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Uttarakhand: राज्यपाल के अभिभाषण के साथ आज से शुरू हुआ विधानसभा का बजट सत्र, 1 मार्च तक चलेगा सत्र.

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आज विधानसभा का बजट सत्र का पहला दिन है। राज्यपाल के अभिभाषण के साथ सदन में सत्र की शुरुआत हुई। राज्यपाल के अभिभाषण में सरकार के वर्ष 2025 तक उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ व सशक्त राज्य बनाने का रोडमैप दिखा।


विधानसभा का बजट सत्र आज यानी 26 फरवरी से 1 मार्च तक चलेगा। सोमवार को सुबह 11 बजे से विस का बजट सत्र शुरू हुआ। इसके बाद राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) का अभिभाषण शुरू हुआ।

इस दौरान राज्यपाल ने कहा कि विकसित भारत के संकल्प में विकसित उत्तराखंड परिकल्पना नहीं विश्वास है। प्रदेश की तरक्की में अहम योगदान देने वालों का आभार जताते हुए उन्होंने कहा कि विगत वित्तीय वर्ष 2023-24 में कई उपलब्धि हासिल हुई है। हमारा प्रदेश सर्वश्रेष्ठ राज्यों की श्रेणी में खड़ा होगा। भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने की कड़ी में सशक्त उत्तराखंड @ 2025 से कई आयाम हासिल किए गए।

महिलाओं को समान अधिकार दिए गए- राज्यपाल 
राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखंड विधानसभा ने राज्य के सभी नागरिकों को समान अधिकार देने वाली समान नागरिक संहिता को पास करके देश का पहला राज्य बना दिया है। अब सभी धर्म-समुदायों की महिलाओं को समान अधिकार दिए गए।

 

  • अपने अभिभाषण में राज्यपाल ने कहा कि थाना स्तर पर महिलाओं को सुरक्षित माहौल देने के लिए महिला डेस्क स्थापित है। पुलिस ने महिलाओं को कानूनी मदद के लिए टोल फ्री नम्बर जारी किया है। जेल विकास बोर्ड का गठन किया गया है। वहीं जी 20 की तीन बैठक से राज्य को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। निजी निवेश को आकर्षित करने के लिए ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का सफल आयोजन किया गया।

 

  • राज्यपाल ने कहा कि राज्य में इज ऑफ डूइंग के साथ ही पीस ऑफ डूइंग का माहौल है। यूआईआईडीबी का गठन किया गया। आगामी पांच वर्ष में उत्तराखंड को देश के अग्रणी राज्य बनाने के लिए सशक्त उत्तराखंड पर काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि 1300 कानून चिन्हित करके 400 से ज्यादा का विलोपन किया जा चुका है।
  • उन्होंने बताया कि सीएम कॉन्क्लेव के एजेंडा बिंदु के अनुरूप, केंद्र व राज्यों की 12 विभागों की 20 योजनाओं का मूल्यांकन कराया जा रहा है। मानसखंड मंदिर माला मिशन के तहत 48 पुराने मंदिरों का चिन्हित किया गया है। पहले चरण में 16 मंदिरों के पुनरुद्धार किया जा रहा है। इसके अलावा बदरीनाथ धाम को स्मार्ट स्पिरिचुअल करने की दिशा में सरकार काम कर रही है।
  • टिहरी में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर अपणु स्कूल अपणु प्रमाण शुरू किया गया है। जिसमें जरूरी प्रमाणपत्र स्कूल में ही बन रहे हैं। विद्या समीक्षा केंद्र स्थापित करने वाला उत्तराखंड देश का तीसरा राज्य बन गया है। अपणी सरकार के तहत डोर स्टेप डिलीवरी देहरादून नगर निगम के 100 वार्डों में चलाई जा रही है। जल्दी ही अन्य निकायों में इसे लागू किया जाएगा। प्रदेश में 12 इको टूरिज्म गंतव्यों को तैयार किया जा रहा है। 13 हेलिपैड तैयार हो चुके हैं। सात हेलीपोर्ट बनाने पर काम चल रहा है। जो पीपीपी मोड़ पर बनेंगे।

विधायकों की ओर से मिले 300 से अधिक प्रश्न-

पहले दिन अभिभाषण के अलावा अन्य कोई विधायी कार्य नहीं होंगे। राज्यपाल के अभिभाषण के बाद सदन की कार्यवाही स्थगित हो जाएगी। भोजनावकाश के बाद तीन बजे से फिर से सदन चलेगा। सत्र के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली है। विधायकों की ओर से 300 से अधिक प्रश्न मिले हैं। रविवार देर रात विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण के यमुना कॉलोनी स्थित आवास पर कार्यमंत्रणा समिति की बैठक हुई, जिसमें एक मार्च तक सदन संचालित करने के लिए एजेंडा तय किया गया। बैठक में संसदीय कार्यमंत्री प्रेमचंद अग्रवाल, विधायक खजना दास व उमेश शर्मा मौजूद रहे। विपक्ष की ओर से नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह ने कार्यमंत्रणा से इस्तीफा दे रखा है, वह कार्यमंत्रणा में शामिल नहीं हुए।

27 फरवरी को होगा बजट पेश –

प्रदेश सरकार 27 फरवरी को बजट पेश करेगी। हालांकि, कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में तय किया गया कि बजट 27 को सदन में लाया जाएगा। 28 को राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव लाया जाएगा। 29 को विभागवार अनुदान मांगों पर चर्चा होगी, जबकि एक मार्च को बजट पारित किया जाएगा। सरकार की ओर से वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए 90 हजार करोड़ रुपये का अनुमानित बजट लाने की संभावना है। जिसमें सरकार का फोकस सशक्त उत्तराखंड का संकल्प रहेगा। इसके अलावा महिलाओं, युवाओं के लिए स्वरोजगार, किसानों के कल्याण, शिक्षा, स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकार नई योजनाओं की घोषणा कर सकती है।

कार्यमंत्रणा बैठक की कोई सूचना नहीं-

नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य का कहना है कि पहले ही कार्यमंत्रणा समिति से इस्तीफा दे दिया गया है, जिससे बैठक में जाने का कोई औचित्य नहीं है, लेकिन प्रदेश सरकार की तरफ से भी किसी तरह की कोई पहल नहीं की गई और न ही विधानसभा से बैठक की सूचना मिली है। संसदीय कार्य मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने फोन कर इतना जरूर कहा कि विपक्ष को कार्यमंत्रणा बैठक में आना चाहिए।

Haldwani Mamla: नैनीताल जेल के बैरक नंबर 1 में रखा गया अब्दुल मलिक, सीसीटीवी से रखी जा रही है नजर.

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पुलिस ने हल्द्वानी हिंसा के मोस्ट वांटेड अब्दुल मलिक को उपद्रव के 81 आरोपियों से अलग रखा है।मलिक को शनिवार देर रात नैनीताल जेल में दाखिल किया गया। मलिक को छोड़कर उपद्रव के सभी आरोपियों को हल्द्वानी उप कारागार में रखा गया है।

लाइन नंबर 8 बनभूलपुरा निवासी अब्दुल मलिक को पुलिस ने शनिवार को दिल्ली से गिरफ्तार किया था। मलिक आठ फरवरी को बनभूलपुरा में हुए उपद्रव के पहले से ही फरार चल रहा था। इसके बाद इस मामले के आरोपी 81 लोगों को गिरफ्तार किया गया और सभी को उप कारागार हल्द्वानी में रखा गया। उम्मीद जताई जा रही थी कि मलिक को भी हल्द्वानी में ही अन्य उपद्रवियों के साथ रखा जाएगा लेकिन ऐसा हुआ नहीं। गिरफ्तारी और कोर्ट में पेश करने के बाद अब्दुल मलिक को पुलिस ने शनिवार रात जिला जेल नैनीताल में दाखिल किया। मलिक को वहां बैरक नंबर एक में रखा गया है।

अब्दुल मलिक को सुरक्षित बैरक में रखा गया है। बैरक में लगे सीसीटीवी से भी लगातार निगरानी की जा रही है। जो भोजन अन्य बंदी व कैदियों को दिया जा रहा है, वही मलिक को भी दिया गया।

-संजीव ह्यांकी, जेल अधीक्षक नैनीताल

बता दें कि, पुलिस अब्दुल मलिक को पूछताछ के लिए जल्द रिमांड पर लेगी। इसके लिए पुलिस जल्द ही कोर्ट में अर्जी दायर कर सकती है। फिलहाल मलिक को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में नैनीताल जेल भेजा गया है।पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद मलिक से शनिवार को पांच से सात घंटे पूछताछ की थी। मलिक से अभी केस में कई चीजें पूछी जानी है। इसमें मलिक की संपत्ति, मलिक घटना के दिन कहां था, क्या उसने उपद्रव के लिए फंडिंग तो नहीं की, लोगों को उसने कैसे भड़काया आदि सवाल के जवाब से पुलिस काफी दूर है।

पुलिस सूत्र बताते हैं कि सोमवार या मंगलवार को पुलिस कोर्ट जा सकती है। कोर्ट से उसे पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया जाएगा। एसएसपी प्रहलाद नारायण मीणा का कहना है कि मलिक से पूछताछ में जो बातें सामने आई थी, पुलिस उस दिशा में काम कर रही है। जरूरत पड़ने पर दोबारा मलिक को पूछताछ के लिए रिमांड में लिया जा सकता है।

UP Police Bharti: सीएम योगी आदित्यनाथ का बड़ा फैसला, यूपी पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा-2023 हुई रद्द ।

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युवाओं के हित में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बड़ा निर्णय लिया है। यूपी पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा-2023 को मुख्यमंत्री ने निरस्त कर दिया है। सीएम ने कहा कि 6 माह के भीतर ही पूर्ण शुचिता के साथ परीक्षा आयोजित की जाएगी । कहा, परीक्षा की गोपनीयता भंग करने वाले एसटीएफ की रडार में हैं कई बड़ी गिरफ्तारियां हो भी चुकी हैं।

परीक्षा के बाद हुआ था खूब प्रदर्शन-

यूपी आरक्षी भर्ती परीक्षा को निरस्त कर दिया गया। परीक्षा निरस्त करने की मांग को लेकर प्रदेश के कई जिलों के अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन किया। आरोप लगाया कि प्रश्न पत्र लीक होने के साथ ही परीक्षा में बड़े पैमाने पर धांधली की गई है। हाल ही में प्रयागराज में सैकड़ों की संख्या में सिपाही भर्ती परीक्षा देने वाले अभ्यर्थी हाथ में तख्तियां लेकर परीक्षा निरस्त कराने की मांग को लेकर सड़क पर उतरे थे।

RO/ARO परीक्षा की शिकायतों की होगी जांच, शासन ने मांगे साक्ष्य-

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा बीते 11 फरवरी को आयोजित की गई समीक्षा अधिकारी/ सहायक समीक्षा अधिकारी (प्रारम्भिक) परीक्षा – 2023 से जुड़ी शिकायतों की भी जांच कराने का निर्णय लिया है।

  • अपर मुख्य सचिव, नियुक्ति एवं कार्मिक ने आदेश जारी किया।
  • समीक्षा अधिकारी/ सहायक समीक्षा अधिकारी (प्रारम्भिक) परीक्षा – 2023 की शुचिता व पारदर्शिता के उद्देश्य में निर्णय लिया गया है कि परीक्षा के संबंध में प्राप्त शिकायतों का शासन स्तर पर परीक्षण किया जाए।
  • इस परीक्षा के संबंध में किसी भी प्रकार की शिकायत अथवा इसकी शुचिता को प्रभावित करने वाले तथ्यों को संज्ञान में लाना चाहे तो वह अपना नाम तथा पूरा पता तथा साक्ष्यों सहित कार्मिक तथा नियुक्ति विभाग के ई-मेल आई.डी. – secyappoint@nic.in पर 27 फरवरी 2024 तक उपलब्ध करा सकते हैं।

इतने थे अभ्यर्थी-

सिपाही भर्ती की लिखित परीक्षा निर्धारित तिथि 17 व 18 फरवरी को सभी जिलों में दो पालियों में हुई थी। प्रदेश में 2,385 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा के दौरान बायोमैट्रिक वेरिफिकेशन के बाद ही अभ्यर्थी को प्रवेश दिया गया था। आरक्षी नागरिक पुलिस के 60,244 पदों पर भर्ती के लिए कुल 48,17,441 अभ्यर्थियों में 15,48,969 महिला अभ्यर्थी भी थे। प्रत्येक पाली में 12,04,360 अभ्यर्थी शामिल हुए थे।

AAP और कांग्रेस में हो गई डील, पंजाब में नहीं हुआ पैचअप, दिल्ली-हरियाणा और गुजरात में इन सीटों पर चुनाव लड़ेंगे दोनों दल;।

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लोकसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे पर सहमति बन गई है। संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में पांच राज्यों के लिए सीट बंटवारे का एलान किया गया है। AAP और कांग्रेस के बीच दिल्ली, हरियाणा, गोवा, गुजरात और चंडीगढ़ की सीटों को लेकर आपसी सहमति बन गई है।

जानिए कौन कहां से लड़ेगा चुनाव?

आपको बता दें कि दिल्ली की 7 लोकसभा सीटों में से 4 पर आम आदमी पार्टी चुनाव लड़ेगी और तीन सीटों पर कांग्रेस प्रत्याशी अपनी किस्मत को आजमाएंगे।

दिल्ली में लोकसभा की हैं 7 सीटें-

दिल्ली में AAP चार पर लड़ेगी

  • नई दिल्ली
  • वेस्ट दिल्ली
  • साउथ दिल्ली
  • ईस्ट दिल्ली

कांग्रेस तीन सीटों पर लड़ेगी चुनाव-

  • चांदनी चौक
  • नॉर्थ ईस्ट
  • नॉर्थ वेस्ट

गुजरात में 26 लोकसभा सीटें

कांग्रेस की हैं – 24

AAP की हैं – 2 (भरूच और भावनगर)

हरियाणा में 10 लोकसभा सीटें

9 सीटें पर कांग्रेस लड़ेगी चुनाव

AAP लड़ेगी एक सीट (कुरुक्षेत्र) पर चुनाव

चंडीगढ़ और गोवा की सीटों पर हुआ ये फैसला-

चंडीगढ़ में कांग्रेस का प्रत्याशी चुनाव लड़ेगा।

गोवा में दोनों सीटों पर कांग्रेस चुनाव लड़ेगी।

पंजाब में नहीं बन पाई बात-

इसके अलावा AAP और कांग्रेस ने पंजाब में अलग-अलग चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। कांग्रेस महासचिव और सांसद मुकुल वासनिक ने बताया कि कांग्रेस और AAP के बीच आगामी लोकसभा चुनाव 2024 के लिए सीट बंटवारे पर सहमति बन गई है। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ पर लंबी चर्चा के बाद अंत में यह निर्णय लिया गया कि कांग्रेस का उम्मीदवार वहां से चुनाव लड़ेगा।

‘देश को जिताने के लिए हुआ INDI गठबंधन का जन्म’

AAP सांसद संदीप पाठक ने कहा कि हर राज्य की अपनी राजनीतिक परिस्थिति है और उन्हीं परिस्थितियों को देखकर चुनाव जीतने के उद्देश्य से ये फॉर्मूला बनाया गया है। INDI गठबंधन का जन्म देश को जिताने के लिए हुआ है, देश की जनता को जिताने के लिए हुआ है किसी को हराने के लिए नहीं हुआ है।’

 

पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत समेत 5 लोगों को ईडी का समन, पूछताछ के लिए बुलाया।

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पाखरो रेंज घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग प्रकरण से संबंधित पूर्व वन मंत्री हरक सिंह रावत समेत अन्य लोगों को ईडी ने अब समन भेजे हैं। ईडी ने हरक सिंह रावत को 29 फरवरी को पूछताछ के लिए अपने कार्यालय बुलाया है। इसके अलावा अन्य को अलग-अलग तिथियों में उपस्थित होने के लिए कहा गया है।

ईडी के छापे में कई जगहों से एक करोड़ रुपये से अधिक का कैश और 80 लाख रुपये से अधिक के जेवर बरामद हुए थे। ईडी ने पिछले दिनों हरक सिंह रावत, आईएफएस अफसर सुशांत पटनायक आदि के यहां छापे मारे थे। इस छापे में पटनायक के घर पर इतना कैश बरामद हुआ था कि वहां पर नोट गिनने के लिए मशीन भी मंगाई गई थी।

इसके अलावा पूर्व डीएफओ किशनचंद व अन्य अफसरों के घर भी कैश व गहने ईडी ने जब्त किए थे। इसी क्रम में ईडी ने रावत की करीबी लक्ष्मी राणा के लॉकर खुलवाकर वहां से 45 लाख रुपये के जेवर बरामद किए थे। इस कार्रवाई में ईडी ने करीब 80 करोड़ रुपये के जमीनों के कागजात जब्त किए। साथ ही छह लॉकर को भी फ्रीज कराया था।

ईडी इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत जांच कर रही है। अब ईडी की ओर से इन सभी को समन भेजकर पूछताछ के लिए अपने कार्यालय बुलाया है। ईडी इस कैश और जमीन व सोने के जेवरों के संबंध में पूछताछ करेगी। सूत्रों के मुताबिक, ईडी को पटनायक के घर से कई लिफाफे भी अफसरों के नाम के मिले थे।

उन्हें भी ईडी जल्द समन भेजकर पूछताछ के लिए बुला सकती है। ईडी की इस कार्रवाई से घपले के वक्त तैनात रहे सभी अधिकारियों और नेताओं के खेमे में खलबली मची हुई है। सभी अपने-अपने हिसाब से ईडी की इस कार्रवाई से पार पाने का प्रयास कर रहे हैं।

नई आबकारी नीति: इन 5 जिलों में इस बार छलकेंगे नई मेट्रो शराब के जाम, अब महंगी होगी बीयर।

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जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मालिक के आवास पर CBI का छापा, 30 से ज्यादा ठिकानों पर छापेमारी।

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जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक के खिलाफ सीबीआई ने कार्रवाई की है। सीबीआई ने उनके परिसरों समेत 30 से अधिक स्थानों पर छापेमारी की है। न्यूज एजेंसी  एएनआई सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली में गुरुवार सुबह से मलिक के यहां कार्रवाई चल रही है।

जानकारी मिली है कि जम्मू कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक के दिल्ली स्थित घर पर CBI ने छापेमारी की है। दरअसल, सीबीआई ने हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट मामले में यह छापा मारा है। बीमा घोटाले में सीबीआई मलिक के खिलाफ कार्रवाई कर चुकी है। बीमा घोटाले के मामले में सीबीआई सत्यपाल मलिक और उनके करीबियों के ठिकानों पर छापा मार चुकी है।
 

मुझे 300 करोड़ रुपये की रिश्वत की पेशकश की गई थी: सत्यपाल मलिक

23 अगस्त 2018 से 30 अक्टूबर 2019 के बीच जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल रहे सत्यपाल मलिक ने दावा किया था कि उन्हें दो फाइलों को मंजूरी देने के लिए 300 करोड़ रुपये की रिश्वत की पेशकश की गई थी। इसके बाद सीबीआई ने पिछले साल अप्रैल में एक मामला दर्ज किया था।

इस मामले में जांच एजेंसी ने कई अधिकारियों और व्यक्तियों से जुड़े परिसरों पर पिछले तीन मौकों पर तलाशी ली थी। मामला दर्ज करने के बाद सीबीआई ने पिछले साल अप्रैल में 10 स्थानों पर और जून 2022 में 16 स्थानों पर तलाशी ली। इस साल मई में भी 12 स्थानों पर तलाशी ली गई थी।

कई अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया- 

सीबीआई ने पहले कहा था, “2019 में किरू हाइड्रो इलेक्ट्रिक पावर प्रोजेक्ट (एचईपी) के लगभग 2,200 करोड़ रुपये के सिविल कार्यों का ठेका एक निजी कंपनी को देने में कदाचार के आरोप में मामला दर्ज किया गया था।”

एजेंसी ने चिनाब वैली पावर प्रोजेक्ट्स (पी) लिमिटेड के पूर्व अध्यक्ष नवीन कुमार चौधरी और अन्य पूर्व अधिकारियों एम एस बाबू, एम के मित्तल और अरुण कुमार मिश्रा और पटेल इंजीनियरिंग लिमिटेड के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि पिछले 3-4 दिनों से मैं बीमार हूं और अस्पताल में भर्ती हूं। इसके वावजूद मेरे मकान में तानाशाह द्वारा सरकारी एजेंसियों से छापे डलवाए जा रहे हैं। मेरे ड्राइवर, मेरे साहयक के ऊपर भी छापे मारकर उनको बेवजह परेशान किया जा रहा है। में किसान का बेटा हूं, इन छापों से घबराऊंगा नहीं। मैं किसानों के साथ हूं। सत्यपाल मलिक (पूर्व गवर्नर)

Uttarakhand Weather: DGRE ने जारी की प्रदेश के कई जिलों में हिमस्खलन की चेतावनी, जानिए आज कैसा रहेगा मौसम.

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Uttarakhand Weather: उत्तराखंड में मौसम का मिजाज बदला रहेगा डीआरडीओ के रक्षा भू-सूचना विज्ञान अनुसंधान प्रतिष्ठान ने प्रदेश के कई जिलों उत्तरकाशी सहित रुद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में हिमस्खलन की भी चेतावनी दी है। 

 

हालांकि देहरादून में आज हलकी धूप खिली हुई है लेकिन ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम विभाग ने आज बर्फ़बारी के आसार बताये हैं, वहीँ मैदानी इलाकों में भी मौसम शुष्क बना रहेगा।  

जानिए आज कहां कैसा रहेगा मौसम-
  • मसूरी, धनोल्टी और कैम्पटी में मौसम साफ, चटक धूप खिली।
  • उत्तरकाशी में मौसम साफ, खिली चटक धूप।
  • बदरीनाथ धाम में बर्फबारी जारी।
  • यमुनोत्री धाम सहित यमुना घाटी में चटख धूप खिली।

Farmers Protest: MSP पर सरकार का प्रस्ताव या ‘खेल’, क्यों नहीं माने किसान ?

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प्रदर्शन कर रहे किसानों और केंद्र सरकार के बीच गतिरोध खत्म नहीं हो रहा. फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी (MSP) पर नरेंद्र मोदी सरकार ने जो प्रस्ताव रखा था,उसे किसानों ने खारिज कर दिया है और कहा कि वो 21 फरवरी की सुबह अपना ‘दिल्ली चलो’  मार्च फिर से शुरू करेंगे. किसान नेताओं का कहना है कि सरकारी प्रस्ताव में स्पष्टता नहीं है और वो उनके हित में भी नहीं है.

किसानों की दो प्रमुख मांगें हैं पहली कि सरकार MSP गारंटी पर कानून बनाए. भले ही सरकार उनकी पूरी फसल न ख़रीदे, पर अगर किसान खुले बाजार में भी अपनी उपज बेचता है, तो उसे न्यूनतम कीमत की गारंटी मिले. क़ानून बन जाने से सरकार, प्राइवेट कंपनियां या पब्लिक सेक्टर एजेंसियां, कोई भी मनमाने दाम पर फसल नहीं खरीद पाएगा.

दूसरी मांग- MSP गारंटी के साथ किसान स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करवाना चाहते हैं,, इसके अलावा किसानों और खेतिहर मजदूरों को पेंशन मिले, बिजली दरों में बढ़ोतरी न हो, किसानों का कर्ज माफ हो, भूमि अधिग्रहण अधिनियम (2013) बहाल किया जाए, लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में न्याय मिले 2020-21 में हुए आंदोलन के दौरान मारे गए किसानों के परिवारों को मुआवजा दिया जाए और पुलिस ने जो मामले दर्ज किए थे, वो भी वापस लिए जाएं.

कृषि केंद्रीय मंत्रियों ने रखा सरकार की ओर से ये प्रस्ताव- 

वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल, कृषि व किसान कल्याण मंत्री अर्जुन मुंडा और गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने चंडीगढ़ में किसान नेताओं के साथ चौथे दौर की बातचीत की केंद्रीय मंत्रियों के पैनल ने सरकार की ओर से प्रस्ताव रखा. सरकार का कहना है कि मसूर, उड़द, तुअर, मक्का और कपास उगाने वाले किसानों के साथ दो सहकारी एजेंसियां राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता संघ और  भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ 5 साल का एग्रीमेंट करेंगी और इस एग्रीमेंट के ज़रिए सीधे किसानों से ये फसलें MSP पर खरीदा जाएंगी ख़रीद की मात्रा पर कोई सीमा नहीं होगी, और इसके लिए एक पोर्टल बनाया जाएगा.

इससे पहले, 18 फरवरी की रात केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि साल 2004 से 2014 के बीच UPA सरकार ने केवल साढ़े 5 लाख करोड़ रुपये की फसलों की ख़रीद MSP पर की थी और मोदी सरकार ने बीते दस सालों में 18 लाख करोड़ रुपये से ज़्यादा की ख़रीद की है बैठक के बाद किसान नेताओं ने कहा था कि वो अपने संगठन के साथ सरकार के प्रस्ताव पर चर्चा करेंगे और दो दिनों में आगे की रणनीति तय करेंगे.

केंद्रीय मंत्री ने तो दावा कर दिया. मगर किसान इससे खुश नहीं हैं. उनका सीधा कहना है कि केवल पांच नहीं, सभी 23 फसलों पर MSP की गारंटी चाहिए किसान मजदूर मोर्चा के नेता सरवन सिंह ने शंभू सीमा पर मीडिया से कहा, कि हम सरकार से अपील करते हैं कि या तो हमारे मुद्दों का समाधान करें या बैरिकेड हटा दें और हमें शांतिपूर्वक विरोध करने के लिए दिल्ली जाने की अनुमति दें.

क्या कहते हैं इस पर विशेषज्ञ-
 

अब सवाल ये है कि आगे का रास्ता क्या हो सकता है विशेषज्ञ मानते हैं अब इसके दो तरीके हैं. पहला कि खरीदारों को MSP पर फसल खरीदने के लिए फोर्स किया जाए मसलन, क़ानून कहता है कि गन्ना उत्पादकों को चीनी मिलों की तरफ से खरीद के 14 दिनों के अंदर ‘उचित और लाभकारी’ या राज्य-सलाहित मूल्य मिलेगा लेकिन ये व्यावहारिक नजरिए से मुश्किल है हो सकता है MSP देने के ‘डर’ से फसल खरीदी ही न जाए दूसरा तरीका ये है कि सरकार ही किसानों की पूरी फसल MSP पर खरीद ले  मगर ये भी वित्तीय लिहाज़ से टिकाऊ प्लान नहीं है.

इन दोनों तरीकों के अलावा कृषि विशेषज्ञ एक तीसरे तरक़े की ओर इशारा करते हैं मूल्य कमी भुगतान यानी PDP इसमें सरकार को किसी भी फसल को खरीदने या स्टॉक करने की ज़रूरत नहीं है बस अगर बाजार मूल्य और MSP कम है, तो सरकार सुनिश्चित कर दे कि किसानों को इन दोनों के बीच का अंतर मिल जाए मगर राष्ट्र के स्तर पर इसे लागू करने के लिए बहुत सोचा-समझा एक  प्लान चाहिए. अब सरकार और किसानों के अगले रुख पर अब सबकी नजरें टिकी हुई हैं.

ये हैं किसानों की प्रमुख मांगें
  • स्वामीनाथन रिपोर्ट के अनुसार सभी फसलों की एमएसपी की कानूनी गारंटी की मांग
  • किसानों और खेत मजदूरों की कर्ज माफी की मांग
  • लखीमपुर खीरी में जान गंवाने वाले किसानों को इंसाफ और आशीष मिश्रा की जमानत रद्द कर सभी दोषियों को सजा की मांग
  • लखीमपुर खीरी कांड में घायल सभी किसानों को वादे के मुताबिक 10 लाख रुपये मुआवजे की मांग
  • किसान आंदोलन के दौरान दर्ज केस रद्द करने की मांग
  • पिछले आंदोलन में जान गंवाने वाले किसानों के आश्रितों को नौकरी
  • 200 दिन मनरेगा की दिहाड़ी मिले
  • 700 रुपये प्रतिदिन मजदूरी की मांग
  • फसल बीमा सरकार खुद करे
  • किसान और मजदूर को 60 साल होने पर 10 हजार रुपये महीना मिले
  • विश्व व्यापार संगठन से खेती को बाहर किया जाए

Uttarakhand Weather: सफेद चादर में लिपटा औली, चारों धाम में भी  हुई बर्फबारी, मैदान में बारिश से बढ़ी ठंड.

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उत्तराखंड में आज सोमवार शाम को मौसम ने फिर करवट ली। पहाड़ में दूसरे दिन भी मौसम खराब रहा और चारों धामों में बर्फबारी हुई। वहीं हेमकुंड साहिब, फूलों की घाटी, औली, नंदा घुंघटी, रुद्रनाथ, लाल माटी, नीती व माणा घाटी में बर्फ गिरी जबकि निचले क्षेत्रों में बारिश हुई। बदरीनाथ में आधा फीट, केदारनाथ में एक फीट, औली में दो इंच, गंगोत्री-यमुनोत्री में छह इंच ताजी बर्फ जमी। जबकि निचले क्षेत्रों में बारिश हुई जिससे ठंड लौट आई है।

बदरीनाथ धाम में भी हुई बर्फबारी- 

बदरीनाथ धाम में दिनभर रुक-रुककर बर्फबारी हुई जो देर शाम तक जारी रही। बर्फबारी से हनुमान चट्टी से बदरीनाथ धाम तक हाईवे फिसलन भरा हो गया है। हाईवे पर करीब आधा फीट तक बर्फ जम गई है। गोपेश्वर-मंडल-चोपता और जोशीमठ-मलारी हाईवे पर भी बर्फ जम गई है।

वहीं जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पर्यटन ग्राम रामणी, घूनी, पडेरगांव, ईराणी, पाणा, झींझी आदि गांवों में भी बर्फबारी हुई लेकिन बर्फ जल्दी पिघल गई। बाजारों में ठंड से बचने के लिए दुकानदारों व राहगीरों ने अलाव का सहारा लिया। पोखरी, नंदानगर, पीपलकोटी, नंदप्रयाग आदि क्षेत्रों में भी दिनभर रुक-रुक कर बारिश हुई।

 हर्षिल घाटी में भी खूब बर्फबारी-

गंगोत्री और यमुनोत्री धाम, हर्षिल घाटी और अन्य ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हुई। हालांकि अभी तक सभी सड़कों पर आवाजाही सुचारु है। पिछले दो दिन से जिले में गर्मी का अहसास होने लगा था।

अब बर्फबारी हुई तो ठंड लौट आई। वहीं आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल ने बताया कि बर्फबारी को देखते हुए सभी विभाग अलर्ट मोड पर हैं। सभी बर्फीले इलाकों में विभागों से सड़क, बिजली, पानी और राशन की आपूर्ति की जानकारी ली जा रही है।

सोमवार को केदारनाथ धाम सहित मद्महेश्वर, तुंगनाथ, चंद्रशिला आदि क्षेत्रों में बर्फबारी हुई जबकि पर्यटक स्थल चोपता दुगलविट्टा में भी हल्की बर्फ गिरी।