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Leopard Terror: देहरादून के किमाड़ी क्षेत्र में बच्चे को मारने वाला गुलदार आदमखोर घोषित, तुरंत गोली मारने के दिए आदेश। 

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किमाड़ी क्षेत्र में बच्चे को मारने वाले गुलदार को आदमखोर घोषित कर करते हुए गोली मारने के आदेश दिए गए हैं। घटना के अगले दिन सोमवार को मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक समीर सिन्हा की ओर से आदेश जारी किए गए हैं। इसके साथ ही क्षेत्र में गुलदार को पकड़ने के लिए आठ पिंजरे और 12 कैमरा ट्रैप भी लगाए गए हैं। गुलदार दिखने पर पहले उसे ट्रेंकुलाइज किया जाएगा और फिर आवश्यकता पड़ने पर गोली मार दी जाएगी।

बता दें कि रविवार शाम करीब आठ बजे गलज्वाड़ी वन बीट से सटी मराड़ी गुर्जर बस्ती में गुलदार ने मीर हमजा के 10 वर्षीय बेटा डेरे से बाहर लघुशंका करने के लिए गया था। इस दौरान झाड़ियों में घात लगाकर बैठे गुलदार ने उस पर हमला कर दिया। चीखने पर बच्चे के पिता मीर हमजा अन्य ग्रामीण बाहर आए और गुलदार के जबड़े से बच्चे को छुड़ाने का प्रयास किया। भीड़ के पहुंचने पर गुलदार बच्चे को छोड़कर जंगल की ओर भाग गया। बुरी तरह घायल बच्चे को जब तक अस्पताल ले जाया जाता उसने दम तोड़ दिया। सूचना मिलने पर वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची, जिन्हें स्थानीय निवासियों के विरोध का सामना करना पड़ा।

 

स्थानीय निवासियों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। साथ ही पुलिस को शव ले जाने से भी रोका। हालांकि, बाद में पुलिस ने बस्तीवासियों को शांत कराया और शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया। इधर, वन विभाग और पुलिस की टीम भी देर रात तक क्षेत्र के आसपास कांबिंग की। प्रभागीय वनाधिकारी देहरादून नितीशमणि त्रिपाठी ने बताया कि सोमवार को भी क्षेत्र में सुबह से ही गश्त की जा रही है। तीन शिफ्ट में वन विभाग की तीन टीमें गुलदार की तलाश में जुटी हैं। इसके बाद मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक समीर सिन्हा ने गुलदार को आदमखोर घोषित करते हुए गोली मारने के आदेश दिए हैं।

मलेथा में गुलदार को मारने के मामले की जांच के आदेश-

टिहरी जिले के कीर्ति नगर ब्लॉक के मलेथा गांव में गुलदार को मारने के मामले में प्रमुख वन संरक्षक वन्यजीव डा. समीर सिन्हा ने चीफ गढ़वाल को जांच के आदेश दिए हैं। कहा, गुलदार ने किन परिस्थितियों में ग्रामीणों पर हमला किया। इन सभी पहलुओं की जांच की जाए।

वन विभाग की टीम ने 23 फरवरी को गुलदार को मार गिराया था। वन विभाग की ओर से बताया गया कि यह गुलदार दो दिन में नौ लोगों पर हमला कर चुका था। इनमें पांच महिलाएं और चार वनकर्मी शामिल थे। वन विभाग की ओर से कहा गया कि गुलदार को आत्मरक्षा में मारा गया, जबकि सोशल मीडिया में गुलदार को मारने का जो वीडियो वायरल हो रहा, उसमें आत्म रक्षा वाली बात सामने नहीं आ रही है।

ऐसे में कुछ लोगों का कहना है कि गुलदार को मारने के बजाए उसे ट्रेंकुलाइज किया जा सकता था। उधर, विधायक विनोद कंडारी का कहना है कि गुलदार को जनहित में मारा गया। गुलदार क्षेत्र में कई लोगों को घायल कर चुका था।

 

 

Uttarakhand Weather: पहाड़ी इलाकों में आज भी बिगड़ा रहेगा मौसम का हाल, पहाड़ों में बारिश-बर्फबारी के आसार.

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उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में आज मंगलवार को भी हल्की बारिश के साथ बर्फबारी होने के आसार हैं। मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिले में बिजली चमकने और गर्जन के साथ बारिश होने के आसार हैं।

जबकि, इन जिलों के तीन हजार मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी होने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पर्वतीय जिलों में मौसम बदलने के असर मैदानी इलाकों में भी देखने को मिलेगा।

देहरादून में 27 फरवरी को आंशिक रूप से लेकर आमतौर पर बादल छाए रहेंगे। अधिकतम तापमान 24 और न्यूनतम 11 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।

पहाड़ की ठण्ड से कांपते उत्तराखंड के ये 36 विधायक, जानिये क्यों नहीं हुआ गैरसैण में विधानसभा का शीतकालीन सत्र।

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उत्तराखंड की राजनीति में गैरसैंण हमेशा एक बड़ा मुद्दा रहा है बावजूद इसके लिए धामी सरकार ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण को लेकर काफी उदासीन दिखाई दे रही है ये बात ऐसे ही नहीं कही जा रही बल्कि इसके पीछे की बड़ी वजह भी है. जिन पहाड़ों की जनता वहां के विधायकों को जीताकर सदन भेजती है वही  विधायक चुनाव जीतने के बाद देहरादून छोड़कर पहाड़ नहीं चढ़ना चाहते। क्योंकि उनको वहां ठंड लगती है.

उत्तराखंड सरकार का बजट सत्र देहरादून में शुरू हो चुका है. बजट सत्र शुरू होने से पहले  इसके लिए सरकार ने विधायकों से राय मांगी थी कि बजट सत्र गैरसैंण में होना चाहिए या फिर देहरादून में इसी विषय को लेकर लगभग 36 विधायकों ने एक पत्र सरकार को सौंपा है विधायकों ने सत्र देहरादून में कराए जाने की बात कही. विधायकों का तर्क था कि गैरसैंण में काफी सर्दी है ऐसे में वहां सत्र करने में काफी मुश्किल होगी इसके बाद सरकार ने अपनी कैबिनेट में यह फैसला लिया कि सत्र इस बार देहरादून में होगा।

क्या कहा हरीश रावत ने- 

वहीं सत्र देहरादून में कराए जाने को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता हरीश रावत का कहना है कि ऐसे विधायकों को हिमालय राज्यों से चले जाना चाहिए जिन्हें यहां पर ठंड लगती है खास बात यह है कि चिट्ठी लिखने वाले विधायकों में छह विधायक कांग्रेस के भी शामिल है तो वहीं एक बसपा और दो निर्दलीय विधायक भी शामिल है, इन विधायकों के पत्र के आधार पर ही सत्र देहरादून में कराया जा रहा है वरना ये सत्र इस बार उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में होना था इसको लेकर पूर्व सीएम और कांग्रेस के नेता हरीश रावत ने साफ कहा है कि विधायकों की चिट्ठी  से क्या लेना देना सरकार को खुद फैसला करना चाहिए और सत्र गैरसैंण में करना चाहिए ये सरकार की विफलता है।

गांधी पार्क में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एक घंटे का सांकेतिक मौन व्रत रखा- 
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ गांधी पार्क में एक घंटे का सांकेतिक मौन व्रत रखा. मौन व्रत के समापन पर उपस्थित सभी कार्यकर्ताओं ने रघुपति राघव राजा राम भजन गाकर धामी सरकार की सद्बुद्धि के लिए प्रार्थना की उन्होंने कहा कि हिमालयी राज्य की अवधारणा के साथ बने राज्य की सरकार को गैरसैंण में ठंड लग रही है.
रावत ने कहा कि यह उत्तराखंड का दुर्भाग्य ही है की यहां के जनप्रतिनिधियों को कुछ ज्यादा ही ठंड लगती है उन्होंने बजट सत्र की अवधि को लेकर भी सवाल उठाए और कहा की प्रचंड बहुमत और डबल इंजन के 7 साल बाद भी प्रदेश सरकार यदि गैरसैंण में कर्मचारियों, पुलिस कर्मियों एवं पत्रकारों के लिए मूलभूत व्यवस्थाएं तक जुटा पाने में समर्थ नहीं रही तो दोष किसको दिया जाए. आम आदमी पार्टी के नेता ने भी अर्धनग्न होकर सरकार के इस फैसले के खिलाफ देहरादून विधानसभा के बाहर प्रदर्शन किया। और कहा कि पहाड़ियों को ठंड नहीं लगती मगर उत्तराखंड के विधायकों ने गैरसैण को लगभग पूरी तरह से गैर बना दिया है।
गैरसैंण में विधानसभा भवन बनाने के लिए करोड़ों रुपया पानी की तरह बहाया गया है, लेकिन सुविधाओं के नाम पर वहां सब कुछ जीरो है यही कारण है कि सत्र के अलावा कोई विधायक या मंत्री गैरसैंण की तरफ जाने को भी तैयार नहीं होता है गैरसैंण को लेकर वैसे तो सत्ताधारी दल कई दावे करता रहता है, लेकिन सत्र कराने तक में परहेज करने वाली सरकार से इसको लेकर बहुत उम्मीद करना बेमानी है ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित होने के बावजूद गैरसैंण से भराड़ीसैंण तक सिर्फ ठंड के सिवाय कोई सरगर्मी नहीं है सैकड़ों करोड़ के भव्य विधानमंडल भवन और आलीशान आवासीय परिसरों के निर्माण से आगे वहां सब कुछ ठहर सा गया है। 12 महीनों में सिर्फ चंद दिनों के लिए गर्मियों की यह राजधानी तभी गुलजार दिखती है जब सरकार यहां सत्र कराने पहुंचती है। सरकार के जाते ही फिर लंबा सन्नाटा पसर जाता है,,ऐसा लगता है मानो उत्तराखंड के माननीय विधायक यहां सिर्फ गर्मियों की छुटियाँ बिताने जाते हैं।
भराड़ीसैंण में विधानसभा सत्र का आयोजन होते कई वर्ष हो चुके हैं, लेकिन सरकारें वहां कभी व्यवस्थाएं नहीं बना पाईं। इन्हीं बदइंतजामी के बहाने अब विधायकों से लेकर अफसर तक वहां जाने से परहेज कर रहे हैं सिर्फ चुनाव के दौरान राजनीतिक पार्टियां गैरसैंण को वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करती रही हैं 2020 में त्रिवेंद्र सरकार ने गैरसैंण को प्रदेश की ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित किया. राजधानी बने हुए तीन वर्ष का वक्त हो गया लेकिन इन तीन सालों में गैरसैंण में विकास के नाम पर कितने बदलाव हुए यह सवाल आज भी बना है, लेकिन जब हमारे माननीयों को ही गैरसैण में ठंड लग रही हो तो इसके विकास की उम्मीद भी करना बेमानी है।

Uttarakhand: राज्यपाल के अभिभाषण के साथ आज से शुरू हुआ विधानसभा का बजट सत्र, 1 मार्च तक चलेगा सत्र.

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आज विधानसभा का बजट सत्र का पहला दिन है। राज्यपाल के अभिभाषण के साथ सदन में सत्र की शुरुआत हुई। राज्यपाल के अभिभाषण में सरकार के वर्ष 2025 तक उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ व सशक्त राज्य बनाने का रोडमैप दिखा।


विधानसभा का बजट सत्र आज यानी 26 फरवरी से 1 मार्च तक चलेगा। सोमवार को सुबह 11 बजे से विस का बजट सत्र शुरू हुआ। इसके बाद राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) का अभिभाषण शुरू हुआ।

इस दौरान राज्यपाल ने कहा कि विकसित भारत के संकल्प में विकसित उत्तराखंड परिकल्पना नहीं विश्वास है। प्रदेश की तरक्की में अहम योगदान देने वालों का आभार जताते हुए उन्होंने कहा कि विगत वित्तीय वर्ष 2023-24 में कई उपलब्धि हासिल हुई है। हमारा प्रदेश सर्वश्रेष्ठ राज्यों की श्रेणी में खड़ा होगा। भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने की कड़ी में सशक्त उत्तराखंड @ 2025 से कई आयाम हासिल किए गए।

महिलाओं को समान अधिकार दिए गए- राज्यपाल 
राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखंड विधानसभा ने राज्य के सभी नागरिकों को समान अधिकार देने वाली समान नागरिक संहिता को पास करके देश का पहला राज्य बना दिया है। अब सभी धर्म-समुदायों की महिलाओं को समान अधिकार दिए गए।

 

  • अपने अभिभाषण में राज्यपाल ने कहा कि थाना स्तर पर महिलाओं को सुरक्षित माहौल देने के लिए महिला डेस्क स्थापित है। पुलिस ने महिलाओं को कानूनी मदद के लिए टोल फ्री नम्बर जारी किया है। जेल विकास बोर्ड का गठन किया गया है। वहीं जी 20 की तीन बैठक से राज्य को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। निजी निवेश को आकर्षित करने के लिए ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का सफल आयोजन किया गया।

 

  • राज्यपाल ने कहा कि राज्य में इज ऑफ डूइंग के साथ ही पीस ऑफ डूइंग का माहौल है। यूआईआईडीबी का गठन किया गया। आगामी पांच वर्ष में उत्तराखंड को देश के अग्रणी राज्य बनाने के लिए सशक्त उत्तराखंड पर काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि 1300 कानून चिन्हित करके 400 से ज्यादा का विलोपन किया जा चुका है।
  • उन्होंने बताया कि सीएम कॉन्क्लेव के एजेंडा बिंदु के अनुरूप, केंद्र व राज्यों की 12 विभागों की 20 योजनाओं का मूल्यांकन कराया जा रहा है। मानसखंड मंदिर माला मिशन के तहत 48 पुराने मंदिरों का चिन्हित किया गया है। पहले चरण में 16 मंदिरों के पुनरुद्धार किया जा रहा है। इसके अलावा बदरीनाथ धाम को स्मार्ट स्पिरिचुअल करने की दिशा में सरकार काम कर रही है।
  • टिहरी में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर अपणु स्कूल अपणु प्रमाण शुरू किया गया है। जिसमें जरूरी प्रमाणपत्र स्कूल में ही बन रहे हैं। विद्या समीक्षा केंद्र स्थापित करने वाला उत्तराखंड देश का तीसरा राज्य बन गया है। अपणी सरकार के तहत डोर स्टेप डिलीवरी देहरादून नगर निगम के 100 वार्डों में चलाई जा रही है। जल्दी ही अन्य निकायों में इसे लागू किया जाएगा। प्रदेश में 12 इको टूरिज्म गंतव्यों को तैयार किया जा रहा है। 13 हेलिपैड तैयार हो चुके हैं। सात हेलीपोर्ट बनाने पर काम चल रहा है। जो पीपीपी मोड़ पर बनेंगे।

विधायकों की ओर से मिले 300 से अधिक प्रश्न-

पहले दिन अभिभाषण के अलावा अन्य कोई विधायी कार्य नहीं होंगे। राज्यपाल के अभिभाषण के बाद सदन की कार्यवाही स्थगित हो जाएगी। भोजनावकाश के बाद तीन बजे से फिर से सदन चलेगा। सत्र के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली है। विधायकों की ओर से 300 से अधिक प्रश्न मिले हैं। रविवार देर रात विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण के यमुना कॉलोनी स्थित आवास पर कार्यमंत्रणा समिति की बैठक हुई, जिसमें एक मार्च तक सदन संचालित करने के लिए एजेंडा तय किया गया। बैठक में संसदीय कार्यमंत्री प्रेमचंद अग्रवाल, विधायक खजना दास व उमेश शर्मा मौजूद रहे। विपक्ष की ओर से नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह ने कार्यमंत्रणा से इस्तीफा दे रखा है, वह कार्यमंत्रणा में शामिल नहीं हुए।

27 फरवरी को होगा बजट पेश –

प्रदेश सरकार 27 फरवरी को बजट पेश करेगी। हालांकि, कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में तय किया गया कि बजट 27 को सदन में लाया जाएगा। 28 को राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव लाया जाएगा। 29 को विभागवार अनुदान मांगों पर चर्चा होगी, जबकि एक मार्च को बजट पारित किया जाएगा। सरकार की ओर से वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए 90 हजार करोड़ रुपये का अनुमानित बजट लाने की संभावना है। जिसमें सरकार का फोकस सशक्त उत्तराखंड का संकल्प रहेगा। इसके अलावा महिलाओं, युवाओं के लिए स्वरोजगार, किसानों के कल्याण, शिक्षा, स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकार नई योजनाओं की घोषणा कर सकती है।

कार्यमंत्रणा बैठक की कोई सूचना नहीं-

नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य का कहना है कि पहले ही कार्यमंत्रणा समिति से इस्तीफा दे दिया गया है, जिससे बैठक में जाने का कोई औचित्य नहीं है, लेकिन प्रदेश सरकार की तरफ से भी किसी तरह की कोई पहल नहीं की गई और न ही विधानसभा से बैठक की सूचना मिली है। संसदीय कार्य मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने फोन कर इतना जरूर कहा कि विपक्ष को कार्यमंत्रणा बैठक में आना चाहिए।

Haldwani Mamla: नैनीताल जेल के बैरक नंबर 1 में रखा गया अब्दुल मलिक, सीसीटीवी से रखी जा रही है नजर.

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पुलिस ने हल्द्वानी हिंसा के मोस्ट वांटेड अब्दुल मलिक को उपद्रव के 81 आरोपियों से अलग रखा है।मलिक को शनिवार देर रात नैनीताल जेल में दाखिल किया गया। मलिक को छोड़कर उपद्रव के सभी आरोपियों को हल्द्वानी उप कारागार में रखा गया है।

लाइन नंबर 8 बनभूलपुरा निवासी अब्दुल मलिक को पुलिस ने शनिवार को दिल्ली से गिरफ्तार किया था। मलिक आठ फरवरी को बनभूलपुरा में हुए उपद्रव के पहले से ही फरार चल रहा था। इसके बाद इस मामले के आरोपी 81 लोगों को गिरफ्तार किया गया और सभी को उप कारागार हल्द्वानी में रखा गया। उम्मीद जताई जा रही थी कि मलिक को भी हल्द्वानी में ही अन्य उपद्रवियों के साथ रखा जाएगा लेकिन ऐसा हुआ नहीं। गिरफ्तारी और कोर्ट में पेश करने के बाद अब्दुल मलिक को पुलिस ने शनिवार रात जिला जेल नैनीताल में दाखिल किया। मलिक को वहां बैरक नंबर एक में रखा गया है।

अब्दुल मलिक को सुरक्षित बैरक में रखा गया है। बैरक में लगे सीसीटीवी से भी लगातार निगरानी की जा रही है। जो भोजन अन्य बंदी व कैदियों को दिया जा रहा है, वही मलिक को भी दिया गया।

-संजीव ह्यांकी, जेल अधीक्षक नैनीताल

बता दें कि, पुलिस अब्दुल मलिक को पूछताछ के लिए जल्द रिमांड पर लेगी। इसके लिए पुलिस जल्द ही कोर्ट में अर्जी दायर कर सकती है। फिलहाल मलिक को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में नैनीताल जेल भेजा गया है।पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद मलिक से शनिवार को पांच से सात घंटे पूछताछ की थी। मलिक से अभी केस में कई चीजें पूछी जानी है। इसमें मलिक की संपत्ति, मलिक घटना के दिन कहां था, क्या उसने उपद्रव के लिए फंडिंग तो नहीं की, लोगों को उसने कैसे भड़काया आदि सवाल के जवाब से पुलिस काफी दूर है।

पुलिस सूत्र बताते हैं कि सोमवार या मंगलवार को पुलिस कोर्ट जा सकती है। कोर्ट से उसे पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया जाएगा। एसएसपी प्रहलाद नारायण मीणा का कहना है कि मलिक से पूछताछ में जो बातें सामने आई थी, पुलिस उस दिशा में काम कर रही है। जरूरत पड़ने पर दोबारा मलिक को पूछताछ के लिए रिमांड में लिया जा सकता है।

UP Police Bharti: सीएम योगी आदित्यनाथ का बड़ा फैसला, यूपी पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा-2023 हुई रद्द ।

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युवाओं के हित में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बड़ा निर्णय लिया है। यूपी पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा-2023 को मुख्यमंत्री ने निरस्त कर दिया है। सीएम ने कहा कि 6 माह के भीतर ही पूर्ण शुचिता के साथ परीक्षा आयोजित की जाएगी । कहा, परीक्षा की गोपनीयता भंग करने वाले एसटीएफ की रडार में हैं कई बड़ी गिरफ्तारियां हो भी चुकी हैं।

परीक्षा के बाद हुआ था खूब प्रदर्शन-

यूपी आरक्षी भर्ती परीक्षा को निरस्त कर दिया गया। परीक्षा निरस्त करने की मांग को लेकर प्रदेश के कई जिलों के अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन किया। आरोप लगाया कि प्रश्न पत्र लीक होने के साथ ही परीक्षा में बड़े पैमाने पर धांधली की गई है। हाल ही में प्रयागराज में सैकड़ों की संख्या में सिपाही भर्ती परीक्षा देने वाले अभ्यर्थी हाथ में तख्तियां लेकर परीक्षा निरस्त कराने की मांग को लेकर सड़क पर उतरे थे।

RO/ARO परीक्षा की शिकायतों की होगी जांच, शासन ने मांगे साक्ष्य-

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा बीते 11 फरवरी को आयोजित की गई समीक्षा अधिकारी/ सहायक समीक्षा अधिकारी (प्रारम्भिक) परीक्षा – 2023 से जुड़ी शिकायतों की भी जांच कराने का निर्णय लिया है।

  • अपर मुख्य सचिव, नियुक्ति एवं कार्मिक ने आदेश जारी किया।
  • समीक्षा अधिकारी/ सहायक समीक्षा अधिकारी (प्रारम्भिक) परीक्षा – 2023 की शुचिता व पारदर्शिता के उद्देश्य में निर्णय लिया गया है कि परीक्षा के संबंध में प्राप्त शिकायतों का शासन स्तर पर परीक्षण किया जाए।
  • इस परीक्षा के संबंध में किसी भी प्रकार की शिकायत अथवा इसकी शुचिता को प्रभावित करने वाले तथ्यों को संज्ञान में लाना चाहे तो वह अपना नाम तथा पूरा पता तथा साक्ष्यों सहित कार्मिक तथा नियुक्ति विभाग के ई-मेल आई.डी. – secyappoint@nic.in पर 27 फरवरी 2024 तक उपलब्ध करा सकते हैं।

इतने थे अभ्यर्थी-

सिपाही भर्ती की लिखित परीक्षा निर्धारित तिथि 17 व 18 फरवरी को सभी जिलों में दो पालियों में हुई थी। प्रदेश में 2,385 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा के दौरान बायोमैट्रिक वेरिफिकेशन के बाद ही अभ्यर्थी को प्रवेश दिया गया था। आरक्षी नागरिक पुलिस के 60,244 पदों पर भर्ती के लिए कुल 48,17,441 अभ्यर्थियों में 15,48,969 महिला अभ्यर्थी भी थे। प्रत्येक पाली में 12,04,360 अभ्यर्थी शामिल हुए थे।

AAP और कांग्रेस में हो गई डील, पंजाब में नहीं हुआ पैचअप, दिल्ली-हरियाणा और गुजरात में इन सीटों पर चुनाव लड़ेंगे दोनों दल;।

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लोकसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे पर सहमति बन गई है। संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में पांच राज्यों के लिए सीट बंटवारे का एलान किया गया है। AAP और कांग्रेस के बीच दिल्ली, हरियाणा, गोवा, गुजरात और चंडीगढ़ की सीटों को लेकर आपसी सहमति बन गई है।

जानिए कौन कहां से लड़ेगा चुनाव?

आपको बता दें कि दिल्ली की 7 लोकसभा सीटों में से 4 पर आम आदमी पार्टी चुनाव लड़ेगी और तीन सीटों पर कांग्रेस प्रत्याशी अपनी किस्मत को आजमाएंगे।

दिल्ली में लोकसभा की हैं 7 सीटें-

दिल्ली में AAP चार पर लड़ेगी

  • नई दिल्ली
  • वेस्ट दिल्ली
  • साउथ दिल्ली
  • ईस्ट दिल्ली

कांग्रेस तीन सीटों पर लड़ेगी चुनाव-

  • चांदनी चौक
  • नॉर्थ ईस्ट
  • नॉर्थ वेस्ट

गुजरात में 26 लोकसभा सीटें

कांग्रेस की हैं – 24

AAP की हैं – 2 (भरूच और भावनगर)

हरियाणा में 10 लोकसभा सीटें

9 सीटें पर कांग्रेस लड़ेगी चुनाव

AAP लड़ेगी एक सीट (कुरुक्षेत्र) पर चुनाव

चंडीगढ़ और गोवा की सीटों पर हुआ ये फैसला-

चंडीगढ़ में कांग्रेस का प्रत्याशी चुनाव लड़ेगा।

गोवा में दोनों सीटों पर कांग्रेस चुनाव लड़ेगी।

पंजाब में नहीं बन पाई बात-

इसके अलावा AAP और कांग्रेस ने पंजाब में अलग-अलग चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। कांग्रेस महासचिव और सांसद मुकुल वासनिक ने बताया कि कांग्रेस और AAP के बीच आगामी लोकसभा चुनाव 2024 के लिए सीट बंटवारे पर सहमति बन गई है। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ पर लंबी चर्चा के बाद अंत में यह निर्णय लिया गया कि कांग्रेस का उम्मीदवार वहां से चुनाव लड़ेगा।

‘देश को जिताने के लिए हुआ INDI गठबंधन का जन्म’

AAP सांसद संदीप पाठक ने कहा कि हर राज्य की अपनी राजनीतिक परिस्थिति है और उन्हीं परिस्थितियों को देखकर चुनाव जीतने के उद्देश्य से ये फॉर्मूला बनाया गया है। INDI गठबंधन का जन्म देश को जिताने के लिए हुआ है, देश की जनता को जिताने के लिए हुआ है किसी को हराने के लिए नहीं हुआ है।’

 

पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत समेत 5 लोगों को ईडी का समन, पूछताछ के लिए बुलाया।

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पाखरो रेंज घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग प्रकरण से संबंधित पूर्व वन मंत्री हरक सिंह रावत समेत अन्य लोगों को ईडी ने अब समन भेजे हैं। ईडी ने हरक सिंह रावत को 29 फरवरी को पूछताछ के लिए अपने कार्यालय बुलाया है। इसके अलावा अन्य को अलग-अलग तिथियों में उपस्थित होने के लिए कहा गया है।

ईडी के छापे में कई जगहों से एक करोड़ रुपये से अधिक का कैश और 80 लाख रुपये से अधिक के जेवर बरामद हुए थे। ईडी ने पिछले दिनों हरक सिंह रावत, आईएफएस अफसर सुशांत पटनायक आदि के यहां छापे मारे थे। इस छापे में पटनायक के घर पर इतना कैश बरामद हुआ था कि वहां पर नोट गिनने के लिए मशीन भी मंगाई गई थी।

इसके अलावा पूर्व डीएफओ किशनचंद व अन्य अफसरों के घर भी कैश व गहने ईडी ने जब्त किए थे। इसी क्रम में ईडी ने रावत की करीबी लक्ष्मी राणा के लॉकर खुलवाकर वहां से 45 लाख रुपये के जेवर बरामद किए थे। इस कार्रवाई में ईडी ने करीब 80 करोड़ रुपये के जमीनों के कागजात जब्त किए। साथ ही छह लॉकर को भी फ्रीज कराया था।

ईडी इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत जांच कर रही है। अब ईडी की ओर से इन सभी को समन भेजकर पूछताछ के लिए अपने कार्यालय बुलाया है। ईडी इस कैश और जमीन व सोने के जेवरों के संबंध में पूछताछ करेगी। सूत्रों के मुताबिक, ईडी को पटनायक के घर से कई लिफाफे भी अफसरों के नाम के मिले थे।

उन्हें भी ईडी जल्द समन भेजकर पूछताछ के लिए बुला सकती है। ईडी की इस कार्रवाई से घपले के वक्त तैनात रहे सभी अधिकारियों और नेताओं के खेमे में खलबली मची हुई है। सभी अपने-अपने हिसाब से ईडी की इस कार्रवाई से पार पाने का प्रयास कर रहे हैं।

नई आबकारी नीति: इन 5 जिलों में इस बार छलकेंगे नई मेट्रो शराब के जाम, अब महंगी होगी बीयर।

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जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मालिक के आवास पर CBI का छापा, 30 से ज्यादा ठिकानों पर छापेमारी।

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जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक के खिलाफ सीबीआई ने कार्रवाई की है। सीबीआई ने उनके परिसरों समेत 30 से अधिक स्थानों पर छापेमारी की है। न्यूज एजेंसी  एएनआई सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली में गुरुवार सुबह से मलिक के यहां कार्रवाई चल रही है।

जानकारी मिली है कि जम्मू कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक के दिल्ली स्थित घर पर CBI ने छापेमारी की है। दरअसल, सीबीआई ने हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट मामले में यह छापा मारा है। बीमा घोटाले में सीबीआई मलिक के खिलाफ कार्रवाई कर चुकी है। बीमा घोटाले के मामले में सीबीआई सत्यपाल मलिक और उनके करीबियों के ठिकानों पर छापा मार चुकी है।
 

मुझे 300 करोड़ रुपये की रिश्वत की पेशकश की गई थी: सत्यपाल मलिक

23 अगस्त 2018 से 30 अक्टूबर 2019 के बीच जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल रहे सत्यपाल मलिक ने दावा किया था कि उन्हें दो फाइलों को मंजूरी देने के लिए 300 करोड़ रुपये की रिश्वत की पेशकश की गई थी। इसके बाद सीबीआई ने पिछले साल अप्रैल में एक मामला दर्ज किया था।

इस मामले में जांच एजेंसी ने कई अधिकारियों और व्यक्तियों से जुड़े परिसरों पर पिछले तीन मौकों पर तलाशी ली थी। मामला दर्ज करने के बाद सीबीआई ने पिछले साल अप्रैल में 10 स्थानों पर और जून 2022 में 16 स्थानों पर तलाशी ली। इस साल मई में भी 12 स्थानों पर तलाशी ली गई थी।

कई अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया- 

सीबीआई ने पहले कहा था, “2019 में किरू हाइड्रो इलेक्ट्रिक पावर प्रोजेक्ट (एचईपी) के लगभग 2,200 करोड़ रुपये के सिविल कार्यों का ठेका एक निजी कंपनी को देने में कदाचार के आरोप में मामला दर्ज किया गया था।”

एजेंसी ने चिनाब वैली पावर प्रोजेक्ट्स (पी) लिमिटेड के पूर्व अध्यक्ष नवीन कुमार चौधरी और अन्य पूर्व अधिकारियों एम एस बाबू, एम के मित्तल और अरुण कुमार मिश्रा और पटेल इंजीनियरिंग लिमिटेड के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि पिछले 3-4 दिनों से मैं बीमार हूं और अस्पताल में भर्ती हूं। इसके वावजूद मेरे मकान में तानाशाह द्वारा सरकारी एजेंसियों से छापे डलवाए जा रहे हैं। मेरे ड्राइवर, मेरे साहयक के ऊपर भी छापे मारकर उनको बेवजह परेशान किया जा रहा है। में किसान का बेटा हूं, इन छापों से घबराऊंगा नहीं। मैं किसानों के साथ हूं। सत्यपाल मलिक (पूर्व गवर्नर)