Category Archive : राष्ट्रीय खबर

अब झारखंड में चंपई सरकार, विधानसभा में हासिल किया बहुमत, जानिए किसके साथ कितने विधायक?

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 हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी के बाद से झारखंड में चल रहे सियासी उथल-पुथल का दौर आखिरकार थम गया है। सियासी रस्साकशी के बीच चंपई सोरन की सरकार सदन में बहुमत साबित करने में सफल हो गई। उनके पक्ष में कुल 47 वोट पड़े। वहीं, विपक्ष में 29 वोट पड़े।
बता दें कि बहुमत परीक्षण से पहले राजनीति गलियारों में तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे थे। विधायकों के टूटने के डर था। इस वजह से सभी विधायकों को हैदराबाद भेजा गया था। हालांकि, फ्लोर टेस्ट से एक दिन पहले यानि रविवार की रात सभी विधायक रांची पहुंचे।

इन विधायकों के टूटने की थी संभावनाएं –

फ्लोर टेस्ट से पहले यह संभावना जताई जा रही थी कि लोबिन हेम्ब्रम, सीता सोरेन और बसंत सोरेन चंपई सोरेन की सरकार को झटका दे सकते हैं और समर्थन करने से इनका कर सकते हैं, लेकिन वैसी नौबत नहीं आई। लोबिन हेम्ब्रम ने चंपई सोरेन सरकार को समर्थन देने का एलान किया।

हालांकि, चंपई सोरेन को फ्लोर टेस्ट से पहले जमशेदपुर पूर्वी के विधायक ने झटका दिया था। जमशेदपुर पर्वी से विधायक रहे और पूर्व सीएम रघुवर दास को हराने वाले विधायक सरयू राय ने चंपई सोरेन की सरकार को समर्थन देने से इनकार कर दिया था।

17 फरवरी को वायु सेना पोखरण में करेगी अपनी शक्ति का प्रदर्शन; राफेल, प्रचंड-अपाचे भी दिखाएंगे ताकत.

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भारतीय वायु सेना 17 फरवरी को पोखरन फायरिंग रेंज में अभ्यास ‘वायु शक्ति 2024’ के दौरान अपनी शक्ति का प्रदर्शन करेगी। वायु सेना इस दौरान अपनी युद्धक और प्रहार क्षमता दुनिया को दिखाएगी। 

वायु सेना प्रमुख एयर मार्शल एपी सिंह ने बताया कि लड़ाकू विमान राफेल भी इस अभ्यास में शिरकत करेगा। इसके अलावा प्रचंड और अपाचे हेलीकॉप्टर भी पहली बार अभ्यास में हिस्सा लेंगे। पोखरन फायरिंग रेंज राजस्थान में भारत पाकिस्तान सीमा के नजदीक है।

उन्होंने बताया कि यह अभ्यास दिन, शाम और रात के वक्त दो घंटे 15 मिनट का होगा। हम उन अभियानों को दिखाने के लिए अभ्यास ‘वायु शक्ति’ आयोजित करने की योजना बना रहे हैं, जिन्हें भारतीय वायु सेना अंजाम दे सकती है। इस अभ्यास में लगभग 100 से ज्यादा विमान-हेलीकॉप्टर हिस्सा लेंगे। पिछली बार यह अभ्यास 2019 में आयोजित किया गया था।

Budget 2024: बजट से बदल जाएगी 11 करोड़ किसानों की किस्मत, इन कदमों से मिलेगी अन्नदाताओं को मजबूती.

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एक फरवरी को पेश किए गए अंतरिम बजट में कहने के लिए सरकार ने कोई बड़ा कदम नहीं उठाया है, लेकिन इसके बाद भी बजट की तमाम योजनाओं से किसानों को आर्थिक तौर पर मजबूत करने का काम किया गया है। सीधे तौर पर किसानों और ग्रामीण क्षेत्र की अर्थव्यवस्था से जुड़े कई ऐसे कदम इस अंतरिम बजट में उठाए गए हैं, जिससे किसानों को आर्थिक तौर पर सशक्त करने में मदद मिलेगी।

सरकार ने रखी अंतरिम बजट की मर्यादा-

कृषि क्षेत्र के विशेषज्ञ देविंदर शर्मा ने अमर उजाला से कहा कि कोई नई बड़ी घोषणा न करके सरकार ने इस बार अंतरिम बजट की मर्यादा रखी है। यह केवल लोकसभा चुनाव होने तक आवश्यक खर्च के लिए संसद से अनुमति लेने का बजट होता है। सरकार इसमें कोई नई बड़ी घोषणा नहीं कर सकती। चुनावी साल में यह अधिकार आने वाली नई सरकार के पास होता है। हालांकि, 2019 के लोकसभा चुनाव के पहले पीएम किसान सम्मान निधि की बड़ी घोषणा कर सरकार ने यह मर्यादा तोड़ी थी। माना जाता है कि उसे इस चुनावी घोषणा का बड़ा लाभ मिला था।

कोई बड़ी घोषणा न करने से मोदी सरकार का यह आत्मविश्वास भी साफ़ दिखाई पड़ता है कि वह किसी लोकप्रिय घोषणा के बिना भी चुनाव जीत सकती है। पीएम किसान सम्मान निधि, पीएम आवास योजना, उज्ज्वला योजना और राशन योजना जैसी कई योजनाएं हैं जिसका लाभ करोड़ों लोगों को मिल रहा है। सरकार का अनुमान है कि ये लाभार्थी उसे दोबारा सरकार में आने में मदद करेंगे।
हालांकि, कृषि क्षेत्र के लोग यह मान रहे थे कि केंद्र सरकार पीएम किसान निधि के अंतर्गत किसानों को दी जा रही आर्थिक सहायता (6,000 रुपये प्रति वर्ष) की राशि बढ़ा सकती है। फिलहाल आवश्यक खर्चों के दबाव में सरकार ने ऐसी कोई लोकप्रिय घोषणा करने से परहेज बरता है। लेकिन इसके बाद भी बजट में ऐसे कई प्रावधान किये गए हैं जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति बेहतर करने में मदद मिलेगी।

देविंदर शर्मा के अनुसार, बजट में ग्रामीण क्षेत्रों में दो करोड़ पीएम आवास बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इन घरों को बनाने में ग्रामीण लोगों को ही रोजगार मिलेगा। साथ ही गृह निर्माण की वस्तुओं की खपत बढ़ेगी। इससे भी इन क्षेत्रों के उद्योगों और ग्रामीणों को आर्थिक मदद मिलेगी। सरकार ने घर निर्माण में भी सहायता देने की घोषणा की है। इसका असर भी ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति बेहतर करेगी।

स्वयं सहायता समूहों से ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक स्थिति बेहतर होती है। वे अपने घर को संभालने के साथ-साथ रोजगार के काम कर पाती हैं। इन समूहों में किसानों के घरों की महिलाएं ही काम करती हैं। इसलिए इससे भी किसानों की आर्थिक स्थिति बेहतर होगी।

आशा बहनों को आयुष्मान योजना का लाभ –

सरकार ने सभी आशा बहनों को आयुष्मान योजना का लाभ देने का निर्णय लिया है। इससे ग्रामीण महिलाओं को अपना इलाज कराने में पैसा नहीं खर्च करना पड़ेगा। अब तक इलाज में भारी पैसा खर्च होने से लोगों की आर्थिक स्थिति बिगड़ जाती थी। लेकिन अब आशा बहनों के परिवारों के साथ ऐसा नहीं होगा।

मछली पालन का काम ज्यादातर मामलों में बड़े औद्योगिक घरानों के कारोबारी नहीं करते। यह काम गांव-देहात में बसे छोटे-छोटे किसान ही करते हैं। केंद्र सरकार ने मत्स्य योजना को ज्यादा बढ़ावा देने की रणनीति बनाई है। किसानों को इसका भी लाभ मिलेगा। साथ ही जैविक क्षेत्र को बढ़ावा देकर, नैनो खादों का विकास कर भी किसानों की लागत कम करने की कोशिश की गई है।

सरकार ने एक करोड़ घरों में सौर ऊर्जा संयंत्रों को बढ़ावा देने का लक्ष्य निर्धारित किया है। यानी, अब किसान अपने घरों या खाली जमीन पर सोलर प्लांट लगाकर न केवल मुफ्त बिजली प्राप्त कर सकते हैं, बल्कि अतिरिक्त बिजली को बेचकर हर महीने 15-20 हजार रुपये की कमाई भी कर सकते हैं। इससे देश के किसानों की तस्वीर बदल सकती है।

ये है चुनौती-

देश की 60 फीसदी आबादी आज भी गांवों में रहती है। इन्हें रोजगार के लिए कृषि क्षेत्र पर ही निर्भर करना पड़ता है। लेकिन कृषि क्षेत्र में केवल 1.8 फीसदी की वृद्धि हो रही है, जबकि आबादी का अनुपात कहीं ज्यादा तेजी से बढ़ रहा है। यानी इसके बाद भी कृषि क्षेत्र में कम तेज वृद्धि के कारण रोजगार की चुनौती बनी रह सकती है।

 

Budget 2024 में इन चार जातियों पर फोकस, यहां पढ़िए किसे मिली क्या सौगात.

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Rules Change: 1 फरवरी से बदलने जा रहे ये सभी बड़े नियम, जानिए आप पर क्या होगा असर.

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हर महीना नए बदलावों को लेकर आता है। ऐसे में कल से शुरू हो रहा फरवरी महीना भी कई नए बदलावों को लेकर आ रहा है। हर महीने की शुरुआत में कई संस्थाएं अपने नियमों में बड़े बदलावों को अंजाम देती हैं, जिनका सीधा असर लोगों के जीवन पर पड़ता है। एक नागरिक होने के नाते आपको 1 फरवरी से बदलने जा रहे इन नियमों के बारे में पता होना जरूरी है। वहीं आपको अपने कई जरूरी कार्य आज ही करा लेना चाहिए। वरना 1 फरवरी से बदलने जा रहे नियमों के बाद आपको दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अगले महीने से एलपीजी गैस सिलेंडर के दाम से लेकर फास्टैग से जुड़े नियम बदलने जा रहे हैं। इसके अलावा IMPS से जुड़े नियमों में भी नए बदलाव लागू हो जाएंगे। इसी कड़ी में आइए जानते हैं इन नियमों के बारे में विस्तार से –

एलपीजी गैस सिलेंडर के दाम

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हर महीने की पहली तारीख को पेट्रोलियम कंपनियों के द्वारा गैस के दामों में बदलाव किए जाते हैं। ऐसे में 1 फरवरी से एलपीजी गैस सिलेंडर के दामों में बदलाव देखने को मिल सकता है।

IMPS से जुड़े नियम –

आम लोगों की सुविधा को देखते हुए आरबीआई IMPS से जुड़े नियमों में बदलाव करने जा रहा है। बदले जा रहे इस नियम के अंतर्गत आप 1 फरवरी से बेनिफिशिरी का नाम जोड़कर 5 लाख रुपये तक की राशि ट्रांसफर कर सकेंगे।

इसको लेकर कुछ समय पहले रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने सर्कुलर जारी किया था। हालांकि, यह नियम अब 1 फरवरी से लागू हो जाएगा। इससे कई लोगों को मनी ट्रांसफर करने में सुविधा होगी।

फास्टैग KYC-

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने फास्टैग की केवाईसी को अपडेट करने की आखिरी तारीख 31 जनवरी, 2024 तय कर रखी है। ऐसे में फास्टैग की केवाईसी करनी की आज आखिरी तारीख है। अगर आज आप इस जरूरी कार्य को नहीं करते हैं। ऐसे में आपका फास्टैग ब्लैकलिस्ट या बैन हो जाएगा।

Uttarakhand Weather: बदला मौसम का मिजाज, गंगोत्री-यमुनोत्री में बर्फबारी, चकराता में भी सीजन की पहली बर्फबारी.

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उत्तराखंड में आज से मौसम फिर बदल गया है। तड़के गंगोत्री व यमुनोत्री धाम सहित आस-पास बर्फबारी हुई तो बड़कोट तहसील क्षेत्र में बारिश। वहीं, मैदानी इलाकों में कई जगह हल्का कोहरा छाया हुआ है। राजधानी देहरादून समेत पहाड़ों की रानी मसूरी, धनोल्टी और कैम्पटी में हल्की धूप है, लेकिन ठंडी हवाएं चलने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। उधर, चकराता के लोखंडी में सीजन की पहली बर्फबारी हुई। वहीं, बर्फबारी से बागवानों ने भी राहत की सांस। अब बर्फबारी के चलते पर्यटकों के उमड़ने की भी उम्मीद है।

पहाड़ों की रानी मसूरी में बदला मौसम। शहर में शाम होते ही छाया घना कोहरा। ठंड बढ़ने से अलाव तापते दिखे लोग। 31 जनवरी और एक फरवरी को बारिश-बर्फबारी के आसार। मौसम विज्ञान केंद्र ने जारी किया येलो अलर्ट।
वहीं, आज प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है। इसके लिए मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से 2500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश और बर्फबारी होने की संभावना जताई है। तापमान की बात करें तो दून का अधिकतम तापमान 17 और न्यूनतम तापमान आठ डिग्री रहने के आसार हैं।

Jharkhand: हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन बनेंगी झारखंड की मुख्यमंत्री !

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झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन कि कथित लैंड स्कैम से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं जमीन घोटाले में पूछताछ के लिए ईडी हेमंत सोरेन को कई बार समन जारी कर चुकी है हालांकि कई समन जारी होने के बाद भी हेमंत सोरेन ईडी के सामने पेश नहीं हुए बीते दिनों ईडी की टीम ने हेमंत सोरेन से रांची स्थित उनके सरकारी आवास पर कई घंटे पूछताछ की थी इसके बाद ईडी ने फिर से समन जारी कर 29 या 30 जनवरी को पूछताछ के लिए पेश होने को कहा था शनिवार को हेमंत सोरेन के दिल्ली पहुंचने की जानकारी सामने आयी जिसके बाद ईडी की टीम दिल्ली स्थित हेमंत सोरेन के आवास पर उनसे पूछताछ के लिए पहुंची थी लेकिन हेमंत सोरेन वहां भी नहीं मिले लेकिन ईडी की टीम ने उनके दिल्ली आवास को पूरा खंगाला इतना ही नहीं प्रवर्तन निदेशालय  की टीम ने सोमवार को सोरेन के दिल्ली के शांति निकेतन में स्थित घर सहित 3 ठिकानों पर छापेमारी की टीम ने तलाशी के दौरान दो BMW कार से कुछ आपत्तिजनक दस्तावेज और 36 लाख रुपये नगद जब्त किए हैं मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हेमंत सोरेन ने ईडी को बताया है कि वह बुधवार को रांची स्थित आवास पर मिलेंगे।

सीएम सोरेन के बारे में जानकारी देने वाले को बीजेपी देगी 11 हजार रुपये-

अब माना जा रहा है कि मुख़्यमंत्री हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी कभी भी हो सकती है इसके लिए उनकी पार्टी में भी सरगर्मी बढ़ गयी है पार्टी  ने अपने सभी विधायकों को रांची नहीं छोड़ने को कहा है साथ ही JMM ने राज्य के मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य पर चर्चा के लिए  रांची में अहम बैठक भी बुलाई है,,झारखंड के राज्यपाल CP राधा कृष्ण का कहना है कि वह भी दूसरों की तरह सीएम का इंतजार कर रहे हैं. साथ ही जानकारी आ रही है कि डीजीपी, सेक्रेटरी और गृह सचिव को राज्यपाल में राजभवन बुलाया गया है साथ ही बीजेपी ने दावा किया है कि सीएम हेमंत सोरेन 30 घंटों से ज्यादा वक्त से लापता हैं ।

भाजपा ने झारखंड सीएम हेमंत सोरेन को भगोड़ा बता दिया है और सीएम के बारे में जानकारी देने वाले को 11 हजार रुपये इनाम देने का भी ऐलान कर दिया है भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर एक पोस्टर शेयर किया हैं, जिसमें उन्होंने सीएम के लापता होने का दावा किया है बता दें कि कुछ दिनों पहले ईडी ने उन्हें 10वां समन भेजा था और 29 जनवरी से 31 जनवरी के बीच पेश होने के लिए कहा था. अगर वह ED के सामने पेश नहीं होते हैं तो एजेंसी उनके आवास पर जाकर पूछताछ करेगी।

क्या कल्पना सोरेन बनेंगी झारखण्ड की नयी मुख्यमंत्री-

मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगने और ईडी के शिकंजे के बाद  हेमंत के सियासी भविष्य को लेकर कयासबाजी चल रही है दावा किया जा रहा है कि हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन को झारखंड का नया मुख्यमंत्री बनाए जाने की तैयारी चल रही है  बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने सोमवार को दावा किया कि हेमंत ने अपने सभी सहयोगी विधायकों को सामान और बैग के साथ रांची बुलाया है हेमंत सड़क मार्ग के जरिए रांची पहुंचेंगे और कल्पना के नाम की घोषणा करेंगे बीजेपी के इस दावे के बाद झारखंड की सियासत गरमा गई है इन दावों ने 27 साल पुराने बिहार की राजनीतिक ताजपोशी को याद दिला दिया है तब आरजेडी प्रमुख लालू यादव की गिरफ्तारी पर तलवार लटकी थी और उन्होंने सीएम की कुर्सी बचाने के लिए अपनी पत्नी राबड़ी देवी को नया सीएम बनाकर चौंका दिया था बीजेपी लगातार हेमंत सोरेन को घेर रही है और गिरफ्तारी की आशंका के चलते अपनी पत्नी कल्पना सोरेन को राज्य की कमान सौंपने की तैयारी का दावा कर रही है।

हालांकि, कल्पना सोरेन को झारखंड का नया सीएम बनाने के दावे काफी समय से किए जा रहे हैं लेकिन हेमंत की पत्नी और झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रमुख शिबू सोरेन की बहू कल्पना सोरेन राजनीतिक सुर्खियों से दूर रहती हैं वे एक स्कूल का संचालन करती है कई लोगों का मानना है कि राजनीतिक परिवार में शादी होने के कारण अगर उन्हें नेतृत्व करने का मौका मिलता है तो वे झारखंड के राजनीतिक हालात को संभालने में सक्षम हो सकती हैं एक व्यवसायी महिला के रूप में कल्पना तब सुर्खियों में आईं थीं, जब पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता रघुवर दास ने आरोप लगाया था कि हेमंत सोरेन ने अपनी पत्नी के व्यवसाय के लिए एक प्लॉट आवंटित करने के लिए अपने अधिकारों का दुरुपयोग किया है ।

सीएम सोरेन को लेकर एयरपोर्ट पर भी अलर्ट- 

सवाल उठता है कि आखिर हेमंत सोरेन कहां हैं और क्यों सामने नहीं आ रहे मनी लॉन्ड्रिंग और खनन घोटाले में हेमंत सोरेन से पूछताछ के लिए ईडी की टीम समन कर रही है लेकिन सोरेन पेश नहीं हो रहे हैं वैसे जानकारी मिली है कि हेमंत सोरेन के दफ्तर से ईडी को मेल किया गया है कि वो 31 जनवरी को रांची में अपने आवास पर ईडी के सवालों का जवाब देंगे एहतियात बरतते हुए ED की टीम ने हेमंत सोरेन को लेकर एयरपोर्ट पर भी अलर्ट भेज दिया है।

Uttarakhand: बिजली की मांग के सापेक्ष उपलब्धता कम होने से रोजाना कटौती, गैस प्लांट चलाया फिर भी नहीं है राहत.

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प्रदेश में बिजली की मांग के सापेक्ष उपलब्धता कम होने से रोजाना कटौती हो रही है। सोमवार को भी ग्रामीण क्षेत्रों में दो से चार घंटे तक कटौती की गई। वहीं, छोटे कस्बों में भी एक से डेढ़ घंटे की कटौती हुई।

यूपीसीएल ने किल्लत को नियंत्रित करने के लिए काशीपुर स्थित गैस प्लांट भी चला दिया है। हालांकि, अभी भी यूपीसीएल रोजाना 50 से 70 लाख यूनिट बाजार से खरीदने को मजबूर है। ठंड में बिजली की मांग 4.8 करोड़ यूनिट पार हो रही है। यूजेवीएनएल से करीब 80 लाख यूनिट ही मिल पा रही है। अब यूपीसीएल ने गैस पावर प्लांट चलाया है, जिससे रोजाना करीब 40 से 45 लाख यूनिट मिल रही है।

कुल मांग के सापेक्ष बाजार से महंगी बिजली खरीद में यूपीसीएल का दम फूल रहा है। उधर, इस किल्लत को नियंत्रित करने के लिए ग्रामीण इलाकों में चार घंटे तक कटौती की जा रही, जबकि छोटे कस्बों में डेढ़ घंटे तक, फर्नेश इंडस्ट्री में भी औसत पांच घंटे कटौती करनी पड़ रही है। हालांकि, यूपीसीएल ने जनवरी माह की रिपोर्ट में महीनेभर में औसत 24 घंटे कटौती तक ही दावा किया है।

यूपीसीएल के निदेशक परियोजना अजय अग्रवाल का कहना है कि फिलहाल मांग के हिसाब से ग्रामीण इलाकों में कुछ देर कटौती करनी पड़ रही है। रोजाना बाजार से बिजली खरीदने के अलावा उन्होंने काशीपुर स्थित गैस पावर प्लांट भी चला दिया है।

यूजेवीएनएल का उत्पादन कम-

वैसे तो सर्दियों में यूजेवीएनएल का बिजली उत्पादन कम हो जाता है, लेकिन इस साल अभी तक बारिश या बर्फबारी न होने से उत्पादन गिरा हुआ है। रोजाना करीब 80 लाख यूनिट तक ही विद्युत उत्पादन हो पा रहा है। यूजेवीएनएल की एक-दो परियोजनाओं से उत्पादन बाधित भी चल रहा है।

पांच साल में जनवरी भारी, बिजली मांग 4.8 करोड़ पार-

यूपीसीएल के लिए पिछले पांच साल में इस साल जनवरी माह में बिजली की मांग भारी पड़ी है। 2020 में जनवरी माह में औसत मांग चार करोड़ यूनिट, 2021 में 4.2 करोड़ यूनिट, 2022 में 4.4 करोड़ यूनिट, 2023 में 4.6 करोड़ यूनिट और इस साल जनवरी माह में 4.8 करोड़ यूनिट से ऊपर मांग पहुंची है। यूपीसीएल प्रबंधन के लिए ऐसे हालात में बाजार पर निर्भरता बढ़ती जा रही है।

TB: जल्द शुरू होगा टीबी वैक्सीन का बड़े पैमाने पर ट्रायल, बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन करेगी पूरी फंडिंग

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टीबी की नई वैक्सीन के बड़े पैमाने पर ट्रायल जल्द शुरू होंगे। बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन इस ट्रायल की फंडिंग करेगी। फाउंडेशन के सीईओ मार्क सुजमैन ने इसकी पुष्टि की है। बीते 100 सालों में नई टीबी वैक्सीन का बड़े पैमाने पर यह पहला ट्रायल होगा। मार्क सुजमैन ने बताया कि उनके फाउंडेशन ने इस ट्रायल के लिए फंडिंग देने का फैसला किया है क्योंकि निजी कंपनियों इसके लिए निवेश नहीं कर रही हैं।

 
 
अरबों डॉलर खर्च करेगी गेट्स फाउंडेशन-

मार्क सुजमैन ने कहा कि ‘हम ट्रायल पर सैंकड़ों करोड़ डॉलर खर्च करेंगे। जिन लोगों को टीबी की बीमारी है, वह अधिकतर गरीब लोग हैं और वह इलाज के लिए पैसे खर्च नहीं कर सकते।’ सुजमैन ने कहा कि ‘अगर यह ट्रायल सफल रहता है तो इसका सबसे ज्यादा फायदा भारत को मिलेगा। भारत में टीबी के सबसे ज्यादा मरीज हैं।’ जून 2023 में वेलकम फाउंडेशन और बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन ने टीबी की वैक्सीन एम72 को विकसित करने के लिए फंडिंग करने का एलान किया था। बीते 100 सालों में यह टीबी की पहली वैक्सीन हो सकती है। अभी टीबी की एकमात्र वैक्सीन बीसीजी है, जिसे पहली बार साल 1921 में लगाया गया था। उसके बाद अब टीबी वैक्सीन के ट्रायल शुरू हो रहे हैं। ट्रायल पर गेट्स फाउंडेशन, वेलकम फाउंडेशन के साथ मिलकर करीब 550 मिलियन डॉलर खर्च करेगी। सैंकड़ों करोड़ डॉलर खर्च करेगी।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, दुनियाभर में टीबी से मरने वाले लोगों की संख्या कोविड-19 के बाद सबसे ज्यादा है। टीबी की बीमारी सभी उम्र के लोगों को हो सकती है और इससे बचाव भी संभव है। टीबी में मरीज के फेफड़ों में बैक्टीरिया का संक्रमण हो जाता है। टीबी मरीज के संपर्क में आने से यह संक्रमण होने का खतरा होता है। केंद्र सरकार भी टीबी उन्मूलन के लिए कार्यक्रम चला रही है। सरकार ने साल 2025 तक भारत को टीबी मुक्त करने का लक्ष्य रखा है।
सरकार भी TB उन्मूलन के खिलाफ चला रही योजना-

सरकार ने साल 2022 में सरकार ने नि-क्षय मित्र कार्यक्रम की शुरुआत की थी। इस योजना के तहत सरकार टीबी मरीजों की जांच, उन्हें पोषण और वॉकेशनल सपोर्ट देने का काम कर रही है। इसके लिए सरकार कई एनजीओ के साथ मिलकर काम कर रही है। इस योजना का असर दिख भी रहा है और साल 2014 में जहां भारत में टीबी के 15.5 लाख मरीज रजिस्टर हुए थे। साल 2022 में यह आंकड़ा बढ़कर 24.22 लाख हो गया था।

Corona: कोरोना संक्रमितों की संख्या में हुआ इजाफा, बीते दिन 159 लोगों की रिपोर्ट आई पॉजिटिव; जानें देश का हाल

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कोविड-19 का दुनियाभर की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ा है। 2020 में तेजी से फैंले कोविड महामारी ने दुनिया को चारदीवारी तक कैद कर दिया था। इसी बीच, कोविड-19 के केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने भारत में एक्टिव नए आंकड़ों को जारी किया है। जिसमें कहा गया कि भारत में एक दिन में संक्रमित कोविड के 159 नए मामले दर्ज किए गए हैं। इसी के साथ ही पूरे देश भर में सक्रिय मामलों की संख्या 1623 हो गई है।

फिर बढ़ रहे कोविड के मामले- केंद्रीय मंत्रालय

केंद्रीय मंत्रालय की सुबह आठ बजे की रिपोर्ट में दर्ज आकंड़ों के मुताबिक, केरल में 24 घंटे में एक संक्रमित व्यक्ति ने दम तोड़ा है। गौरतलब है कि कि कोविड के दैनिक मामलों में पांच दिसंबर तक गिरावट दर्ज की गई थी। संक्रमित आंकड़ों अब दोहरे अंक को पार कर चुके हैं। लेकिन ठंड के मौसम की स्थिति के बाद से ही नए संस्करण के फैलने का सिलसिला शुरू हो गया है। 31 दिसंबर को एक दिन में सबसे ज्यादा 841 नए मामले समाने आए।

आधिकारिक सू्त्रों की मानें तो मौजूदा आंकड़ों से पता चलता है कि जेएन.1 वैरिएंट न तो नए मामलों में वृद्धि कर रहा है और न ही अस्पताल में भर्ती होने और मृत्यु दर में वृद्धि कर रहा है। गौरतलब है कि भारत ने कोविड-19 की तीन लहरों को झेला था। अप्रैल-जून 2021 के दौरान डेल्टा लहर, इस दौरान दैनिक नए मामलों और मौतों की चरम घटनाएं दर्ज की गई थी। 7 मई, 2021 को 4,14,188 मामले और 3,915 मौतें दर्ज की गई थी।

लगभग 220 करोड़ खुराकें दी जा चुकी है-

मंत्रालय की वेबसाइट के मुताबिक, इस बीमार से ठीक होने वाले लोगों की संख्या 4.4 करोड़ से अधिक है, जिसकी रिकवरी दर 98.81 प्रतिशत है। मंत्रालय ने कहा कि देश में अब तक कोविड टीकों की 220.67 करोड़ खुराकें दी जा चुकी हैं।