी बार-बार यह कह रहे हैं कि यहां पर धारा 144 लागू है इसलिए तुरंत यहां से चल जाएं, यहां पर लोगों के इकट्ठा होने पर मनाही है।

Liquor Scam: शराब घोटाले में कैसे शुरू हुई जांच और कितने लोग हुए अब तक गिरफ्तार? जानिये क्या है पूरा मामला।

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Delhi: केजरीवाल की याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई, कोर्ट ने ईडी से मांगा जवाब, समन के खिलाफ दी थी अर्जी।

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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ईडी द्वारा भेजे के समन को हाईकोर्ट में चुनौती दी। सीएम अरविंद केजरीवाल ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। केजरीवाल की याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई हो रही है। उन्होंने ईडी के समन को गैरकानूनी बताया है।

दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा एजेंसी द्वारा उन्हें जारी किए गए कई समन को चुनौती देने वाली याचिका पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से जवाब मांगा है। कोर्ट ने सुनवाई की तारीख 22 अप्रैल 2024 तय की है।

मंगलवार को याचिका में केजरीवाल ने तर्क रखा कि सभी समन गैरकानूनी है और निचली अदालत की ओर से उनके खिलाफ नोटिस जारी किए जाने के बावजूद ईडी व सीबीआई बार-बार समन जारी कर रही है। यह मात्र राजनीतिक रूप से जारी किए गए है।

ईडी ने निचली अदालत में कहा था कि केजरीवाल को आठ बार समन जारी किया गया, लेकिन वे इसका अनुपालन नहीं करते हुए एक बार भी पेश नहीं हुए हैं। इसको लेकर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। उस मामले में केजरीवाल अदालत में पेश होकर जमानत ले चुके हैं। केजरीवाल के खिलाफ नौवां समन हाल ही में जारी किया गया है। मजिस्ट्रेट की अदालत ने ईडी की दो शिकायतों पर समन जारी किया था। पहली शिकायत पर सुनवाई के दौरान अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट दिव्या मल्होत्रा ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि केजरीवाल ईडी के समन का सम्मान करने के लिए बाध्य हैं।

धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत समन जारी होने के बावजूद जांच में शामिल होने में बार-बार विफल रहने के बाद ईडी ने केजरीवाल के खिलाफ अदालत से शिकायत की है।

Lok Sabha Election: BJP से टिकट कटा तो क्या इस पार्टी से चुनाव लड़ेंगे वरुण गांधी?

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भारतीय जनता पार्टी ने लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में अभी तक 51 प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। सोमवार को दिल्ली में भाजपा कोर कमेटी की बैठक में यूपी की 25 सीटों पर उम्मीदवारों के चयन पर मंथन किया गया। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में हुई बैठक में भाजपा के साथ ही सहयोगियों की दी जाने वाली सीटों पर भी चर्चा की गई।

दरअसल, बरेली मंडल की तीन लोकसभा सीटों बरेली, बदायूं और पीलीभीत से भाजपा के दावेदारों को टिकट का इंतजार है। उम्मीद थी कि पार्टी की दूसरी सूची में इन सीटों पर प्रत्याशी तय हो जाएंगे, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। बुधवार को दूसरी सूची जारी होने के बाद तीनों लोकसभा क्षेत्रों में बदलाव के कयास और तेज हो गए।

इधर, पीलीभीत से पिछला चुनाव भाजपा से वरुण गांधी जीते थे। लेकिन, कुछ ही दिनों बाद से उनके तेवर बदल गए। वह कई बार अपनी ही सरकार को कटघरे में खड़े करते और उससे सवाल करते नजर आए। अभी तक इस सीट पर भाजपा ने पत्ते नहीं खोले हैं। सपा और बसपा भी अभी चुप्पी साधे हुए है।

हालांकि टिकट के लिए बढ़ते इंतजार के बीच वरुण के बोल बदले हैं। पिछले दिनों पीलीभीत को मिली सौगातों पर उन्होंने वर्चुअल कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार भी जताया था। हालांकि वरुण गांधी की ओर टिकट कटने या मिलने पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन कयास लगाए जा रहे हैं कि टिकट कटने पर वो किसी दूसरे दल से मैदान में उतर सकते हैं।

सपा से चुनाव लड़ सकते हैं वरुण गांधी-


उधर, अखिलेश यादव ने वरुण गांधी को भी टिकट देने को लेकर संकेत दिया है। उन्होंने इस पर विचार करने की बात कही है। दरअसल, लखनऊ में भाजपा सांसद वरुण गांधी को टिकट देने से संबंधित सवाल पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि इस बारे में हमारा संगठन निर्णय लेगा। प्रदेश सपा मुख्यालय पर आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में अखिलेश यादव ने यह बातें कहीं।

मेरे संपर्क में नहीं ब्रज भूषण-


इससे पहले, अखिलेश ने कैसरगंज से भाजपा सांसद बृजभूषण सिंह को टिकट देने पर भी बयान दिया था। कैसरगंज से भाजपा सांसद बृजभूषण सिंह को सपा से टिकट देने के सवाल पर अखिलेश ने कहा कि आप लोग (संवाददाता) कह रहे हो तो टिकट दे देंगे। फिर यह पूछे जाने पर कि ब्रजभूषण आपके संपर्क में हैं, उन्होंने कहा कि ब्रजभूषण सिंह मेरे संपर्क में नहीं हैं।