Category Archive : उत्तराखंड

Uttarakhand: सिलक्यारा रेस्क्यू अभियान पर अर्नोल्ड डिक्स ने लिखी ‘द प्रोमिस’ किताब, सीएम धामी से की मुलाकात।

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ऑस्ट्रेलिया के टनल विशेषज्ञ प्रो. अर्नोल्ड डिक्स ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की। इस अवसर पर प्रो. अर्नोल्ड डिक्स ने सिलक्यारा रेस्क्यू अभियान के ऊपर लिखी पुस्तक ‘द प्रोमिस मुख्यमंत्री को भेंट की। अर्नोल्ड के नेतृत्व में ही सिल्यारा टनल अभियान सफल हुआ था।

बता दें, 12 नवंबर 2023 को सुबह 05.30 बजे उत्तरकाशी में सिलक्यारा से बड़कोट के बीच बन रही निर्माणाधीन सुरंग में धंसाव हो गया था। 41 मजदूर निर्माणाधीन सुरंग में फंस गए थे। यह घटना सुरंग के सिलक्यारा वाले हिस्से में 60 मीटर की दूरी में मलबा गिरने के कारण हुई थी। इसके बाद पाइपों के जरिए सुरंग में फंसे हुए श्रमिकों को ऑक्सीजन, पानी, बिजली, पैक भोजन की आपूर्ति के साथ बचाव कार्य शुरू किया गया।

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फंसे हुए श्रमिकों से वॉकी-टॉकी के माध्यम से भी संचार स्थापित किया गया था। इसके साथ ही श्रमिकों को निकालने के लिए पांच योजनाओं पर काम किया गया। बचाव अभियान के 17वें दिन श्रमिक बाहर आ पाए। 

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38वें राष्ट्रीय खेल कराने की उपलब्धि और अब 14 फरवरी को समापन समारोह में गृहमंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि। इसी कारण सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम गौलापार का निरीक्षण करने पहुंचे। निरीक्षण के दौरान सीएम धामी ने फेंसिंग के विजेता खिलाड़ियों को मेडल प्रदान किए। इस दौरान खेल मंत्री रेखा आर्या भी मौजूद रही। शुक्रवार को होने वाले समापन समारोह की तैयारी के चलते कलाकार श्वेता माहरा ने भी साथियों के साथ रिहर्सल किया।

1980 कार, 995 बसों और 50 बाइक के लिए बनाए पार्किंग स्थल-

परिवहन विभाग ने नेशनल गेम्स के समापन समारोह में आने वाले लोगों के वाहनों की पार्किंग की पूरी व्यवस्था कर ली गई है। शहर के अंदर 16 पार्किंग स्थल बनाए गए हैं। इन पर 1980 कारें, 995 बसें और 50 बाइक खड़ी की जा सकेंगी।

परिवहन विभाग ने वीवीआईपी के लिए स्टेडियम के 1.3 किलोमीटर के दायरे में छह पार्किंग स्थल बनाए हैं। इनमें से पहली पार्किंग नंबर एक नवाबखेड़ा में है, जो कार्यक्रम स्थल से 1.30 किलोमीटर दूर है। वहां 250 कार खड़ी होंगी। पार्किंग नंबर दो 850 मीटर दूर देवी मंदिर है, जहां 120 कारें खड़ी होंगी। इसी प्रकार 700 मीटर दूर पार्किंग नंबर तीन (पेट्रोल पंप परिसर) में 350 कारें, 350 मीटर दूर 50-50 मार्ट में 100 कारें, पार्किंग-पांच (जू डायरेक्टर आफिस), जो 70 मीटर दूर है, यहां 80 कारें खड़ी होंगी। पार्किंग नंबर छह 350 मीटर दूर आईएसबीटी पर रहेगी, वहां 250 कारों की क्षमता है।

 

Uttarakhand Cabinet Today: बजट सत्र से पहले धामी कैबिनेट, सड़क हादसे रोकने के लिए आएंगे तीन अहम प्रस्ताव.

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राज्य विधानसभा के बजट सत्र से पूर्व बुधवार को धामी कैबिनेट की बैठक होगी। इसमें सड़क हादसे रोकने संबंधी तीन अहम प्रस्ताव आएंगे। इसके अलावा आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट, भू-कानून संशोधन और पेपरलैस व वर्चुअल रजिस्ट्री संबंधी प्रस्ताव भी आने की संभावना है।

राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं के मद्देनजर धामी सरकार तीन अहम फैसले ले सकती है। सचिव परिवहन ने इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया है। इसके तहत पर्वतीय क्षेत्रों में एआरटीओ के 11 नए पद सृजित होने का प्रस्ताव शामिल है, जिससे पहाड़ों में वाहनों की जांच आसान हो सके। इनमें से 50 प्रतिशत पद पदोन्नति और 50 प्रतिशत पद सीधी भर्ती से भरे जाएंगे।

इसी प्रकार, सरकार पर्वतीय क्षेत्रों में अनुबंधित बस परमिट को पूर्ण रूप से खत्म कर सकती है। पर्वतीय मार्गों पर परिवहन निगम अपनी बसें संचालित करेगा, जिसके लिए बस खरीद की जा रही है। इस पर कैबिनेट फैसला लेगी। तीसरी सड़क सुरक्षा नीति व एक्ट भी कैबिनेट में लाए जाएंगे। इस पर मुहर लगने के बाद विधानसभा पटल पर रखा जाएगा।

आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट भी कैबिनेट बैठक में है रखी जा सकती-

इसके बाद हर दुर्घटना की जांच गहनता से समिति करेगी। जांच में दुर्घटना का कारण स्पष्ट होने के बाद संबंधित विभाग के संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी। जैसे खराब सड़क व सुरक्षा उपाय न करने के लिए लोक निर्माण विभाग जिम्मेदार होगा जबकि ड्रिंक एंड ड्राइव जैसे मामलों के लिए स्थानीय पुलिस व यातायात पुलिस को जिम्मेदार माना जाएगा। इसी प्रकार, ओवरलोडिंग, अनफिट वाहन संचालन, डीएल व परमिट न होने के मामलों के लिए परिवहन विभाग जिम्मेदार होगा। इसी हिसाब से कार्रवाई की जाएगी।

 

बजट सत्र से पूर्व आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट भी कैबिनेट बैठक में रखी जा सकती है। इसके अलाव भू-कानून में संशोधन का प्रस्ताव और पेपरलैस व वर्चुअल रजिस्ट्री का प्रस्ताव भी कैबिनेट में आ सकता है।

पूर्व सीएम की बेटी से फिल्म में निवेश और रोल दिलाने के नाम पर बड़ी ठगी, मुकदमा दर्ज

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उत्तराखंड के पूर्व सीएम व पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक की बेटी अभिनेत्री और निर्माता अरुषि निशंक से चार करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। ठगी के आरोप में मुंबई के दो फिल्म प्रोड्यूसर, मानसी वरुण बागला और वरुण प्रमोद कुमार बागला के खिलाफ देहरादून के कोतवाली शहर में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपियों ने अरुषि को फिल्म में मुख्य भूमिका देने और बड़े मुनाफे का लालच देकर करोड़ों रुपये हड़प लिए।

अभिनेत्री अपनी प्रोडक्शन फर्म हिमश्री फिल्म्स के तहत फिल्म निर्माण और एक्टिंग से जुड़ी है। उन्होंने शिकायत में बताया कि मुंबई के प्रोड्यूसर मानसी और वरुण बागला ने उनसे संपर्क किया। उन्होंने खुद को मिनी फिल्म्स प्रा. लि. के डायरेक्टर बताते हुए कहा कि वे आंखों की गुस्ताखियां  फिल्म का निर्माण कर रहे हैं, जिसमें शनाया कपूर और विक्रांत मैसी मुख्य भूमिका में हैं।

 

सीएम धामी ने लिया था फिल्म के सेट पर उद्घाटन समारोह में भाग
इन प्रोड्यूसर्स ने कहा कि इस फिल्म में एक और मुख्य भूमिका है, जिसे अरुषि को निभाने के लिए ऑफर किया गया। लेकिन इसके लिए शर्त रखी गई कि उन्हें पांच करोड़ रुपये का इन्वेस्टमेंट करना होगा, जिससे उन्हें फिल्म की कमाई में 20% का हिस्सा मिलेगा। उन्होंने वादा किया कि अगर अरुषि को स्क्रिप्ट पसंद नहीं आई या वे संतुष्ट नहीं हुईं तो उनकी रकम 15% ब्याज के साथ लौटा दी जाएगी।

अरुषि ने इन बातों पर भरोसा कर लिया और 9 अक्तूबर 2024 को हिमश्री फिल्म्स और मिनी फिल्म्स के बीच एमओयू साइन हुआ। इसके बाद 10 अक्तूबर 2024 को उन्होंने पहली किश्त के रूप में 2 करोड़ रुपये दिए। लेकिन बाद में अलग-अलग दबाव और बहानों से उनसे 19 नवंबर 2024 को 1 करोड़, 27 अक्तूबर 2024 को 25 लाख, और 30 अक्तूबर 2024 को 75 लाख रुपये और ले लिए गए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने फिल्म के सेट पर उद्घाटन समारोह में भाग लिया था।

महाकुंभ की तरह सबके लिए समान भाव रखता है यूसीसी’

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देश में सबसे पहले उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू करने के बाद महाकुंभ पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यूसीसी भी महाकुंभ की तरह ही लोगों में समान भाव रखता है। कोई भेदभाव नहीं है। अब जहां लोगों को शादी का रजिस्ट्रेशन कराना होगा, वहीं तलाक भी कोर्ट के आदेश पर ही हो सकेगा। महिलाओं को भी समान अधिकार दिए गए हैं,उत्तराखंड देवभूमि है। यहां हर साल करोड़ों श्रद्धालु चारधाम, हरिद्वार, नीम करौली समेत विभिन्न जगहों पर धार्मिक आयोजनों में हिस्सा लेने आते हैं। ऐसे में यह आवश्यक हो जाता है कि यहां की सामाजिक संरचना में कोई भेदभाव या असमानता न हो। यूसीसी लागू करने का कदम समाज में समान अधिकार और कर्तव्यों की भावना को सुदृढ़ करेगा।

 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि महाकुंभ केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है। यह भारतीय संस्कृति, एकता और समरसता का प्रतीक है। करोड़ों लोगों के इस आयोजन में भाग लेने से यह स्पष्ट होता है कि हमारी संस्कृति विविधता में एकता को मान्यता देती है। यूसीसी इस भावना को और मजबूत करेगा। जब एक समान कानून होगा, तो हर व्यक्ति यह महसूस करेगा कि वह इस देश का अभिन्न हिस्सा है और यही भावना महाकुंभ की आत्मा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यूसीसी का उद्देश्य किसी समुदाय की परंपराओं या धर्म में हस्तक्षेप करना नहीं है। बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि सभी नागरिक समान अधिकारों और कर्तव्यों के साथ एक समाज में रहें। महाकुंभ जैसे आयोजन में सभी लोग बिना भेदभाव के एकत्रित हो सकते हैं, तो समाज में भी यह भावना यूसीसी के माध्यम से स्थापित हो सकती है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यूसीसी का उद्देश्य धार्मिक स्वतंत्रता को सीमित करना नहीं, इसे और सुदृढ़ करना है। यह सुनिश्चित करेगा कि हर व्यक्ति को बिना भेदभाव के अधिकार मिले। महाकुंभ की तरह, जहां लोग अपने तरीके से पूजा-अर्चना करता है, यूसीसी भी व्यक्तिगत स्वतंत्रता को बनाए रखते हुए समानता की भावना को बढ़ावा देगा।उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू (यूसीसी) करने पर सीएम पुष्कर सिंह धामी को प्रयागराज के संत समागम में सम्मानित किया गया। धामी ने कहा, संतों की ओर से मेरा सम्मान उत्तराखंड के हर नागरिक का सम्मान है। देवभूमि में किसी भी धर्म या जाति के लिए अब समान कानून हैं। समागम में आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज, स्वामी चिदानंद मुनि महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी बालकानंद गिरी समेत कई संत मौजूद रहे।

अनुशासनहीनों को भाजपा नहीं देगी संगठन में कोई भी पद

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भाजपा संगठनात्मक चुनाव को लेकर प्रदेश स्तरीय कार्यशाला में 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए संगठन को मजबूत करने का संकल्प लिया गया। प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा, अनुशासनहीन व पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल व्यक्ति को संगठन में कोई पद दिया जाएगा और न ही ऐसे व्यक्ति को पार्टी में लिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्दलीयों को पार्टी में शामिल नहीं किया जाएगा।

प्रदेश स्तरीय कार्यशाला में भाजपा अध्यक्ष भट्ट ने कहा, मंडल व जिला स्तर संगठनात्मक चुनाव में सक्षम, समर्थ और समर्पित कार्यकर्ताओं की टीम चयन का समय आ गया है। उन्हीं के दम पर हमें 2027 में तीसरी बार भाजपा सरकार उत्तराखंड में बनानी है।

लिहाजा हमें सभी सामाजिक, क्षेत्रीय और वर्गों को ध्यान में रखते हुए मजबूत संगठन खड़ा करना है। हम सबका प्रयास होना चाहिए कि फरवरी तक जिला अध्यक्षों के चुनाव हो जाए और मार्च में होने वाले राष्ट्रीय अध्यक्षों के निर्वाचन में राज्य की भागीदारी भी सुनिश्चित हो सके। 

भट्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी कीमत पर अनुशासनहीनता करने वाले को पद न दिया जाए। इसमें प्रदेश नेतृत्व ही नहीं पर्यवेक्षकों और कार्यकर्ताओं को में सक्रिय भूमिका निभानी है। सबकी प्राथमिकता सर्वसम्मति से चुनाव कराने की होनी चाहिए।

धामी सरकार के ऐतिहासिक कार्यों की देशभर में हो रही चर्चा : चाहर

कार्यशाला में केंद्रीय पर्यवेक्षक व किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सांसद राजकुमार चाहर ने संगठन चुनाव को लेकर शीर्ष नेतृत्व के दिशा-निर्देशों की जानकारी साझा की। कहा, भाजपा के पास राष्ट्र और समाज के लिए कार्य करने वाले कार्यकर्ताओं की पूरी फौज है, जो अन्य दलों की भांति कभी थकती नहीं है। राज्य में सदस्यता अभियान की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा, 15 लाख लक्ष्य के सापेक्ष 21 लाख प्राथमिक सदस्य बनाए हैं। उन्होंने कहा, आने वाले समय में राजनीति में मातृशक्ति की भागीदारी बनी है। लिहाजा, उसके लिए अभी से संगठन को भी तैयार होना चाहिए। 20 फरवरी तक मंडल और 28 फरवरी तक सभी जिलों में अध्यक्ष के चयन किया जाना है। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की तारीफ करते हुए कहा, देशभर में उत्तराखंड सरकार के ऐतिहासिक और साहसिक कार्यों की चर्चा हो रही है।

कार्यशाला में ये रहे मौजूद

कार्यशाला में राष्ट्रीय सह कोषाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं प्रदेश सह प्रभारी रेखा वर्मा, प्रदेश महामंत्री संगठन अजेय कुमार, प्रदेश चुनाव अधिकारी खजान दास, प्रदेश महामंत्री आदित्य कोठारी, खेलेंद्र चौधरी, राजेंद्र बिष्ट, प्रदेश उपाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद कल्पना सैनी, मुकेश कोली, प्रदेश मंत्री आदित्य चौहान, मीरा रतूड़ी, प्रदेश कार्यालय सचिव कस्तूभानंद जोशी, प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान, दीप्ति रावत, नगर निगम मेयर सौरभ थपलियाल मौजूद रहे।

त्रिवेणी संगम पर सीएम धामी ने मां को लगवाई डुबकी, इच्छा पूरी कर हुए भावुक

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने त्रिवेणी संगम में मां को स्नान कराकर उनकी इच्छा पूरी की। सीएम धामी और उनकी पत्नी गीता धामी दोनों ने मिलकर मां को स्नान कराया। गंगा में डुबकी लगाने के बाद उन्होंने कहा कि यह मेरे जीवन के उन अमूल्य और भावुक क्षणों में से एक है, जिन्हें शब्दों में पिरोना संभव नहीं।

सोमवार को सीएम धामी परिवार के साथ प्रयागराज महाकुंभ पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि त्रिवेणी संगम के पुण्य सलिल में मां को स्नान कराने का सौभाग्य मिला। वेदों, शास्त्रों और पुराणों में उल्लेखित है कि कोई भी जीव माता के ऋण से कभी उऋण नहीं हो सकता क्योंकि माता ही वह प्रथम स्रोत हैं, जिनसे हमारा अस्तित्व जुड़ा हुआ है।

CM Dhami took a dip at Triveni Sangam in Prayagraj Maha Kumbh made his mother take a bath Watch Photos

माता का स्नेह अनंत, उनकी ममता अपरिमेय और उनका आशीर्वाद अक्षुण्ण होता है। इस दिव्य क्षण में अनुभव हुआ कि माँ केवल जन्मदात्री ही नहीं बल्कि सजीव तीर्थ हैं, जिनकी सेवा और सम्मान से जीवन के समस्त पुण्य फलीभूत होते हैं। यह भावपूर्ण क्षण मेरे लिए सनातन संस्कृति, परंपरा और मातृभक्ति का सजीव स्वरूप बनकर हृदयपटल पर सदैव अंकित रहेगा।इससे पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रयागराज में रविवार को आचार्य शिविर में आयोजित समानता के साथ समरसता कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

CM Dhami took a dip at Triveni Sangam in Prayagraj Maha Kumbh made his mother take a bath Watch Photos

 

इस अवसर पर सभी संतों ने उत्तराखंड राज्य में सर्वप्रथम समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने पर मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया। संतो द्वारा पुष्पमाला के साथ मुख्यमंत्री को सम्मानित किया गया।इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी संतों को धन्यवाद अर्पित करते हुए कहा कि त्रिवेणी की पवित्र भूमि और महाकुंभ के शुभ अवसर पर पूज्य संतों का आशीर्वाद मिलना सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विकसित भारत की कल्पना में पूज्य संतों का आशीर्वाद सबसे जरूरी है।न्होंने कहा समान नागरिक संहिता लागू करना, विकसित भारत की ओर कदम बढ़ाना है। मेरा जो सम्मान संतों ने किया है, वो उत्तराखंड के प्रत्येक नागरिक का सम्मान है।

Uttarakhand Budget Session: 18 फरवरी से देहरादून में होगा पहला पेपरलेस बजट सत्र, अधिसूचना हुई जारी.

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बजट सत्र 18 फरवरी से देहरादून विधानसभा में होगा। विधानसभा सचिवालय ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। पहली बार देहरादून में पेपरलेस सत्र होगा। इसके विधानसभा सचिवालय की तैयारी पूरी है। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) की ओर से 18 फरवरी से बजट सत्र आहूत करने की मंजूरी दी गई।

 

Uttarakhand News: चारधाम के प्रवेश द्वार में श्रद्धालुओं को मिलेगी अब सभी सुविधाएं, जानिए क्या है खास तैयारी.

सत्र सुबह 11 बजे शुरू होगा। पहले दिन राज्यपाल का अभिभाषण होगा। इससे माना जा रहा है कि प्रदेश सरकार 19 फरवरी को वित्तीय वर्ष 2025-26 का बजट पेश कर सकती है। देहरादून में पहली बार सत्र पेपरलेस होगा। इसके लिए विधानसभा सभा मंडप में सभी सदस्यों के बैठने के स्थान पर टैबलेट लगाए गए हैं। इसके माध्यम से विधायकों को विधायी कार्य की जानकारी व सूचना मिलेगी। 

Uttarakhand News: चारधाम के प्रवेश द्वार में श्रद्धालुओं को मिलेगी अब सभी सुविधाएं, जानिए क्या है खास तैयारी.

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चारधाम यात्रा का प्रवेश द्वार कहे जाने वाले हरिद्वार में ही यात्रियों की सुविधाओं के लिए वृहद प्लान तैयार किया जा रहा है। इसके लिए ऋषिकेश ट्रांजिट कैंप की तर्ज पर एक ही परिसर में तीर्थ यात्रियों को सारी सुविधाएं मिल सकेंगी। वहीं, उनके ठहरने और यात्रा पड़ाव के तौर पर अन्य सुविधाओं को विकसित करने की योजना भी बन रही है। फिलहाल अभी शासन ने नगर निगम प्रशासन को स्थल चिह्नित करने के निर्देश दिए हैं।

 

शासन की मंशा के अनुरूप पर्यटन विभाग नगर निगम से जमीन लेगा। वहीं, प्रवर्तन और पुलिस विभाग इस प्रस्ताव की रूपरेखा में अहम कड़ी के रूप में कार्य करेंगे। यह उसी तरह से व्यवस्था देने के लिए बनाया जाएगा जैसे ऋषिकेश स्थित पंजीकरण कार्यालय एवं ट्रांज़िट कैंप में तीर्थयात्रियों के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। एक ही छत के नीचे सभी सुविधाएं देने का प्रयास किया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि यात्रा सुविधाओं के क्रम में एक ही स्थान पर यात्री को अलग-अलग काउंटर पर पूरी जानकारी दी जा सके इसकी भी व्यवस्था की जानी है। एक विशाल क्षेत्र को चिन्हित करने के निर्देश भी शासन स्तर से मिले हैं। इसके क्रम में नगर निगम प्रशासन के साथ अन्य सहयोगी विभागों ने स्थल चिन्हित करने का कार्य शुरू भी कर दिया है।

हरिद्वार स्नान के बाद चारधाम यात्रा शुरू करने की है परंपरा-

 

यात्रा सीजन में श्रद्धालु मान्यता के अनुसार पहले हरिद्वार में हरकी पैड़ी पर स्नान के बाद यात्रा की शुरुआत करते हैं। इस दृष्टिकोण से हरिद्वार को ही मुख्यत: चारधाम यात्रा का प्रवेश द्वार माना जाता है। ऐसेे मेंं यात्रियों को पंजीकरण कराने की अनिवार्यता से परेशानी होती ही है। आगे की यात्रा के लिए ऋषिकेश जाना पड़ता है। यहां से बस या अन्य संसाधन की सुविधा मिलती है। इस समस्या के निस्तारण के लिए ही हरिद्वार में यात्री सुविधाओं को विकसित करने की योजना बनी है। एक ही परिसर में पंजीकरण और वहीं से यात्रा की शुरुआत हो सकेगी। यात्रियों को निर्धारित शुल्क पर ही यात्रा की सुविधा मिलेगी। कई बार यात्रा सीजन में प्राइवेट टैक्सी चालक ऋषिकेश तक पहुंचाने में यात्रियों से मनचाहा रुपया वसूल करते हैं। इन समस्याओं से भी उन्हें राहत मिल सकेगी। यात्रा की संपूर्ण गतिविधियों पर आरटीओ प्रशासन और पर्यटन विभाग भी निगरानी कर सकेगा।

कुछ इस तरह से मिलेंगी सुविधाएं-

 

– ऑफलाइन पंजीकरण व टोकन सुविधा होगी।

– स्वास्थ्य जांच व अस्पताल, निशुल्क दवाएं मिल सकेंगी।

– बैठने के लिए वातानुकूलित हॉल, कूलर पंखों की सुविधा मिलेगी।

– मनोरंजन के लिए टीवी की सुविधा और समाचार पत्र पत्रिकाओं का स्टॉल होगा।

– यात्रियों के आराम करने के लिए डोरमेट्री की सुविधा होगी।

– स्नानघर व शौचालयों की सुविधा मिलेगी।

– कैंटीन की सुविधा होगी जिसमें शुद्ध सात्विक भोजन मिलेगा।

 

स्थल चिह्नित करने के निर्देश मिले हैं। विभिन्न विभागों के सहयोेग से शहर के राष्ट्रीय राजमार्ग के आसपास उपलब्ध भूमि का चयन किया जा रहा है। इसकी पूरी रिपोर्ट शासन को प्रेषित की जाएगी। अग्रिम कार्रवाई शासन से मिले निर्देश के आधार पर किया जाएगा। फिलहाल भूपतवाला में एक पार्किंग और उसी से जुड़े खसरा नंबर को अभी देखा गया है। जैसे ही इसकी अगली प्रक्रिया को लेकर निर्देश मिलता है तो गति दी जाएगी। -वरुण चौधरी, मुख्य नगर आयुक्त, नगर निगम हरिद्वार

National Games 2025: 38वें नेशनल गेम्स में उत्तराखंड का नया रिकॉर्ड, अब तक के इतिहास में पहली बार जीते पांच स्वर्ण पदक.

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राष्ट्रीय खेलों में सोना जीतने में बृहस्पतिवार को उत्तराखंड ने नया रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज कर लिया। ताइक्वांडों में राज्य की पूजा यादव के स्वर्ण पदक जीतते ही राज्य को मिले स्वर्ण पदकों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है। यह पिछले सभी राष्ट्रीय खेलों में अब तक का रिकॉर्ड है।

राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड को अभी बॉक्सिंग और एथलेटिक्स सहित कई खेलों में पदकों की उम्मीद है। राज्य के पांच मुक्केबाज निवेदिता, काजल, हिमांशु सोलंकी, कपिल पोखरिया और नरेंद्र सिंह ने बॉक्सिंग के फाइनल में पहुंच गए हैं। ये खिलाड़ी गोल्ड के लिए आज विभिन्न राज्यों के खिलाड़ियों को अपने मुक्कों का दम दिखाएंगे।

ताइक्वांडों में भी राज्य के चार पदक पक्के हो गए हैं। फुटबॉल में भी राज्य के खिलाड़ियों ने फाइनल में पहुंचकर इतिहास रचा है। फुटबॉल के आज होने वाले फाइनल मुकाबले में राज्य के खिलाड़ी गोल्ड के लिए टक्कर देंगे। इसके अलावा, कुछ अन्य खेलों में भी राज्य को पदकों की उम्मीद है।

 

उत्तराखंड को अब तक इन खेलों में मिले पांच स्वर्ण- उत्तराखंड को वुशु में पहला स्वर्ण पदक मिला। लॉन बॉल, योगासन, कैनोइंग और कयाकिंग और ताइक्वांडो में भी उत्तराखंड सोना जीत चुका है।

 

पिछले राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड को मिले पदक-

आयोजन राष्ट्रीय खेल रैंक स्वर्ण रजत कांस्य कुल पदक
गोवा 37वें 25वीं  3  7 14 24
गुजरात 36वें 26वीं 1 8 9 18
केरल 35वें 23वीं 2 5 12 19
झारखंड 34वें 19वीं 4 4  5 13
गुवाहटी 33वें 18वीं 4 4  5 13