Category Archive : देहरादून

छात्रों के लिए खुशखबरी…मेडिकल और इंजीनियरिंग की मुफ्त कोचिंग देगी सरकार, जानिए क्या है तैयारी

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प्रदेश के सरकारी और अशासकीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को सरकार मेडिकल, इंजीनियरिंग और क्लैट की मुफ्त कोचिंग देगी। देश के प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थानों के साथ इसके लिए एमओयू की प्रक्रिया चल रही है। उच्च शिक्षा विभाग की निदेशक डाॅ. अंजू अग्रवाल के मुताबिक इसके लिए प्रस्ताव तैयार हो चुका है। नए शिक्षा सत्र से मुफ्त कोचिंग की सुविधा मिलने लगेगी।

 

सरकारी और अशासकीय विद्यालयों के कक्षा 11वीं और 12वीं के छात्र-छात्राओं को वरीयता के आधार पर आवासीय राजीव गांधी नवोदय विद्यालयों में ऑफलाइन माध्यम से कोचिंग दी जाएगी। इन विद्यालयों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाया जाएगा। 11वीं और 12वीं के सभी छात्र-छात्राओं को मुफ्त कोचिंग का अवसर देने के लिए कोचिंग प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी।

 

300 छात्र-छात्राओं को आईआईटी की कोचिंग दी जाएगी
आईआईटी, नीट व क्लैट के लिए प्रवेश परीक्षा को तीन संवर्गों में बांटा गया है। 11वीं प्रवेशित छात्रों के लिए दो साल की कोचिंग एवं एक साल की अतिरिक्त हैंड होल्डिंग प्रदान की जाएगी। जबकि 12वीं प्रवेशित छात्रों के लिए एक साल की कोचिंग और एक साल की अतिरिक्त हैंड होल्डिंग प्रदान की जाएगी। वहीं, 12 वीं पास छात्र-छात्राओं को एक साल की कोचिंग व हैंड होल्डिंग दी जाएगी।

 

300 छात्र-छात्राओं को आईआईटी की कोचिंग दी जाएगी। 300 को नीट और 300 को क्लैट की कोचिंग दी जाएगी। ऑफलाइन माध्यम से कोचिंग सप्ताह में प्रतिदिन दो घंटे शाम को पांच से सात बजे तक दी जाएगी। सरकारी और अशासकीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं के साथ ही राजीव गांधी नवोदय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को भी मुफ्त कोचिंग दिए जाने का प्रस्ताव है। 

कोचिंग संस्थान दे चुके प्रस्तुतिकरण

मेडिकल, इंजीनियरिंग और क्लैट की कोचिंग के लिए देश के विभिन्न कोचिंग संस्थान, शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में अपना प्रस्तुतिकरण दे चुके हैं। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि संस्थान तय सेवा शर्तों एवं उपलब्ध सुविधा की जानकारी दे चुके हैं।

Dehradun: यूसीसी और रजिस्ट्री को पेपरलैस करने के विरोध में आज हड़ताल पर रहेंगे अधिवक्ता, निकालेंगे आक्रोश रैली.

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यूसीसी और रजिस्ट्री को पेपरलैस किए जाने के विरोध में आज अधिवक्ता हड़ताल पर रहेंगे। इसके साथ ही वह आक्रोश रैली निकाल जिलाधिकारी के माध्यम से सरकार को ज्ञापन सौंपेंगे। हड़ताल के चलते न्यायालयों में बस्ते, टाइपिंग, स्टांप वैंडर समेत कोई भी काम नहीं हो सकेगा।

शुक्रवार (आज) यूसीसी और रजिस्ट्री को पेपरलैस किए जाने के विरोध में बार एसोसिएशन दोपहर में विधि भवन से आक्रोश रैली निकालेगा। इसमें रैली निकालते हुए वह जिलाधिकारी को ज्ञापन देंगे।

बार एसोसिएशन के निवर्तमान अध्यक्ष राजीव शर्मा ने बताया कि प्रदेश सरकार ने यूसीसी और रजिस्ट्री को पेपरलैस किया है। इसके विरोध में दोपहर 12 बजे विधि भवन से जिलाधिकारी कार्यालय तक आक्रोश रैली निकाली जाएगी। इसके बाद जिलाधिकारी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया जाएगा।

बताया कि शुक्रवार को रजिस्ट्रार कार्यालय के सभी कार्य और न्यायालय के कार्य बंद रहेंगे। इसके साथ ही बस्ते, टाइपिंग, स्टांप वैंडर समेत किसी भी प्रकार का कोई भी कार्य नहीं होगा।

National Games 2025: राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड का एतिहासिक प्रदर्शन, लगाया पदकों का शतक.

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राष्ट्रीय खेलों में मेजबान उत्तराखंड ने शानदार प्रदर्शन कर नया कीर्तिमान बनाया है। अंतिम दिन एक स्वर्ण और दो रजत पदक मिलने से राज्य ने पदकों का शतक लगाया। इसमें 24 स्वर्ण, 35 रजत और 42 कांस्य पदक शामिल है।

राष्ट्रीय खेलों में कयाकिंग और कैनोइंग के मुकाबलों में उत्तराखंड की सोनिया देवी ने महिला K-1 500 मीटर स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने 02:06.935 सेकंड में रेस पूरी कर दर्शकों को रोमांचित कर दिया। सर्विसेज की जी. पार्वती ने 02:07.800 के साथ रजत पदक हासिल किया, जबकि ओडिशा की ख्वैराकपम धनामंजुरी देवी ने 02:08.466 के समय के साथ कांस्य पदक पर कब्जा जमाया। वहीं, पुरुषों की K-4 500 मीटर स्पर्धा में उत्तराखंड ने रजत पदक जीता।

टीम में आदित्य सैनी, विशाल डांगी, हर्षवर्धन सिंह शेखावत और प्रभात कुमार शामिल रहे। टीम ने 1:28.609 सेकंड का समय निकालते हुए पदक जीता। इससे राष्ट्रीय खेलों की पदक तालिका में पदकों की संख्या 99 हो गई थी। नेटबाल मिक्स टीम में मेजबान राज्य को एक और रजत मिलने से पदकों का शतक बनाकर उत्तराखंड ने नया रिकार्ड बना दिया। नेटबाल टीम में ममता, अंशुल, पुष्पेश, गौरव रावत, मनीष शर्मा, जीतेंद्र कुमार, ललित बिष्ट, अवंतिका कैंतुरा, संतोष, दीक्षा व्यास और चित्रा शामिल रही।

 

राष्ट्रीय खेलों में सर्विसेज रहा शीर्ष पर-

उत्तराखंड में हुए 38वें राष्ट्रीय खेलों में सर्विसेज 66 स्वर्ण सहित 117 पदकों के साथ शीर्ष पर रहा। वहीं, दूसरे नंबर पर रहे महाराष्ट्र ने कुल 188 पदक जीते। इसमें 52 स्वर्ण, 68 रजत और 68 कांस्य पदक शामिल हैं। जबकि हरियाणा पदक तालिका में 44 स्वर्ण सहित 145 पदकों के साथ तीसरे नंबर पर रहा।

Uttarakhand Cabinet Decision: प्रदेश में CNG व PNG होगी सस्ती, जानिए कितनी वैट दर को घटाया गया.

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प्रदेश सरकार ने पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) व कंप्रेशड नेचुरल गैस (सीएनजी) पर वैट दर को कम किया है। इससे प्रदेश में सीएनजी व पीएनजी सस्ती होगी। वर्तमान में सीएनजी व पीएनजी पर 20 प्रतिशत वैट लागू है। दरें कम करने के बाद सीएनजी पर 10 और पीएनजी पर पांच प्रतिशत वैट लिया जाएगा।

राज्य में नेचुरल गैस पीएनजी व सीएनजी पर वर्तमान में लागू 20 प्रतिशत वैट लिया जाता है। जबकि पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश व हिमाचल प्रदेश में नेचुरल गैस पर वैट की दर कम है। उत्तर प्रदेश में पीएनजी पर 10 प्रतिशत और सीएनजी पर 12.50 प्रतिशत वैट लिया जाता है। वहीं, हिमाचल प्रदेश में पीएनजी पर चार प्रतिशत व सीएनजी पर 13.75 प्रतिशत वैट लागू है।

बता दें कि नेचुरल गैस पर जीएसटी लागू नहीं है। प्रदेश सरकार को नेचुरल गैस पर वैट से सालाना 38 करोड़ की राजस्व मिलता है। पीएनजी व सीएनजी पर वैट कम करने से राजस्व में 15 करोड़ कम होने का अनुमान है। लेकिन आगे वाले समय में खपत बढ़ने से सरकार को ज्यादा राजस्व मिल सकेगा।

National Games: गृहमंत्री के आने से पहले सीएम धामी ने किया निरीक्षण, तैयारियों का लिया जायजा; समापन समारोह कल.

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38वें राष्ट्रीय खेल कराने की उपलब्धि और अब 14 फरवरी को समापन समारोह में गृहमंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि। इसी कारण सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम गौलापार का निरीक्षण करने पहुंचे। निरीक्षण के दौरान सीएम धामी ने फेंसिंग के विजेता खिलाड़ियों को मेडल प्रदान किए। इस दौरान खेल मंत्री रेखा आर्या भी मौजूद रही। शुक्रवार को होने वाले समापन समारोह की तैयारी के चलते कलाकार श्वेता माहरा ने भी साथियों के साथ रिहर्सल किया।

1980 कार, 995 बसों और 50 बाइक के लिए बनाए पार्किंग स्थल-

परिवहन विभाग ने नेशनल गेम्स के समापन समारोह में आने वाले लोगों के वाहनों की पार्किंग की पूरी व्यवस्था कर ली गई है। शहर के अंदर 16 पार्किंग स्थल बनाए गए हैं। इन पर 1980 कारें, 995 बसें और 50 बाइक खड़ी की जा सकेंगी।

परिवहन विभाग ने वीवीआईपी के लिए स्टेडियम के 1.3 किलोमीटर के दायरे में छह पार्किंग स्थल बनाए हैं। इनमें से पहली पार्किंग नंबर एक नवाबखेड़ा में है, जो कार्यक्रम स्थल से 1.30 किलोमीटर दूर है। वहां 250 कार खड़ी होंगी। पार्किंग नंबर दो 850 मीटर दूर देवी मंदिर है, जहां 120 कारें खड़ी होंगी। इसी प्रकार 700 मीटर दूर पार्किंग नंबर तीन (पेट्रोल पंप परिसर) में 350 कारें, 350 मीटर दूर 50-50 मार्ट में 100 कारें, पार्किंग-पांच (जू डायरेक्टर आफिस), जो 70 मीटर दूर है, यहां 80 कारें खड़ी होंगी। पार्किंग नंबर छह 350 मीटर दूर आईएसबीटी पर रहेगी, वहां 250 कारों की क्षमता है।

 

Uttarakhand Cabinet Today: बजट सत्र से पहले धामी कैबिनेट, सड़क हादसे रोकने के लिए आएंगे तीन अहम प्रस्ताव.

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राज्य विधानसभा के बजट सत्र से पूर्व बुधवार को धामी कैबिनेट की बैठक होगी। इसमें सड़क हादसे रोकने संबंधी तीन अहम प्रस्ताव आएंगे। इसके अलावा आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट, भू-कानून संशोधन और पेपरलैस व वर्चुअल रजिस्ट्री संबंधी प्रस्ताव भी आने की संभावना है।

राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं के मद्देनजर धामी सरकार तीन अहम फैसले ले सकती है। सचिव परिवहन ने इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया है। इसके तहत पर्वतीय क्षेत्रों में एआरटीओ के 11 नए पद सृजित होने का प्रस्ताव शामिल है, जिससे पहाड़ों में वाहनों की जांच आसान हो सके। इनमें से 50 प्रतिशत पद पदोन्नति और 50 प्रतिशत पद सीधी भर्ती से भरे जाएंगे।

इसी प्रकार, सरकार पर्वतीय क्षेत्रों में अनुबंधित बस परमिट को पूर्ण रूप से खत्म कर सकती है। पर्वतीय मार्गों पर परिवहन निगम अपनी बसें संचालित करेगा, जिसके लिए बस खरीद की जा रही है। इस पर कैबिनेट फैसला लेगी। तीसरी सड़क सुरक्षा नीति व एक्ट भी कैबिनेट में लाए जाएंगे। इस पर मुहर लगने के बाद विधानसभा पटल पर रखा जाएगा।

आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट भी कैबिनेट बैठक में है रखी जा सकती-

इसके बाद हर दुर्घटना की जांच गहनता से समिति करेगी। जांच में दुर्घटना का कारण स्पष्ट होने के बाद संबंधित विभाग के संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी। जैसे खराब सड़क व सुरक्षा उपाय न करने के लिए लोक निर्माण विभाग जिम्मेदार होगा जबकि ड्रिंक एंड ड्राइव जैसे मामलों के लिए स्थानीय पुलिस व यातायात पुलिस को जिम्मेदार माना जाएगा। इसी प्रकार, ओवरलोडिंग, अनफिट वाहन संचालन, डीएल व परमिट न होने के मामलों के लिए परिवहन विभाग जिम्मेदार होगा। इसी हिसाब से कार्रवाई की जाएगी।

 

बजट सत्र से पूर्व आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट भी कैबिनेट बैठक में रखी जा सकती है। इसके अलाव भू-कानून में संशोधन का प्रस्ताव और पेपरलैस व वर्चुअल रजिस्ट्री का प्रस्ताव भी कैबिनेट में आ सकता है।

पूर्व सीएम की बेटी से फिल्म में निवेश और रोल दिलाने के नाम पर बड़ी ठगी, मुकदमा दर्ज

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उत्तराखंड के पूर्व सीएम व पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक की बेटी अभिनेत्री और निर्माता अरुषि निशंक से चार करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। ठगी के आरोप में मुंबई के दो फिल्म प्रोड्यूसर, मानसी वरुण बागला और वरुण प्रमोद कुमार बागला के खिलाफ देहरादून के कोतवाली शहर में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपियों ने अरुषि को फिल्म में मुख्य भूमिका देने और बड़े मुनाफे का लालच देकर करोड़ों रुपये हड़प लिए।

अभिनेत्री अपनी प्रोडक्शन फर्म हिमश्री फिल्म्स के तहत फिल्म निर्माण और एक्टिंग से जुड़ी है। उन्होंने शिकायत में बताया कि मुंबई के प्रोड्यूसर मानसी और वरुण बागला ने उनसे संपर्क किया। उन्होंने खुद को मिनी फिल्म्स प्रा. लि. के डायरेक्टर बताते हुए कहा कि वे आंखों की गुस्ताखियां  फिल्म का निर्माण कर रहे हैं, जिसमें शनाया कपूर और विक्रांत मैसी मुख्य भूमिका में हैं।

 

सीएम धामी ने लिया था फिल्म के सेट पर उद्घाटन समारोह में भाग
इन प्रोड्यूसर्स ने कहा कि इस फिल्म में एक और मुख्य भूमिका है, जिसे अरुषि को निभाने के लिए ऑफर किया गया। लेकिन इसके लिए शर्त रखी गई कि उन्हें पांच करोड़ रुपये का इन्वेस्टमेंट करना होगा, जिससे उन्हें फिल्म की कमाई में 20% का हिस्सा मिलेगा। उन्होंने वादा किया कि अगर अरुषि को स्क्रिप्ट पसंद नहीं आई या वे संतुष्ट नहीं हुईं तो उनकी रकम 15% ब्याज के साथ लौटा दी जाएगी।

अरुषि ने इन बातों पर भरोसा कर लिया और 9 अक्तूबर 2024 को हिमश्री फिल्म्स और मिनी फिल्म्स के बीच एमओयू साइन हुआ। इसके बाद 10 अक्तूबर 2024 को उन्होंने पहली किश्त के रूप में 2 करोड़ रुपये दिए। लेकिन बाद में अलग-अलग दबाव और बहानों से उनसे 19 नवंबर 2024 को 1 करोड़, 27 अक्तूबर 2024 को 25 लाख, और 30 अक्तूबर 2024 को 75 लाख रुपये और ले लिए गए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने फिल्म के सेट पर उद्घाटन समारोह में भाग लिया था।

महाकुंभ की तरह सबके लिए समान भाव रखता है यूसीसी’

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देश में सबसे पहले उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू करने के बाद महाकुंभ पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यूसीसी भी महाकुंभ की तरह ही लोगों में समान भाव रखता है। कोई भेदभाव नहीं है। अब जहां लोगों को शादी का रजिस्ट्रेशन कराना होगा, वहीं तलाक भी कोर्ट के आदेश पर ही हो सकेगा। महिलाओं को भी समान अधिकार दिए गए हैं,उत्तराखंड देवभूमि है। यहां हर साल करोड़ों श्रद्धालु चारधाम, हरिद्वार, नीम करौली समेत विभिन्न जगहों पर धार्मिक आयोजनों में हिस्सा लेने आते हैं। ऐसे में यह आवश्यक हो जाता है कि यहां की सामाजिक संरचना में कोई भेदभाव या असमानता न हो। यूसीसी लागू करने का कदम समाज में समान अधिकार और कर्तव्यों की भावना को सुदृढ़ करेगा।

 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि महाकुंभ केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है। यह भारतीय संस्कृति, एकता और समरसता का प्रतीक है। करोड़ों लोगों के इस आयोजन में भाग लेने से यह स्पष्ट होता है कि हमारी संस्कृति विविधता में एकता को मान्यता देती है। यूसीसी इस भावना को और मजबूत करेगा। जब एक समान कानून होगा, तो हर व्यक्ति यह महसूस करेगा कि वह इस देश का अभिन्न हिस्सा है और यही भावना महाकुंभ की आत्मा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यूसीसी का उद्देश्य किसी समुदाय की परंपराओं या धर्म में हस्तक्षेप करना नहीं है। बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि सभी नागरिक समान अधिकारों और कर्तव्यों के साथ एक समाज में रहें। महाकुंभ जैसे आयोजन में सभी लोग बिना भेदभाव के एकत्रित हो सकते हैं, तो समाज में भी यह भावना यूसीसी के माध्यम से स्थापित हो सकती है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यूसीसी का उद्देश्य धार्मिक स्वतंत्रता को सीमित करना नहीं, इसे और सुदृढ़ करना है। यह सुनिश्चित करेगा कि हर व्यक्ति को बिना भेदभाव के अधिकार मिले। महाकुंभ की तरह, जहां लोग अपने तरीके से पूजा-अर्चना करता है, यूसीसी भी व्यक्तिगत स्वतंत्रता को बनाए रखते हुए समानता की भावना को बढ़ावा देगा।उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू (यूसीसी) करने पर सीएम पुष्कर सिंह धामी को प्रयागराज के संत समागम में सम्मानित किया गया। धामी ने कहा, संतों की ओर से मेरा सम्मान उत्तराखंड के हर नागरिक का सम्मान है। देवभूमि में किसी भी धर्म या जाति के लिए अब समान कानून हैं। समागम में आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज, स्वामी चिदानंद मुनि महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी बालकानंद गिरी समेत कई संत मौजूद रहे।

अनुशासनहीनों को भाजपा नहीं देगी संगठन में कोई भी पद

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भाजपा संगठनात्मक चुनाव को लेकर प्रदेश स्तरीय कार्यशाला में 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए संगठन को मजबूत करने का संकल्प लिया गया। प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा, अनुशासनहीन व पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल व्यक्ति को संगठन में कोई पद दिया जाएगा और न ही ऐसे व्यक्ति को पार्टी में लिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्दलीयों को पार्टी में शामिल नहीं किया जाएगा।

प्रदेश स्तरीय कार्यशाला में भाजपा अध्यक्ष भट्ट ने कहा, मंडल व जिला स्तर संगठनात्मक चुनाव में सक्षम, समर्थ और समर्पित कार्यकर्ताओं की टीम चयन का समय आ गया है। उन्हीं के दम पर हमें 2027 में तीसरी बार भाजपा सरकार उत्तराखंड में बनानी है।

लिहाजा हमें सभी सामाजिक, क्षेत्रीय और वर्गों को ध्यान में रखते हुए मजबूत संगठन खड़ा करना है। हम सबका प्रयास होना चाहिए कि फरवरी तक जिला अध्यक्षों के चुनाव हो जाए और मार्च में होने वाले राष्ट्रीय अध्यक्षों के निर्वाचन में राज्य की भागीदारी भी सुनिश्चित हो सके। 

भट्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी कीमत पर अनुशासनहीनता करने वाले को पद न दिया जाए। इसमें प्रदेश नेतृत्व ही नहीं पर्यवेक्षकों और कार्यकर्ताओं को में सक्रिय भूमिका निभानी है। सबकी प्राथमिकता सर्वसम्मति से चुनाव कराने की होनी चाहिए।

धामी सरकार के ऐतिहासिक कार्यों की देशभर में हो रही चर्चा : चाहर

कार्यशाला में केंद्रीय पर्यवेक्षक व किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सांसद राजकुमार चाहर ने संगठन चुनाव को लेकर शीर्ष नेतृत्व के दिशा-निर्देशों की जानकारी साझा की। कहा, भाजपा के पास राष्ट्र और समाज के लिए कार्य करने वाले कार्यकर्ताओं की पूरी फौज है, जो अन्य दलों की भांति कभी थकती नहीं है। राज्य में सदस्यता अभियान की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा, 15 लाख लक्ष्य के सापेक्ष 21 लाख प्राथमिक सदस्य बनाए हैं। उन्होंने कहा, आने वाले समय में राजनीति में मातृशक्ति की भागीदारी बनी है। लिहाजा, उसके लिए अभी से संगठन को भी तैयार होना चाहिए। 20 फरवरी तक मंडल और 28 फरवरी तक सभी जिलों में अध्यक्ष के चयन किया जाना है। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की तारीफ करते हुए कहा, देशभर में उत्तराखंड सरकार के ऐतिहासिक और साहसिक कार्यों की चर्चा हो रही है।

कार्यशाला में ये रहे मौजूद

कार्यशाला में राष्ट्रीय सह कोषाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं प्रदेश सह प्रभारी रेखा वर्मा, प्रदेश महामंत्री संगठन अजेय कुमार, प्रदेश चुनाव अधिकारी खजान दास, प्रदेश महामंत्री आदित्य कोठारी, खेलेंद्र चौधरी, राजेंद्र बिष्ट, प्रदेश उपाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद कल्पना सैनी, मुकेश कोली, प्रदेश मंत्री आदित्य चौहान, मीरा रतूड़ी, प्रदेश कार्यालय सचिव कस्तूभानंद जोशी, प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान, दीप्ति रावत, नगर निगम मेयर सौरभ थपलियाल मौजूद रहे।

त्रिवेणी संगम पर सीएम धामी ने मां को लगवाई डुबकी, इच्छा पूरी कर हुए भावुक

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने त्रिवेणी संगम में मां को स्नान कराकर उनकी इच्छा पूरी की। सीएम धामी और उनकी पत्नी गीता धामी दोनों ने मिलकर मां को स्नान कराया। गंगा में डुबकी लगाने के बाद उन्होंने कहा कि यह मेरे जीवन के उन अमूल्य और भावुक क्षणों में से एक है, जिन्हें शब्दों में पिरोना संभव नहीं।

सोमवार को सीएम धामी परिवार के साथ प्रयागराज महाकुंभ पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि त्रिवेणी संगम के पुण्य सलिल में मां को स्नान कराने का सौभाग्य मिला। वेदों, शास्त्रों और पुराणों में उल्लेखित है कि कोई भी जीव माता के ऋण से कभी उऋण नहीं हो सकता क्योंकि माता ही वह प्रथम स्रोत हैं, जिनसे हमारा अस्तित्व जुड़ा हुआ है।

CM Dhami took a dip at Triveni Sangam in Prayagraj Maha Kumbh made his mother take a bath Watch Photos

माता का स्नेह अनंत, उनकी ममता अपरिमेय और उनका आशीर्वाद अक्षुण्ण होता है। इस दिव्य क्षण में अनुभव हुआ कि माँ केवल जन्मदात्री ही नहीं बल्कि सजीव तीर्थ हैं, जिनकी सेवा और सम्मान से जीवन के समस्त पुण्य फलीभूत होते हैं। यह भावपूर्ण क्षण मेरे लिए सनातन संस्कृति, परंपरा और मातृभक्ति का सजीव स्वरूप बनकर हृदयपटल पर सदैव अंकित रहेगा।इससे पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रयागराज में रविवार को आचार्य शिविर में आयोजित समानता के साथ समरसता कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

CM Dhami took a dip at Triveni Sangam in Prayagraj Maha Kumbh made his mother take a bath Watch Photos

 

इस अवसर पर सभी संतों ने उत्तराखंड राज्य में सर्वप्रथम समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने पर मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया। संतो द्वारा पुष्पमाला के साथ मुख्यमंत्री को सम्मानित किया गया।इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी संतों को धन्यवाद अर्पित करते हुए कहा कि त्रिवेणी की पवित्र भूमि और महाकुंभ के शुभ अवसर पर पूज्य संतों का आशीर्वाद मिलना सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विकसित भारत की कल्पना में पूज्य संतों का आशीर्वाद सबसे जरूरी है।न्होंने कहा समान नागरिक संहिता लागू करना, विकसित भारत की ओर कदम बढ़ाना है। मेरा जो सम्मान संतों ने किया है, वो उत्तराखंड के प्रत्येक नागरिक का सम्मान है।