बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के कपाट विधि विधान से बंद होने के साथ ही छह माह के लिए चारधाम यात्रा का पूर्ण रूप समापन हो गया है, लेकिन श्रद्धालुओं को शीतकाल में गद्दीस्थलों पर चारधामों के दर्शन व पूजा अर्चना की सुविधा होगी।
हॉट सीट बनी केदारनाथ विधानसभा में महिला प्रत्याशी की जीत का मिथक भाजपा दोहराएगी या फिर कांग्रेस इसे फिर तोड़ने में कामयाब रहेगी। पिछले करीब तीन महीने से उपचुनाव की तैयारी में जुटे सियासी दलों की तैयारियों और प्रत्याशियों और उनके समर्थकों के लगातार 17 दिन तक किए धुआंधार प्रचार का फल किस दल की झोली में जाएगा, इसका खुलासा 23 नवंबर को मतगणना के बाद हो जाएगा। बहरहाल उपचुनाव में ताल ठोंक रहे छह प्रत्याशियों ने अपने पक्ष में हवा बनाने के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है। हालांकि, मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच में ही माना जा रहा है।
लंबे राजनीतिक अनुभव का मिला लाभ-
रविवार को दिल्ली में केंद्रीय नेतृत्व ने सभी समीकरणों पर विमर्श के साथ ही प्रांतीय नेतृत्व से बातचीत के बाद केदारनाथ सीट से पूर्व विधायक आशा नौटियाल को प्रत्याशी बनाने पर मुहर लगाई। यद्यपि, दिवंगत विधायक शैलारानी रावत की पुत्री ऐश्वर्य रावत के अलावा वर्ष 2017 व 2022 में निर्दलीय चुनाव लड़ चुके कुलदीप सिंह रावत भी दौड़ में थे, लेकिन पार्टी ने पूर्व विधायक आशा नौटियाल के लंबे राजनीतिक अनुभव, क्षेत्र में मजबूत पकड़ के अलावा चार बार कराए सर्वे रिपोर्ट को देखते हुए उन पर भरोसा जताया।
ये रहा है राजनीतिक जीवन-
- भाजपा प्रत्याशी आशा नौटियाल ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत वर्ष 1990 में भाजपा की सदस्यता लेकर की।
- वह वर्ष 1996 में रुद्रप्रयाग जिला पंचायत की सदस्य चुनी गईं।
- उन्होंने भाजपा व महिला मोर्चा में विभिन्न पदों पर कार्य किया।
- वर्ष 2002 में राज्य के पहले विधानसभा चुनाव में वह केदारनाथ सीट से विजयी रहीं और विधानसभा पहुंची।
- वर्ष 2007 में दोबारा विधायक चुनीं गई, लेकिन वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में वह मात्र 1900 मतों से हार गईं।
- वर्ष 2017 में पार्टी टिकट कटने से नाराज होकर उन्होंने केदारनाथ सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ा, लेकिन सफल नहीं हो पाईं।
- यद्यपि, भाजपा के संपर्क में वह बराबर बनी रहीं। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले उनकी भाजपा में घर वापसी हुई।
प्रदेश के सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक के पदों पर चयनित 70 से अधिक महिला अभ्यर्थियों का चयन रद्द होगा। उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा समेत अन्य राज्यों की इन महिला अभ्यर्थियों का विवाह उत्तराखंड में हुआ है।
शिक्षा निदेशालय ने आरक्षित वर्ग की इन महिला अभ्यर्थियों के मामले में शासन से दो महीने पहले दिशा-निर्देश मांगा था कि इन्हें नियुक्ति में आरक्षण का लाभ दिया जाए या नहीं। शासन के अधिकारियों के मुताबिक कार्मिक विभाग के 10 अक्तूबर 2002 के शासनादेश के मुताबिक इन्हें आरक्षण का लाभ नहीं दिया जा सकता।
2906 पदों पर चल रही शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया-
प्रदेश में इन दिनों 2906 पदों पर शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। शिक्षा निदेशालय के मुताबिक भर्ती में ऐसे द्विवर्षीय डीएलएड अभ्यर्थियों ने भी आवेदन किया। जिनका विवाह अन्य राज्य से उत्तराखंड में हुआ है।
इन अभ्यर्थियों की अन्य राज्य के आरक्षण एवं उत्तराखंड राज्य के आरक्षण की स्थिति समान है। शिक्षा निदेशालय ने 27 अगस्त 2024 को शासन को लिखे पत्र में कहा कि समान जाति के आधार पर अन्य राज्य के अभ्यर्थियों को उत्तराखंड राज्य में आरक्षण का लाभ दिया जाना है या नहीं इस संबंध में दिशा-निर्देश दिया जाए।
केदारनाथ उपचुनाव की रणनीति और प्रत्याशी को लेकर कांग्रेस की 24 अक्तूबर को दिल्ली में बैठक होगी। मंगलवार को प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा ने वर्चुअल बैठक में प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं से चुनावी तैयारियों पर चर्चा कर सुझाव भी लिए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को वर्चुअल माध्यम से लालकुआं-बांद्रा सुपरफास्ट ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। सीएम ने कहा कि बाबा कैंची धाम के आशीर्वाद से लालकुआं से बांद्रा (मुंबई) के लिए ट्रेन संचालन का सपना पूरा हो गया है। इस ट्रेन के चलने से बाबा कैंची धाम, जागेश्वर और अन्य धार्मिक स्थलों के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर विकल्प मिलेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त किया।
सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हम भारतीय रेल के स्वर्णिम युग की ओर आगे बढ़ रहे हैं। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और केंद्र सरकार के सहयोग से पहाड़ तक ट्रेन पहुंचने का सपना ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन बनने के साथ पूरा हो जाएगा। टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन पर भी सर्वे का काम पूरा हो चुका है, जल्द ही इस रूट पर भी कार्य शुरू कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड से काशी, अयोध्या और अन्य प्रमुख शहरों के लिए रेल सेवा के और विस्तार के लिए प्रयास किए जाएंगे। सीएम ने कहा कि जनता के सहयोग से उत्तराखंड को को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए राज्य सरकार हर क्षेत्र में तेजी से कार्य कर रही है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद अजय भट्ट ने कहा कि मुंबई के लिए रेल सेवा शुरू होने से कुमाऊं की जनता के साथ ही यहां आने वाले पर्यटकों को भी काफी सहूलियत मिलेगी। वहां विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, पूर्व विधायक नवीन दुमका, जिलाध्यक्ष प्रदीप बिष्ट, डीआरएम रेखा यादव समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
माया नगरी के लिए पहले दिन ही पैक होकर रवाना हुई ट्रेन-
लालकुआं-बांद्रा सुपरफास्ट ट्रेन पहले दिन पैक होकर रवाना हुई। इसकी वजह ट्रेन का रूट दिल्ली-हजरत निजामुद्दीन स्टेशन होकर जाना भी माना जा रहा है। सोमवार को ट्रेन के स्लीपर क्लास की सभी 456 बर्थ और थर्ड एसी इकोनॉमी की सभी 141 बर्थ फुल रहीं। इसके अलावा सेकंड ऐसी की 47 बर्थ में 27 जबकि थर्ड एसी की 204 बर्थ में से 189 बर्थ बुक रहीं। इसके अलावा लालकुआं जंक्शन से जनरल कोच के 1235 रुपये के 12 लोकल टिकट बुक हुए।
कुमाऊं से मुंबई के लिए तीसरी ट्रेन-
पूर्वोत्तर रेलवे ने कुमाऊं मंडल के नैनीताल जिले को मुंबई के लिए तीन सुपरफास्ट ट्रेनों की सौगात दी है। इसकी वजह कुमाऊं की वादियों में पर्यटकों और रेल ट्रैफिक को बढ़ावा देना है। रेलवे के आलाधिकारियों की मानें तो निकट भविष्य में कुमाऊं से दक्षिण भारत के लिए भी ट्रेन चलाने की योजना प्रस्तावित है।
24 घंटे 45 मिनट में मुंबई पहुंचा देगी बांद्रा सुपरफास्ट ट्रेन-
लालकुआं, काठगोदाम और रामनगर से मुंबई के लिए चलने वाली तीन ट्रेनों में काठगोदाम और रामनगर का रूट मथुरा रेल ट्रैक से होते हुए है। वहीं, लालकुआं से चलने वाली ट्रेन दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन रूट से होकर गुजरेगी। रेल अधिकारियों के मुताबिक काठगोदाम और रामनगर से मुंबई को जाने वाली ट्रेन का सफर लालकुआं से 26 घंटे 30 मिनट का है। वहीं लालकुआं से ही चलने वाली बांद्रा सुपरफास्ट ट्रेन 24 घंटे 45 मिनट में यात्रियों को माया नगरी पहुंचा देगी।
लालकुआं-बांद्रा टर्मिनस के मध्य नई ट्रेन (22544) सोमवार को लालकुआं से सुबह 7:45 बजे प्रस्थान कर रुद्रपुर सिटी, रामपुर, मुरादाबाद, गाजियाबाद, हजरत निजामुद्दीन, मथुरा, कोटा, वडोदरा, सूरत होते हुए हुए अगले दिन मंगलवार को सुबह 8:30 बजेबांद्रा टर्मिनस पहुंचेगी। वापसी में बांद्रा टर्मिनस से मंगलवार सुबह 11 बजे प्रस्थान कर अगले दिन बुधवार को दोपहर 13:15 बजे लालकुआं पहुंचेगी। इस ट्रेन में सेकेंड एसी का 1 कोच, थर्ड एसी के 2 कोच, एसी इकोनॉमी श्रेणी के 3 कोच, स्लीपर श्रेणी के 6 कोच और सामान्य श्रेणी के 4 कोच लगे हैं। सभी कोच एलएचबी श्रेणी के लगाए गए हैं, जो कि सुविधाजनक और सुरक्षा की दृष्टि से काफी मजबूत होते हैं।
उत्तराखंड में अब जल्द ही समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू होने जा रहा है। आज शुक्रवार(18 अक्तूबर) को विशेषज्ञ समिति ने यूसीसी नियमावली का ड्राफ्ट मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को सौंप दिया है। सीएम धामी ने कहा कि सभी को समान न्याय और समान अवसर मिले इसके लिए यूसीसी लागू किया जा रहा है।
9 नवंबर को यूसीसी लागू करने की तैयारी-
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में घोषणा की थी कि सरकार नौ नवंबर को उत्तराखंड स्थापना दिवस पर यूसीसी लागू करना चाहती है। ऐसे में अब समीति के फाइनल नियमावली का ड्राफ्ट साैंपने के बाद पूरी उम्मीद जताई जा रही है कि यूसीसी उत्तराखंड में 9 नवंबर को लागू हो जाएगा।
यूसीसी में ये है खास-
नियमावली में मुख्य रूप से चार भाग हैं। जिसमें विवाह एवं विवाह-विच्छेद लिव-इन रिलेशनशिप, जन्म एवं मृत्य पंजीकरण तथा उत्तराधिकार संबंधी नियमों के पंजीकरण संबंधी प्रक्रियाएं हैं।
ऑनलाइन मिल सकेगी सारी जानकारी-
जन सामान्य की सुलभता को देखते हुए यूसीसी के लिए एक पोर्टल और मोबाइल एप भी तैयार की गई है, इसमें पंजीकरण और अपील आदि की समस्त सुविधाएं जन सामान्य को ऑनलाईन माध्यम से सुलभ हो सके।
प्रदेश के एक लाख से अधिक सरकारी कार्मिक कारपाेरेट सैलरी पैकेज के पात्र हो गए। वेतन खाताधारक के रूप में उन्हें और परिवार को 30 लाख से एक करोड़ की राशि तक व्यक्तिगत बीमा कवरेज एवं अन्य सुविधा मिलेंगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल की उपस्थिति में बुधवार को पांच बैंकों एसबीआइ, बैंक आफ बड़ौदा, यूनियन बैंक आफ इंडिया, केनरा बैंक और जिला सहकारी बैंक के साथ सरकार ने अनुबंध पत्र पर हस्ताक्षर किए।
धामी सरकार ने प्रदेश के कार्मिकों की बहु प्रतीक्षित मांग पूरी कर दी। राज्य के लगभग 64 प्रतिशत सरकारी कार्मिक, जिनका खाता इन पांच बैंकों में है, वे इस अनुबंध से लाभान्वित होंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर कहा कि भविष्य में शत-प्रतिशत कर्मचारी इस पैकेज का लाभ उठाएं, यह प्रयास किया जाएगा।
इन सभी बैंकों की शाखाओं में वेतन खाताधारकों को बीमा कवर के साथ अन्य वित्तीय लाभ उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अंतर्गत कार्मिकों को दुर्घटनास्वरूप मृत्यु, पूर्ण अपंगता और आंशिक अपंगता की स्थिति में उनके आश्रितों को क्षतिपूर्ति के रूप में देय लाभ और अन्य सुविधा बिना कोई प्रीमियम दिए, प्रदान की जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि ये सभी बैंक कारपोरेट सैलरी पैकेज को कर्मचारियों के लिए और लाभकारी बनाने के लिए निरंतर कार्य करते रहेंगे। बताया गया कि पूर्ण अपंगता की स्थिति 30 लाख से 50 लाख रुपये, आंशिक अपंगता की स्थिति में 10 लाख रुपये से 40 लाख रुपये तक वित्तीय सहायता पैकेज के अंतर्गत बैंक उपलब्ध कराएंगे।
साथ ही इस पैकेज में दुर्घटना के कारण चिकित्सा, एंबुलेंस की सुविधा, बच्चों की शिक्षा, पुत्री के विवाह जैसे अन्य आवश्यकताओं के लिए भी वित्तीय सहायता की व्यवस्था है। कार्मिकों की प्राकृतिक मृत्यु की स्थिति में भी उनके आश्रितों को बैंक तीन लाख से 10 लाख रुपये तक आर्थिक योगदान देगा।
कार्यक्रम में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, सचिव दिलीप जावलकर, अपर सचिव मनमोहन मैनाली, कोषागार निदेशक दिनेश लोहनी सम्मिलित रहे। एसबीआइ के महाप्रबंधक दीपेश राज, उप महाप्रबंधक विनोद कुमार, बैंक आफ बड़ौदा के महाप्रबंधक एम अनिल, यूनियन बैंक के महाप्रबंधक अमरेंद्र कुमार, केनरा बैंक के सहायक महाप्रबंधक मयंक मोहन कौशिक, सहकारी बैंक से नीरज बेलवाल, स्टेट लेवल बैंकर्स कमेटी से राजीव पंत उपस्थित थे।
खाद्य पदार्थों में थूकने की घटनाओं पर राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व स्वास्थ्य मंत्री डा. धन सिंह रावत के निर्देशानुसार खाद्य संरक्षा विभाग ने भी इसे लेकर विस्तृत गाइडलाइन जारी कर दी है।
इस तरह की घटनाओं में संलिप्त पाए जाने व्यक्ति पर अब 25 हजार से लेकर एक लाख रुपए तक का जुर्माना लगाया जाएगा। खाद्य संरक्षा विभाग के आयुक्त डा. आर राजेश कुमार ने एसओपी को सख्ती से लागू करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए हैं।
खाद्य कारोबारियों को लाइसेंस लेना अनिवार्य-
खाद्य संरक्षा आयुक्त ने कहा हाल के दिनों में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में जूस और अन्य खानपान की वस्तुओं में मानव अपशिष्ट व अन्य गंदगी मिलाने के प्रकरण सामने आए हैं। यह खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के प्राविधानों का स्पष्ट उल्लंघन है। कहा कि सभी खाद्य कारोबारियों को लाइसेंस लेना और उसकी शर्तों का पालन करना अनिवार्य है। साथ ही खाद्य पदार्थों में स्वच्छता व सफाई संबंधी अपेक्षाएं का अनुपालन करना भी अनिवार्य है।
नियमों का पालन न करने वाले खाद्य करोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों के तहत दंडित किए जाने का प्राविधान है।
कहा कि आमजन को शुद्ध, स्वच्छ व सुरक्षित खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित कराए जाने के दृष्टिगत राज्य में संचालित होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, कैंटीन, फूड वेंडिंग एजेनंसीज, फूड स्टाल, स्ट्रीट फूड वेंडर्स आदि में खाद्य सुरक्षा व स्वच्छता के मानकों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराए जाने का नियम है। जिसके लिए विभागीय टीमें लगातार अभियान चलाकर छापेमारी कर रही हैं। खाद्य पदार्थों की सैंपलिंग भी की जा रही है। जांच में दोषी पाए जाने वाले खाद्य कारोबारियो पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
ढाबे, रेस्टोरेंट को बताना होगा मीट झटका या हलाल-
खाद्य पदार्थ बेचने वालों के लिए पहचान पत्र पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके अलावा राज्य में किसी भी रूप में मीट बेचने वालों के लिए हलाल या झटका का उल्लेख करने के भी निर्देश दिए गए हैं। मीट कारोबारियों, ढाबे, होटल एवं रेस्टोरेंट संचालकों को अपने यहां लिखना होगा कि मीट हलाल का है या फिट झटका। साथ ही उन्हें दुकान का लाइसेंस भी ग्राहकों को प्रदर्शित करना होगा। सीसीटीवी कैमरे भी अनिवार्य रूप से लगाने होंगे।
इसका करना होगा पालन-
- भोजन बनाने और परोसने वाले कार्मिकों को अनिवार्य रूप से फेस मास्क/ ग्लव्स/हेड गियर का उपयोग करना होगा।
- खाद्य पदार्थों को हैंडल करते समय धूमपान, थूकना और डेयरी उत्पादों को प्रयोग में लाए जाने व छूने से पूर्व नाक खुजाना, बालों में हाथ फेरना, शरीर के अंगों को खुजाना आदि पर नियंत्रण रखें। इसे खाद्य पदार्थों में बैक्टीरियल संक्रमण हो सकता है।
- संक्रामक रोग से ग्रसित व्यक्तियों को खाद्य निर्माण/संग्रहण/वितरण स्थलों पर कदापि न रखा जाए।
- खाद्य प्रतिष्ठान में कार्यरत कार्मिकों की सूची चिकित्सकीय प्रमाण-पत्र सहित उपलब्ध कराएं।
- खाद्य प्रतिष्ठान में कार्यरत कार्मिकों को अनिवार्य रूप से फोटोयुक्त पहचान पत्र निर्गत किया जाए, जिसे कार्यस्थल पर अनिवार्य रूप से पहनना होगा।
- खाद्य पदार्थ निर्माण, परोसने व विक्रय करने वाले कार्मिकों को कार्यस्थल पर थूकने और अन्य किसी भी प्रकार की गंदगी फैलाने पर प्रतिबंध।
- खाद्य कारोबारी उत्पादन, कच्ची सामग्री का उपयोग और विक्रय का अलग-अलग दैनिक रिकार्ड रखेगा।
विश्व धरोहर फूलों की घाटी अब 15 दिन बाद 31 अक्तूबर को पर्यटकों के लिए बंद कर दी जाएगी। इस साल अभी तक घाटी में 19,425 पर्यटक पहुंच चुके हैं। घाटी में अभी तक सबसे अधिक पर्यटक पहुंचने का रिकाॅर्ड 2022 का है, जब यहां 20830 पर्यटक पहुंचे थे।
फूलों की घाटी हर साल एक जून को पर्यटकों के लिए खोली जाती है और 31 अक्तूबर को बंद कर दी जाती है। पर्यटक यहां प्राकृतिक सुंदरता और फूलों को देखने के लिए आते हैं। घाटी में जुलाई और अगस्त माह में सबसे अधिक फूल खिलते हैं। इसी समय यहां सबसे अधिक पर्यटक भी पहुंचते हैं। इस बार यहां 327 विदेशी पर्यटक भी घाटी पहुंचे हैं। हेमकुंड साहिब के कपाट बंद होने के बाद फूलों की घाटी में भी पर्यटकों की आवाजाही कम हो जाती है।
फूलों की घाटी की वन क्षेत्राधिकारी चेतना कांडपाल ने बताया कि पिछले साल की तुलना में पर्यटकों की संख्या बढ़ी है। अभी तक 19,425 पर्यटक घाटी पहुंचे हैं और विभाग को 31 लाख 73 हजार 400 रुपये की आय प्राप्त हुई है। 31 अक्तूबर तक पर्यटकों की संख्या में और इजाफा होगा।
पिछले साल की तुलना में बढ़ी संख्या
घाटी में पिछले साल की तुलना में इस साल पर्यटकों की संख्या काफी बढ़ी है। पिछले साल अभी तक 13161 पर्यटक ही घाटी में आए थे जिसमें 401 विदेशी पर्यटक शामिल थे। जबकि इस साल अभी तक 19 हजार से अधिक पर्यटक यहां पहुंच चुके हैं। अभी घाटी में आवाजाही के लिए दो सप्ताह का समय शेष है।









