Tag Archive : Uttarakhand News

Uttarakhand: अब शिक्षकों के खाली पदों पर भर्ती से पहले वित्त और कार्मिक विभाग की सहमति जरूरी, आदेश हुए जारी.

74 Minutes Read -

सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के खाली पदों पर भर्ती करने से पहले अब वित्त और कार्मिक विभाग की सहमति लेना अनिवार्य होगा। शासन ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। आदेश में कहा गया है कि छात्र-छात्राओं की संख्या में कमी की वजह से यह संभव है कि स्कूलों में शिक्षकों के पद जरूरत से अधिक हों। बजट की समीक्षा बैठक में यह बात सामने आई है।

शासन ने शिक्षा महानिदेशक को जारी आदेश में कहा, पूर्व में राज्य सरकार के विभिन्न शासनादेशों के माध्यम से छात्र संख्या के आधार पर माध्यमिक और प्रांरभिक शिक्षा विभाग के तहत शिक्षकों के पद सृजित किए गए हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट की समीक्षा में संज्ञान में आया कि स्कूलों में छात्र-छात्राओं की संख्या में लगातार कमी की वजह से संभव है कि शिक्षकों के पद जरूरत से ज्यादा हो रहे हैं।

ऐसे में शिक्षकों की भर्ती से पहले वित्त और कार्मिक विभाग को भर्ती के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा। प्रस्ताव में यह बताया जाएगा कि वर्तमान में स्कूलों में शिक्षकों के स्वीकृत पद और छात्रों की संख्या कितनी है। प्रस्तावित भर्ती का औचित्य और वित्तीय व्ययभार का विवरण भी देना होगा। वहीं, इस मामले में अपर निदेशक शिक्षा महानिदेशालय पदमेंद्र सकलानी ने निदेशक माध्यमिक शिक्षा को पत्र लिखा है।

बंदी की कगार पर हैं तीन हजार से ज्यादा स्कूल-

प्रदेश के सरकारी स्कूलों में छात्र-छात्राओं की संख्या तेजी से घट रही है। यही वजह है कि तीन हजार से ज्यादा स्कूल बंदी की कगार पर हैं। इसमें छात्र-छात्राओं की संख्या दस या फिर इससे भी कम रह गई है।

 

शिक्षा विभाग में पहले शिक्षकों के 2600 पद खत्म कर दिए गए थे, अब कुछ अन्य पद समाप्त किए जाने की तैयारी है। यह सार्वजनिक शिक्षा को समाप्त करने की साजिश है। -डॉ सोहन माजिला, पूर्व प्रांतीय महामंत्री राजकीय शिक्षक संघ

Uttarakhand: प्रदेश में बिजली की मांग में उछाल, बाजार में भारी किल्लत से संकट शुरू, कई जगह हुई बिजली की कटौती.

119 Minutes Read -

प्रदेश में बिजली की मांग में भारी बढ़ोतरी, बाजार में भारी किल्लत की वजह से बिजली संकट शुरू हो गया है। पिछले दो दिनों में न केवल ग्रामीण बल्कि छोटे कस्बों और फर्नेश इंडस्ट्री में भी यूपीसीएल ने कटौती शुरू कर दी है। हालात ये हैं कि बाजार में भी यूपीसीएल को बिजली 10 रुपये प्रति यूनिट से कम नहीं मिल रही।

प्रदेश में एक मार्च को बिजली की मांग 3.8 करोड़ यूनिट थी। जैसे-जैसे गर्मी बढ़ रही है, मांग भी तेजी से उछल रही है। बृहस्पतिवार को बिजली की मांग बढ़कर 4.5 करोड़ यूनिट पर पहुंच गई। इसके सापेक्ष यूजेवीएनएल की बिजली केवल 90 लाख यूनिट मिल रही है, जबकि केंद्रीय पूल से 1.3 करोड़ यूनिट। कुल मिलाकर बिजली की उपलब्धता करीब 2.3 करोड़ यूनिट है। यूपीसीएल बाजार से करीब 70 लाख यूनिट खरीदने को मजबूर है।

बिजली की किल्लत की वजह से पिछले दो दिनों में हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर के ग्रामीण इलाकों में करीब दो से ढाई घंटे, छोटे कस्बों में करीब एक से डेढ़ घंटे और स्टील फर्नेश इंडस्ट्री में भी करीब दो घंटे की कटौती की जा रही है। यूपीसीएल प्रबंधन के मुताबिक, बाजार में बिजली की भारी किल्लत है। इंडियन एनर्जी एक्सचेंज में भी 10 रुपये प्रति यूनिट पर भी बिजली उपलब्ध नहीं हो पा रही है।

गैस किल्लत से बिजली उत्पादन प्रभावित-

इस्राइल-ईरान युद्ध के कारण गैस की कमी होने से गैस आधारित पावर प्लांट भी संकट में हैं। इस कारण यूपीसीएल के काशीपुर स्थित 214 मेगावाट का श्रावंती, गामा कंपनी का बिजली उत्पादन भी बंद है। इन्हें उत्पादन के लिए बाजार से गैस खरीदनी होगी, जो कि इस वक्त या तो उपलब्ध नहीं है या फिर महंगे दामों में मिल रही है। महंगी गैस से उत्पादन करने की सूरत में यूपीसीएल को इनकी बिजली 10 रुपये यूनिट से भी अधिक पैसे में मिलेगी। यूपीसीएल के एमडी अनिल कुमार का कहना है कि बाजार से मांग के सापेक्ष आपूर्ति पूरी करने का प्रयास किया जा रहा है।

 

नियामक आयोग ने 150 मेगावाट पीपीए रोका-

यूपीसीएल ने 500 मेगावाट बिजली खरीद का पीपीए नियामक आयोग की अनुमति के बाद किया था। इसमें से 350 मेगावाट बिजली तो तकनीकी दिक्कतों के कारण नहीं मिल पाई। 150 मेगावाट बिजली पर भी नियामक आयोग ने रोक लगा दी है। जानकारी के मुताबिक, इसका पीपीए करने के लिए नियामक आयोग से अनुमति लेनी होगी।

Uttarakhand News: पर्वतीय क्षेत्रों में बनेंगे 17 नए मिनी स्टेडियम, राज्य में खेलों को मिलेगा बढ़ावा.

67 Minutes Read -

प्रदेश के खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों के लिए खुशखबरी है। राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में 17 नए मिनी स्टेडियम बनेंगे। युवा कल्याण विभाग के तहत टिहरी, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, पौड़ी सहित विभिन्न जिलों के लिए हैं 11 स्टेडियम प्रस्तावित हैं। वहीं, छह निर्माणाधीन हैं।

युवा कल्याण विभाग के अधिकारियों के मुताबिक टिहरी के नैलचामी, घरगांव डांडा, पिथौरागढ़ के ग्यालदेवी, उत्तरकाशी के ग्राम पंचायत भंकोली के राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, पौड़ी जिले के एकेश्वर ब्लॉक मुख्यालय और दुगड्डा में मिनी स्टेडियम का निर्माण प्रस्तावित है।

इसके अलावा नैनीताल जिले के भीमताल, चंपावत के बनबसा, बागेश्वर के देवतोली और अल्मोड़ा जिले के छौलछीना में मिनी स्टेडियम का निर्माण किया जाएगा। खेल मंत्री रेखा आर्या के मुताबिक वर्तमान में राज्य में खेल विभाग के 30 और युवा कल्याण विभाग के 102 मिनी स्टेडियम हैं।

Uttarakhand: प्रदेश में घरेलू गैस सिलेंडर की कोई कमी नहीं; अफवाहों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश- सीएम धामी

60 Minutes Read -

Dehradun: मध्यपूर्व के देशों में उत्पन्न परिस्थितियों के मद्देनज़र प्रदेश में एलपीजी एवं ईंधन आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा के लिए मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने भराडीसैंण में उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में सभी जिलों के जिलाधिकारी तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। साथ ही इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के स्टेट लेवल कोऑर्डिनेटर और अन्य संबंधित अधिकारी भी बैठक में उपस्थित रहे।

मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में घरेलू गैस सिलेंडरों की पर्याप्त उपलब्धता है और किसी भी प्रकार की कमी नहीं है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अफवाहों पर कड़ी नजर रखी जाए और किसी भी स्थिति में कानून-व्यवस्था को प्रभावित न होने दिया जाए।

जिलों में सतर्कता बढ़ाने के निर्देश-

मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए रखें। उन्होंने कहा कि किसी भी असामाजिक तत्व द्वारा अफवाह फैलाने या माहौल खराब करने की कोशिश की जाती है तो उसके खिलाफ तत्काल और सख्त कार्रवाई की जाए।

गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी पर सख्ती-

बैठक में गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी, अवैध भंडारण और डायवर्जन पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए गए। इसके लिए जिलों में नियमित रूप से छापेमारी अभियान चलाने को कहा गया है।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि तहसील स्तर पर एसडीएम की अध्यक्षता में क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) गठित की जाए। यह टीम गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी या अवैध स्टॉकिंग करने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करेगी।

ऑयल कंपनियों से निरंतर समन्वय बनाए रखने को कहा-

मुख्य सचिव ने जिलों में कार्यरत ऑयल कंपनियों और गैस एजेंसियों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी संभावित समस्या की जानकारी तुरंत राज्य स्तर पर साझा की जाए ताकि समय रहते समाधान किया जा सके।

घरेलू गैस की पर्याप्त उपलब्धता-

बैठक में इंडियन ऑयल के स्टेट लेवल कोऑर्डिनेटर कृष्ण कुमार गुप्ता और स्वर्ण सिंह ने जानकारी दी कि राज्य में घरेलू गैस सिलेंडरों की पर्याप्त उपलब्धता है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में गैस आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और किसी भी प्रकार की कमी नहीं है।
अधिकारियों ने कहा कि सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैल रही अफवाहों पर नियंत्रण रखना आवश्यक है।

अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को प्राथमिकता-

बैठक में निर्णय लिया गया कि वाणिज्यिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति प्राथमिकता के आधार पर अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को की जाएगी। फिलहाल होटल, ढाबों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को व्यवसायिक सिलेंडरों की आपूर्ति सीमित रखी जाएगी ताकि आवश्यक सेवाओं में किसी प्रकार की बाधा न आए।

कंट्रोल रूम सक्रिय रखने के निर्देश-

मुख्य सचिव ने राज्य स्तरीय आपदा कंट्रोल रूम और जनपद स्तरीय कंट्रोल रूम को सक्रिय रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी स्थिति पर लगातार नजर रखें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करें।
इसके साथ ही जिलाधिकारी और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के आयुक्त को निर्देश दिए गए कि वे प्रतिदिन प्रेस ब्रीफिंग के माध्यम से गैस सिलेंडरों की उपलब्धता और आपूर्ति की जानकारी जनता तक पहुंचाएं।

अफवाह फैलाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई-

मुख्य सचिव ने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व गैस सिलेंडरों की कमी को लेकर अफवाह फैलाने की कोशिश कर सकते हैं। ऐसे में सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर फैलाए जा रहे भ्रामक प्रचार पर तुरंत रोक लगाई जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।

बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद-

बैठक में पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, प्रमुख सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति एल. फैनई, सचिव गृह शैलेश बगौली, सचिव/आयुक्त खाद्य आनंद स्वरूप तथा महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी उपस्थित रहे।

इसके अलावा इंडियन ऑयल के स्टेट लेवल कोऑर्डिनेटर कृष्ण कुमार गुप्ता सहित सभी जिलों के जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।

Woman’s Day: राज्यपाल ने महिलाओं को किया सम्मानित, मंत्री रेखा आर्य ने कहा- घर से ही शुरू होगा महिला सशक्तीकरण.

77 Minutes Read -

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर राजभवन स्थित लोक भवन में महिला कल्याण उत्कृष्ट सेवा सम्मान एवं ‘मेरी पहचान–2026’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान  राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह  और महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों, अधिकारियों और सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखंड की महिलाओं ने पिछले एक दशक में बहुत तेजी से प्रगति की है और 2047 के विकसित भारत में यहां की महिलाएं बड़ा योगदान करेंगी।

इस अवसर पर मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि उत्तराखंड सरकार महिलाओं और बच्चों के कल्याण के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है। राज्य सरकार ने वात्सल्य योजना लागू की है। अनाथ किशोर-किशोरियों को सरकारी नौकरियों में पांच प्रतिशत और महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया है, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

EXAM: उत्तराखंड बोर्ड की 10 वीं और 12 वीं की परीक्षाएं होंगी कल से शुरु,परीक्षा केंद्रों के आधार पर सेक्टर बनाने के आदेश.

84 Minutes Read -

उत्तराखंड बोर्ड की 10 वीं और 12 वीं की परीक्षाएं कल से शुरू हो रही है। परीक्षा में सुरक्षा और नकल रोकने के लिए कड़े इंतजाम किए गए हैं। शासन ने राजस्व अधिकारियों को सेक्टर मजिस्ट्रेट बनाने का आदेश किया है। 21 फरवरी से शुरू हो रही परीक्षा 20 मार्च 2026 तक चलेगी। इसके लिए प्रदेश भर में 1261 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इसमें 156 संवेदनशील और छह अति संवेदनशील घोषित किए गए हैं।

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सभी जिलाधिकारियों को आदेश जारी किया है कि परीक्षा केंद्रों पर केंद्र व्यस्थापक और कक्ष निरीक्षकों को पूरी सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए ताकि वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूर्ण उत्तरदायित्व के साथ करते हुए परीक्षाओं की पवित्रता को अक्षुण्ण रख सकें। इसके अलावा यह भी जरूरी है कि परीक्षा के लिए तैयार कराए गए प्रश्नपत्रों की गोपनीयता किसी भी स्थिति में भंग न हो। मुख्य सचिव ने आदेश में यह भी कहा कि अनुचित साधनों, प्रश्न पत्र की गोपनीयता भंग करने और हिंसक कृत्य जैसे अपराधों के खिलाफ कड़ी एवं प्रभावी कार्रवाई की जाए।

परीक्षा केंद्रों के आधार पर सेक्टर बनाने के आदेश-

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सभी जिलाधिकारियों को परीक्षा केंद्रों के आधार पर सेक्टर बनाने का आदेश जारी किया है। आदेश में कहा गया है कि परीक्षाएं सुचारु रूप से संपंन कराने के लिए परीक्षा केंद्रों को संख्या के आधार पर सेक्टरों में विभाजित करें। हर सेक्टर में परगानधिकारी, सिटी मजिस्ट्रेट व डिप्टी कलेक्टरों व अन्य समकक्ष अधिकारियों को सेक्टर मजिस्ट्रेट बनाकर यह सुनिश्चित करें कि परीक्षा के दौरान परीक्षा केंद्रों का सेक्टर मजिस्ट्रेट प्रभावी निरीक्षण करें। यह प्रयास किया जाए कि एक सेक्टर में 10-12 से अधिक केंद्र न हों। प्रत्येक सेक्टर मजिस्ट्रेट अपने सेक्टर के लिए उत्तरदायी होंगे। बोर्ड परीक्षा में किसी भी दशा में नकल और अनुचित साधन का प्रयोग न हो।

1261 केंद्रों पर दो लाख से ज्यादा परीक्षार्थी देंगे परीक्षा-

उत्तराखंड बोर्ड की परीक्षाओं को लेकर बनाए गए 1261 केंद्रों पर दो लाख से ज्यादा परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। इसमें हाईस्कूल में 112679 छात्र-छात्राओं में से 110573 संस्थागत और 2106 व्यक्तिगत परीक्षार्थी हैं। जबकि इंटरमीडिएट में 103442 परीक्षार्थियों में से 99345 संस्थागत और 4097 व्यक्तिगत परीक्षार्थी हैं।

 

हरिद्वार जिले में सबसे अधिक चार अतिसंवेदनशील केंद्र-

प्रदेश में कुल छह अतिसंवेदनशील केंद्रों में से हरिद्वार जिले में सबसे अधिक चार अतिसंवेदनशील केंद्र हैं। जबकि एक केंद्र पिथौरागढ़ और एक अल्मोड़ा जिले में है। इसके अलावा इस बार 24 नए केंद्र बनाए गए हैं। वहीं, 50 एकल केंद्र हैं।

सामूहिक नकल की सूचना पर उस पाली की परीक्षा होगी रद्द-

शिक्षा सचिव रविनाथ रामन ने जारी आदेश में कहा है कि किसी परीक्षा केंद्र में सामूहिक नकल की सूचना मिलने पर या संदेह होने पर प्रश्न पत्र बदल दिए जाएं या उस पाली की परीक्षा को रद्द कर दिया जाए। वहीं, परीक्षा को दूसरे केंद्र पर करवाया जाए। परीक्षा केंद्र में किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, सेलुलर फोन, डिजिटल घड़ी, ब्लूटूथ डिवाइस, इयर फोन, स्मार्ट फोन, पेजर या किस किसी तरह के संचार उपकरण ले जाने की अनुमति नहीं होगी।

परीक्षा केंद्रों की 100 गज की दूरी पर धारा 163 लागू-

परीक्षा केंद्रों की 100 गज की दूरी पर धारा 163 लागू की गई है। इस दायरे में पांच या अधिक लोग नहीं जुट सकेंगे। वहीं, हथियार लाने व लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर रोक रहेगी।

प्रवेश पत्र भूल गए तो घबराएं नहीं, दूसरा मिलेगा-

बोर्ड परीक्षा के दौरान कोई परीक्षार्थी प्रवेश पत्र भूल गया या उसका प्रवेश पत्र खो गया तो घबराएं नहीं, केंद्र व्यवस्थापक को आदेश दिए गए हैं कि वे अनुक्रमांक सूची देकर एक प्रश्न पत्र या अधिकतम एक विषय में परीक्षा के लिए प्रवेश देंगे। अन्य विषयों की परीक्षा में शामिल होने के लिए स्कूल प्रधानाचार्य छात्र के लिए दूसरा प्रवेश पत्र जारी करेंगे।

 

रामनगर बोर्ड ने जारी किए परीक्षार्थियों के लिए आदेश-

उत्तराखंड बोर्ड की 21 फरवरी से शुरू हो रही परीक्षा को लेकर रामनगर बोर्ड की ओर से परीक्षार्थियों के लिए आदेश जारी किया गया है। परीक्षार्थी अपना प्रवेश पत्र साथ लेकर आए, देर से आने या अनुपस्थित होने पर प्रश्न पत्र की तिथि और समय का पता न होने का बहाना नहीं चलेगा। प्रश्न पत्र मिलने से पहले उत्तर पुस्तिका के आवरण पृष्ठ में दिए खाने भरने के अलावा उस पृष्ठ के ऊपर या उत्तर पुस्तिका के भीतर कुछ न लिखें। ऐसा करने पर अनुचित साधन का प्रयोग किया जाना माना जाएगा। इसके अलावा उत्तर पुस्तिका के ऊपर या भीतर ओम या 786 न लिखा जाए। कोई ऐसी बात जिससे उसका नाम या धर्म प्रकट हो। परीक्षा केंद्र या उसके बाहर निरीक्षक, केंद्र व्यवस्थापक या परीक्षा से संबंधित किसी अन्य व्यक्ति के साथ गलत व्यवहार पर परिषद परीक्षार्थी को परीक्षा से या आगामी परीक्षाओं से वंचित कर देगी।

 

प्रश्न पत्र पढ़ने के लिए मिलेगा 15 मिनट का अतिरिक्त समय-

देहरादून। उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा में प्रश्न पत्र पढ़ने के लिए परीक्षार्थियों को 15 मिनट का अतिरिक्त समय दिया जाएगा। बोर्ड ने आदेश जारी किया है कि परीक्षा में प्रश्न पत्र मिलते ही परीक्षार्थी को उसका शीर्षक ध्यान से पढ़कर यह देख लेना चाहिए कि उन्हें सही प्रश्न पत्र मिला है या नहीं। प्रश्न पत्र में कितने पृष्ठ हैं, पूरे हैं या नहीं। यदि पृष्ठ पूरे नहीं हैं तो उसे उसी समय निरीक्षक को वापस कर सही व पूरे प्रश्न वाला प्रश्न पत्र प्राप्त कर लेना चाहिए।

 

परीक्षार्थी यह बरते सावधानी-

रामनगर बोर्ड ने आदेश जारी किया है कि परीक्षार्थी हर दिन परीक्षा भवन में प्रश्न पत्र बंटने से पहले अपने डेस्क व अपनी तलाशी अवश्य ले। यदि कोई कागज या पुस्तक हो तो निरीक्षक को सूचित करते हुए उसे परीक्षा भवन से बाहर भिजवा दें। निरीक्षक को जांच में कोई कागज या पुस्तक मिलने पर यह माना जाएगा की परीक्षार्थी ने अनुचित साधन का प्रयोग का प्रयास किया है। ऐसे में बोर्ड की ओर से नियमानुसार परीक्षार्थी को दंडित किया जाएगा।

 

उत्तराखंड बोर्ड परीक्षाओं को देखते हुए छह महीने के लिए हड़ताल पर रोक-

उत्तराखंड बोर्ड की परीक्षाओं को देखते हुए शासन ने छह महीने के लिए हड़ताल पर रोक लगाई है। शासन की ओर से इसकी अधिसूचना जारी की गई है। इसमें कहा गया है कि विद्यालयी शिक्षा विभाग जिसमें उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद भी शामिल है। इनकी सभी श्रेणी की सेवाओं में तत्काल प्रभाव से हड़ताल पर रोक रहेगी।

 

प्रिय छात्र छात्राओं, उत्तराखंड बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं 21 फरवरी से शुरू हो रही हैं। आप अपनी तैयारियों पर भरोसा रखें, शांत रहें और परिणाम की चिंता करने के बजाए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर ध्यान केंद्रित करें। आपके वार्षिक कठिन परिश्रम का सकारात्मक परिणाम अवश्य प्राप्त होगा। मैं इन परीक्षाओं में शामिल होने वाले सभी विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य की कामना करता हूं। -डॉ मुकुल कुमार सती, सभापति उत्तराखंड बोर्ड

Uttarkashi News: निर्माण के दौरान हो रहे विस्फोट से भटवाड़ी में 5 भवनों में आई दरारें, लोगों में दहशत.

69 Minutes Read -

उत्तराकाशी जिले के भटवाड़ी विकासखंड मुख्यालय के ढुमक नामे तोक में तहसील भवन निर्माण के दौरान हो रहे विस्फोट से करीब पांच घरों में दरारें आ गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस संबंध में कई बार संबंधित विभाग और ठेकेदार को कहा गया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि आपदा के वर्षों बाद वह मुश्किल से अपना घर तैयार कर पाए हैं।

स्थानीय निवासी अभिषेक रमोला, सुनील नौटियाल, सूरज नौटियाल, जगन्नाथ प्रसाद, अंकित सेमवाल ने बताया कि वर्ष 2010 और 2012 व 2013 की आपदा के दौरान उनके भवन क्षतिग्रस्त हो गए थे। उसके बाद शासन-प्रशासन की ओर से भटवाड़ी के ढुमक में पुर्नवास के तहत भूमि दी गई। आपदा प्रभावितों ने लंबी जद्दोजहद के बाद वहां पर अपने भवन तैयार किए। अब वहां पर चल रहे निर्माण कार्य से उन भवनों पर खतरा मंडरा रहा है।

अभिषेक रमोला ने बताया कि वहां पर तहसील भवन का निर्माण हो रहा है। जिसके लिए रात में चट्टान काटने के लिए विस्फोट किए जा रहे हैं। इससे पांच घरों और उनकी सुरक्षा दीवारों में दरारें आ गई हैं। विस्फोट के कंपन से लोगों में भय है। इस संबंध में कई बार पीडब्लूडी के अधिकारियों को कहा गया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि भवनों की सुरक्षा के लिए नियमानुसार कार्य करवाया जाए। ऐसा नहीं हुआ तो वह आंदोलन करेंगे।

 

ठेकेदार को विस्फोट करने की अनुमति नहीं है। उन्हें चेतावनी भी दी गई है। आगे किसी भी प्रकार की नुकसान की भरपाई वह स्वयं करेंगे।– स्वराज चौहान, सहायक अभियंता, लोनिवि

Uttarakhand Board: दो लाख से ज्यादा परीक्षार्थी होंगे परीक्षा में शामिल, नकल रोकने के लिए तीन स्तरों पर गठित होंगे सचल दल.

116 Minutes Read -

प्रदेश में 21 फरवरी से शुरू हो रही उत्तराखंड बोर्ड की परीक्षा को नकल विहीन बनाने के लिए तीन स्तरों राज्य, मंडल और जिलास्तर पर सचल दल गठित होंगे। 1261 परीक्षा केंद्रों पर दो लाख से ज्यादा छात्र परीक्षा देंगे।

माध्यमिक शिक्षा निदेशक के मुताबिक उत्तराखंड बोर्ड की परीक्षा को लेकर विभाग की ओर से सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के संस्थागत एवं व्यक्तिगत आवेदन पत्रों को ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से प्राप्त कर लिया गया है।

उत्तर पुस्तिकाओं के संकलन के लिए 39 केंद्र बनाए गए हैं। जबकि मूल्यांकन के लिए 29 केंद्र बनाए गए हैं। इसमें 16 गढ़वाल और 13 कुमाऊं मंडल में हैं। हर मूल्यांकन केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था की जाएगी।

चंपावत जिले में सबसे कम 44 परीक्षा केंद्र-

उत्तराखंड बोर्ड परीक्षाओं के लिए 1261 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इसमें 50 एकल और 1211 मिश्रित केंद्र हैं। इन केंद्रों में 156 संवेदनशील और छह अति संवेदनशील हैं। जबकि 24 नए केंद्र हैं। इसमें टिहरी जिले में सबसे अधिक 136 और चंपावत जिले में सबसे कम 44 केंद्र बनाए गए हैं। उत्तराखंड बोर्ड की प्रयोगात्मक परीक्षाएं खत्म हो गई हैं। परीक्षाएं 16 जनवरी से शुरू होगा 15 फरवरी 2026 तक चली।

Uttarakhand Weather: कल से फिर बदलेगा मौसम, कई जिलों में बारिश-बर्फबारी के आसार.

76 Minutes Read -

उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में मंगलवार से फिर मौसम बदलने के आसार हैं। मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार 17 फरवरी को उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिले में हल्की बारिश व बर्फबारी की संभावना है।

खासकर प्रदेश के 3000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो सकती है। इसके अलावा प्रदेश के अन्य हिस्सों में मौसम शुष्क रहेगा। मौसम का मिजाज 18 फरवरी को भी ऐसा ही रहेगा। इसके बाद 19 से 21 फरवरी तक प्रदेशभर में मौसम शुष्क रहेगा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पर्वतीय इलाकों में बदलने वाले मौसम का बहुत अधिक असर तापमान में देखने को नहीं मिलेगा।

उधर रविवार को मैदान से लेकर पहाड़ तक खिली चटक धूप ने गर्मी का अहसास कराया। आंकड़ों पर नजर डाले तो दिन में दून का अधिकतम तापमान सामान्य से चार डिग्री इजाफे के साथ 26.3 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। जबकि रात का न्यूनतम तापमान भी सामान्य से दो डिग्री बढ़ोतरी के साथ 11.2 डिग्री दर्ज किया गया। प्रदेश के अन्य इलाकों भी हाल कुछ ऐसा ही रहा।

Uttarakhand: उत्तरायणी कौथिक महोत्सव में शामिल हुए CM धामी, कहा- उत्तराखण्ड की लोक संस्कृति के संरक्षण में जुटी है सरकार।

92 Minutes Read -

उत्तरायणी कौथिक महोत्स में लोक कलाकार सम्मनित

देहरादून-  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी परेड ग्राउंड में सेवा संकल्प फाउंडेशन द्वारा आयोजित चार दिवसीय उत्तरायणी कौथिक महोत्सव के समापन कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित लोक कलाकारों, साहित्यकारों, कला प्रेमियों एवं बड़ी संख्या में मौजूद लोगों का स्वागत किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा संकल्प फाउंडेशन द्वारा आयोजित यह महोत्सव उत्तराखंड की समृद्ध लोक-सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत बनाए रखने का सराहनीय प्रयास है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से लोक संस्कृति को एक सूत्र में पिरोकर नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य हो रहा है।

महोत्सव के सफल आयोजन के लिए उन्होंने सेवा संकल्प फाउंडेशन, संस्थापक गीता धामी तथा आयोजन समिति को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन राज्य की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करते हैं तथा लोक कलाओं, पारंपरिक वेशभूषा, हस्तशिल्प और कारीगरी को समझने का अवसर देते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जागर, बेड़ा, मांगल, खुदेड़, छोपाटी जैसे लोकगीत और छोलिया, पांडव तथा झोड़ा-छपेली जैसे लोकनृत्य उत्तराखंड की सांस्कृतिक आत्मा हैं, जिनका संरक्षण सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने महोत्सव में लगे स्टॉलों के माध्यम से पारंपरिक हस्तशिल्प, जैविक उत्पादों और उत्तराखंडी व्यंजनों के प्रदर्शन की सराहना की।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘वोकल फॉर लोकल’, ‘मेक इन इंडिया’, ‘मेड इन इंडिया’ और ‘स्टार्टअप इंडिया’ जैसी योजनाओं के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कार्य हो रहा है। इसी क्रम में राज्य सरकार ने ‘एक जनपद, दो उत्पाद’ योजना और ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड के जरिए स्थानीय उत्पादों को पहचान दिलाई है।

इसके अलावा स्टेट मिलेट मिशन, फार्म मशीनरी बैंक, एप्पल मिशन, कीवी मिशन, नई पर्यटन नीति, फिल्म नीति, होम स्टे, वेड इन उत्तराखंड और सौर स्वरोजगार योजना से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पलायन निवारण आयोग की रिपोर्ट के अनुसार राज्य में रिवर्स पलायन में 44 प्रतिशत वृद्धि हुई है।

 

किसानों की आय बढ़ाने में उत्तराखंड देश में प्रथम स्थान पर रहा है और युवाओं को रोजगार देने में भी राज्य अग्रणी बना है। उन्होंने बताया कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में राज्य को ‘अचीवर्स’ तथा स्टार्टअप रैंकिंग में ‘लीडर्स’ श्रेणी प्राप्त हुई है।

नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्य सूचकांक 2023-24 में भी उत्तराखंड ने देश में प्रथम स्थान हासिल किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन क्षेत्र में राज्य को बेस्ट वाइल्डलाइफ और बेस्ट एडवेंचर डेस्टिनेशन के राष्ट्रीय पुरस्कार मिले हैं।

 

राष्ट्रीय पर्यटन पुरस्कार 2024 में जाखोल, हर्षिल, गुंजी और सूपी गांवों को सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव घोषित किया गया है। वर्ल्ड रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म अवार्ड में भी राज्य को ‘वन टू वॉच’ सम्मान मिला है। मत्स्य विकास में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए वर्ष 2024 में राज्य को सर्वश्रेष्ठ राज्य का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला तथा अंतरराष्ट्रीय विमानन सम्मेलन में ‘बेस्ट स्टेट फॉर प्रोमोशन ऑफ एविएशन इकोसिस्टम’ सम्मान प्राप्त हुआ।

उन्होंने कहा कि सरकार लोक कलाकारों के संरक्षण के लिए लगातार कार्य कर रही है। कोरोना काल में लगभग 3200 कलाकारों को आर्थिक सहायता दी गई तथा 60 वर्ष से अधिक आयु के लोक कलाकारों को पेंशन दी जा रही है। गुरु-शिष्य परंपरा के तहत प्रशिक्षण कार्यशालाएं भी आयोजित की जा रही हैं।

 

उन्होंने कहा कि सरकार लोक साहित्य के प्रकाशन, आर्ट गैलरी स्थापना तथा स्थानीय भाषाओं और बोलियों के संरक्षण पर विशेष ध्यान दे रही है।
सेवा संकल्प फाउंडेशन की फाउंडर ट्रस्टी गीता धामी ने कहा कि चार दिवसीय महोत्सव के माध्यम से उत्तराखंड की लोक संस्कृति, पारंपरिक उत्पाद और जीवनशैली को एक मंच पर प्रस्तुत किया गया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन पूरे राज्य की सांस्कृतिक झलक प्रस्तुत करता है और युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का प्रयास है।

 

उन्होंने स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की अपील करते हुए कहा कि इससे राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और आत्मनिर्भर उत्तराखंड का लक्ष्य पूरा होगा।
कार्यक्रम में पूर्व राज्यपाल एवं पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड अध्यक्ष प्रसून जोशी, राज्यसभा सांसद कल्पना सैनी, विधायक खजान दास, दुर्गेश्वर लाल, अनिल नौटियाल, भोपाल राम टम्टा, सुरेश गढ़िया सहित अनेक जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग मौजूद रहे।