Category Archive : राष्ट्रीय खबर

Uttarakhand: भाजपा में टिकट दावेदारों की है लंबी कतार, कई युवा भी हैं चुनाव में ताल ठोकने को बेताब

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लोकसभा चुनाव के टिकट के लिए  भाजपा में टिकट के दावेदारों की लंबी लाइन लगी हुई है। दिग्गज नेताओं से लेकर पार्टी के युवा तक सभी चुनाव में ताल ठोकने को बेताब हैं। जब से भाजपा के हलकों में कुछ सीटों पर प्रत्याशी बदलने की अटकलों ने जोर पकड़ा है, तभी से उनकी कोशिशें तेज हो रही हैं।

जैसे-जैसे लोकसभा चुनावों का समय नजदीक आ रहा है वैसे-वैसे टिकट की दावेदारी पूरी तरह से खुलकर सामने आने लगेगी। चर्चाएं ये भी हैं कि भाजपा केंद्रीय नेतृत्व लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी चयन के मामले में भी पार्टी को एक बड़ा सरप्राइज कर सकता है। वर्तमान में राज्य की सभी पांचों लोकसभा सीटों पर भाजपा का कब्जा है। 2014 और 2019 लोक सभा चुनावों में भाजपा ने पांचों सीटों पर लगातार जीत दर्ज की है ।

अल्मोड़ा-पिथौरागढ़, टिहरी गढ़वाल और हरिद्वार लोकसभा सीट पर भाजपा ने अपने तीनों प्रत्याशियों को  रिपीट किया था। टिहरी गढ़वाल संसदीय सीट पर माला राज्य लक्ष्मी शाह, हरिद्वार में डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक और अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ लोस सीट पर अजय टम्टा सांसद हैं। 2014 में गढ़वाल लोस सीट पर मेजर जनरल बीसी खंडूरी  सांसद थे।

प्रत्याशियों में हो सकता है फेरबदल-


2019 में पार्टी ने खंडूड़ी के शिष्य तीरथ सिंह रावत को टिकट दिया और वह चुनाव जीते। नैनीताल-ऊधमसिंह नगर में 2014 में भगत सिंह कोश्यारी सांसद चुने गए थे। 2019 में उनकी इस सीट पर अजय भट्ट को उम्मीदवार बनाया गया, वह भी चुनाव जीते। अब भाजपा के राजनीतिक हलकों में यह कयास हैं कि पार्टी नेतृत्व प्रत्याशी चयन को लेकर चौंका सकता है।

ऐसे में पार्टी में यह सवाल गरमा रहा कि पार्टी नेतृत्व पांचों सीटों पर प्रत्याशी रिपीट करेगा या सभी को बदलेगा, या कुछ सीटों पर नए चेहरों को मैदान में उतारेगा। पांच में से तीन लोस सीटों पर वर्तमान सांसदों का टिकट काटे जाने की ज्यादा चर्चाएं हैं। इन चर्चाओं ने पार्टी के उन चेहरों के उम्मीदों को पंख लगाते हैं जो लोस चुनाव की दावेदारी कर रहे हैं। इनमें पार्टी के कुछ विधायक, पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व सांसद व पार्टी पदाधिकारी, युवा और महिला मोर्चा के पदाधिकारी भी शामिल हैं। टिहरी, अल्मोड़ा और हरिद्वार सीटों से तो प्रदेश संगठन को टिकट के लिए आवेदन तक मिल चुके हैं।
लोकसभा चुनाव में भाजपा जीत की हैट्रिक लगाएगी। पार्टी में उम्मीदवारों का निर्णय केंद्रीय संसदीय बोर्ड करता है। यह बात सही है कि कुछ कार्यकर्ताओं ने विभिन्न सीटों पर टिकट की दावेदारी के आवेदन दिए हैं। महेंद्र भट्ट, प्रदेश अध्यक्ष- भाजपा

उत्तराखंड में बिजली दरों में बढ़ोतरी के प्रस्ताव पर 19 फरवरी से होगी जनसुनवाई, 1 अप्रैल से लागू होंगी बिजली की नई दरें।

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उत्तराखंड प्रदेश में बिजली दरों में बढ़ोतरी के प्रस्ताव पर अब उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग यानी UPCL 19 फरवरी से जनसुनवाई शुरू करने जा रहा है। गढ़वाल मंडल में दो और कुमाऊं मंडल में दो शहरों में सुनवाई के बाद आयोग अपना निर्णय लेगा और जल्द ही नई विद्युत दरें 1 अप्रैल से लागू हो जाएंगी।

आयोग सचिव नीरज सती ने बताया कि देहरादून के अलावा अल्मोड़ा, टिहरी गढ़वाल और रुद्रपुर में जनसुनवाई होगी। इसमें कोई भी उपभोक्ता शामिल होकर अपना पक्ष रख सकता है। हितधारकों को भी यहां सुनवाई का मौका दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि जनसुनवाई के बाद आयोग बैठक करेगा और विद्युत दरों पर अपना अंतिम निर्णय लेगा।

कहां और कब होगी जनसुनवाई-

19 फरवरी की सुबह 10:30 से दोपहर एक बजे तक – सभागार, नगर पालिका, माल रोड, अल्मोड़ा

20 फरवरी को , सुबह 10 से दोपहर 1 बजे तक – सभागार, विकास भवन, नैनीताल रोड, रुद्रपुर, ऊधमसिंह नगर

24 फरवरी को , सुबह 11 से दोपहर 1:30 बजे तक – सभागार, जिला पंचायत परिसर, बौराड़ी, नई टिहरी

26 फरवरी को , सुबह 10:30 से दोपहर 1:30 बजे तक- सुनवाई कक्ष, विद्युत नियामक आयोग, निकट आईएसबीटी, माजरा, देहरादून में होगी

तीनों ऊर्जा निगमों से है 30 फीसदी बढ़ोतरी का प्रस्ताव-

प्रदेश के तीनों ऊर्जा निगमों ने नियामक आयोग को अगले वित्तीय वर्ष के लिए जो याचिका भेजी हैं, उसके हिसाब से बिजली उपभोक्ताओं पर 30 प्रतिशत तक बोझ बढ़ सकता है। यूपीसीएल ने विद्युत दरों में 23 से 27 प्रतिशत बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया है। यूजेवीएनएल ने पिछले साल के मुकाबले अपने टैरिफ (जिस दर पर वह यूपीसीएल को बिजली देता है) में करीब 23 प्रतिशत बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया है।

इस प्रस्ताव के हिसाब से यूपीसीएल के टैरिफ पर 1.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो जाएगी। यानी इसे जोड़कर यूपीसीएल के टैरिफ में 24.5 से 28.5 प्रतिशत बढ़ोतरी हो जाएगी। पिटकुल ने ट्रांसमिशन चार्जेज और अन्य रखरखाव के मद्देनजर पिछले साल के मुकाबले इस साल करीब 48 प्रतिशत बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया है। अगर आयोग इस प्रस्ताव को मानता है तो यूपीसीएल के टैरिफ में इससे करीब 1.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो जाएगी। यानी तीनों निगमों का कुल मिलाकर प्रस्ताव 26 से 30 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा। इस प्रस्ताव पर ही नियामक आयोग को इस बार निर्णय लेना होगा।

Badrinath Dham: 12 मई को खुलेंगे बद्रीनाथ धाम के कपाट, बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर घोषित की गई तिथि

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बदरीनाथ धाम के कपाट 12 मई को ब्रह्ममुहुर्त में सुबह 6 बजे खुलेंगे। आज बसंत पंचमी के अवसर पर नरेंद्रनगर (टिहरी) स्थित राजदरबार में कपाट खुलने की तिथि घोषित की गई।

बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि तय करने की प्रक्रिया के लिए गाडूघड़ा (तेल-कलश) श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर डिम्मर से मंगलवार शाम श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के चंद्रभागा स्थित विश्राम गृह पहुंच गया था। जहां श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति सहित श्रद्धालुओं ने तेल-कलश का स्वागत किया।

बीकेटीसी के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने बताया कि श्री डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत की ओर से गाडूघड़ा राजमहल को सौंपा गया। इसके बाद राजमहल से गाडूघड़ा में तिल का तेल पिरोया गया।

श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने से पूर्व तिल का तेल पिरोने के बाद गाडूघड़ा नरेंद्रनगर राजदरबार से डिम्मर होते हुए श्री नृसिंह मंदिर, योग बदरी पांडुकेश्वर से श्री बदरीनाथ धाम पहुंचाया जाएगा। कपाट खुलने के बाद यह तेल-कलश भगवान बदरी विशाल के नित्य अभिषेक के लिए प्रयोग में लाया जाएगा।

Haldwani Violence: बनभूलपुरा मामले में घायल एक और व्यक्ति की मौत, सिर के आर-पार हो गई थी गोली, 2 की हालत गंभीर।

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हल्द्वानी के बनभूलपुरा में गुरुवार शाम को अतिक्रमण हटाने को लेकर हुए बवाल के बाद प्रशासन ने उपद्रवियों के पैर में गोली मारने के आदेश जारी किए थे। हल्द्वानी हिंसा में पांच लोगों की गोली लगने से मौत हो गई थी, जबकि तीन लोगों का एसटीएच में इलाज चल रहा है। इनमें दो की हालत गंभीर बनी हुई है। आज एक की मौत हो गई है। इशरार के सिर में गोली लगी थी जो आर-पार हो गई थी। वहीं एसएसपी ने कहा कि मास्टरमाइंड अब्दुल मलिक को जल्द अरेस्ट किया जाएगा।

मिली जानकारी के अनुसार, आठ फरवरी को हिंसा के दौरान घायल हुए बनभूलपुरा निवासी अलबसर, इसरार और शाहनवाज को इलाज के लिए अस्पताल लाया गया था। तीनों की हालत गंभीर थी। इसरार के सिर में गोली लगी थी जो आर-पार हो गई थी और इलाज के दौरान आज उसकी मौत हो गई है।

एसएसपी प्रहलाद नारायण मीणा ने कहा कि बनभूलपुरा दंगे में अब तक कुल छह लोगों की मौत हुई है। वहीं, कर्फ्यू क्षेत्र में आवश्यक सेवाएं सुचारू की गई है। आगजनी करने वालों को चिन्हित किया जा रहा। पुलिस दंगाइयों को पकड़ने का काम कर रही है।

Farmers Protest: शंभू बॉर्डर पर बवाल, दागे गए आंसू गैस के गोले; जानिये नेताओं की प्रतिक्रियाएं.

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शंभू बॉर्डर पर हो रहे किसानों के प्रदर्शन को लेकर तमाम तरह की राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आने लगी है। पुलिस लगातार किसानों को रोकने का प्रयास कर रही है। किसान प्रदर्शनकारियों ने पुल पर लगे सभी बैरिकेड को तोड़ दिया। किसानों का प्रदर्शन लगातार बढ़ता जा रहा है। किसानों पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे । पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी इसको लेकर निंदा की है।

किसानों पर हो रहा है अत्याचार- ममता बनर्जी 

ममता बनर्जी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट पर साझा करते हुए कहा कि हमारा देश कैसे प्रगति कर सकता है, जब बुनियादी अधिकारों के लिए लड़ने वाले किसानों पर आंसू गैस के गोलों से हमला किया जाता है। मैं इस तरह के कृत्य को लेकर भाजपा की कड़ी निंदा करती हूं। उन्होंने कहा कि किसानों के विरोध को दबाने के बजाए, भाजपा को अपने बढ़े हुए अहंकार, सत्ता की भूखी महत्वाकांक्षाओं और अपर्याप्त शासन को कम करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

गौरतलब है कि हरियाणा पुलिस ने किसान प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले दागे। अंबाला के पास शंभू में पंजाब के साथ राज्य की सीमा पर लगाए गए बैरिकेड्स को तोड़ने की कोशिश की गयी। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कानून की मांग कर रहे किसानों ने दिल्ली की ओर मार्च किया। संयुक्त किसान मोर्चा और किसान मजदूर मोर्चा ने घोषणा की थी कि किसान फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी (एमएसपी) की गारंटी के लिए कानून बनाने समेत अपनी मांगों पर जोर देने के लिए मंगलवार को दिल्ली जाएंगे।

मोदी सरकार की विफलता का है यह प्रमाण-असदुद्दीन ओवैसी


किसानों के ‘दिल्ली चलो’ मार्च पर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है।  उन्होंने कहा कि यह मोदी सरकार की विफलता है। उन्हें एमएसपी के लिए कानूनी गारंटी की किसानों की मांग पूरी करनी चाहिए थी। दूसरी मांग स्वामीनाथन समिति के फॉर्मूले को लागू करना है। मुझे तो समझ ही नहीं आ रहा कि आखिर सरकार समय क्यों बर्बाद कर रही है। आप उन्हें ऐसे रोक रहे हैं जैसे किसी पड़ोसी देश की सेना आ रही हो। उनकी मांगों को देश के प्रधानमंत्री को तुरंत स्वीकार करना चाहिए।

 

 

Farmers Protest: किसानों के आंदोलन से सब्जियों की कीमतों में आ सकता है भारी उछाल, आम लोगों पर पड़ सकती है महंगाई की मार.

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न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की गारंटी को लेकर कानून बनाने समेत विभिन्न मांगों के लिए पंजाब-हरियाणा और उत्तर प्रदेश के किसानों ने राष्ट्रव्यापी विरोध-प्रदर्शन की पूरी तैयारी कर ली है। किसान संगठन दिल्ली की सीमाओं पर दिखना शुरू हो गए हैं। वे अपनी मांगों के लिए केंद्र पर दबाव बनाने के लिए सड़कों पर उतर रहे हैं।

किसान आंदोलन (Farmers Protest) के कारण सब्जियों की कीमतों में तेज बढ़ोतरी हो सकती है। किसानों को दिल्ली में प्रवेश करने से रोकने के लिए यूपी गेट सहित सभी मुख्य मार्गों पर बाड़ेबंदी कर दी गई है, जिससे दिल्ली आने-जाने में परेशानी हो गई है। इसका सीधा असर सब्जियों की सप्लाई और इसकी कीमतों पर पड़ सकता है। पिछली बार भी किसान आंदोलन के कारण सब्जियों की कीमतों में बढ़ोतरी हुई थी।

सब्जी विक्रेता विनोद कुमार ने अमर उजाला को बताया कि वे गाजीपुर सब्जी मंडी से सब्जियां लेकर पूर्वी दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में बेचते हैं। अब तक गाजीपुर से बाजार तक सब्जी ले जाने के लिए दो सौ से तीन सौ रुपये के बीच ऑटो मिल जाते थे, लेकिन आज की स्थिति देखते हुए उन्हें पांच सौ रुपये देने पड़ रहे हैं। पहले तो ऑटो आने के लिए तैयार नहीं हो रहे हैं क्योंकि उन्हें मंडी में आने के लिए और वापसी के समय लंबा इंतजार करना पड़ रहा है, इसलिए वे ज्यादा किराया मांग रहे हैं।

गाजीपुर सब्जी मंडी में मेरठ, मुजफ्फरनगर, हापुड़, गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा से भी सब्जियां बिकने के लिए आती हैं। लेकिन आने-जाने की इस परेशानी के कारण अब उनका किराया भी बढ़ जाएगा। इसका सीधा असर सब्जियों की कीमतों पर पड़ सकता है। इसी तरह हरियाणा से सिंधु बॉर्डर के जरिए सब्जियों की आवक पर असर पड़ सकता है। यहां से गोभी, मिर्च, पालक जैसी हरी सब्जियां दिल्ली में पहुंचती हैं। इसका सीधा असर कीमतों के रूप में देखने को मिल सकता है।

यमुना एक्सप्रेसवे, कालिंदी कुंज बॉर्डर के रास्ते से भी दिल्ली-एनसीआर के आसपास के इलाकों से सब्जियां दिल्ली के आजादपुर सब्जी मंडी, केशोपुर सब्जी मंडी और गाजीपुर सब्जी मंडी में सब्जियां पहुंचती हैं। किसानों के प्रतिबंध का असर इन पर पड़ना तय माना जा रहा है। इसकी असली कीमत आम उपभोक्ताओं को चुकानी पड़ सकती है।

हल्द्वानी हिंसा और कर्फ्यू से पर्यटन पर बड़ा असर, होटलों में 50 प्रतिशत बुकिंग हुई रद्द, जानिए क्या हैं हालात।

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हल्द्वानी में हुई हिंसा और कर्फ्यू का असर नैनीताल के पर्यटन पर पड़ा है। होटल और रिजॉर्ट में सप्ताहांत और वैलेंटाइन वीक के लिए जिन सैलानियों ने एडवांस बुकिंग कराई थी वे उसे कैंसिल करने लगे हैं। होटल संचालकों के अनुसार करीब 50 फीसदी एडवांस बुकिंग कैंसिल हो गई है।

उत्तराखंड से बाहर के सैलानी होटल कारोबारियों से हिंसा और कर्फ्यू का अपटेड भी ले रहे हैं। शुक्रवार को शहर और यहां के पिकनिक स्पॉटों में सैलानियों की आवाजाही कम रही। ऐसे में इस सप्ताहांत (शनिवार व रविवार) के साथ-साथ वैलेंटाइन वीक का पर्यटक सीजन प्रभावित होने के आसार हैं। पर्यटन कारोबारियों का कहना है कि अब नहीं लगता कि सप्ताहांत और वैलेंटाइन के मौके पर सैलानी नैनीताल पहुंचेंगे।

बाहरी इलाकों से कर्फ्यू हटाया गया-

उत्तराखंड के हल्द्वानी के बनभूलपुरा इलाके में कर्फ्यू जारी है। हालांकि बाहरी इलाकों से कर्फ्यू हटा दिया गया है। बनभूलपुरा में ही धार्मिक स्थल तोड़ने पर भीड़ ने गुरुवार को आगजनी और तोड़फोड़ की थी। हल्द्वानी के बनभूलपुरा हिंसा मामले में पुलिस ने एसओ मुखानी, सहायक नगर आयुक्त और एसओ बनभूलपुरा की तहरीर पर 18 नामजद समेत पांच हजार उपद्रवियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। घटनास्थल और आसपास के इलाके से पांच शव बरामद कर लिए गए हैं। पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में लेकर सीसीटीवी फुटेज और वीडियो रिकॉर्डिंग कब्जे में ले ली है।

हल्द्वानी हिंसा के बाद कम आए सैलानी
हल्द्वानी में हुई हिंसा की खबर सुर्खियों में रही है। जिसका असर यह हुआ कि वीकेंड पर नैनीताल आने वाले सैलानी इस बार नहीं आए। बृहस्पतिवार को चुंगी से दो से ढाई सौ गाड़ियां पास हुई थी जबकि शुक्रवार को यह संख्या बमुश्किल सौ का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाई। 

कैंसिल हो रही है बुकिंग-
हल्द्वानी की हिंसा ने वीकेंड और वैलेंटाइन वीक का पर्यटन कारोबार ठप कर दिया है। चौबीस घंटे में नैनीताल के होटलों में 50 फीसदी एडवांस बुकिंग कैंसिल हो चुकी है। 

कुछ दिनों से पर्यटन कारोबार मंदा चल रहा था लेकिन बीते एक दो दिन से सैलानियों की आवाजाही बढ़ने लगी थी। हिंसा और कर्फ्यू की खबर मिलने के बाद जो सैलानी नैनीताल पहुंचे भी थे वे शुक्रवार की सुबह से ही लौटने लगे हैं। कई सैलानियों ने होटलों में एडवांस बुकिंग भी कैंसिल करा दी है। 

भारी हिंसा के बाद शुक्रवार को शांत रहा शहर-

बृहस्पतिवार को हल्द्वानी के बनभूलपुरा इलाके में हुई भारी हिंसा के बाद शुक्रवार को शहर शांत रहा। कर्फ्यू का संबंधित क्षेत्र में सख्ती से पालन कराया गया जबकि शेष शहर में वाहनों की आवाजाही होती रही और दुकानें बंद रहीं। दोपहर करीब 12 बजे मुख्य सचिव राधा रतूड़ी और डीजीपी अभिनव कुमार बनभूलपुरा पहुंचे और थाने का जायजा लिया।

 

MP News: 1 राज्यसभा सीट के लिए कांग्रेस में उठापटक, कमलनाथ ने सोनिया गांधी से मिलकर जताई ये इच्छा।

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मध्यप्रदेश से राज्यसभा की 5 सीटें खाली हो रही हैं। इनमें से 4 भाजपा और एक सीट कांग्रेस को जाएगी। कांग्रेस में इस एक सीट के लिए एक अनार सौ बीमार जैसी स्थिति है। पूर्व सीएम कमलनाथ से लेकर पीसीसी चीफ जीतू पटवारी और पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव तक कई दिग्गजों के नाम इस एक सीट के लिए चल रहे हैं.

मध्यप्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता  कमलनाथ ने कल यानी शुक्रवार को दिल्ली में कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की। कमलनाथ ने सोनिया गांधी से खुद के लिए राज्यसभा के टिकट की मांग की है। दरअसल, मध्यप्रदेश से राज्यसभा की 5 सीटें खाली हो रही हैं। इनमें से चार भाजपा और एक सीट कांग्रेस को जाएगी।  पूर्व सीएम कमलनाथ से लेकर पीसीसी चीफ जीतू पटवारी और पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव तक कई दिग्गजों के नाम इस एक सीट के लिए चल रहे हैं, हालांकि कांग्रेस के पिछड़ा वर्ग कार्ड के चलते इन नामों में अरुण यादव का दावा सबसे मजबूत माना जा रहा है। इस बीच 13 फरवरी को कमलनाथ ने कांग्रेस विधायकों को डिनर पर बुलाया है।

अपने बेटे नकुलनाथ को छिंदवाड़ा से लड़ाने का एलान कर चुके कमलनाथ खुद के लिए राज्यसभा चाहते हैं। कमलनाथ के करीबी सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस आलाकमान अगर किसी पिछड़ा, ओबीसी या एससी-एटी को राज्यसभा देने की वकालत करता है, तो कमलनाथ आखिरी मौके में अपने करीबी पूर्व सांसद सज्जन (एससी) पर दांव लगा सकते हैं। इसके पहले कमलनाथ ने कहा था कि उनके बेटे नकुल एआईसीसी द्वारा सीट के लिए नामांकित किए जाने के बाद आगामी चुनाव में मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगे। कमलनाथ का बयान नकुल के बयान के एक दिन बाद आया था, जो वर्तमान में छिंदवाड़ा लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं, उन्होंने घोषणा की थी कि वह आगामी चुनावों में इस सीट से फिर से चुनाव लड़ेंगे। हालांकि बाद में कमलनाथ ने इस विषय पर सफाई भी दी थी।

जम्मू-कश्मीर से जुड़े 3 विधेयक राज्यसभा में हुए पारित, जानिए किन कानूनों में क्या बदलाव किया गया.

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राज्यसभा में शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर से जुड़े तीन विधेयकों को पारित किया गया है, जो स्थानीय निकायों में अन्य पिछड़ा वर्ग को आरक्षण देने और केंद्र में अनुसूचित जाति और जनजाति की सूची को संशोधित करने का प्रावधान करते हैं। जम्मू और कश्मीर स्थानीय निकाय कानून (संशोधन) विधेयक, 2024 और संविधान (जम्मू और कश्मीर) अनुसूचित जाति आदेश (संशोधन) विधेयक, 2024 और संविधान (जम्मू और कश्मीर) अनुसूचित जनजाति आदेश (संशोधन) विधेयक, 2024 इस सप्ताह की शुरुआत में लोकसभा द्वारा पारित किया गया था।
जम्मू-कश्मीर स्थानीय निकाय कानून(संशोधन) विधेयक, 2024 पारित

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने जम्मू और कश्मीर स्थानीय निकाय कानून(संशोधन) विधेयक, 2024 पेश किया गया था। जिसमें केंद्र शासित प्रदेश में स्थानीय निकायों में ओबीसी को आरक्षण देने की बात कही गई थी। शुक्रवार को राज्यसभा ने जम्मू और कश्मीर स्थानीय निकाय कानून (संशोधन) विधेयक, 2024 पारित किया है। विधेयक जम्मू और कश्मीर पंचायती राज अधिनियम, 1989 (1989 का IX), जम्मू और कश्मीर नगरपालिका अधिनियम, 2000 और जम्मू-कश्मीर नगर निगम अधिनियम, 2000 में संशोधन करता है। लोकसभा में यह विधेयक पहले ही पारित हो चुका है।

संविधान (जम्मू-कश्मीर) अनुसूचित जाति आदेश (संशोधन) विधेयक, 2024 पारित

सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री वीरेंद्र कुमार ने संविधान (जम्मू और कश्मीर) अनुसूचित जाति आदेश (संशोधन) विधेयक, 2024 को पेश किया था, जो अनुसूचित जाति की सूची में वाल्मीकि  समुदाय को जोड़ता है। विधेयक 1956 के संविधान (जम्मू और कश्मीर) अनुसूचित जाति आदेश में संशोधन करता है, जो जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में अनुसूचित जाति मानी जाने वाली जातियों को सूचीबद्ध करता है। शुक्रवार को राज्यसभा में विधेयक पारित किया गया। यह विधेयक पहले लोकसभा में पारित हो चुका था।

संविधान (जम्मू-कश्मीर) अनुसूचित जनजाति आदेश (संशोधन) विधेयक, 2024 पारित

केंद्रीय जनजातीय मामलों और कृषि और किसान कल्याण मंत्री ने संविधान (जम्मू-कश्मीर) अनुसूचित जनजाति आदेश (संशोधन) विधेयक, 2024 पेश किया था, जो अनुसूचित जनजातियों के लिए अलग सूची बनाने के लिए संविधान (जम्मू और कश्मीर) अनुसूचित जनजाति आदेश 1989 में संशोधन का प्रावधान करता है। शुक्रवार को राज्यसभा ने इस विधेयक को पारित किया है। यह विधेयक पहले लोकसभा में पारित हो चुका था।

हल्द्वानी में बवाल: CM धामी ने बुलाई बैठक, शहरभर में लगा कर्फ्यू, देखते ही गोली मारने के दिए आदेश.

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हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र में गुरुवार को बवाल हो गया। मलिक के बगीचे में अवैध कब्जे तोड़ने गई नगर निगम और पुलिस की टीम पर स्थानीय लोगों ने पथराव किया । इस दौरान 20 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए।  पथराव के बाद शुरू हुई हिंसा आसपास के कई इलाकों में फैल गई। जिसके बाद दंगाइयों ने बनभूलपुरा थाना फूंक दिया है। मामले का संज्ञान लेते हुए सीएम धामी ने उच्च स्तरीय बैठक बुलाई. दिए. जिसमें सीएम ने अराजक तत्वों से सख्ती से निपटने के निर्देश दिए

वहीं, नैनीताल डीएम ने शहर में कर्फ्यू लगा दिया है। दंगाइयों को देखते ही गोली मारने के आदेश दिए गए है।
सीएम ने दिए सख़्ती से निपटने के निर्देश-
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी के बनभूलपुरा में अवैध निर्माण को हटाये जाने के दौरान पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारियों एवं कर्मियों पर हुए हमले तथा क्षेत्र में अशांति फैलाने की घटना को गंभीरता से लिया है। सीएम ने सभी संबंधित अधिकारियों को क्षेत्र में शांति एवं कानून व्यवस्था सुनिश्चित किये जाने के सख्त निर्देश भी दिये है।

CM धामी ने की स्थिति की समीक्षा-सीएम ने इस संबंध में गुरुवार शाम मुख्यमंत्री आवास में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, पुलिस महानिदेशक अभिनव कुमार और अन्य उच्चाधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों से शान्ति बनाये रखने की अपील करते हुए अराजक तत्वों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही के निर्देश दिये है। सीएम ने कहा कि इस घटना के दोषियों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही कर क्षेत्र में शांति व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिये कि प्रदेश में किसी को भी कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने की छूट नहीं दी जानी चाहिए।

दंगाइयों को देखते ही गोली मारने के दिए निर्देश-

सीएम ने स्पष्ट निर्देश दिये कि प्रदेश में किसी को भी कानून व्यवस्था से खिलवाड करने की छूट नहीं दी जानी चाहिए। प्रशासनिक अधिकारी निरंतर क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिये प्रयासरत रहे। डीएम वंदना ने फ़ोन पर सीएम धामी को अवगत कराया कि अशान्ति वाले क्षेत्र बनभूलपुरा में कर्फ्यू लगाया गया है तथा स्थिति को सामान्य बनाये रखने के लिये दंगाइयों को देखते ही गोली मारने के आदेश दिये गये है।