Category Archive : राष्ट्रीय खबर

Bharat Jodo Nyay Yatra: असम के CM हिमंत बिस्वा सरमा का बड़ा बयान, राहुल गांधी होंगे गिरफ्तार!

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कांग्रेस नेता राहुल गांधी इन दिनों भारत जोड़ों न्याय यात्रा पर हैं। राहुल गांधी की यात्रा असम पहुंच चुकी है असम में यह यात्रा 17 जिलों से होकर गुजरेगी वहीं राहुल गांधी की न्याय यात्रा को लेकर राजनीति भी खूब हो रही है राहुल गांधी की यात्रा को लेकर बीजेपी लगातार हमलावर है।

असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा राहुल गांधी के न्याय यात्रा को लेकर बड़ा बयान दिए हैं। उन्होंने कहा है कि,  राहुल गांधी को शहर के अंदर प्रवेश करने की इजाजत नहीं दी जाएगी,, अगर वह फिर भी जिद्द कर शहर में आते हैं तो उनके खिलाफ केस दर्ज होगी औऱ उनकी गिरफ्तारी होगी। 

राहुल गांधी की यात्रा नगालैंड से असम पहुंच चुकी है असम के शिवसागर जिले से शुरू होकर यह यात्रा राज्य के अन्य 17 जिलों से गुजरेगी इसी में गुवाहाटी शहर भी शामिल है जिसको लेकर राजनीतिक भूचाल आया है उन्होंने कहा कि, “हमने कहा है कि शहरों के अंदर से नहीं जाना है जो भी वैकल्पिक रास्ता मांगा जाएगा उसकी अनुमति दे दी जाएगी लेकिन अगर शहर के अंदर से जाने की जिद की जाएगी तो हम पुलिस की व्यवस्था नहीं करेंगे ”मैं केस दर्ज कर लूंगा और चुनाव के बाद गिरफ्तार करूंगा अभी कुछ नहीं करूंगा”।

और अब खबर आ रही है कि राहुल गांधी के खिलाफ असम पुलिस ने FIR भी दर्ज कर दी गयी है न्यूज एजेंसी पीटीआई ने पुलिस अधिकारी के हवाले से यह जानकारी दी है अधिकारी ने कहा, ”जोरहाट सदर पुलिस स्टेशन ने स्वत: संज्ञान लेते हुए यह एफआईआर यात्रा और उसके मुख्य आयोजक के खिलाफ दर्ज की है ” अधिकारी के अनुसार, एफआईआर में उल्लेख किया गया है कि यात्रा ने जिला प्रशासन के मानदंडों का पालन नहीं किया और सड़क सुरक्षा मानदंडों का उल्लंघन किया.

 

इस दौरान कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने  शिवसागर जिले में दावा किया कि देश में शायद सबसे भ्रष्ट सरकार और सबसे भ्रष्ट मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा इस राज्य में है.कुल मिलाकर बीजेपी और कांग्रेस आमने सामने आ चुके हैं ।  

ISRO: चंद्रयान-3 मिशन की एक और बड़ी सफलता, चांद के दक्षिणी ध्रुव पर पथ-प्रदर्शक की तरह करेगा काम.

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भारत के चंद्रयान-3 मिशन को एक और सफलता मिली है। दरअसल चंद्रयान-3 के लैंडर ने चांद के दक्षिणी ध्रुव पर पथ प्रदर्शक की तरह काम करना शुरू कर दिया है। इसरो ने एक बयान जारी कर बताया कि चंद्रयान-3 मिशन के तहत चांद की जमीन पर उतरे लैंडर के साथ एक लेजर रेट्रोरिफ्लेक्टर एरे (LRA) भी चांद पर भेजा गया था। अब इस उपकरण की मदद से अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी के एलआरओ (Lunar Reconnaissance Orbiter) ने लेजर रेंज का मापन कर लिया है। 

चांद पर जाने वाले मिशनों को मिलेगा बड़ा फायदा- 

एलआरओ, नासा का ऑर्बिटर है, जो चांद की कक्षा में चक्कर लगा रहा है। इस एलआरओ ने ही चंद्रयान-3 के लैंडर पर लगे एलआरए से मिले सिग्नल लेकर लेजर रेंज का मापन किया। इसरो ने बताया कि मापन का काम 12 दिसंबर 2023 को किया गया था। इसरो ने बताया कि एलआरओ ने रात के समय यह मापन किया, जब वह चंद्रयान-3 के लैंडर वाली जगह से पूर्व की तरफ बढ़ रहा था। अब इस मापन की मदद चांद पर भेजे जाने वाले मिशनों को काफी फायदा होगा। 

चंद्रयान-3 के लैंडर पर लगे लेजर रेट्रोरिफ्लेक्टर एरे को नासा ने विकसित किया है, जिसे अंतरराष्ट्रीय सहयोग के तहत चंद्रयान-3 के साथ चांद पर भेजा गया था।  

Ram Mandir: 22 जनवरी को उत्तराखंड में सरकारी दफ्तरों में रहेगी आधे दिन की छुट्टी, जानिए कितने बजे खुलेंगे दफ्तर।

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अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर उत्तराखंड सरकार ने 22 जनवरी को सरकारी दफ्तरों में आधे दिन की छुट्टी घोषित की है। इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए हैं। आदेश के बाद कर्मचारी नेताओं ने कहा कि सरकार द्वारा सरकारी कार्यों में आधा दिन का अवकाश किया गया है जो की औचित्यहीन है।

आदेश से नाखुश कर्मचारियों ने कहा कि क्या कर्मचारी शिक्षक पहले प्राण प्रतिष्ठा में भाग लेंगे और 2:30 बजे बाद अपने कार्यालय में आएंगे जोकि असंभव है। सरकार अवकाश पर पुनर्विचार करके 22 जनवरी 2024 को पूरे दिन का अवकाश घोषित करें।

पूरा देश इस समय राममय

भाजपा के राष्ट्रीय सह-कोषाध्यक्ष व राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने भी मुख्यमंत्री से सार्वजनिक अवकाश घोषित करने का अनुरोध किया था। उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री को एक पत्र भी लिखा था।बंसल ने अपने पत्र में कहा कि 22 जनवरी को श्रीराम जन्मभूमि मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम है। इसकी उत्तराखंड समेत पूरे विश्व में भव्य आयोजन की तैयारी चल रही है। पूरा देश इस समय राममय है। आस्था और विश्वास का यह महापर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है।

हर व्यक्ति 22 जनवरी का कार्यक्रम देखने को उत्सुक है। प्रत्येक रामभक्त इस प्राण प्रतिष्ठा समारोह का साक्षी बनना चाहता है। उत्तर प्रदेश, हरियाणा आदि प्रदेशों में 22 जनवरी को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है, ताकि लोग धूमधाम से यह उत्सव मना सकें।

Manipur: मणिपुर में फिर हुई हिंसा, उग्रवादियों के साथ मुठभेड़ में एक वालंटियर की मौत.

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मणिपुर के कांगपोकपी जिले में दो गुटों के बीच गोलीबारी हुई। इस गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हो गई। गोलीबारी बुधवार रात को हुई, जब संदिग्ध उग्रवादियों ने कांगचुप इलाके में हमला किया। इसके जवाब में विलेज वॉलंटियर्स ने जवाब में गोलीबारी की। दोनों तरफ से हुई फायरिंग में एक विलेज वालंटियर की गोली लगने से मौत हो गई। मृतक की पहचान टी मनोरंजन के रूप में हुई है।

महिलाओं ने किया विरोध प्रदर्शन-

 
बुधवार रात को इंफाल में कई जगह गोलीबारी की घटनाएं हुईं। हिंसा में हो रहीं हत्याओं के खिलाफ इंफाल घाटी में गुरुवार को बड़ी संख्या में महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने मांग की है कि हिंसा बंद होनी चाहिए और साथ ही उन्होंने इंटर एजेंसी यूनिफाइड कमांड के चेयरमैन को पद से हटाने की भी मांग की। बीते साल मणिपुर सरकार ने इंटर एजेंसी यूनिफाइड कमांड का प्रमुख कुलदीप सिंह को नियुक्त किया था। महिलाओं ने इंफाल के मुख्य बाजार से लेकर सीएम आवास और राजभवन तक मार्च किया। राजभवन से 300 मीटर दूर महिला प्रदर्शनकारियों को रोक दिया गया। जिसके चलते प्रदर्शनकारी महिलाएं और सुरक्षाकर्मियों में झड़प भी हुई।

प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिसकर्मियों ने आंसू गैस के गोले छोड़े।  

Ayodhya : नए सिरे से बस रही है रामनगरी, 4 साल में 10 गुना बढ़ी जमीन की कीमत, जानिए क्या कुछ बदला. 

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चार वर्षों में सरकार अयोध्या में करीब 31 हजार करोड़ रुपये का निवेश कर इसे नए सिरे से बसा रही है। यह यूपी के किसी भी जिले में इन वर्षों में किए गए निवेश से अधिक ही है। 2017-18 में यहां जमीन के करीब छह हजार सौदे हुए। 2022-2023 में सौदे साढ़े चार गुना बढ़कर 27,000 तक पहुंच गए।
एक साल में ही पर्यटक सवा दो लाख से बढ़कर सवा दो करोड़ हो गए। जमीन की कीमत सिर्फ चार साल में दस गुना बढ़ गई। 30 साल पहले इस शहर में कोई आना नहीं चाहता था। लोग कहते थे, इस नगरी को माता सीता का श्राप लगा है। घर वीरान पड़े थे, क्योंकि नई पीढ़ी नौकरी के लिए दूर चली गई थी। मगर, राममंदिर से खड़े हुए धार्मिक पर्यटन ने नई अयोध्या तैयार कर दी है।

महंगी हो रही जमीन-

प्रॉपर्टी डीलर बृजेंद्र दुबे करीब दस साल से जमीन की खरीद-फरोख्त का काम कर रहे हैं। वह बताते हैं कि जो जमीन चार साल पहले 1,000 रुपये/वर्ग फुट में आसानी से मिल जाती थी, वह आज 4000 रुपये/वर्ग फुट में भी नहीं मिल रही है। पहले इस काम से 10-20 लोग ही जुड़े थे, अब एक हजार से ऊपर हो गए हैं। कोसी परिक्रमा के आसपास जमीन पांच लाख में मिल जाती थी। अब 30 लाख तक में मिल रही है। शहर के अंदर रामपथ पर जमीन के दाम बहुत बढ़े हैं। दो साल में कीमत एक हजार से बढ़कर छह हजार रुपये प्रति वर्ग फुट हो गई है।

बाजार दर बहुत अधिक, सरकार को हो रहा नुकसान

सरकार का सर्किल रेट कम है और बाजार का रेट बहुत अधिक है। रोजाना सैकड़ों रजिस्ट्री हो रही हैं। इससे सरकार को अच्छी-खासी चपत भी लग रही है। एक अफसर के मुताबिक सर्किल रेट बढ़ाने के लिए कई बार फाइल गई, मगर रुक जा रही है। सरकार का मानना है कि सर्किल रेट बढ़ने से उसे मुआवजा अधिक देना पड़ेगा। हालांकि जितना मुआवजा सरकार को भविष्य में नहीं देना पड़ेगा, उससे अधिक तो राजस्व में नुकसान हो जा रहा है। इसीलिए लक्ष्य के सापेक्ष आय नहीं हो पा रही है। 2023-24 वित्तीय वर्ष में दिसंबर में 1,028.81 लाख रुपये आय हुई, जो तय लक्ष्य का 74.71 फीसदी था।

नए सिरे से बस रही रामनगरी
अयोध्या में अब तक सबसे बड़ी रजिस्ट्री राम मंदिर ट्रस्ट ने कराई है। ट्रस्ट ने बैकुंठ धाम के पास 14 हजार 730 वर्गमीटर जमीन ली। इससे सरकार को 55 करोड़ 47 लाख 800 रुपये का राजस्व मिला। इसके अलावा आवास विकास प्राधिकरण ने टाउनशिप विकसित करने के लिए 1,194 एकड़ जमीन की खरीद की।

. बैनामे में आई कमी : विभागों की ओर से जहां-जहां जमीन का अधिग्रहण किया गया है, वहां जमीन की बिक्री में कमी आई है। दरअसल अधिग्रहण के आसपास की जमीन महंगी हो गई हैं। किसान भी नहीं बेच रहे हैं। इसमें सहादतगंज से नयाघाट मार्ग, गोसाईगंज बाईपास के आसपास के गांव, हवाई पट्टी के आसपास और प्रवेश द्वार राजेपुर उपरहार, दर्शन नगर रेलवे स्टेशन, पंचकोसी परिक्रमा मार्ग, चौदह परिक्रमा मार्ग और चौरासी कोसी परिक्रमा मार्ग के आसपास यही स्थिति है।

लोढ़ा ग्रुप ने सरकार से भी दिए अधिक दाम-
बृजेंद्र दुबे बताते हैं कि लोढ़ा ग्रुप के आने के बाद जमीन के दाम आसमान छूने लगे। इस ग्रुप ने किसानों को सरकार के चार गुना सर्किल रेट के मुकाबले छह गुना तक दाम दिए। इस ग्रुप ने अयोध्या से बाहर रामपुर हलवारा, राजेपुर क्षेत्र के बीच में सोसायटी बनाने के लिए जमीन खरीदी। यहां 2020 तक हाल यह था कि 50 हजार रुपये बिस्वा जमीन मिल रही थी। आज दाम चार लाख रुपये बिस्वा हो गया है।

नौकरी छोड़ अपने शहर लौट रहे युवा
मलावन के अनूप पांडेय गुजरात में नौकरी करते थे। यहां के बढ़ते वैभव व संभावनाओं को देखते हुए नौकरी छोड़ दी और कार खरीदकर पर्यटकों के लिए लगा दी है। कहते हैं, अब घर पर ही रोजगार मिल रहा है। इंजीनियर बृजेश पाठक प्रयागराज से नौकरी छोड़कर आए और आयुर्वेदिक दवा बनाने लगे हैं। अविनाश दुबे ने नौकरी छोड़कर गुड़ बनाने का काम शुरू किया है। 50 रुपये से लेकर 5 हजार रुपये किलो तक गुड़ तैयार कर रहे हैं। गुड़ में स्वर्ण भस्म भी डाल रहे हैं। अरविंद चौरसिया चंडीगढ़ से लौटकर यहां डोसा की दुकान चला रहे हैं।

बानगी हैं तस्वीरें…

तस्वीरें बानगी हैं रामनगरी में आस्था और वैभव के संगम की। पहली तस्वीर महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट की है, जो नई अयोध्या है। पहले चरण में इस पर 1450 करोड़ की लागत आई है। छह जनवरी से यहां उड़ान भी शुरू हो गई। अनुमान है कि प्रतिवर्ष लाखों यात्री यहां आएंगे। अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन भी अद्भुत बन पड़ा है। वहीं, दूसरी तस्वीर है दुनिया की सबसे बड़ी 108 फुट लंबी अगरबत्ती की। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास की मौजूदगी में इसे मंगलवार को प्रज्वलित किया गया। इस अगरबत्ती की खुशबू विकास में डूबी पूरी अयोध्या को 45 दिन तक सुगंधित करती रहेगी। इस अगरबत्ती का वजन 3610 किलो और चौड़ाई 3.5 फुट है। यह पर्यावरण के अनुकूल है। इसके निर्माण में 376 किलो नारियल के गोले, 1470 किलो गाय का गोबर, 420 किलो जड़ी बूटियां और 190 किलो घी का इस्तेमाल किया गया है।

SC: 7 फीसदी से भी कम अदालतों में महिलाओं के अनुकूल शौचालय, सुप्रीम कोर्ट की रिपोर्ट में खुलासा.

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देश के केवल 6.7 फीसदी जिला न्यायालय परिसरों में मौजूद शौचालय ही महिलाओं के अनुकूल हैं। 19.7 फीसदी में महिलाओं के लिए अलग शौचालय की व्यवस्था नहीं है। 73.4 फीसदी जिला अदालतों के शौचालयों में सैनिटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन की सुविधा उपलब्ध नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट की सेंटर फॉर रिसर्च एंड प्लानिंग की ओर से प्रकाशित रिपोर्ट स्टेट ऑफ द जुडिशरी : रिपोर्ट ऑन इंफ्रास्ट्रक्चर, बजटिंग, ह्यूमन रिसोर्सेज एंड आईसीटी के मुताबिक, 88% कोर्ट परिसरों में पुरुषों के लिए शौचालय की सुविधा उपलब्ध है। महिलाओं की गरिमा, स्वच्छता और स्वास्थ्य अधिकार को सुनिश्चित करने के लिए महिला शौचालयों में सैनिटरी नैपकिन वेंडिंग मशीनें उपलब्ध होनी चाहिए। महाराष्ट्र की जिला अदालतों में तो केवल 18 सैनिटरी नैपकिन डिस्पेंसर मशीनें उपलब्ध हैं।

35 % परिसर कक्षों से जुड़े नहीं शौचालय-

 
रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 35 फीसदी परिसरों में शौचालय न्यायिक अधिकारियों के कक्षों से जुड़े नहीं होने के कारण पुरुष और महिला दोनों न्यायाधीशों को साझा शौचालय का उपयोग करना पड़ता है।

सुविधाओं के अभाव की दी जानकारी-

12 उच्च न्यायालयों ने जिला अदालत परिसरों में न्यायाधीशों, कर्मचारियों, वकीलों और वादियों के लिए शौचालयों की महत्वपूर्ण कमी को लेकर अवगत कराया है। जिला अदालतों में न केवल शौचालयों का अभाव है, बल्कि ऐसे शौचालय भी हैं जो महज नाम के लिए हैं। इनमें से कुछ काम नहीं कर रहे, जबकि कुछ के दरवाजे टूटे हुए हैं।

62.8% में प्यूरीफायर-

सभी जिला अदालत परिसरों में पीने के पानी की सुविधा उपलब्ध है, लेकिन केवल 62.8 फीसदी में पानी को शुद्ध करने के लिए प्यूरीफायर मौजूद हैं। शेष अदालत परिसरों में सीधे नल से पानी सप्लाई किया जा रहा है।

सीजेआई जता चुके हैं चिंता-

एक कार्यक्रम में सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने मौजूदा स्थिति को स्वीकार करते हुए कहा था कि मुझे बताया गया है कि महिला जिला न्यायाधीशों के पास शौचालय सुविधाओं का अभाव है। वे सुबह आठ बजे घर से निकलती हैं और शाम छह बजे घर लौटने पर ही इसका उपयोग कर पाती हैं।

Weather News: तापमान में आयी गिरावट, अगले चार दिन पड़ेगी कड़ाके की ठंड, जानिए अपने शहर के मौसम का हाल

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उत्तर भारत में तापमान लगातार गिर रहा है। इससे जहां ठंड बढ़ रही है वहीं जनजीवन रुक सा गया है। घने कोहरे के कारण विमान और रेल सेवा के साथ सड़क यातायात भी प्रभावित हो रहा है। पहाड़ों से लेकर मैदान क्षेत्रों तक मौसम ठंडा बना हुआ है।

दिल्ली में लगातार चौथे दिन न्यूनतम तापमान चार डिग्री से नीचे रहा। मंगलवार को दिल्ली में न्यूनतम तापमान 3.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि अधिकतम तापमान 17.4 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक घने कोहरे के साथ भीषण सर्दी की चेतावनी जारी की है। दिल्ली के कुछ हिस्सों में शीतलहर चलेगी और बुधवार को सुबह घना कोहरा होगा।

पंजाब में शून्य से नीचे पहुंचा तापमान-

पंजाब के नवांशहर में मंगलवार को न्यूनतम तापमान माइनस 0.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। यहां सोमवार को न्यूनतम तापमान माइनस 0.2 था। वहीं, चंडीगढ़ में न्यूनतम तापमान 2.7 डिग्री, पटियाला में 3.1 डिग्री, लुधियाना में 3.3 डिग्री, फतेहगढ़ साहिब में 3.4 डिग्री, गुरदासपुर में 3.5 डिग्री और अमृतसर में 5.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने बुधवार को घने कोहरे और शीतलहर का रेड अलर्ट जारी किया है।

मंगलवार को दृश्यता रही शून्य-

हरियाणा में जनवरी में तीसरी बार तापमान एक डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा। महेंद्रगढ़ का न्यनूतम तापमान 0.7 डिग्री और रेवाड़ी का 1.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।वहीं, पानीपत, फतेहाबाद सहित चार जिलों की सीजन की सबसे सर्द रात रही। मंगलवार सुबह घने कोहरे से दृश्यता शून्य रही। इससे लोगों को परेशानी का भी सामना करना पड़ा है।

U.P में कोहरे और गलन से नहीं राहत-

उत्तर प्रदेश में कोहरे और गलन का चक्र टूट नहीं रहा है। लगातार चौथे दिन मंगलवार को भी कई जिलों में सुबह की शुरुआत कोहरे के साथ हुई। दोपहर में धूप निकली, मगर सर्द हवा के आगे बेअसर ही रही। मेरठ फिर सबसे सर्द जिला रहा और यहां मंगलवार को तापमान 3.8 डिग्री रहा।

ट्रेनों और उड़ानों पर कोहरे का बड़ा असर-

वहीं ट्रेनों और उड़ानों पर कोहरे का असर जारी है। 22 जनवरी तक शीतलहर प्रचंड रूप में चलती रहेगी। 45 से अधिक जिलों में घना कोहरा का अलर्ट जारी किया गया है।बिहार में आज 12 जिलों में हल्की वर्षा के आसार : बिहार में हिमालय की तलहटी से आ रही बर्फीली हवाओं के कारण घने कोहरा व भीषण ठंड का प्रभाव बीते पांच दिनों से बना हुआ है।

पटना का भी वही हाल-

मंगलवार को बिहार के पटना सहित 17 शहरों के न्यूनतम तापमान में आंशिक वृद्धि हुई। वहीं, पटना समेत 22 शहरों के अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। बुधवार को पटना समेत 12 जिलों में हल्की वर्षा के आसार हैं। इससे 20 जनवरी तक प्रदेश के अधिकतर भाग में शीत दिवस की स्थिति बनी रहेगी।

पहाड़ों में भी लगातार गिर रहा है तापमान-

उत्तराखंड में पिछले तीन दिन में रात के तापमान दो से तीन डिग्री सेल्सियस की कमी आई है। चंपावत तापमान माइनस 1.1 डिग्री व अल्मोड़ा का माइनस 2.1 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। पंतनगर एयरपोर्ट पर पिछले 20 दिन से उड़ानें नहीं भरी जा रही हैं।

जम्मू में मंगलवार को धूप खिलने से थोड़ी राहत मिली और अधिकतम तापमान 16.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। हालांकि में रविवार-सोमवार की रात मौजूदा सर्दियों की सबसे ठंडी रात रही और न्यूनतम तापमान 2.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।हिमाचल प्रदेश में मौसम विभाग ने दो दिन हिमपात व वर्षा की संभावना जताई थी, लेकिन मंगलवार को पश्चिमी विक्षोभ का कोई प्रभाव नहीं दिखा।
मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के अनुसार 16 से 20 के बीच ऊपरी पहाड़ी क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी की संभावना है।

विलंबित उड़ानें हुईं कम, यात्रियों की परेशानी नहीं-

घने कोहरे के कारण विमानों के आवागमन में हो रही देरी थमने का नाम नहीं ले रही है। मंगलवार को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय 288 उड़ानें विलंब की चपेट में आईं। विलंबित विमानों की संख्या के लिहाज से देखें, तो रविवार और सोमवार के मुकाबले इनमें कमी आई, लेकिन यात्रियों की परेशानी जारी है।

कोहरे के कारण सबसे ज्यादा घरेलू उड़ानें प्रभावित रहीं। सबसे ज्यादा असर प्रस्थान पर पड़ा। सुबह छह से 10 बजे के बीच कम से कम 70 उड़ानों में देरी हुई। इसके बाद स्थिति धीरे-धीरे सुधरने लगी। आगमन की बात करें, तो यहां भी विलंब देखने को मिला।

27 घंटे से अधिक विलंब से रवाना हुई बिहार संपर्क क्रांति

कोहरे के कारण लंबी दूरी की 125 से ज्यादा ट्रेनें विलंब से दिल्ली से पहुंचीं। कई ट्रेनें एक दिन बाद अपने गंतव्य पर पहुंच रही हैं।

सोमवार को रवाना होने वाली नई दिल्ली-दरभंगा बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस 27 घंटे 50 मिनट की देरी से मंगलवार शाम 4:50 बजे रवाना हुई। वहीं, मंगलवार को चलने वाली यह ट्रेन साढ़े 15 घंटे की देरी से बुधवार शाम साढ़े चार बजे चलेगी। ट्रेन के देरी से चलने से यात्री परेशान हैं।

दो घंटे की यात्रा अब सिर्फ 15 मिनट में, इन राज्यों का सफर आसान और पैसे की भी होगी बचत; जानिए अटल सेतु से क्या बदलेगा?

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को महाराष्ट्र के दौरे पर हैं। अपने दौरे में पीएम मुंबई में अटल सेतु को जनता को समर्पित किया। देश की आर्थिक राजधानी में बना यह पुल देश का सबसे लंबा पुल है। अधिकारियों ने कहा है कि पुल से हर रोज करीब 70 हजार यात्री सफर करेंगे जिनके समय और ईंधन खर्च में बहुत अधिक कमी आएगी।

जानिये कहाँ बनाया गया है अटल सेतु ?

इसका पूरा नाम अटल बिहारी वाजपेयी सेवारी-न्हावा शेवा अटल सेतु है। पहले इसे मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक (एमटीएचएल) के नाम से भी जाना जाता था। यह अरब सागर में ठाणे क्रीक पर 22 किलोमीटर लंबा ट्विन-कैरिज वे छह-लेन पुल है। अटल सेतु मुंबई में सेवरी को रायगढ़ जिले में चिरले से जोड़ता है।

पुल कितने समय में हुआ बनकर तैयार ?

पहली बार 1962 में ‘मुंबई मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र के लिए सड़क प्रणाली की योजना’ के नाम से इसका विचार सामने आया था। 34 साल बाद 1994 में परियोजना की व्यवहार्यता रिपोर्ट शुरू हुई। वहीं 2006 में निविदाएं बुलाई गईं जबकि इसके 10 साल बाद 2016 में पीएम मोदी ने इस पुल का शिलान्यास किया। आखिरकार परियोजना पर काम अप्रैल 2018 में शुरू हुआ।

परियोजना की लागत कितनी है?
अटल सेतु का निर्माण 17,840 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से किया गया है। आरटीआई के माध्यम से प्राप्त जानकारी के अनुसार, अनुमानित लागत से ज्यादा व्यय हुआ है। 14,712.70 करोड़ रुपये इसकी मूल लागत थी लेकिन कोविड के कारण लगने वाले लॉकडाउन की वजह से इसमें देरी हुई और व्यय ज्यादा हुआ।

इस पुल की विशेषता क्या है? 
अटल सेतु लगभग 21.8 किमी लंबा और 6-लेन वाला है जो 16.5 किमी लंबा समुद्र के ऊपर और लगभग 5.5 किमी जमीन पर बना है। यह भारत का सबसे लंबा पुल है, जो देश का सबसे लंबा समुद्री पुल भी है। यह मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे और नवी मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे को तेज कनेक्टिविटी प्रदान करेगा और मुंबई से पुणे, गोवा और दक्षिण भारत की यात्रा में लगने वाले समय को भी कम करेगा। अटल सेतु मुंबई से नवी मुंबई के बीच लगने वाले मौजूदा दो घंटे के समय को कम करके 15-20 मिनट कर देगा। वहीं अधिकारियों ने कहा कि इस पुल से गुजरने वाले लोगों को हर यात्रा में कम से कम 500 रुपये तक के ईंधन की भी बचत होगी। इसके साथ ही यह मुंबई बंदरगाह और जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह के बीच कनेक्टिविटी को भी बेहतर बनाएगा।

इसका आम लोगों को कितना फायदा होगा? 
हजारों करोड़ की लागत से बना अटल सेतु मुंबई को नवी मुंबई से जोड़ेगा। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के लिए यह पुल नई जीवन रेखा बनेगा, वहीं बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में यह भारत के विकास की नई इबारत है। एक अनुमान के मुताबिक पुल से हर रोज करीब 70 हजार लोग सफर करेंगे। यहां 400 कैमरे लगे हैं, इसके अलावा ट्रैफिक के दबाव की जानकारी जुटाने के लिए एआई आधारित सेंसर लगे हैं।

इस बीच, मुंबई पुलिस ने जानकारी दी है कि समुद्री पुल पर चार पहिया वाहनों जैसे कार, टैक्सी, हल्के मोटर वाहन, मिनीबस और टू-एक्सल बस की गति सीमा 100 किलोमीटर प्रति घंटा होगी और पुल के चढ़ने और उतरने पर गति 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक सीमित रहेगी। हालांकि, मोटर बाइक, ऑटो रिक्शा और ट्रैक्टर को इस पुल पर अनुमति नहीं होगी।

अधिकारियों ने यह भी बताया कि मुंबई की ओर जाने वाले मल्टी-एक्सल भारी वाहनों, ट्रकों और बसों को ईस्टर्न फ्रीवे पर प्रवेश नहीं मिलेगा।

भारत के पासपोर्ट की ताकत बढ़ी या घटी ? पढ़िए ये पूरी रिपोर्ट.

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पूरी भाजपा देश को हर समय ये बताने में लगी है कि मोदी जी के आने से देश के पासपोर्ट की ताकत कितनी बढ़ गयी है लेकिन असल सच्चाई कुछ और है। हेनले पासपोर्ट इंडेक्स की इस साल की रिपोर्ट में ये बात उजागर हुई है. हेनले पासपोर्ट इंडेक्स दुनिया के सभी पासपोर्ट की मूल आधिकारिक रैंकिंग है जिससे किसी भी देश के पासपोर्ट की ताकत का पता चलता है।


2024 में हेनले पासपोर्ट इंडेक्स में दुनिया भर के कुल 6 देशों ने टॉप पर जगह बनाई है दुनिया के सबसे शक्तिशाली पासपोर्ट वाले देशों में यूरोपीय संघ के चार सदस्य देश फ्रांस, जर्मनी, इटली और स्पेन शामिल हैं जबकि एशियाई देशों में से इस लिस्ट में  हमेशा से टॉप पर रहे दो एशियाई देश इस बार भी टॉप पायदान पर अपनी जगह बनाए हुए हैं और ये देश हैं जापान और सिंगापुर यानी इन 6 देशों के पासपोर्ट सबसे ताकतवर है. यह पासपोर्ट अपने नागरिकों को दुनिया के 227 देशों  में से 194 में बिना वीजा के एंट्री की सुविधा मुहैया कराते हैं

अब आप यही सोच रहे होंगे कि फिर भारत इस लिस्ट में कहां है तो आपको ये जानकर हैरानी होगी कि भारत इस लिस्ट में 80  नंबर पर खड़ा है,,, जी हाँ 80 नंबर पर और देश में डंका पीटा जा रहा है कि भारत के पासपोर्ट की ताकत बहुत बढ़ गयी है हेनले पासपोर्ट इंडेक्स पर टॉप 10 में यूरोपीय देशों को जगह मिली है दक्षिण कोरिया फिनलैंड और स्वीडन इस लिस्ट में दूसरे स्थान पर हैं। ये तीनों देश 193 देशों के लिए वीजा-मुक्त यात्रा का दावा करते हैं तीसरे स्थान पर ऑस्ट्रिया, डेनमार्क, आयरलैंड और नीदरलैंड हैं। ये देश 192 देशों के लिए वीजा-मुक्त यात्रा का दावा करते हैं।

2024 हेनले पासपोर्ट इंडेक्स में भारत 80वें स्थान पर है भारत के पासपोर्ट के साथ थाईलैंड, इंडोनेशिया, मॉरीशस, श्रीलंका और मालदीव जैसे जगहों की यात्रा की जा सकती है हालांकि मालदीव के साथ भी आजकल भारत के रिश्ते कुछ ठीक नहीं है दूसरी तरफ भारत के पड़ोसी देशों की बात करें तो जहां 85 जगहों में वीजा-फ्री एंट्री के लिए चीन को 62वें स्थान पर रखा गया है


अब जरा साल कुछ साल पहले की रैंकिंग पर भी नजर डालते हैं साल 2006 में भारत की रैंकिंग आज से काफी अच्छी थी साल 2006 में भी भारत का पासपोर्ट 71 वें स्थान पर था जबकि साल 2014 में जब तक मनमोहन सरकार का कार्यकाल खत्म हुआ था,,उस समय भी भारत के पासपोर्ट की रैंकिंग 76 वें  स्थान पर थी जबकि मोदी सरकार के एक साल सत्ता में पुरे होने के बाद 2015 में भारत के पासपोर्ट की रैंक गिरकर 88 नंबर पर पहुंच गया था गजब तो साल 2021 में हुआ जब नरेंद्र मोदी के दूसरे कार्यकाल में भारत के पासपोर्ट की कीमत गिरकर 90 नंबर पर पहुंच गया और आज वर्तमान में भारत का पासपोर्ट 80 नंबर पर आता है

 हेनले पासपोर्ट इंडेक्स ने बीजेपी के उन नेताओं को आईना दिखाया है जो कहते नहीं थकते कि मोदी जी की सरकार में भारत के पासपोर्ट की ताकत बहुत तेजी से बढ़ी है और पासपोर्ट की इज्जत बढ़ गयी है जबकि हेनले पासपोर्ट इंडेक्स साफ़ दिखा रहा है कि बजाय आज के पूर्व की मनमोहन सरकार में भारत का पासपोर्ट ज्यादा मजबूत था

Bharat Jodo Nyay Yatra: मणिपुर सरकार ने नहीं दी भारत जोड़ो न्याय यात्रा की अनुमति, कांग्रेस ने बताया दुर्भाग्यपूर्ण.

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मणिपुर कांग्रेस के अध्यक्ष मेघचंद्र ने पार्टी नेताओं के साथ बुधवार सुबह मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह से उनके कार्यालय में मुलाकात की। बाद में उन्हें सूचित किया कि कानून एवं व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए सरकार इस ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ को अनुमति नहीं दे सकती है।

मणिपुर सरकार ने 14 जनवरी को इंफाल पूर्वी जिले के हट्टा कांगजेइबुंग में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ शुरू करने के लिए जमीनी अनुमति जारी करने से इनकार कर दिया है। कांग्रेस ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है, जिसके बाद से राजनीति तेज हो गई है। कांग्रेस ने राज्य सरकार पर इसको लेकर राजनीतिक करने का आरोप भी लगाया है। गौरतलब है कि मणिपुर कांग्रेस के अध्यक्ष और कांग्रेस विधायक के मेघचंद्र ने पार्टी नेताओं के साथ बुधवार सुबह मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह से उनके कार्यालय में मुलाकात की। बाद में उन्हें सूचित किया कि कानून एवं व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए सरकार इस यात्रा को अनुमति नहीं दे सकती है।

मणिपुर कांग्रेस के अध्यक्ष मेघचंद्र ने कहा कि भारत जोड़ो न्याय यात्रा के आयोजन स्थल को बदल दिया है। अब थौबल जिले के कोंगजोम में एक निजी स्थान में इसका आयोजन किया जाएगा। बता दें कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भारत जोड़ो न्याय यात्रा कोहरी झंडी दिखाएंगे। यात्रा 14 राज्यों और 85 जिलों को कवर करने के बाद 20 मार्च को इसका समापन होगा। उल्लेखनीय है कि मंगलवार को मणिपुर के मुख्यमंत्री बीरेन सिंह ने कहा था कि सरकार विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों से रिपोर्ट मिलने के बाद सरकार इस पर निर्णय लेगी। 

हमें यात्रा केवल मणि्पुर से शुरू करनी है- वेणुगोपाल 

कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि हमें जानकारी मिली है कि मणिपुर सरकार ने इंफाल के पैलेस ग्राउंड में यात्रा आयोजित करने के हमारे अनुरोध को अस्वीकार कर दिया है। जब हम पूर्व से पश्चिम तक यात्रा शुरू कर रहे हैं, तो हम मणिपुर को कैसे छोड़ सकते हैं। फिर हम देश के लोगों को क्या संदेश दे रहे हैं। हमें यात्रा केवल मणिपुर से शुरू करने की आवश्यकता है। अब हम मणिपुर में किसी अन्य स्थान से यात्रा शुरू करने जा रहे हैं।