Category Archive : राज्य

चमोली में नाबालिग से छेड़छाड़ का मामला, नंदानगर में धारा 163 लागू, गोपेश्वर में रैली, 500 लोगों पर हुआ मुकदमा दर्ज।

285 Minutes Read -

उत्तराखंड के चमोली में दूसरे समुदाय के युवक द्वारा नाबालिग से छेड़छाड़ का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। आज नंदानगर बाजार क्षेत्र के 200 मीटर की परिधि में प्रशासन ने धारा 163 (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023) लागू कर दी है।

 

साथ ही एक विवादित स्थल पर तोड़फोड़ करने पर 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ नंदानगर पुलिस थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जबकि सोमवार को 300 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज हुए थे। अभी तक 500 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज हुए हैं।

 

उधर, गोपेश्वर में रैली निकाली गई। रामलीला मैदान से मंदिर मार्ग होते हुए रैली बस अड्ड पहुंची। यहां  हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। मामला बढ़ता देख यहां भारी पुलिस फोर्स तैनात तैनात की गई है। एसपी सर्वेश पंवार भी मौके पर पहुंचे हैं। लोगों ने डीएम से एक सप्ताह में सभी बाहरी लोगों का सत्यापन करने और आपराधिक परवर्ती वाले लोगों को बाहर करने की मांग।
लोगों ने आज भी नंदानगर में चक्काजाम  किया है। साथ ही बाजार पूर्ण रूप से बंद किया है। पुलिस की ओर से भी लाउडस्पीकर से लोगों को धारा 163 के तहत कहीं भी समूह में खड़े नहीं होने की हिदायत दी जा रही है।
जगह-जगह पर पुलिस के जवान तैनात किए गए हैं। पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार सहित जनपद के अन्य पुलिस अधिकारी नंदानगर में कैंप लगाए हैं। हालांकि पुलिस ने पुलिस ने आरोपी आरिफ खान (26) निवासी ग्राम सोफतपुर थाना नांगल जिला बिजनौर को रविवार रात को बिजनौर से गिरफ्तार कर लिया है। लेकिन लोग आरोपी युवक के सहयोगी साहिद, अहमद हसन और अयूब की गिरफ्तारी की मांग उठा रहे हैं।
बता दें कि नंदानगर में सैलून चलाने वाले युवक आरिफ ने क्षेत्र की एक नाबालिग को अश्लील इशारे किए थे। इसकी जानकारी लगने पर रविवार को नंदानगर में खूब बवाल हुआ था। गुस्साई भीड़ ने आरोपी समेत विशेष समुदाय के लोगों की सात दुकानों में तोड़फोड़ कर पूरे दिन बाजार बंद रहा।
सोमवार को भी नंदानगर बाजार बंद रहा और वाहनों का भी चक्का जाम किया गया। बारिश के बावजूद गांवों से महिलाएं व पुरुष नंदानगर पहुंचे और धरना प्रदर्शन किया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नगर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

Modi Cabinet: किसानों के लिए सरकार ने किए 7 बड़े ऐलान, 13966 करोड़ रुपये की योजनाओं को मिली मंजूरी।

408 Minutes Read -

मोदी कैबिनेट ने आज किसानों के लिए बड़ी घोषणा करते हुए 13,966 करोड़ रुपये की कुल लागत वाली 7 योजनाओं को मंजूरी दी। सरकार ने कहा कि किसानों के जीवन को बेहतर बनाने और उनकी आय बढ़ाने के उद्देश्य से यह फैसले लिए गए हैं।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बैठक में कृषि से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा देने और देश भर में खाद्य सुरक्षा बढ़ाने के लिए सात महत्वपूर्ण निर्णयों को मंजूरी दी। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सरकार के इस फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि ये उपाय कृषि क्षेत्र को समर्थन देने, सतत विकास को बढ़ावा देने और सभी नागरिकों के लिए भोजन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए डिजाइन किए गए हैं।

इन योजनाओं की दी गई मंजूरी-

  • डिजिटल कृषि मिशन: अश्विनी वैष्णव ने फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि पहला अहम निर्णय है डिजिटल कृषि मिशन। इसे कृषि के लिए डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे की संरचना की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है। कुछ अच्छे पायलट प्रोजेक्ट शुरू किए गए हैं और हमने सफलता हासिल की है, कुल 20,817 करोड़ रुपये के निवेश के साथ, डिजिटल कृषि मिशन स्थापित किया जाएगा।
  • खाद्य एवं पोषण सुरक्षा के लिए फसल विज्ञान: दूसरा अहम निर्णय है खाद्य और पोषण सुरक्षा के लिए फसल विज्ञान को बढ़ावा देना। इसके तहत 3979 करोड़ रुपये की लागत से किसानों को जलवायु परिवर्तन के हिसाब से फसल उगाने करने के लिए तैयार किया जाएगा और 2047 तक खाद्य सुरक्षा मिलेगी।
  • कृषि शिक्षा, प्रबंधन और सामाजिक विज्ञान को सुदृढ़ बनाना: केंद्र सरकार ने कृषि शिक्षा, प्रबंधन और सामाजिक विज्ञान को मजबूत करने के लिए भी 2,291 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी है। इसके तहत कृषि छात्रों और शोधकर्ताओं को वर्तमान चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार किया जाएगा।
  • सतत पशुधन स्वास्थ्य और उत्पादन: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पशुधन और डेयरी से किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से सतत पशुधन स्वास्थ्य और उत्पादन के लिए 1,702 करोड़ रुपये की योजना मंजूर की है। इसके तहत पशु स्वास्थ्य प्रबंधन और पशु चिकित्सा शिक्षा एवं डेयरी उत्पादन और प्रौद्योगिकी विकास को बढ़ावा दिया जाएगा।
  • बागवानी का सतत विकास: केंद्र ने बागवानी पौधों से किसानों की आय में वृद्धि करने के लिए बागवानी का सतत विकास करने के उद्देश्य से 860 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।
  • कृषि विज्ञान केंद्र का सुदृढ़ीकरण: केंद्र सरकार ने कृषि विज्ञान केंद्र के सुदृढ़ीकरण के लिए 1,202 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।
  • प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन: प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन के लिए भी 1,115 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।

 

Fake Registry Scam: उत्तराखंड समेत इन 5 राज्यों में ED की छापेमारी, इस बड़े घोटाले से जुड़े हैं तार, भू-माफिया समेत कई के ठिकानों पर पहुंची टीम.

370 Minutes Read -

उत्तराखंड में हुए अब तक के सबसे बड़े ‘फर्जी रजिस्ट्री घोटाला’ मामले में उत्तराखंड समेत देश के पांच राज्यों में ईडी की कार्रवाई जारी है। ईडी सभी जगह सर्च ऑपरेशन चला रही है। देहरादून में भी ED की छापेमारी जारी है। सूत्रों के मुताबिक जांच एजेंसी द्वारा दिल्ली, उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड, असम, पंजाब के लुधियाना सहित कुल डेढ़ दर्जन लोकेशन पर सर्च ऑपरेशन चला रही है।

यह कार्रवाई कई भू माफिया, रजिस्ट्री कार्यालय में कार्यरत सरकारी कर्मचारी -अधिकारी, सरकारी वकील सहित कुछ बिल्डर के लोकेशन पर चल रही है।

ये था मामला-

बता दें कि जुलाई 2022 में देहरादून फर्जी रजिस्ट्री घोटाला सामने आया था। इस मामले में पुलिस 18 मुकदमे दर्ज कर चुकी है। वहीं, 20 से ज्यादा आरोपी जेल में बंद हैं। वहीं, दो बड़े अधिवक्ता भी इस मामले में आरोपी हैं।

रजिस्ट्री घोटाले से जुड़े हैं तार-

बताया जा रहा है कि इस छापेमारी के तार देहरादून में हुए रजिस्ट्री घोटाले से जुड़े हुए हैं। राज्य के सबसे बड़े रजिस्ट्री घोटाले में कई बड़े भूमाफिया शामिल हैं। कई अन्य राज्यों के भूमाफियाओं की भी इस केस में मिलीभगत की आशंका है। ऐसे में ईडी ने इस मामले में पुख्ता इनपुट के बाद कार्रवाई की है।

 

 

Uttarakhand: चमोली के पगनो गांव में बारिश का कहर, मलबा आने से 4 मकान क्षतिग्रस्त, कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी.

322 Minutes Read -

उत्तराखंड के कई जिलों में भारी बारिश का कहर जारी है. चमोली के पगनो गांव में बारिश ने कहर बरपाया हुआ है. गुरुवार देर रात को मूसलाधार बारिश के बाद मलबा आने से 4 मकान और 2 गौशाला क्षतिग्रस्त हो गए. ग्रामीण किसी तरह अपनी जान बचाकर वहां से बाहर निकल आए.

पगनो गांव में मलबा आने से चार मकान क्षतिग्रस्त-

गुरुवार की रात को पगनो गांव में मलबा आने से 2 गौशाला और 4 मकान क्षतिग्रस्त हो गए. किसी तरह ग्रामीण अपनी जान बचाकर इधर-उधर भागे. आपको बता दें कि लगातार पिछले तीन साल से पगनो गांव में भूस्खलन हो रहा है जिससे गांव के 53 परिवार खतरे के साए में जी रहें हैं. गांव के लोगों में दहशत का माहौल है. ग्रामीणों का कहना है कि देर रात बारिश के बाद अचानक घरों में तेजी से मलबा आ घुसा.

दहशत में ग्रामीण-

ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के चलते लगातार मलबा गांव में आ रहा है जिसके कारण खेत और रास्ते मलबे से भरे हुए हैं. लोगों का कहना है कि रात को यदि बारिश होती है तो सभी लोग दहशत में आ जाते हैं.

इन जिलों में अलर्ट जारी-

मौसम निदेशक के अनुसार शुक्रवार को देहरादून, रुद्रप्रयाग, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी, पिथौरागढ़, बागेश्वर, चंपावत और नैनीताल जिले में कहीं-कहीं गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने और बारिश के तीव्र दौर की संभावना है. मौसम वैज्ञानिकों ने इन जिलों के लिए बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है. जबकि उत्तरकाशी, चमोली, अल्मोड़ा, ऊधमसिंह नगर और हरिद्वार जिले में हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान है.

 

मानसून का कहर: केदारघाटी में मलबे में दबने से 4 श्रमिकों की मौत, रेस्क्यू टीम ने बरामद किए शव.

294 Minutes Read -

उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश ने प्रदेश में कहर बरपाया हुआ है. केदारनाथ हाईवे के फाटा के पास भारी बारिश के चलते मलबे में दबने से चार नेपाली मूल के मजदूरों की मौत हो गई. घटना की सूचना पर रेस्क्यू टीम ने मौके पर पहुंचकर श्रमिकों के शव बरामद कर लिए हैं.

 

केदारघाटी में मलबे में दबे 4 श्रमिक-

भारी बारिश के कारण प्रदेश के अलग-अलग जिलों से भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही है. प्रशासन की ओर से मिली जानकारी के अनुसार लगातार हो रही भारी बारिश के चलते 22 अगस्त की रात करीब एक बजे के आसपास फाटा में पवनहंस के हैलीपैड के पास खाट गधेरे के किनारे बने डेरे में रह रहे चार लोगों के मलबे में दबे होने की सूचना पुलिस को मिली.

रेस्क्यू टीम ने बरामद किए शव-

सूचना मिलते ही राहत और बचाव कार्य के लिए रेस्क्यू टीमें मौके पर पहुंची. रेस्क्यू टीमों ने मलबे में दबे हुए लोगों को निकालने का कार्य शुरू किया. कड़ी मशक्कत के बाद के बाद मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला गया है. तब तक चार श्रमिकों की मौत हो चुकी थी.

मौसम विभाग ने जारी किया भारी बारिश का अलर्ट-

मौसम विभाग के निदेशक विक्रम सिंह के अनुसार शुक्रवार को कुमाऊं मंडल के बागेश्वर जिले के भारी बारिश के आसार हैं. जिसे देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि देहरादून, चमोली, नैनीताल और पिथौरागढ़ जिले के कुछ क्षेत्रों में बारिश के साथ-साथ आकाशीय बिजली चमकने का येलो अलर्ट जारी किया है.

 

Uttarakhand: मानसून सत्र का आज तीसरा दिन, आपदा के मामले पर चर्चा के दौरान विपक्ष के विधायकों ने किया वाकआउट।

218 Minutes Read -

उत्तराखंड में विधानसभा के मानसून सत्र का आज तीसरा दिन हंगामे के साथ शुरू हुआ. तीसरे दिन सदन में सत्र की कार्यवाही के दौरान विपक्ष के विधायकों ने आपदा प्रबंबधं का मुद्दा उठाया. आपदा के मुद्दे पर चर्चा के दौरान विपक्ष के विधायकों ने सदन से वाकआउट कर लिया.

विपक्ष के विधायकों ने किया सदन से वाकआउट-

कार्यवाही शुरू होने के बाद विधायकों ने नियम 310 के तहत आपदा के मुद्दे पर चर्चा की मांग की. आपदा के मामले पर चर्चा के दौरान सदन में जमकर हंगामा हुआ. जिसके बाद विपक्ष ने सदन से वाकआउट कर लिया. आपदा के मुद्दे पर सीएम धामी ने कहा कि राज्य सरकार आपदा ग्रस्त क्षेत्रों में पूरी गंभीरता से काम कर रही है। वह खुद आपदा ग्रस्त क्षेत्र में लगातार दौरे कर रहे हैं.

सीएम धामी ने कसा तंज-

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहां कि सरकारी मशीनरी भी आपदा को लेकर गंभीर है. मुख्यमंत्री धामी ने कहा कांग्रेस को 2013 की आपदा भी देखनी चाहिए जब आपदा पीड़ितों को राहत देने के बजाय कांग्रेस राजनीति करने के लिए दिल्ली में मौजूद थी.

 

 

Uttarakhand: महिला अपराध का नया अड्डा बना उत्तराखंड ! एक हप्ते में निर्भया और कोलकाता डाक्टर जैसा केस।

612 Minutes Read -

कोलकाता में महिला डॉ से हुई दरिन्दगी के खिलाफ पुरे देश में आक्रोश है खूब प्रदर्शन हो रहे हैं, मोमबत्तियां जलाई जा रही है अपराधियों को फांसी की सजा की मांग हो रही है,
राजनैतिक दल अपने अपने हिसाब से खूब राजनीती कर रहे हैं लेकिन यही सब देवभूमि उत्तराखंड में क्यों नहीं हो रहा है, जहां हर दिन एक ऐसा ही केस सामने आ रहा है. जहां निर्भया जैसा केस पुलिस चौकी के बगल में हो जाता है और कोई आवाज नहीं उठती। एक नर्स की दुष्कर्म करने के बाद हत्या कर दी जाती है और कोई केंडिल मार्च नहीं होता। कोलकाता डाक्टर केस में हर अपडेट को दिन भर दिखाने वाला राष्ट्रिय मीडिया उत्तराखंड की खबर पर मौन हो जाता है, क्यों यहां की घटना राष्ट्रिय मीडिया के लिए एक मुद्दा नहीं बनती।

उत्तराखंड में भी एक और मामला-

निर्भया केस ने जहां भारत की पूरी जनता को झकझोर कर रख दिया था,,,अब एक बार ऐसा ही केस उत्तराखंड में देखने को मिला लेकिन इसकी कोई आवाज हमें सुनाई नहीं देगी, हालाँकि इसके अपराधियों को पुलिस पकड़ चुकी है लेकिन फिर भी क्या इसको लेकर चिंता नहीं की जानी चाहिए। देवभूमि जो महिलाओं की सुरक्षा के मामले में सबसे सुरक्षित मानी जाती थी अचानक उसकी फिजा क्यों बदलने लगी है, जब एक लड़की बस स्टेशन जैसी जगह पर सेफ नहीं है तो फिर कहां सुरक्षित होगी।

उत्तराखंड की अस्थाई राजधानी देहरादून के बस अड्डे पर जो कुछ हुआ वो महिला सुरक्षा के दावों का मजाक उड़ाता है. देहरादून की सबसे व्यस्त रहने वाले आईएसबीटी में किशोरी को तनिक भी आभास नहीं था कि जिस ड्राइवर अंकल से उसने मदद ली वह ही हैवान बन जाएगा। दिल्ली से देहरादून का सफर तय कर वह आईएसबीटी पहुंची तो आधी रात को पांच हैवानों ने बस में ही दुष्कर्म किया। किशोरी चिल्लाई लेकिन अंधेरी रात में उसकी चीख कोई सुन न सका,,,इसमें बस ड्राइवर और कंडक्टर सहित बस अड्डे पर टिकट काउंटर वाला तक शामिल रहा.

15 अगस्त को एक और मामला हुआ था दर्ज-

कोलकत्ता में जिस तरह महिला डाक्टर के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गयी उसी तरह का केस उत्तराखंड के उधमसिंह नगर में 15 अगस्त के दिन ही एक ऐसे ही मामले का खुलासा उधमसिंह नगर पुलिस ने किया है. यहां पर कार्यरत एक नर्स के साथ उत्तर प्रदेश के बिलासपुर में एक निर्मम कृत्य किया गया. पहले तो नर्स को बलात्कार किया गया, उसके बाद उसकी हत्या कर दी गई.

एक हप्ते में उत्तराखंड में दो इतनी बड़ी घटनाएं हो गयी और इस पर कोई नेता बोला नहीं न ही उतनी आवाज विरोध स्वरूप उठी जो उठनी चाहिए थी, न राष्ट्रिय मिडिया ने इनको तवज्जो देना उचित समझा।

ऐसा नहीं है कि ये पहली बार हुआ है,,,उत्तराखंड के अस्पतालों में कई बार इस तरह की घटनाएं सामने आयी है एम्स ऋषिकेश में ड्यूटी कर रही महिला डॉक्टर के साथ यह छेड़छाड़ उस वक्त हुई थी, जब वह पुरुष नर्सिंग ऑफिसर के साथ मिलकर एक ऑपरेशन कर रही थी. आरोप था कि इसी दौरान पुरुष नर्सिंग ऑफिसर ने महिला डॉक्टर के साथ छेड़छाड़ और अभद्रता की. इसके बाद मामला एक तरफा लग रहा था. लेकिन मामले ने तूल तब पकड़ा जब महिला डॉक्टर ने कुछ व्हाट्सएप के चैट दिखाए और यह बताया कि कैसे पुरुष नर्सिंग ऑफिसर उसको लगातार अश्लील मैसेज भेज रहा है.

इस घटना ने यह बता दिया था कि एम्स जैसे नामचीन और बड़े अस्पताल में भी इस तरह की घटना हो सकती है. अस्पताल कितने सुरक्षित हैं इसका पता एक और घटना से हमें लगता है. इसी साल 4 जुलाई के दिन उधमसिंह नगर के सितारगंज क्षेत्र में एक निजी अस्पताल में एक युवती अपने इलाज के लिए जाती है. तभी एक विवाद खड़ा हो जाता है. युवती ने अस्पताल के अटेंडेंट पर आरोप लगाया था कि उसके साथ अस्पताल के अंदर छेड़छाड़ की गई है.

15 जून को हरिद्वार में भी हुआ था मामला दर्ज-

एक और घटना हरिद्वार में इसी साल 15 जून 2024 को घटित हुई थी. साल 2023 से तैनात एक इंटर्न जब शाम 7:30 पर वहां पहुंची, तो अस्पताल का ही डॉक्टर ड्यूटी के बहाने उसे एक कमरे में लेकर चला गया. फिर दरवाजा बंद कर लिया. इसके बाद डॉक्टर, इंटर्न के साथ बदतमीजी और अश्लील हरकतें करने लगा. जब इंटर्न ने इसका विरोध किया तो उसे डराया और धमकाया गया. किसी तरह से इंटर्न उस कमरे से बाहर निकली और अपनी पूरी आपबीती स्टाफ और अपने परिवार के सदस्यों को बताई. इस घटना के बाद अस्पताल में हड़कंप मच गया था.

हरिद्वार के बाद हल्द्वानी में भी इसी साल 23 जुलाई 2024 के दिन प्रतिष्ठित न्यूरोसर्जन पर एक महिला ने छेड़छाड़ का आरोप लगाया था. महिला का आरोप था कि हल्द्वानी में एक बड़ा अस्पताल चला रहे डॉक्टर और अस्पताल के मालिक ने उसके साथ पहले अभद्रता की और उसे जान से मारने की धमकी दी. यह घटना तब हुई, जब महिला अपने इलाज के लिए गई थी.

अगर बात पूरे उत्तराखंड में महिला अपराध की करें, तो हर साल उत्तराखंड में महिला अपराध की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. नेशनल क्राइम ब्यूरो की साल 2023 की रिपोर्ट बताती है कि उत्तराखंड महिला अपराध के मामले में छठे नंबर पर है.देहरादून जिला इस मामले में नंबर 1 पर हैं जहां इस साल सबसे ज्यादा महिला अपराध के मामले सामने आये हैं,,,,उत्तराखंड  में महिला अपराध के मामले  एक वर्ष में 26 प्रतिशत बढ़े हैं,,,जिसमें  905 महिलाओं से दुष्कर्म व 778 का अपहरण हुआ है. सवाल ये है कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा सिर्फ नारा बनकर रह गया है, न तो बेटियां बच पा रही है और पढ़ गयी तो भी उनकी सुरक्षा नहीं हो पा रही है. महिलाओं की आवाज उठाने वाले राजैनतिक दल भी अपनी सहूलियत और राज्य देखकर ही आवाज उठाते हैं. ये आंकड़े बताते हैं उत्तराखंड में महिलाएं कितनी सुरक्षित रह गयी हैं लेकिन इन आंकड़ों की कोई परवाह नहीं करता न सरकार और न जनता।

 

Kolkata Doctor Rape-Murder Case: आज उत्‍तराखंड में भी 24 घंटे के कार्य बहिष्कार पर डॉक्‍टर, देखें तस्वीरें।

531 Minutes Read -

8 अगस्त को कोलकाता के आर जी कर मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर साथ बलात्कार और हत्या की घटना से पूरे देश में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। उत्तराखंड में भी आज डॉक्टर 24 घंटे का कार्य बहिष्कार करेंगे। आज पूरे प्रदेश में अस्पतालों में ओपीडी की सेवाएं ठप रहेंगी।

आज उत्तराखंड में भी डॉक्टरों की हड़ताल-

कोलकाता में रेजिडेंट महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म व हत्या की घटना से पूरे देश में आक्रोश देखने को मिल रहा है। डॉक्टर्स और नर्स हड़ताल कर रहे हैं।

आज उत्तराखंड में भी डॉक्टरों की हड़ताल है। 24 घंटे तक प्रदेश में ओपीडी की सेवाएं ठप रहेंगी। हालांकि इमरजेंसी, पोस्टमार्टम और वीआईपी ड्यूटी के लिए सेवाएं यथावत रहेंगी।

ऋषिकेश एम्स में आज भी चिकित्सकों की हड़ताल-

आपको बता दें कि बीते चार दिनों से ऋषिकेश एम्स में डॉक्टरों की हड़ताल जारी है। आज पांचवे दिन भी ऋषिकेश एम्स में डॉक्टरों की हड़ताल जारी है।वहीं, आज आईएमए ऋषिकेश के बैनर तले निजी अस्पतालों में भी चिकित्सक सामूहिक हड़ताल पर हैं। हिमालयन विश्वविद्यालय जौली ग्रांट के चिकित्सकों व मेडिकल स्टूडेंट की ओर से कोलकाता प्रकरण को लेकर विरोध मार्च निकाला गया।

कोलकाता पुलिस और राज्य सरकार ने अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। जिससे देश-प्रदेश के चिकित्सकों में आक्रोश है। उन्होंने मांग की है कि केंद्र सरकार इस मामले में हस्तक्षेप करें। अपराधियों व अराजक तत्वों को तत्काल प्रभाव से गिरफ्तार किया जाए।चिकित्सालयों में चिकित्सा कर्मियों की सुरक्षा के लिए जो एक्ट बना हुआ है, उसका सख्ती से पालन किया जाए। ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हो सकें।

Kedarnath Update: केदारनाथ पैदल मार्ग 29 जगहों पर क्षतिग्रस्त, 16 जगह पूरी तरह से बहे…230 मजदूर रस्सी के सहारे मार्ग को कर रहे हैं ठीक।

374 Minutes Read -

केदारनाथ पैदल मार्ग 29 जगहों पर क्षतिग्रस्त जबकि 16 स्थानों पर पूरी तरह से बह गया है। लोक निर्माण विभाग ने रास्ते की मरम्मत के लिए 230 मजदूर लगाए हैं। संवेदनशील स्थानों पर मजदूर खाई में उतरकर खुदाई कर रहे हैं।

वहीं, रस्सों को पकड़कर पुश्ता निर्माण के लिए बुनियाद रख रहे हैं। पूरे मार्ग को दुरस्त करने में लगभग एक माह का समय लग सकता है। आने वाले दिनों में लोनिवि द्वारा मजदूरों की संख्या और बढ़ाई जाएगी।

बता दें कि 31 जुलाई की देर शाम को अतिवृष्टि से केदारनाथ पैदल मार्ग गौरीकुंड से लिनचोली तक व्यापक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया था। यहां 11 किमी के दायरे में रास्ता 16 स्थानों पर दो मीटर से 25 मीटर तक पूरी तरह से वॉशआउट हो रखा है। इसके अलावा अन्य स्थानों पर पुश्ता ढहने, मिट्टी कटान व भूस्खलन से मार्ग को क्षति पहुंची है।

लोक निर्माण विभाग पैदल मार्ग को दुरस्त करने में जुट गया है। जहां पर रास्ता पूरी तरह से वॉशआउट हुआ है, वहां पर मजदूर खाई में उतरकर पुश्ता निर्माण के लिए खुदाई कर रस्सों के सहारे बुनियाद रख रहे हैं। इन स्थानों पर हल्की सी चूक जान पर भारी पड़ सकती है।
यही नहीं, मार्ग को दुरस्त करने के लिए प्रभावित स्थानों पर पत्थर, सिमेंट व अन्य सामग्री पहुंचाने में भी अन्य मजदूरों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दूसरी तरफ क्षेत्र में आए दिन हो रही बारिश से मरम्मत व पुनर्निर्माण कार्य में दिक्कत आ रही हैं।
अधिकारियों के अनुसार, अति संवेदनशील स्थानों पर आरसीसी पुश्तों का निर्माण किया जाना है। साथ ही जहां पर वॉशआउट हुआ है, वहां ऊपरी तरफ कटान के साथ ही निचली तरफ से सुरक्षा दीवार भी बनाई जानी है। इधर, सोनप्रयाग के समीप भूस्खलन जोन में भूस्खलन जोन में मरम्मत कार्य शुरू हो गया है।
गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग को दुरस्त करने के लिए 230 मजदूर लगाए गए हैं। आने वाले दिनों में मजदूरों की संख्या और बढ़ाई जाएगी। जहां पर रास्ता वॉशआउट हो रखा है, वहां पर पुनर्निर्माण के लिए मजदूरों को काम करने में दिक्कतें हो रही हैं। सभी साइट पर स्वयं सहित सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता द्वारा किए जा रहे कार्य की मॉनीटरिंग की जा रही है।
-विनय झिक्वांण, अधिशासी अभियंता लोनिवि गुप्तकाशी

Kedarnath Rescue: पांचवें दिन भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, सेना ने संभाला मोर्चा; चिनूक से यात्रियों को किया जा रहा एयरलिफ्ट।

696 Minutes Read -

केदारनाथ धाम व पैदल मार्ग से अब तक दस हजार से अधिक तीर्थयात्रियों व स्थानीय लोगों का रेस्क्यू किया जा चुका है। सोमवार को केदार घाटी का मौसम साफ होने के साथ ही एमआई 17 और चिनूक से एयर लिफ्ट रेस्क्यू का कार्य शुरू हो गया है। एमआई चारधाम हेलीपैड पर यात्रियों को उतार रहा है। जबकि चिनूक गौचर हवाई पट्टी पर यात्रियों को उतरेगा। सुबह 9 बजे तक 133 लोगों को केदारनाथ से एमआई एवं चिनूक एवं छोटे हेलिकॉप्टर की मदद से सुरक्षित एयर लिफ्ट कर रेस्क्यू किए जा चुके हैं।

31 जुलाई को हुई अतिवृष्टि से केदारनाथ मार्ग को भारी नुकसान पहुंचा है। गौरीकुंड से केदारनाथ मंदिर तक 16 किमी का मार्ग है, इसमें 10 जगह मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। लोक निर्माण विभाग की टीम मार्ग को खोलने में जुटी है। लोनिवि की रिपोर्ट के अनुसार जो स्थितियां हैं उनमें मार्ग को पूर्व की दशा में लाने में करीब एक महीने का समय लग सकता है।

वहीं, सेना ने मोर्चा संभालते हुए मंदाकिनी नदी पर अस्थायी ट्राली स्थापित कर दी है। साथ ही वैकल्पिक पुल का निर्माण भी शुरू कर दिया है। गौरीकुंड में घोड़ा पड़ाव के पास लगभग 15 मीटर लंबाई में रास्ता पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। यहां पर लो.नि.वि श्रमिक वैकल्पिक मार्ग स्थापित करने में जुटे हैं।

सोमवार सुबह 100 लोगों को सुरक्षा बलों की देखरेख में श्री केदारनाथ धाम से लिनचोली हेलीपैड के लिए रवाना कर दिया गया है। इन यात्रियों को लिनचोली से एयर लिफ्ट कर शेरसी हैलीपैड पर उतारा जाएगा। इसके अलावा एनडीआरएफ की टीमें जंगल एव मंदाकिनी नदी के आसपास भी लगातार सर्च अभियान चला रहे हैं।

रविवार को लगभग 1100 लोगों का सफलता पूर्वक रेस्क्यू किया गया। वहीं सेना ने भी अब कमान संभाल ली है। पैदल मार्ग पर आम लोगों को खोजने के लिए स्निफर डाँग भेजे गए हैं, सेना क्षतिग्रस्त् पैदल मार्ग को आवाजाही के लिए खोजे जाने में भी मदद करेगी।

वहीं गौरीकुंड व सोनप्रयाग के बीच वाशआउट हुए हाइवे कपर ट्राली लाकर बुजर्ग व घायलों को निकालने का कार्य भी सेना ने शुरू कर दिया है। रेस्क्यू आपरेशन के चौथे दिन रविवार को कुल 1155 का रेस्क्यू किया गया, जिसमें हेलीकाप्टर से 628 व पैदल मार्ग से 527 लोगों को रेस्क्यू किया गया।

हेली से लिनचोली, चीरबासा व केदारनाथ से रेस्क्यू किया गया, वहीं चौमास पैदल मार्ग से भी रविवार को 210 लोगों को रेस्क्यू किया गया। केदारनाथ पैदल मार्ग में फंसे यात्रियों का रेस्क्यू भी जारी है। सोनप्रयाग में मैन्युल रेस्क्यू के लिए अब सेना, डीडीआरएफ, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस के जवानों संयुक्त रूप से कार्य कर रहे हैं।

रविवार को चलने में असमर्थ लोगों के 25 बुजर्ग व घायलों का रेस्क्यू किया गया। वहीं स्निफर डाँग की टीम भी भेजी गई है, जो जंगल में भटक गए लोगों की खोजबीन करेगी, साथ ही भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में भी सर्च अभियान करेगी।