Category Archive : राष्ट्रीय खबर

Farmers Protest: MSP पर सरकार का प्रस्ताव या ‘खेल’, क्यों नहीं माने किसान ?

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प्रदर्शन कर रहे किसानों और केंद्र सरकार के बीच गतिरोध खत्म नहीं हो रहा. फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी (MSP) पर नरेंद्र मोदी सरकार ने जो प्रस्ताव रखा था,उसे किसानों ने खारिज कर दिया है और कहा कि वो 21 फरवरी की सुबह अपना ‘दिल्ली चलो’  मार्च फिर से शुरू करेंगे. किसान नेताओं का कहना है कि सरकारी प्रस्ताव में स्पष्टता नहीं है और वो उनके हित में भी नहीं है.

किसानों की दो प्रमुख मांगें हैं पहली कि सरकार MSP गारंटी पर कानून बनाए. भले ही सरकार उनकी पूरी फसल न ख़रीदे, पर अगर किसान खुले बाजार में भी अपनी उपज बेचता है, तो उसे न्यूनतम कीमत की गारंटी मिले. क़ानून बन जाने से सरकार, प्राइवेट कंपनियां या पब्लिक सेक्टर एजेंसियां, कोई भी मनमाने दाम पर फसल नहीं खरीद पाएगा.

दूसरी मांग- MSP गारंटी के साथ किसान स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करवाना चाहते हैं,, इसके अलावा किसानों और खेतिहर मजदूरों को पेंशन मिले, बिजली दरों में बढ़ोतरी न हो, किसानों का कर्ज माफ हो, भूमि अधिग्रहण अधिनियम (2013) बहाल किया जाए, लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में न्याय मिले 2020-21 में हुए आंदोलन के दौरान मारे गए किसानों के परिवारों को मुआवजा दिया जाए और पुलिस ने जो मामले दर्ज किए थे, वो भी वापस लिए जाएं.

कृषि केंद्रीय मंत्रियों ने रखा सरकार की ओर से ये प्रस्ताव- 

वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल, कृषि व किसान कल्याण मंत्री अर्जुन मुंडा और गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने चंडीगढ़ में किसान नेताओं के साथ चौथे दौर की बातचीत की केंद्रीय मंत्रियों के पैनल ने सरकार की ओर से प्रस्ताव रखा. सरकार का कहना है कि मसूर, उड़द, तुअर, मक्का और कपास उगाने वाले किसानों के साथ दो सहकारी एजेंसियां राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता संघ और  भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ 5 साल का एग्रीमेंट करेंगी और इस एग्रीमेंट के ज़रिए सीधे किसानों से ये फसलें MSP पर खरीदा जाएंगी ख़रीद की मात्रा पर कोई सीमा नहीं होगी, और इसके लिए एक पोर्टल बनाया जाएगा.

इससे पहले, 18 फरवरी की रात केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि साल 2004 से 2014 के बीच UPA सरकार ने केवल साढ़े 5 लाख करोड़ रुपये की फसलों की ख़रीद MSP पर की थी और मोदी सरकार ने बीते दस सालों में 18 लाख करोड़ रुपये से ज़्यादा की ख़रीद की है बैठक के बाद किसान नेताओं ने कहा था कि वो अपने संगठन के साथ सरकार के प्रस्ताव पर चर्चा करेंगे और दो दिनों में आगे की रणनीति तय करेंगे.

केंद्रीय मंत्री ने तो दावा कर दिया. मगर किसान इससे खुश नहीं हैं. उनका सीधा कहना है कि केवल पांच नहीं, सभी 23 फसलों पर MSP की गारंटी चाहिए किसान मजदूर मोर्चा के नेता सरवन सिंह ने शंभू सीमा पर मीडिया से कहा, कि हम सरकार से अपील करते हैं कि या तो हमारे मुद्दों का समाधान करें या बैरिकेड हटा दें और हमें शांतिपूर्वक विरोध करने के लिए दिल्ली जाने की अनुमति दें.

क्या कहते हैं इस पर विशेषज्ञ-
 

अब सवाल ये है कि आगे का रास्ता क्या हो सकता है विशेषज्ञ मानते हैं अब इसके दो तरीके हैं. पहला कि खरीदारों को MSP पर फसल खरीदने के लिए फोर्स किया जाए मसलन, क़ानून कहता है कि गन्ना उत्पादकों को चीनी मिलों की तरफ से खरीद के 14 दिनों के अंदर ‘उचित और लाभकारी’ या राज्य-सलाहित मूल्य मिलेगा लेकिन ये व्यावहारिक नजरिए से मुश्किल है हो सकता है MSP देने के ‘डर’ से फसल खरीदी ही न जाए दूसरा तरीका ये है कि सरकार ही किसानों की पूरी फसल MSP पर खरीद ले  मगर ये भी वित्तीय लिहाज़ से टिकाऊ प्लान नहीं है.

इन दोनों तरीकों के अलावा कृषि विशेषज्ञ एक तीसरे तरक़े की ओर इशारा करते हैं मूल्य कमी भुगतान यानी PDP इसमें सरकार को किसी भी फसल को खरीदने या स्टॉक करने की ज़रूरत नहीं है बस अगर बाजार मूल्य और MSP कम है, तो सरकार सुनिश्चित कर दे कि किसानों को इन दोनों के बीच का अंतर मिल जाए मगर राष्ट्र के स्तर पर इसे लागू करने के लिए बहुत सोचा-समझा एक  प्लान चाहिए. अब सरकार और किसानों के अगले रुख पर अब सबकी नजरें टिकी हुई हैं.

ये हैं किसानों की प्रमुख मांगें
  • स्वामीनाथन रिपोर्ट के अनुसार सभी फसलों की एमएसपी की कानूनी गारंटी की मांग
  • किसानों और खेत मजदूरों की कर्ज माफी की मांग
  • लखीमपुर खीरी में जान गंवाने वाले किसानों को इंसाफ और आशीष मिश्रा की जमानत रद्द कर सभी दोषियों को सजा की मांग
  • लखीमपुर खीरी कांड में घायल सभी किसानों को वादे के मुताबिक 10 लाख रुपये मुआवजे की मांग
  • किसान आंदोलन के दौरान दर्ज केस रद्द करने की मांग
  • पिछले आंदोलन में जान गंवाने वाले किसानों के आश्रितों को नौकरी
  • 200 दिन मनरेगा की दिहाड़ी मिले
  • 700 रुपये प्रतिदिन मजदूरी की मांग
  • फसल बीमा सरकार खुद करे
  • किसान और मजदूर को 60 साल होने पर 10 हजार रुपये महीना मिले
  • विश्व व्यापार संगठन से खेती को बाहर किया जाए

हल्द्वानी हिंसा मामले में मास्टरमाइंड मलिक से होगी 2.68 करोड़ की वसूली, DM को भेजा पत्र, नगर निगम ने जारी की RC.

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हल्द्वानी मामला: जिस धार्मिक स्थल को तोड़ने को लेकर हुआ था बवाल, अब उसे नगर निगम ने पूरी तरह किया ध्वस्त; जानिए नया अपडेट।

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नगर निगम ने शुक्रवार को आधे टूटे धर्मस्थल को पूरी तरह तोड़कर मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया है। बीती आठ फरवरी को बनभूलपुरा के मलिक का बगीचा क्षेत्र में अवैध रूप से बनाए गए मदरसे और मस्जिद को ढहाने के दौरान पथराव, आगजनी और हिंसा हुई थी। पथराव होने के कारण तब नगर निगम की टीम मदरसे और नमाज स्थल को आधा तोड़कर ही बाहर निकल भागी थी। इस हिंसा में छह लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई जवान और नगर निगम कर्मचारी घायल भी हुए थे। हिंसा के बाद क्षेत्र में कर्फ्यू लगा दिया गया था। 14 फरवरी को हाईकोर्ट में इस मामले में सुनवाई भी हुई थी। वहीं अब कर्फ्यू के बीच ही नगर निगम ने आधे टूटे अवैध धर्मस्थल को भी ढहा दिया है।

शुक्रवार सुबह नगर निगम से टीम बनभूलपुरा के लिए रवाना हुई थी। सहायक नगर आयुक्त गणेश भट्ट ने बताया कि शेष अवैध मदरसा, मस्जिद तोड़ दिया गया है। मलबा भी यहां से सामान हटाया जा रहा है।

MP Politics: कमलनाथ के साथ उनके बेटे नकुलनाथ भी होंगे बीजेपी में शामिल? सोशल मीडिया प्रोफाइल से हटाया कांग्रेस का नाम और लोगो।

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अब मध्यप्रदेश में कांग्रेस पार्टी को एक बड़ा झटका लग सकता है। पार्टी के दिग्गज नेता कमलनाथ और उनके बेटे नकुलनाथ की भाजपा में शामिल होने की अटकलें अब तेज हो गई है। इस बीच नकुलनाथ के एक्स हैंडल पर उनकी पुरानी पार्टी का नाम और लोगो भी हट गया है।

नकुलनाथ ने अपने बायो से कांग्रेस का लोगो हटाया-

छिंदवाड़ा सांसद नकुलनाथ ने अपने तीनों सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स में अपने बायो से कांग्रेस का नाम हटा दिया है और अब केवल उनके नाम के आगे सिर्फ छिंदवाड़ा सांसद लिखा है।

कमलनाथ के कांग्रेस में शामिल होने की अटकलों के बीच अब सोशल मीडिया मीडिया एक्‍स पर भी कमलनाथ खूब ट्रेंड कर रहा है, जिसमें कमलनाथ के भाजपा में शामिल होने के बड़े-बड़े दावे किये जा रहे है। हालांकि, पिछले कई दिनों से जब कमल नाथ से उनके भाजपा में जाने पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने इसका कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया था।

सुमित्रा महाजन ने दिया था उन्हें न्योता-

पूर्व लोकसभा स्‍पीकर और पूर्व इंदौर सांसद सुमित्रा महाजन ने पिछले दिनों कमलनाथ को जय सियाराम के नारे के साथ भाजपा में आने का निमंत्रण दिया था। उन्होंने कहा था कि यदि विकास पसंद है तो पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ भाजपा में शामिल हो सकते हैं।

भाजपा ने कहा- उनका स्वागत है

कमलनाथ के भाजपा में शामिल होने के सवाल पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा कि अगर वो अपनी पार्टी से परेशान हैं तो उनका भाजपा में स्वागत है। वहीं, भाजपा प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने भी कमलनाथ और नकुलनाथ की फोटो के साथ जय श्री राम का नारा लिखा है।

क्या कहा दिग्विजय सिंह ने-

कमलनाथ के भाजपा में शामिल होने के सवाल पर दिग्विजय सिंह ने कहा कि कल रात मेरी कमलनाथ से बातचीत हुई है। वह छिंदवाड़ा में हैं और वह ऐसे व्यक्ति हैं जिन्होंने अपना राजनीतिक करियर नेहरू-गांधी परिवार के साथ शुरू किया था। इसलिए उनके भाजपा में जाने की बात गलत है।https://youtu.be/AWGz5VvxKc0

रक्षा मंत्रालय ने 29 हजार करोड़ के सौदों को दी मंजूरी, सर्विलांस एयरक्राफ्ट खरीदेगी नौसेना.

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रक्षा मंत्रालय ने भारतीय नौसेना के लिए नौ मेरीटाइम सर्विलांस एयरक्राफ्ट और भारतीय तटरक्षक बल के लिए छह पेट्रोल एयरक्राफ्ट खरीदने के सौदे को मंजूरी दे दी है। इस सौदे के तहत 15 मेरिटाइम पेट्रोल एयरक्राफ्ट मेड इन इंडिया प्रोजेक्ट के तहत देश में ही बनाए जाएंगे। साथ ही सी-295 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट भी बनाए जाएंगे। यह सौदा कुल 29 हजार करोड़ रुपये का होगा।

 

नौसेना की सर्विलांस क्षमताओं में होगा इजाफा-

बुधवार को रक्षा मंत्रालय ने कानपुर स्थित एक कंपनी से 1752.13 करोड़ रुपये के सौदे का भी करार किया है। इस सौदे के तहत 463, 12.7 एमएम की रिमोट कंट्रोल गन का निर्माण किया जाएगा। ये गन भी नौसेना और तटरक्षक बल के जवानों को मिलेंगी। रक्षा मंत्रालय के इन सौदों से ना सिर्फ भारत की समुद्री ताकत में इजाफा होगा बल्कि इससे आत्मनिर्भर भारत को भी बढ़ावा मिलेगा। सौदे के तहत टाटा एडवांस्ड सिस्टम और एयरबस मिलकर एयरक्राफ्ट का निर्माण करेंगे। इन एयरक्राफ्ट्स में आधुनिक रडार और सेंसर्स लगे होंगे। इस सौदे के पूरे होने के बाद नौसेना और भारतीय तटरक्षक बल की सर्विलांस की क्षमताओं में जबरदस्त इजाफा होगा। चीन जिस तरह से हिंद महासागर में अपनी ताकत बढ़ा रहा है और साथ ही अंतरराष्ट्रीय शिपिंग रूट पर हमले बढ़ रहे हैं।

चीन की बढ़ती चुनौती से निपटने में अहम साबित होगा ये सौदा-

चीन के हिंद महासागर में बढ़ते दखल और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग रूट पर बढ़ते हमलों की चुनौती से निपटने के लिए भारतीय नौसेना लगातार अपनी क्षमताओं में इजाफा कर रही है। अब इस सौदे से नौसेना की तैयारियों में तेजी आने की उम्मीद है। भारतीय वायुसेना को मिला पहला सी-295 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट स्पेन में बना था। सौदे के तहत 16 एयरक्राफ्ट स्पेन से बनकर आएंगे और बाकी के 40 एयरक्राफ्ट गुजरात के वडोदरा में टाटा द्वारा बनाए जाएंगे।   

 

कांग्रेस के खातों पर लगे प्रतिबंध के खिलाफ IT ट्रिब्यूनल पहुंची कांग्रेस, मिली राहत; आयकर विभाग ने किए थे फ्रीज.

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कांग्रेस को आयकर विभाग की तरफ से खातों पर लगाए प्रतिबंधों के मामले में ट्रिब्यूनल की तरफ से बड़ी राहत मिली है। पार्टी के नेता विवेक तन्खा ने बताया है कि इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल ने कांग्रेस को अंतरिम राहत देते हुए उसे खातों को चलाने की छूट दी है। ट्रिब्यूनल इस मामले में अंतरिम राहत के लिए बुधवार को सुनवाई करेगा।

गौरतलब है कि इससे पहले पार्टी के प्रवक्ता अजय माकन ने शुक्रवार को ही प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि आयकर विभाग ने 2018-19 के आयकर रिटर्न के आधार पर कांग्रेस और यूथ कांग्रेस के खातों को फ्रीज कर दिया है। उन्होंने कहा कि आयकर विभाग ने इन दोनों खातों से 210 करोड़ रुपये की रिकवरी का भी आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि हमारे अकाउंट में जो भी क्राउडफंडिंग से जुटाई गई राशि है, उसे हमारी पहुंच से दूर कर दिया गया है
माकन ने कहा कि चुनाव के एलान से महज दो हफ्ते पहले ही विपक्षी पार्टी का अकाउंट फ्रीज कर दिया गया। यह लोकतंत्र को फ्रीज करने जैसा है। माकन ने बताया कि इस खाते में एक महीने की सैलरी भी दी है। हमने आयकर विभाग को उन दानकर्ताओं के नाम भी दिए हैं।

माकन ने कहा, “हमें एक दिन पहले ही जानकारी मिली थी कि बैंकों को हम जो चेक भेज रहे थे, उनका निपटारा नहीं हो पा रहा था। जांच पर पता चला कि यूथ कांग्रेस का बैंक अकाउंट फ्रीज कर दिया गया है। इसके साथ ही कांग्रेस पार्टी के खाते भी बंद होने की बात सामने आई। कुल चार अकाउंट फ्रीज किए गए हैं। आयकर विभाग की तरफ से बैंकों को यह निर्देश दिया गया है कि हमारे कोई भी चेक स्वीकार न करें और हमारे खातों में जो भी राशि है उसे रिकवरी के लिए रखा जाए।”

भाजपा पर लगाए आरोप-
माकन ने कहा कि कांग्रेस ने इस मामले को लेकर आयकर अपीलीय अधिकरण का रुख किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि न्यायपालिका लोकतंत्र की रक्षा करेगी। कांग्रेस नेता ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि क्या वे यही चाहते हैं कि देश में सिर्फ एक ही पार्टी रहे। उन्होंने कहा कि अगर किसी के खाते सील होने चाहिए तो भारतीय जनता पार्टी के होने चाहिए क्योंकि उन्होंने ‘असंवैधानिक’ चुनावी बॉन्ड के जरिए कॉर्पोरेट जगत से पैसे लिए हैं।

‘हमारे पास बिजली का बिल भरने के पैसे भी नहीं’-
कांग्रेस के ट्रेजरर माकन ने कहा कि अभी कांग्रेस के पास खर्च करने के लिए पैसे तक नहीं हैं। उन्होंने कहा कि हमारे पास बिजली के बिल देने के लिए, अपने कर्मचारियों को सैलरी देने के लिए तक राशि नहीं बची है। उन्होंने कहा कि इससे हर चीज पर प्रभाव पड़ेगा। न सिर्फ न्याय यात्रा, बल्कि सभी तरह की राजनीतिक गतिविधियां प्रभावित होंगी।

Uttarakhand: भाजपा में टिकट दावेदारों की है लंबी कतार, कई युवा भी हैं चुनाव में ताल ठोकने को बेताब

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लोकसभा चुनाव के टिकट के लिए  भाजपा में टिकट के दावेदारों की लंबी लाइन लगी हुई है। दिग्गज नेताओं से लेकर पार्टी के युवा तक सभी चुनाव में ताल ठोकने को बेताब हैं। जब से भाजपा के हलकों में कुछ सीटों पर प्रत्याशी बदलने की अटकलों ने जोर पकड़ा है, तभी से उनकी कोशिशें तेज हो रही हैं।

जैसे-जैसे लोकसभा चुनावों का समय नजदीक आ रहा है वैसे-वैसे टिकट की दावेदारी पूरी तरह से खुलकर सामने आने लगेगी। चर्चाएं ये भी हैं कि भाजपा केंद्रीय नेतृत्व लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी चयन के मामले में भी पार्टी को एक बड़ा सरप्राइज कर सकता है। वर्तमान में राज्य की सभी पांचों लोकसभा सीटों पर भाजपा का कब्जा है। 2014 और 2019 लोक सभा चुनावों में भाजपा ने पांचों सीटों पर लगातार जीत दर्ज की है ।

अल्मोड़ा-पिथौरागढ़, टिहरी गढ़वाल और हरिद्वार लोकसभा सीट पर भाजपा ने अपने तीनों प्रत्याशियों को  रिपीट किया था। टिहरी गढ़वाल संसदीय सीट पर माला राज्य लक्ष्मी शाह, हरिद्वार में डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक और अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ लोस सीट पर अजय टम्टा सांसद हैं। 2014 में गढ़वाल लोस सीट पर मेजर जनरल बीसी खंडूरी  सांसद थे।

प्रत्याशियों में हो सकता है फेरबदल-


2019 में पार्टी ने खंडूड़ी के शिष्य तीरथ सिंह रावत को टिकट दिया और वह चुनाव जीते। नैनीताल-ऊधमसिंह नगर में 2014 में भगत सिंह कोश्यारी सांसद चुने गए थे। 2019 में उनकी इस सीट पर अजय भट्ट को उम्मीदवार बनाया गया, वह भी चुनाव जीते। अब भाजपा के राजनीतिक हलकों में यह कयास हैं कि पार्टी नेतृत्व प्रत्याशी चयन को लेकर चौंका सकता है।

ऐसे में पार्टी में यह सवाल गरमा रहा कि पार्टी नेतृत्व पांचों सीटों पर प्रत्याशी रिपीट करेगा या सभी को बदलेगा, या कुछ सीटों पर नए चेहरों को मैदान में उतारेगा। पांच में से तीन लोस सीटों पर वर्तमान सांसदों का टिकट काटे जाने की ज्यादा चर्चाएं हैं। इन चर्चाओं ने पार्टी के उन चेहरों के उम्मीदों को पंख लगाते हैं जो लोस चुनाव की दावेदारी कर रहे हैं। इनमें पार्टी के कुछ विधायक, पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व सांसद व पार्टी पदाधिकारी, युवा और महिला मोर्चा के पदाधिकारी भी शामिल हैं। टिहरी, अल्मोड़ा और हरिद्वार सीटों से तो प्रदेश संगठन को टिकट के लिए आवेदन तक मिल चुके हैं।
लोकसभा चुनाव में भाजपा जीत की हैट्रिक लगाएगी। पार्टी में उम्मीदवारों का निर्णय केंद्रीय संसदीय बोर्ड करता है। यह बात सही है कि कुछ कार्यकर्ताओं ने विभिन्न सीटों पर टिकट की दावेदारी के आवेदन दिए हैं। महेंद्र भट्ट, प्रदेश अध्यक्ष- भाजपा

उत्तराखंड में बिजली दरों में बढ़ोतरी के प्रस्ताव पर 19 फरवरी से होगी जनसुनवाई, 1 अप्रैल से लागू होंगी बिजली की नई दरें।

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उत्तराखंड प्रदेश में बिजली दरों में बढ़ोतरी के प्रस्ताव पर अब उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग यानी UPCL 19 फरवरी से जनसुनवाई शुरू करने जा रहा है। गढ़वाल मंडल में दो और कुमाऊं मंडल में दो शहरों में सुनवाई के बाद आयोग अपना निर्णय लेगा और जल्द ही नई विद्युत दरें 1 अप्रैल से लागू हो जाएंगी।

आयोग सचिव नीरज सती ने बताया कि देहरादून के अलावा अल्मोड़ा, टिहरी गढ़वाल और रुद्रपुर में जनसुनवाई होगी। इसमें कोई भी उपभोक्ता शामिल होकर अपना पक्ष रख सकता है। हितधारकों को भी यहां सुनवाई का मौका दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि जनसुनवाई के बाद आयोग बैठक करेगा और विद्युत दरों पर अपना अंतिम निर्णय लेगा।

कहां और कब होगी जनसुनवाई-

19 फरवरी की सुबह 10:30 से दोपहर एक बजे तक – सभागार, नगर पालिका, माल रोड, अल्मोड़ा

20 फरवरी को , सुबह 10 से दोपहर 1 बजे तक – सभागार, विकास भवन, नैनीताल रोड, रुद्रपुर, ऊधमसिंह नगर

24 फरवरी को , सुबह 11 से दोपहर 1:30 बजे तक – सभागार, जिला पंचायत परिसर, बौराड़ी, नई टिहरी

26 फरवरी को , सुबह 10:30 से दोपहर 1:30 बजे तक- सुनवाई कक्ष, विद्युत नियामक आयोग, निकट आईएसबीटी, माजरा, देहरादून में होगी

तीनों ऊर्जा निगमों से है 30 फीसदी बढ़ोतरी का प्रस्ताव-

प्रदेश के तीनों ऊर्जा निगमों ने नियामक आयोग को अगले वित्तीय वर्ष के लिए जो याचिका भेजी हैं, उसके हिसाब से बिजली उपभोक्ताओं पर 30 प्रतिशत तक बोझ बढ़ सकता है। यूपीसीएल ने विद्युत दरों में 23 से 27 प्रतिशत बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया है। यूजेवीएनएल ने पिछले साल के मुकाबले अपने टैरिफ (जिस दर पर वह यूपीसीएल को बिजली देता है) में करीब 23 प्रतिशत बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया है।

इस प्रस्ताव के हिसाब से यूपीसीएल के टैरिफ पर 1.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो जाएगी। यानी इसे जोड़कर यूपीसीएल के टैरिफ में 24.5 से 28.5 प्रतिशत बढ़ोतरी हो जाएगी। पिटकुल ने ट्रांसमिशन चार्जेज और अन्य रखरखाव के मद्देनजर पिछले साल के मुकाबले इस साल करीब 48 प्रतिशत बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया है। अगर आयोग इस प्रस्ताव को मानता है तो यूपीसीएल के टैरिफ में इससे करीब 1.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो जाएगी। यानी तीनों निगमों का कुल मिलाकर प्रस्ताव 26 से 30 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा। इस प्रस्ताव पर ही नियामक आयोग को इस बार निर्णय लेना होगा।

Badrinath Dham: 12 मई को खुलेंगे बद्रीनाथ धाम के कपाट, बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर घोषित की गई तिथि

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बदरीनाथ धाम के कपाट 12 मई को ब्रह्ममुहुर्त में सुबह 6 बजे खुलेंगे। आज बसंत पंचमी के अवसर पर नरेंद्रनगर (टिहरी) स्थित राजदरबार में कपाट खुलने की तिथि घोषित की गई।

बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि तय करने की प्रक्रिया के लिए गाडूघड़ा (तेल-कलश) श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर डिम्मर से मंगलवार शाम श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के चंद्रभागा स्थित विश्राम गृह पहुंच गया था। जहां श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति सहित श्रद्धालुओं ने तेल-कलश का स्वागत किया।

बीकेटीसी के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने बताया कि श्री डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत की ओर से गाडूघड़ा राजमहल को सौंपा गया। इसके बाद राजमहल से गाडूघड़ा में तिल का तेल पिरोया गया।

श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने से पूर्व तिल का तेल पिरोने के बाद गाडूघड़ा नरेंद्रनगर राजदरबार से डिम्मर होते हुए श्री नृसिंह मंदिर, योग बदरी पांडुकेश्वर से श्री बदरीनाथ धाम पहुंचाया जाएगा। कपाट खुलने के बाद यह तेल-कलश भगवान बदरी विशाल के नित्य अभिषेक के लिए प्रयोग में लाया जाएगा।

Haldwani Violence: बनभूलपुरा मामले में घायल एक और व्यक्ति की मौत, सिर के आर-पार हो गई थी गोली, 2 की हालत गंभीर।

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हल्द्वानी के बनभूलपुरा में गुरुवार शाम को अतिक्रमण हटाने को लेकर हुए बवाल के बाद प्रशासन ने उपद्रवियों के पैर में गोली मारने के आदेश जारी किए थे। हल्द्वानी हिंसा में पांच लोगों की गोली लगने से मौत हो गई थी, जबकि तीन लोगों का एसटीएच में इलाज चल रहा है। इनमें दो की हालत गंभीर बनी हुई है। आज एक की मौत हो गई है। इशरार के सिर में गोली लगी थी जो आर-पार हो गई थी। वहीं एसएसपी ने कहा कि मास्टरमाइंड अब्दुल मलिक को जल्द अरेस्ट किया जाएगा।

मिली जानकारी के अनुसार, आठ फरवरी को हिंसा के दौरान घायल हुए बनभूलपुरा निवासी अलबसर, इसरार और शाहनवाज को इलाज के लिए अस्पताल लाया गया था। तीनों की हालत गंभीर थी। इसरार के सिर में गोली लगी थी जो आर-पार हो गई थी और इलाज के दौरान आज उसकी मौत हो गई है।

एसएसपी प्रहलाद नारायण मीणा ने कहा कि बनभूलपुरा दंगे में अब तक कुल छह लोगों की मौत हुई है। वहीं, कर्फ्यू क्षेत्र में आवश्यक सेवाएं सुचारू की गई है। आगजनी करने वालों को चिन्हित किया जा रहा। पुलिस दंगाइयों को पकड़ने का काम कर रही है।