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Transfer: उत्तराखंड में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 23 PCS अफसरों के बदले गए पदभार.

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शासन ने पीसीएस अधिकारियों के पदभार में बड़ा फेरबदल किया है। शासन ने सोमवार देर शाम 23 पीसीएस अधिकारियों के पदभार में बदलाव की सूची जारी की है। 

शासन द्वारा जारी सूची के अनुसार, अपर जिलाधिकारी पिथौरागढ़ शिव कुमार बरनवाल को सचिव बाल संरक्षण आयोग की जिम्मेदारी दी गई है। पीसीएस अरविंद कुमार पांडेय को सचिव सूचना आयोग से अपर जिलाधिकारी टिहरी के पद पर भेजा गया है। अपर जिलाधिकारी टिहरी कृष्ण कुमार मिश्रा को अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व देहरादून के पद पर तैनाती दी गई है। 

अनिल गबर्याल बने अपर जिलाधिकारी पौड़ी –

अपर जिलाधिकारी हरिद्वार प्यारेलाल शाह को अपर जिलाधिकारी उत्तरकाशी के पद पर तैनाती दी गई है। महाप्रबंधक उत्तराखंड परिवहन निगम अनिल गबर्याल को अपर जिलाधिकारी पौड़ी के पद पर स्थानांतरित किया गया है। पीसीएस रजा अब्बास को सचिव उत्तराखंड सूचना आयोग की जिम्मेदारी दी गई है। डिप्टी कलेक्टर हरिद्वार युक्ता मिश्र को उप सचिव उत्तराखंड सूचना आयोग का पदभार सौंपा गया है।

डिप्टी कलेक्टर चंपावत सौरभ असवाल को डिप्टी कलेक्टर हरिद्वार के पद पर स्थानांतरित किया गया है। नगर आयुक्त रुड़की जितेंद्र कुमार को डिप्टी कलेक्टर हरिद्वार का जिम्मा दिया गया है। डिप्टी कलेक्टर हरिद्वार गोपाल सिंह चौहान को इसी पद पर उत्तरकाशी स्थानांतरित किया गया है। डिप्टी कलेक्टर यूएस नगर राकेश तिवारी को नगर आयुक्त रुड़की का पदभार सौंपा गया है। डिप्टी कलेक्टर देहरादून शालिनी नेगी को इसी पद पर टिहरी स्थानांतरित किया गया है
अपर निदेशक प्रशिक्षण एवं सेवायोजन, हल्द्वानी ऋचा सिंह को डिप्टी कलेक्टर नैनीताल का जिम्मा दिया गया है। डिप्टी कलेक्टर हरिद्वार कुश्म चौहान को डिप्टी कलेक्टर पौड़ी के पद पर स्थानांतरित किया गया है। डिप्टी कलेक्टर टिहरी सोनिया पंत को महाप्रबंधक उत्तराखंड परिवहन निगम का जिम्मा दिया गया है। डिप्टी कलेक्टर पौड़ी चतर सिंह चौहान को डिप्टी कलेक्टर यूएस नगर का जिम्मा दिया गया है। 

डिप्टी कलेक्टर नैनीताल राहुल शाह को इसी पद पर पिथौरागढ़ भेजा गया है। डिप्टी कलेक्टर बागेश्वर मोनिका को इसी पद पर चंपावत स्थानांतरित किया गया है। डिप्टी कलेक्टर नैनीताल रेखा कोहली को डिप्टी कलेक्टर पिथौरागढ़ बनाया गया है। डिप्टी कलेक्टर नैनीताल प्रमोद कुमार को इसी पद पर बागेश्वर भेजा गया है। 

डिप्टी कलेक्टर यूएस नगर गौरव चटवाल को इसी पद पर देहरादून स्थानांतरित किया गया है। डिप्टी कलेक्टर नवाजिश खलिक को उत्तरकाशी से इसी पद पर नैनीताल भेजा गया है। डिप्टी कलेक्टर श्रेयस गुनसोला को पिथौरागढ़ से पौड़ी स्थानांतरित किया गया है।

Uttarakhand Weather: बदला मौसम का मिजाज, चारों धाम समेत चकराता में भी बर्फबारी, निचले इलाकों में बढ़ी ठंड.

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रविवार दोपहर बाद अचानक बदले मौसम के मिजाज के साथ ही चारों धामों सहित हर्षिल घाटी में सीजन की पहली बर्फबारी हुई है। वहीं, निचले इलाकों में बारिश होने से तापमान गिरने से ठंड बढ़ गई। वहीं, चकराता में भी सीजन की पहली बर्फबारी हुई।

इस साल बारिश और बर्फबारी का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा था। अमूमन नवंबर माह से ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी व निचले क्षेत्रों में बारिश का दौर शुरू हो जाता है। लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ, बल्कि इसकी जगह केवल सूखी ठंड पड़ने से बच्चे और बड़े सभी सर्दी, खांसी, जुकाम और बुखार की चपेट में आ रहे थे। वहीं, काश्तकार भी सेब सहित अन्य फसलों के उत्पादन को लेकर चिंता जताने लगे थे। लेकिन रविवार दोपहर बाद मौसम बदलने से स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों के चेहरे खिल उठे।
उधर, केदारनाथ, मद्महेश्वर, तुंगनाथ सहित अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रविवार को दोपहर बाद मौसम बदला और देर शाम को बर्फबारी शुरू हो गई। केदारनाथ में पुनर्निर्माण कार्य में जुटे सेवानिवृत्त कैप्टन सोवन सिंह बिष्ट ने बताया कि धाम में अधिकतम तापमान माइनस 8 और न्यूनतम माइनस 11 डिग्री सेल्सियस चल रहा है।
वहीं, चमोली जनपद में बदरीनाथ के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रविवार को देर शाम बर्फबारी हुई, जबकि निचले इलाकों में बूंदाबांदी होने से कड़ाके की ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। चीन सीमा क्षेत्र के माणा पास, घस्तोली, बाड़ाहोती, सुमना क्षेत्र में देर शाम से बर्फबारी शुरू हो गई थी। यही हाल हेमकुंड साहिब क्षेत्र में भी रहा।

मसूरी में तापमान गिरकर 8 डिग्री तक पहुंचा-

पहाड़ों की रानी मसूरी में रविवार को सुबह चटक धूप के साथ दिन की शुरुआत हुई, लेकिन दोपहर बाद मौसम ने करवट ली और शहर में ठंडी हवा के साथ घने बादल छा गए। इससे शहर में कड़ाके की ठंड हो गई, तापमान में गिरावट दर्ज की गई। शहर में साढ़े चार बजे अधिकतम तापमान 8 डिग्री दर्ज किया गया।

अगले दो दिन बारिश-बर्फबारी का अलर्ट-

मौसम वैज्ञानिकों ने ऊंचाई वाले इलाकों में आठ और नौ दिसंबर को हल्की बारिश के साथ बर्फबारी होने के आसार जताए हैं। इसके चलते प्रदेश में पहाड़ से लेकर मैदान तक तापमान गिरने से ठिठुरन और भी बढ़ सकती है।

हालांकि 10 दिसंबर के बाद प्रदेशभर में फिर मौसम शुष्क हो जाएगा, लेकिन पश्चिमी विक्षोभ के चलते अधिकतम तापमान में तीन से पांच डिग्री तक की गिरावट दर्ज की जाएगी। इसके चलते पहाड़ से लेकर मैदान तक ठिठुरन बढ़ सकती है।

Tehri Lake: अब क्रूज बोट में बैठकर करें खूबसूरत वादियों का दीदार, टिहरी झील में सैलानी बिता सकेंगे रात.

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उत्तराखंड के टिहरी बांध की झील में साहसिक खेलों के शौकीनों के लिए अब नया लुत्फ उठाने का मौका भी मिलेगा। फ्लोटिंग हट्स के बाद अब झील में क्रूज बोट में भी सैलानी रात बिताकर पर्यटन गतिविधियों का आनंद उठा सकते हैं। झील में 12 कमरों के क्रूज बोट का पीपीपी मोड पर संचालन शुरू हो गया है। क्रूज बोट का संचालन कोटीकाॅलोनी से डोबरा-चांठी पुल तक किया जा रहा है।

टिहरी बांध की झील में तीन साल से कूज बोट निर्माणाधीन था। पर्यटन विभाग के सहयोग से पीपीपी मोड पर एक निजी कंपनी ने लगभग आठ करोड़ की लागत से क्रूज तैयार किया है। इसमें पर्यटकों के रुकने के लिए 12 कमरे, रेस्टोरेंट, शौचालय आदि सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। क्रूज की छत पर पर्वतीय क्षेत्र के घरों में लगे पठाल की प्रतिकृति की तरह बनाया गया है।

वर्तमान में कई तरह की 100 से अधिक बोट संचालित-

टिहरी झील में वर्ष 2014-15 में बोटिंग सेवा शुरू हुई थी। वर्तमान में कोटीकाॅलोनी बोटिंग प्वाइंट से पैरासेलिंग, बनाना राइडिंग, स्पीड बोट, जेट स्की, जॉर्बिंग, वाटर रोलर, वाटर स्कूटर समेत 100 से अधिक बोट संचालित की जा रही हैं। इसके अलावा डोबरा-चांठी और पीपलडाली में एक-एक नई बोट प्वाइंट जल्द शुरू होने की उम्मीद है।

टिहरी झील में क्रूज बोट का संचालन शुरू किया गया है। कोटीकॉलोनी से डोबरा-चांठी तक क्रूज बोट का संचालन होगा। फिलहाल क्रूज ट्रायल के तौर पर चलेगा। दो-तीन दिन में कंपनी विधिवत बुकिंग शुरू कर देगी।
– सोबत सिंह राणा, जिला पर्यटन अधिकारी, टिहरी

Uttarakhand: वर्ष 2026 तक सोलर प्लांट से मिलेगी 60 मेगावाट बिजली, बढ़ेगी आय, 100 करोड़ का बजट.

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 प्रदेश में सौर ऊर्जा आने वाले वर्षों में सरकार की आय का बड़ा साधन भी बनेगी। सरकारी भवनों में लग रहे सोलर पावर प्लांट से मिलने वाली अतिरिक्त विद्युत से होने वाली आय ऊर्जा निगम को सरकारी कोष में जमा करानी होगी।

इसके लिए विभागों के साथ निगम विद्युत खरीद अनुबंध करेगा। अभी 305 सरकारी भवनों में नौ मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादित हो रही है। इसे वर्ष 2026 तक 60 मेगावाट करने का लक्ष्य है।

 

सौर ऊर्जा को सरकार कर रही प्रोत्साहित-

प्रदेश में सौर ऊर्जा को सरकार प्रोत्साहन दे रही है। इसके लिए सरकारी और निजी, दोनों क्षेत्रों में सोलर पावर प्लांट लगाने के लिए सब्सिडी के रूप में आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है।

 

विशेष रूप से सरकारी भवनों में सोलर प्लांट लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। यही नहीं, प्लांट लगाने के लिए इस पर होने वाले खर्च को सरकारी भवनों की निर्माण लागत में जोड़ा जाएगा।

 

इसके लिए लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए गए हैं। वर्तमान में 307 सरकारी भवनों में नौ मेगावाट क्षमता के सोलर प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं।

 

1965 सरकारी भवनों में प्लांट की स्थापना प्रस्तावित-

वित्तीय वर्ष 2024-25 में 1965 सरकारी भवनों में सोलर प्लांट की स्थापना प्रस्तावित है। इनके प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। चालू वित्तीय वर्ष में इसके लिए 100 करोड़ रुपये बजट रखा गया है।

 

अपर मुख्य सचिव वित्त आनंद वर्धन ने कहा कि शासकीय भवनों में स्थापित सोलर प्लांट से ऊर्जा निगम को अतिरिक्त बिजली मिल रही है। निगम को इस आय को सरकारी कोष में जमा कराना होगा।

 

इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। विशेष रूप से सरकारी भवनों से उनकी खपत के अतिरिक्त मिलने वाली विद्युत ऊर्जा निगम को प्राप्त हो रही है।

 

इस संबंध में अब ऊर्जा निगम को संबंधित विभाग के साथ विद्युत खरीद अनुबंध करना है। इससे अतिरिक्त विद्युत से सरकार को भी आय होगी। इस योजना से संबंधित गाइडलाइन में भी संशोधन किया जाएगा।

 

Dehradun: भू-कानून और मूल निवास को लेकर भूख हड़ताल शुरु, शहीद स्मारक पर पुलिस फोर्स तैनात।

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सशक्त भू-कानून और मूल निवास की मांग को लेकर आमरण अनशन करने की तैयारी में मूल निवास, भू कानून समन्वय संघर्ष समिति के संयोजक मोहित डिमरी को पुलिस ने रोक दिया। पुलिस ने शहीद स्मारक के गेट पर ताला भी लगा दिया है। मोहित ने निर्णय लिया है कि वह शहीद स्मारक के गेट के बाहर ही भूख हड़ताल शुरू करेंगे।

मूल निवास, भू-कानून समन्वय संघर्ष समिति ने आज मंगलवार से शहीद स्मारक पर आमरण अनशन शुरु करने का एलान किया था। समिति को महिला मंच और राज्य आंदोलनकारी मंच सहित कई संगठनों ने अपना समर्थन दिया है। समिति का कहना है कि भूमि कानूनों में हुए संशोधनों को रद्द किया जाए।

इसके साथ ही निवेश के नाम पर दी गई जमीनों का ब्यौरा सार्वजनिक किया जाए।समिति के संयोजक मोहित डिमरी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार मजबूत भू-कानून को लेकर गंभीर नहीं है। सरकार बजट सत्र में भू-कानून लाने की बात कर रही है, लेकिन किस तरह का भू-कानून सरकार लाएगी, स्थिति स्पष्ट नहीं है। उन्होंने कहा कि 2018 के बाद भूमि कानूनों में हुए सभी संशोधनों को अध्यादेश के जरिये रद्द किया जाय।

 

 

400 से अधिक गांव नगरीय क्षेत्र में हुए शामिल-
भूमि कानून की धारा-2 को हटाया जाए। इस धारा की वजह से नगरीय क्षेत्रों में गांवों के शामिल होने से कृषि भूमि खत्म हो रही है। 400 से अधिक गांव नगरीय क्षेत्र में शामिल हुए हैं और 50 हजार हैक्टेयर कृषि भूमि को खुर्द-बुर्द करने का रास्ता खोल दिया गया। साथ ही भूमि कानून के बिल को विधानसभा में पारित करने से पूर्व इसके ड्राफ्ट को जन समीक्षा के लिए सार्वजनिक किया जाए।

 

 

निवेश के नाम पर दी गई जमीनों का ब्यौरा और इससे मिले रोजगार को सार्वजनिक किया जाय। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने 250 वर्ग मीटर से अधिक जमीन खरीदी है, उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाय। समिति ने कहा कि मूल निवासियों को चिह्नित किया जाए। वहीं, 90 प्रतिशत नौकरियों और सरकारी योजनाओं में मूल निवासियों की भागीदारी होनी चाहिए।

 

सरकार भू कानून और मूल निवास पर अपनी मंशा साफ करे-
समिति के महासचिव प्रांजल नौडियाल ने कहा कि सरकार भू कानून और मूल निवास पर अपनी मंशा साफ करे। महिला मंच की उपाध्यक्ष निर्मला बिष्ट ने कहा, राज्य आंदोलन में महिलाओं ने सर्वोच्च बलिदान देकर इस राज्य के सपने को साकार करने में अग्रणी भूमिका निभाई। वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी मोहन सिंह रावत ने कहा, 42 शहीदों ने अपनी शहादत देकर राज्य के निर्माण का सपना साकार किया, लेकिन आज जमीन के कानून खुर्द बुर्द किए गए और मूल निवासियों के अधिकार छीने गए।

 

 

समिति को इन संगठनों का मिला समर्थन-

मूल निवास, भू कानून समन्वय संघर्ष समिति के आंदोलन को पूर्व सैनिक संगठन, महिला मंच, आंदोलनकारी मंच, उत्तराखंड संयुक्त आंदोलनकारी मंच, पहाड़ी स्वाभिमान सेना, धाद, देवभूमि संगठन, महानगर ऑटो यूनियन, दून गढ़वाल जीप कमांडर कल्याण समिति, उपनल महासंघ, अतिथि शिक्षक संगठन, पूर्व कर्मचारी संगठन, ओपीएस संगठन, चारधाम महापंचायत, गढ़ कुमाऊं मंडल, गढ़वाल सभा, उत्तराखंड त्रिस्तरीय पंचायत संगठन, राठ महासभा, आर्यन छात्र संगठन सहित कई संगठनों का समर्थन मिला है।

Uttarakhand: अब उत्‍तराखंड में राशन की दुकानों के आवंटन में महिलाओं को मिलेगा आरक्षण, खाद्य मंत्री रेखा आर्या ने की ये बड़ी घोषणा.

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प्रदेश में नई खुलने वाली और शेष राशन की दुकानों के आवंटन में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रेखा आर्या ने इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए। इस प्रस्ताव को कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा। 

उन्होंने कहा कि महिला राशन विक्रेताओं का प्रदेश स्तरीय सम्मेलन शीघ्र होगा। विभागीय मंत्री ने शत-प्रतिशत सस्ता खाद्यान्न वितरण कर रहे राशन विक्रेताओं को राहत देते हुए कहा कि उन्हें दुकान खोलने के लिए विवश नहीं किया जाएगा। 

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री रेखा आर्या ने गुरुवार को राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम स्थित राष्ट्रीय खेल सचिवालय में प्रदेश के राशन विक्रेताओं की समस्याओं को लेकर विक्रेताओं और अधिकारियों के साथ चर्चा की। प्रदेश के राशन डीलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों की समस्याओं को सुनने के बाद उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इनका शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए।

उन्होंने एसोसिएशन को आश्वस्त किया कि शत-प्रतिशत राशन वितरण करने वाले विक्रेताओं को दुकान खोलने के लिए बाध्य नहीं होना पड़ेगा। इस संबंध में विक्रेताओं पर अनावश्यक दबाव न बने, इसके लिए खाद्य आयुक्त को आदेश जारी करने के निर्देश दिए गए।
 

बायोमीट्रिक प्रणाली से से शत-प्रतिशत राशन वितरण को 15 दिसंबर डेडलाइन –

लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के सस्ते खाद्यान्न का शत प्रतिशत आनलाइन वितरण सुनिश्चित करने के संबंध में खाद्य मंत्री ने ने कहा कि बायोमीट्रिक व्यवस्था को निरंतर हाईटेक किया जा रहा, ताकि सुदूर पर्वतीय जिलों में भी यह व्यवस्था कारगर हो। उत्तराखंड की गिनती शत-प्रतिशत आनलाइन राशन वितरण करने वाले राज्यों में हो, इसके लिए अधिकारियों को 15 दिसंबर तक व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। 

विक्रेताओं को जून माह तक लाभांश वितरित-

खाद्य मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि महिलाओं को सशक्त और समृद्ध बनाने के दृष्टिगत प्रदेश में नई और शेष बची सस्ता गल्ला की दुकानों के आवंटन में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। कैबिनेट में यह प्रस्ताव पारित कर लागू किया जाएगा।उन्होंने कहा कि महिला राशन विक्रेताओं का सम्मेलन आयोजित कर उनकी उपलब्धियों, चुनौतियों और समस्याओं पर विमर्श किया जाएगा। उन्होंने बताया कि राशन विक्रेताओं को जून माह तक लाभांश दिया गया है। शेष लाभांश व भाड़े के भुगतान की धनराशि के संबंध में केंद्र सरकार को अवगत कराया जा चुका है। इसके अतिरिक्त राज्य सरकार के स्तर पर भी इस बारे में प्रयास किए जा रहे हैं।

 

आंगनबाड़ी केंद्र संबंधी बकाया भुगतान का करें समाधान-

उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों में मिलने वाले राशन के लिए भुगतान की जाने वाली धनराशि के शेष भाग के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। जिलों के संबंधित जिला परियोजना अधिकारियों और जिला पूर्ति अधिकारियों को वर्चुअल बैठक कर बकाया भुगतान में आ रही कठिनाइयों का समाधान सुनिश्चित करने को कहा गया है। 

बैठक में प्रमुख सचिव एल फैनई, आयुक्त हरिचंद्र सेमवाल, अपर आयुक्त पीएस पांगती, अपर सचिव रुचि मोहन रयाल, राशन डीलर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष रेवाधर बृजवासी, कार्यकारी अध्यक्ष हरीश पंत, अनिल कक्कड़, प्रदेश महामंत्री संजय शर्मा सहित एसोसिएशन के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

Uttarakhand: शिक्षक भर्ती में 70 से अधिक चयनित महिला अभ्यर्थियों का चयन होगा रद्द, नहीं मिलेगा आरक्षण का लाभ.

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प्रदेश के सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक के पदों पर चयनित 70 से अधिक महिला अभ्यर्थियों का चयन रद्द होगा। उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा समेत अन्य राज्यों की इन महिला अभ्यर्थियों का विवाह उत्तराखंड में हुआ है।

शिक्षा निदेशालय ने आरक्षित वर्ग की इन महिला अभ्यर्थियों के मामले में शासन से दो महीने पहले दिशा-निर्देश मांगा था कि इन्हें नियुक्ति में आरक्षण का लाभ दिया जाए या नहीं। शासन के अधिकारियों के मुताबिक कार्मिक विभाग के 10 अक्तूबर 2002 के शासनादेश के मुताबिक इन्हें आरक्षण का लाभ नहीं दिया जा सकता।

2906 पदों पर चल रही शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया-
प्रदेश में इन दिनों 2906 पदों पर शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। शिक्षा निदेशालय के मुताबिक भर्ती में ऐसे द्विवर्षीय डीएलएड अभ्यर्थियों ने भी आवेदन किया। जिनका विवाह अन्य राज्य से उत्तराखंड में हुआ है।

इन अभ्यर्थियों की अन्य राज्य के आरक्षण एवं उत्तराखंड राज्य के आरक्षण की स्थिति समान है। शिक्षा निदेशालय ने 27 अगस्त 2024 को शासन को लिखे पत्र में कहा कि समान जाति के आधार पर अन्य राज्य के अभ्यर्थियों को उत्तराखंड राज्य में आरक्षण का लाभ दिया जाना है या नहीं इस संबंध में दिशा-निर्देश दिया जाए।

आरक्षण की सुविधा अपने पैतृक राज्य में ही मिलेगी-
शासन के अधिकारियों के मुताबिक शिक्षा निदेशालय से दिशा-निर्देश मांगे जाने के बाद शासन ने समाज कल्याण, कार्मिक और न्याय विभाग से इस संबंध में सुझाव मांगा था। जिस पर कार्मिक विभाग के 10 अक्तूबर 2002 के शासनादेश का हवाला दिया गया कि उत्तराखंड राज्य के अलावा उत्तर प्रदेश एवं अन्य किसी राज्य का कोई व्यक्ति उत्तराखंड राज्य की राज्याधीन सेवाओं में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के लिए अनुमन्य आरक्षण का लाभ नहीं पा सकेगा।

इसके अलावा समाज कल्याण विभाग के 29 दिसंबर 2008 का वह शासनादेश जो डीएम देहरादून को संबोधित है। उसके बिंदु संख्या तीन में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम 2000 की धारा 74 में संरक्षण केवल सेवा शर्तों के लिए है। ऐसे संरक्षण में ऐसे कर्मचारियों की संतान को अपने पैतृक राज्य के अलावा दूसरे राज्य में आरक्षण की कोई सुविधा नहीं मिलेगी न ही उन्हें दूसरे राज्य के लिए अनुसूचित जाति, जनजाति व अन्य पिछड़ा वर्ग का समझा जाएगा। उन्हें आरक्षण की सुविधा अपने पैतृक राज्य में ही मिलेगी।

नियुक्ति के लिए उत्तराखंड की बहुओं ने किया था आंदोलन-

नियुक्ति की मांग को लेकर उत्तराखंड की बहुओं ने पिछले दिनों शिक्षा निदेशालय में प्रदर्शन कर धरना दिया था। उनका कहना था कि उत्तराखंड में उनका विवाह हुआ है। उन्हें नौकरी में आरक्षण का लाभ देते हुए नियुक्ति दी जाए।

ये शिक्षक हो सकते हैं बर्खास्त-

शिक्षक भर्ती में कुछ ऐसे अभ्यर्थी भी शामिल हैं। जिसने अन्य राज्यों से डीएलएड के लिए स्थायी निवास की बाध्यता के बावजूद डीएलएड करने के बाद उत्तराखंड में नियुक्ति पा ली। जबकि नियुक्ति के लिए उत्तराखंड का स्थायी या मूल निवासी होना जरूरी है।

कुछ अभ्यर्थियों ने यूपी का जाति प्रमाण पत्र रद्द करवाने के बाद उत्तराखंड से जाति एवं निवास प्रमाण पत्र बनवाया है। उनके पति के आधार पर यह प्रमाण पत्र बना है। जिसे डीएम ने जारी किया है। इनके आरक्षण के मामले में समाज कल्याण, कार्मिक और न्याय से परामर्श शासन को मिल चुका है, लेकिन अभी निदेशालय को कोई निर्देश जारी नहीं हुआ। -आरएल आर्य, अपर निदेशक प्रारंभिक शिक्षा

 

Kedarnath By-Election: प्रत्याशियों को लेकर 24 तारीख को कांग्रेस की दिल्ली में होगी बैठक, चुनावी रणनीति पर भी चर्चा संभव।

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केदारनाथ उपचुनाव की रणनीति और प्रत्याशी को लेकर कांग्रेस की 24 अक्तूबर को दिल्ली में बैठक होगी। मंगलवार को प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा ने वर्चुअल बैठक में प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं से चुनावी तैयारियों पर चर्चा कर सुझाव भी लिए।

प्रदेश प्रभारी ने कहा, केदारनाथ उपचुनाव में सभी नेताओं को एकजुट होकर काम करना है। इसके लिए बूथ स्तर पर चुनाव की रणनीति बना कर चलना है। बैठक में प्रदेश सहप्रभारी परगट सिंह, सुरेंद्र शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा, पूर्व सीएम हरीश रावत, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व मंत्री नवप्रभात, विधायक प्रीतम सिंह, भुवन कापड़ी, वीरेंद्र जाती, लखपत बुटोला, प्रदेश उपाध्यक्ष संगठन मथुरादत्त जोशी शामिल हुए।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने कहा, 24 अक्तूबर को दिल्ली में प्रदेश प्रभारी ने बैठक रखी है, जिसमें नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, विधायक प्रीतम सिंह के अलावा चारों पर्यवेक्षक भी मौजूद रहेंगे। बैठक में चुनावी रणनीति के साथ प्रत्याशी को लेकर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

Uttarakhand: कुमाऊं को मिला तोहफा, लालकुआं-बांद्रा सुपरफास्ट ट्रेन हुई शुरू, सीएम ने वर्चुअली दिखाई हरी झंडी।

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को वर्चुअल माध्यम से लालकुआं-बांद्रा सुपरफास्ट ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। सीएम ने कहा कि बाबा कैंची धाम के आशीर्वाद से लालकुआं से बांद्रा (मुंबई) के लिए ट्रेन संचालन का सपना पूरा हो गया है। इस ट्रेन के चलने से बाबा कैंची धाम, जागेश्वर और अन्य धार्मिक स्थलों के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर विकल्प मिलेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त किया।

सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हम भारतीय रेल के स्वर्णिम युग की ओर आगे बढ़ रहे हैं। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और केंद्र सरकार के सहयोग से पहाड़ तक ट्रेन पहुंचने का सपना ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन बनने के साथ पूरा हो जाएगा। टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन पर भी सर्वे का काम पूरा हो चुका है, जल्द ही इस रूट पर भी कार्य शुरू कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड से काशी, अयोध्या और अन्य प्रमुख शहरों के लिए रेल सेवा के और विस्तार के लिए प्रयास किए जाएंगे। सीएम ने कहा कि जनता के सहयोग से उत्तराखंड को को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए राज्य सरकार हर क्षेत्र में तेजी से कार्य कर रही है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद अजय भट्ट ने कहा कि मुंबई के लिए रेल सेवा शुरू होने से कुमाऊं की जनता के साथ ही यहां आने वाले पर्यटकों को भी काफी सहूलियत मिलेगी। वहां विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, पूर्व विधायक नवीन दुमका, जिलाध्यक्ष प्रदीप बिष्ट, डीआरएम रेखा यादव समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।

 

माया नगरी के लिए पहले दिन ही पैक होकर रवाना हुई ट्रेन-

लालकुआं-बांद्रा सुपरफास्ट ट्रेन पहले दिन पैक होकर रवाना हुई। इसकी वजह ट्रेन का रूट दिल्ली-हजरत निजामुद्दीन स्टेशन होकर जाना भी माना जा रहा है। सोमवार को ट्रेन के स्लीपर क्लास की सभी 456 बर्थ और थर्ड एसी इकोनॉमी की सभी 141 बर्थ फुल रहीं। इसके अलावा सेकंड ऐसी की 47 बर्थ में 27 जबकि थर्ड एसी की 204 बर्थ में से 189 बर्थ बुक रहीं। इसके अलावा लालकुआं जंक्शन से जनरल कोच के 1235 रुपये के 12 लोकल टिकट बुक हुए।

कुमाऊं से मुंबई के लिए तीसरी ट्रेन-

पूर्वोत्तर रेलवे ने कुमाऊं मंडल के नैनीताल जिले को मुंबई के लिए तीन सुपरफास्ट ट्रेनों की सौगात दी है। इसकी वजह कुमाऊं की वादियों में पर्यटकों और रेल ट्रैफिक को बढ़ावा देना है। रेलवे के आलाधिकारियों की मानें तो निकट भविष्य में कुमाऊं से दक्षिण भारत के लिए भी ट्रेन चलाने की योजना प्रस्तावित है।

24 घंटे 45 मिनट में मुंबई पहुंचा देगी बांद्रा सुपरफास्ट ट्रेन-

लालकुआं, काठगोदाम और रामनगर से मुंबई के लिए चलने वाली तीन ट्रेनों में काठगोदाम और रामनगर का रूट मथुरा रेल ट्रैक से होते हुए है। वहीं, लालकुआं से चलने वाली ट्रेन दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन रूट से होकर गुजरेगी। रेल अधिकारियों के मुताबिक काठगोदाम और रामनगर से मुंबई को जाने वाली ट्रेन का सफर लालकुआं से 26 घंटे 30 मिनट का है। वहीं लालकुआं से ही चलने वाली बांद्रा सुपरफास्ट ट्रेन 24 घंटे 45 मिनट में यात्रियों को माया नगरी पहुंचा देगी।

लालकुआं-बांद्रा टर्मिनस के मध्य नई ट्रेन (22544) सोमवार को लालकुआं से सुबह 7:45 बजे प्रस्थान कर रुद्रपुर सिटी, रामपुर, मुरादाबाद, गाजियाबाद, हजरत निजामुद्दीन, मथुरा, कोटा, वडोदरा, सूरत होते हुए हुए अगले दिन मंगलवार को सुबह 8:30 बजेबांद्रा टर्मिनस पहुंचेगी। वापसी में बांद्रा टर्मिनस से मंगलवार सुबह 11 बजे प्रस्थान कर अगले दिन बुधवार को दोपहर 13:15 बजे लालकुआं पहुंचेगी। इस ट्रेन में सेकेंड एसी का 1 कोच, थर्ड एसी के 2 कोच, एसी इकोनॉमी श्रेणी के 3 कोच, स्लीपर श्रेणी के 6 कोच और सामान्य श्रेणी के 4 कोच लगे हैं। सभी कोच एलएचबी श्रेणी के लगाए गए हैं, जो कि सुविधाजनक और सुरक्षा की दृष्टि से काफी मजबूत होते हैं।

Uttarakhand News: उत्तराखंड सरकार का बड़ा फैसला, अब सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 30 लाख से 1 करोड़ तक का बीमा कवर.

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 प्रदेश के एक लाख से अधिक सरकारी कार्मिक कारपाेरेट सैलरी पैकेज के पात्र हो गए। वेतन खाताधारक के रूप में उन्हें और परिवार को 30 लाख से एक करोड़ की राशि तक व्यक्तिगत बीमा कवरेज एवं अन्य सुविधा मिलेंगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल की उपस्थिति में बुधवार को पांच बैंकों एसबीआइ, बैंक आफ बड़ौदा, यूनियन बैंक आफ इंडिया, केनरा बैंक और जिला सहकारी बैंक के साथ सरकार ने अनुबंध पत्र पर हस्ताक्षर किए।

धामी सरकार ने प्रदेश के कार्मिकों की बहु प्रतीक्षित मांग पूरी कर दी। राज्य के लगभग 64 प्रतिशत सरकारी कार्मिक, जिनका खाता इन पांच बैंकों में है, वे इस अनुबंध से लाभान्वित होंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर कहा कि भविष्य में शत-प्रतिशत कर्मचारी इस पैकेज का लाभ उठाएं, यह प्रयास किया जाएगा।

इन सभी बैंकों की शाखाओं में वेतन खाताधारकों को बीमा कवर के साथ अन्य वित्तीय लाभ उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अंतर्गत कार्मिकों को दुर्घटनास्वरूप मृत्यु, पूर्ण अपंगता और आंशिक अपंगता की स्थिति में उनके आश्रितों को क्षतिपूर्ति के रूप में देय लाभ और अन्य सुविधा बिना कोई प्रीमियम दिए, प्रदान की जाएंगी।

मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि ये सभी बैंक कारपोरेट सैलरी पैकेज को कर्मचारियों के लिए और लाभकारी बनाने के लिए निरंतर कार्य करते रहेंगे। बताया गया कि पूर्ण अपंगता की स्थिति 30 लाख से 50 लाख रुपये, आंशिक अपंगता की स्थिति में 10 लाख रुपये से 40 लाख रुपये तक वित्तीय सहायता पैकेज के अंतर्गत बैंक उपलब्ध कराएंगे।

साथ ही इस पैकेज में दुर्घटना के कारण चिकित्सा, एंबुलेंस की सुविधा, बच्चों की शिक्षा, पुत्री के विवाह जैसे अन्य आवश्यकताओं के लिए भी वित्तीय सहायता की व्यवस्था है। कार्मिकों की प्राकृतिक मृत्यु की स्थिति में भी उनके आश्रितों को बैंक तीन लाख से 10 लाख रुपये तक आर्थिक योगदान देगा।

कार्यक्रम में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, सचिव दिलीप जावलकर, अपर सचिव मनमोहन मैनाली, कोषागार निदेशक दिनेश लोहनी सम्मिलित रहे। एसबीआइ के महाप्रबंधक दीपेश राज, उप महाप्रबंधक विनोद कुमार, बैंक आफ बड़ौदा के महाप्रबंधक एम अनिल, यूनियन बैंक के महाप्रबंधक अमरेंद्र कुमार, केनरा बैंक के सहायक महाप्रबंधक मयंक मोहन कौशिक, सहकारी बैंक से नीरज बेलवाल, स्टेट लेवल बैंकर्स कमेटी से राजीव पंत उपस्थित थे।